सर्दियों में डायजेशन प्रॉब्लम से बचने के लिए अपने खान-पान में शामिल करें ये चीजें, रहें फिट

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट January 20, 2021 . 10 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

हमारा पाचन तंत्र शरीर का सबसे महत्व्पूर्ण अंगों में से एक है। हम ये भी कह सकते हैं हमारा स्वास्थ्य हमारे पाचन तंत्र पर ही निर्भर करता है। डायजेस्टिव सिस्टम शरीर में खाने को पचाने के साथ सभी पोष्टिक आहार को अब्जॉर्ब करने का भी काम करता है। अच्छे पाचन शक्ति के लिए आप अपने डायट में  फाइबर और प्रोटीन से पूर्ण  पोष्टिक आहार को शामिल करना चाहिए इससे मेटाबोल्जिम भी अच्छा होता है। लकिन सर्दी के मौसम के दौरान लोगों में ज्यादा पाचन संबंधित समस्याएं देखी गई है। इस मौसम में अक्सर लोग भूंख से अधिक खा लेते हैं, जिसके कारण पाचन तंत्र खराब होने लगता है।  खानपान की गलत आदतें आपके पाचन तंत्र की अच्छी हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती हैं। इस मौसम में  तेल और मसालेदार खाने का सेवन बढ़ जाता है, जोकि नहीं होना चाहिए।

ठंड के मौसम में अच्छे पाचनतंत्र के लिए डायट

सर्दी के माैसम में लोगों का खानपान काफी बिगड़ जाता है। अच्छी हेल्थ के लिए जरूरी है कि इस मौसम में लोगों को अपने शरीर के आवश्यकता के अनुसार भोजन करना चाहिए, जैसे कि-

सर्दी के मौसम में बुजुर्गों के अच्छे पाचन तंत्र के लिए

वैसे तो सर्दी का मौसम सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है, लेकिन इस मौसम में बुजुर्गों को पाचन संबंधी ज्यादा परेशानी होती  है। इसलिए इस मौसम में अच्छे पाचन के लिए बुजुर्गों को अपने डायट में एंटीऑक्सिडेंट, जरूरी विटामिन और अन्य पोषक तत्व लेने चाहिए। अपनी डायट में  एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर गाजर, संतरा, पपीता, ब्राउन राइस, शंकरकंद, थोड़े से अखरोट, कम मात्रा में बादाम, अंडे का सफेद भाग,  हल्दी वाला दूध और सब्जियों का सूप आदि का सेवन करें। इस तरह के भोजन पचाने में आसान होते हैं।  इसके साथ ही समय-समय पर उन्हें पीने के लिए हल्का गर्म पानी देते रहें। गर्म भोजन और गर्म पानी दोनों ही सर्दियों में बुजुर्गों को स्वस्थ रखने में मददगार हैं। इस मौसम में उन्हें केवल बेसन या मक्के आदि का सेवन कम करना चाहिए।

और पढ़ें: सीजनल इन्फ्लूएंजा (विंटर इंफेक्शन) से कैसे बचें?

 ठंड में बच्चों के लिए डायजेस्टिव डायट (Digestive diet)

ठंड के मौसम में बच्चों के लिए भी काफी तरह की समस्या होती है। कौन का फूड  उनके लिए सही है और कौन सी नहीं, इन बातों का पैरेंट्स को ध्यान रखना चाहिए। गलत खानपान से अक्सर बच्चों को उल्टी, डायजेशन प्रॉबलम,  सर्दी, जुकाम, खांसी और जकड़न जैसी समस्याएं हो जाती है। इसलिए इस माैसम में बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ठंड के दौरान बच्चों का दौड़ भागकर खेलना भी काफी कम हो जाता है। इसलिए भी उन्हें डायजेशन में कई तरह की प्रॉब्लम आती है। बच्चों को  कैंडी, चॉकलेट, सोडा, और कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजों का सेवन कम करना चाहिए। बच्चों को चुकंदर, गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, चना और मशरूम आदि देना चाहिए।

सर्दी में डायबिटीज वालो के लिए डायजेस्टिव डायट

डायबिटीज वालों को भी डायजेशन में कई तरह की समस्या आती है। सर्दी के मौसम में तो खासतौर पर, इसलिए उन्हें  ज्यादा प्रोटीन और ग्लाइसेमिक वाली चीजें  खाने से शुगर लेवल बढ़ सकता है। डायबिटीज वालों को अच्छे पाचन के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा पालक, मेथी, ब्रोकली, गाजर, सरसो, बंदगोभी, टमाटर,  हरी बीन्स जैसी सब्जियां खाएं। ये पाचन में भी आसान है।  इनमें मौजूद एटीऑक्सीडेंट्स आपके हार्ट के लिए अच्छा होता है। लेकि  डायबिटीज की शिकायत उन्हें आलू, फूलगोभी, सेम, मक्का, मटर, छोले, मसूर की दाल, शलगम और शकरकंद जैसी चीजें खाने से बचना चाहिए। बादाम, अखरोट, काजू और मूंगफली जैसी मेवे में ओमेगा-6 पाया जाता है, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है।

और पढ़ें: आयुर्वेदिक डिटॉक्स क्या है? जानें डिटॉक्स के लिए अपनी डायट में क्या लें

अच्छे पाचन तंत्र के लिए आयुर्वेदिक डायट टिप्स

सर्दियों मौसम में मिठाई और मसालेदार फूड लोग अधिक पसंद करते हैं। घर में भी लोग सर्दियों का मजा उठाने के लिए मक्के की रोटी, आलू पराठे और गाजर का हलवा जैसे व्यंजन ज्यादा पसंद करते हैं। आयुर्वेद में अच्छे पाचन के लिए ऐसे खानपान की सलाह देते हैं, जो असानी से पच जाए। आयुर्वेदिक चिकित्सक के अनुसार, आयुर्वेदिक भोजन प्रणाली से व्यक्ति का पाचन अधिक मजबूत हो जाता है। आयुर्वेद में यह कहा गया है कि अच्छे पाचन तंत्र के लिए भोजन समाग्री और भोजन पद्वति दोनों का ध्यान रखना आवश्यक है। यानी कि आप क्या खाते हैं और किस ढंग से खाते हैं, ये दोनों ही बाते महत्वपूर्ण हैं।इसके अलावा आपको जब भी भूंख लगे, तब ही कुछ खाएं। इससे ओवर ईटिंग भी नहीं होगा और आपको गैस की समस्या भी नहीं होगी। पेट खाली होने पर डाइजेस्टिव एंजाइम्स मजबूत होते हैं, जिससे भोजन आसानी से पच जाता है।

इसके अलावा अच्छे पाचन के लिए दोपहर के भोजन का विशेष ध्यान रखें। दोपहर के भोजन करते समय पाचन अग्नि यानी की डायजेस्टिव फायर सबसे अधिक मजबूत होता है। इस समय शरीर को सबसे अधिक पोषक तत्व मिलते हैं। आयर्वेदिक भोजन प्रणाली में भी दिन में भारी और रात में हल्के भोजन की सलाह दी जाती है।

सर्दी में आसानी से डायजेस्ट होने वाली सब्जियां

कच्ची हल्दी

कच्ची हल्दी भी शरीर के लिए काफी फायदेमंद होती है। इसी के साथ ही ये इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाती है। सर्दियों में इसका प्रयोग काफी फायदेमंद माना जाता है। यह एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल के तौर पर हमारे शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए  पाचन तंत्र में भी डिटॉक्स का काम करता है। कच्ची हल्दी को आप दूध में बॉयल कर के भी पी सकते हैं। यह काफी फायदेमंद माना जाता है।

बथुआ

ठंड के मौसम में शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, पुरानी चोट में तकलीफ, त्वचा में रूखापन, बदहजमी और जोड़ों का दर्द का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बथुआ सब्जी का सेवन इन सभी समस्याओं को दूर कर सकता है।

गाजर

सर्दी में मिलने वाली मौसमी गाजर का सेवन शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। इसमें बीटा कैरोटीन की भरपूर मात्रा पायी जाती है, जोकि शरीर में  विटामिन ए के रूप में एब्जॉर्व हो जाता है और यह विटामिन बॉडी की इम्‍यूनिटी के लिए, फेफड़ों को हेल्‍दी रखकर सांस की बीमारियों के खतरे को कम करने में मददगार होता है।

ब्रोकली

ब्रोकली हेल्थ और डायजेशन दोनों के लिए ही बहुत अच्छा है। इससे न केवल वजन कंट्रोल में रहता है, बल्कि कई बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है। इसमें मौजूद कई तरह के पोषण तत्व् स्वास्थ्य किे लिए काफी फायदेमंद होते हैं।

पालक

पालक का सेवन शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद हेाता है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन ए पाया जाता है। इसे खाने से शरीर में  ब्लड सर्कुलेशन को सही बना रहता है। यह इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनाता है।  इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि यह पाचन में भी काफी आसान है। शरीर में खून को भी बढ़ाता है, जिन्हें एनीमिया यानी खून की कमी है, वो इसका सेवन जरूर करें।

मेथी

पाचन और ब्ल्ड को साफ करने, दोनों में ही मेथी काफी प्रभावकारी है।  इसमें कैल्शियम, आयरन औऱ विटामिन भरपूर मात्रा में होते है, जो शरीर को बैक्टीरिया और फंगस इंफैक्शन से लड़ने की ताकत देते हैं। साथ ही इससे आप जोड़ों व मासंपेशियों में होने वाले दर्द से भी बचे रहते हैं। इसे रोटी, परांठे और सब्जी सभी तौर पर खाया जा सकता है।

पत्तागोभी

सर्दियों में मिलने वाली मौसमी सब्जी गोभी भी डायजेशन में काफी आसान है। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट को फैट में बदलने  नहीं देती और वजन  को भी कंट्रोल करती है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। इससे शरीर को अंदर से गर्मी मिलती है, जो इस मौसम में बेहद जरूरी है। आप चाहें तो इसका सलाद या जूस बनाकर भी पी सकते हैं।

केल

ठंड में मिलने वाली हरी पत्तेदार सब्जी केल को लीफ कैबेज भी कहते हैं। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, के, कैल्शियम, फाइबर और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

मूली के पत्ते

इस मौसम में ज्यादातर मूली का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन मूली से ज्यादा इसके पत्ते फायदेमंद होते हैं। इनमें मौजूद पोष्टिक तत्व नान सिर्फ शरीर को गर्म रखते हैं बल्कि इससे आप सर्दी, कफ, खांसी-जुकाम जैसी समस्याओं से भी बचे रहते हैं।

और पढ़ें: सर्दियों में बच्चों की स्किन केयर टिप्स से रखें, उनका खास ख्याल

सरसों का साग

सरसों का साग पाचन में ईजी होने के साथ शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। इसमें  प्रोटीन फाइबर के अलावा  फैट, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर,  पोटेशियम और विटामिन  बी 12 पाया जात है। इसका सेवन बड़े से लेकर बच्चों तक को करना चाहिए।

मूली

मूली में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती  है, जो पाचन तंत्र को नुकसान से बचाता है। इसके अलावा मूली खाने से हड्डियों और दांतों की भी मजबूती होती है। कच्‍ची मूली खाने से पेट के कीड़े भी मर जाते हैं। ये नींद की समस्या के उपचार में भी प्रभावकारी है।  रात को नींद भी अच्‍छी आती हैं। इसलिए इसे भी अपने डायट में शामिल करें।

चौलाई

चौलाई में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इन्फ्लैमेटरी गुण होते हैं, जोकि स्वास्थ्य को ठीक रखने में मदद करते हैं। इसका सूप और जूस बनाने के अलावा सब्जी के तौर पर भी किया जा सकता है।

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

ठंड में अच्छे पाचन के लिए  घरेलू उपाय

हींग

पेट के लिए हींग को बहुत अच्छा मानते हैं, क्योंकि इसमें एंटीआक्सीडेंट और एंटीफ्लूएंट आदि गुण पाचन क्रिया के लिए अच्छे होते हैं। यह गैस की समस्या, पेट दर्द और दस्त आदि के उपचार में बहुत ही प्रभावी है। डायजेशन सही रखने के लिए एक  हींग का प्रयोग सब्जी या दाल आदि में करें। या एक गिलास गर्म पानी में भी चुटकी भर हींग डालकर पी सकते हैं।  कुछ लोग तो पेट दर्द होने पर हींग को पेट के आसपास के हिस्से में लगाते हैं।

सौंफ

सौंफ के प्रयोग स्वास्थ्य और पाचन दोनो के लिए लाभकारी है। इससे एसीडिटी में भी बहुत आराम मिलता है। अगर किसी को पेट की ऐंठन और मरोड़ की भी  समस्या है, तो राहत मिलती है। इसके लिए आप खाने के  सौंफ का प्रयोग कर सकते हैं। सौंफ का पाउडर भी इसके लिए काफी प्रभावकारी है। आप सौफ को रात को पानी में भिगोकर, अगले दिन सुबह खाली पेट पिएं।

प्रोबायोटिक फूड का सेवन

प्रोबायोटिक फूड्स आपके पाचन क्रिया की क्षमता को मजबूत बनाते हैं। यह शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है।  इसमें मौजूद लैक्टोबैसिलस और बिफिडोबैक्टीरिया आपके गट बैक्टीरिया को प्राकृतिक तरीके से रिस्टोर करते हैं।   दही, छाछ, केफिर, गोभी, और खट्टा अचार बहुत अच्छे प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ हैं। इसमें पाचन क्रिया बहुत मजबूत हो जाता है।

एप्पल साइडर विनेगर

पेट के लिए एप्पल साइडर विनेगर को बहुत अच्छा मानते हैं। यह बॉडी डिटॉक्स के साथ पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखने में भी मद्दगार है। इसमें पाया जाने वाला एसिड आपके शरीर में एल्कालाइज पर प्रभाव पड़ता है। यह पाचन में सुधार लाने के साथ अपच, गैस और सूजन, जैसी समस्याओं के इलाज में भी मदद करता है। इसके अलावा इसमें पेक्टिन पाया जाता है। जो कि पाचनतंत्र के लिए अच्छा है। लेकिन इसे कभी भी खाली न पिएं, एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को तो एक ग्लिास गर्म पानी में डालकर पिएं, चाहें तो आप शहद भी मिला सकते हैं।

और पढ़ें: Quiz: लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम करने के टिप्स

ईसबगोल

ईसबगोल  को पेट की समस्या और पाचन दोनों के लिए अच्छा है। इसका नियमित प्रयोग पाचन तंत्र के लिए अच्छा होता है। ये पेट फूलने की समस्या, गैस और कब्ज आदि समस्याओं में मदद करता है। इसके लिए आप ईसबगोल की भूसी की गोली या  एक चम्मच ईसबगोल की भूसी को एक कप गर्म पानी या दूध में मिलाकर सोने से पहले पिएं। ऐसा करने से सुबह आपका पेट साफ होगा और आपको आराम भी मिलेगा।

एलोवेरा

अगर आपको पाचन संबंधी समस्या है, तो आप एलोवेरा का सेवन करें। इसमें पाया जाने वाला लैक्सेटिव गुण, पाचन क्रिया के सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह पाचन संबंधी कई रोगों में, सूजन की समस्या में, दस्त, गैस की समस्या और  जलन आदि में फादेमंद है। ऐलोवेरा जेल को एक ग्लिास गर्म पानी में मिलाकर पीने से आपको काफी आराम होगा।

हल्दी पाउडर

पेट से लेकर कई समस्याओं में हल्दी पाउडर का सेवन काफी लाभकारी माना जाता है। इसमें कई एंटी बैक्टेरियल गुण होता है। यह पाचन संबंधी कई समस्याओं को भी दूर करती है, जैसे कि अपच,  अल्सर और कोलाइटिस के उपचार जैसी समस्याओं में। पाचन संबंधी समस्याओं को रोकने के
लिए आधा चम्मच हल्दी के जूस को एक ग्लिास पानी के साथ पिएं।

और पढ़ें: हल्दी के फायदे क्या हैं?

सर्दियों में अच्छे पाचन तंत्र के लिए टिप्स

जाड़े में लोग अधिक कैलोरी कंज्यूम करते हैं। जिस कारण लोगों का पाचन तंत्र सक्रिय रहता है और जिस कारण लोगों को भूख अधिक महसूस होती है। लेकिन इस कारण  पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और पाचन धीमा होने लगता  है। इसलिए खानपान के अलावा कुछ और बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। इसके लिए भी जरूरी है कि

पानी अधिक पिएं

सर्दी के मौसम में अधिकतर लोग पानी का सेवन कम करते हैं। जिसका असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। जिस कारण सर्दी में और भी तरह की हेल्थ प्रॉब्लम होने लगती है। इस मौमस में अधिक से अधिक गर्म पानी पिएं। अगर पानी अधिक मात्रा में पिएं में पी रहे हैं, तो पसीने निकलने के कारण बॉडी डिटॉक्स हो जाती है।

अल्कोहल से दूर रहें

ठंड में अक्सर लोग अल्कोहल का अधिक सेवन करते हैं, जोकि कई बार गलत साबित हो सकता है। इसके अधिक सेवन से खाना ठीक से पच नहीं पाता है ओर कई तरह की मश्किले आती हैं।  हालांकि अल्कोहल का सेवन आपके शरीर का तापमान घटा देता है और गर्माहट बनाए रखता है। भोजन पच न पाने के कारण कई बार अपच की समस्या भी हो जाती है।

इम्यूनिटी बूस्टिंग की तरफ ध्यान दें

ठंड के मौसम में लोगों रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है,  जिसका असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। इसलिए इस मौसम में च्वनप्रास का सेवन फायदेमंद माना जाता है।

और पढ़ें: इन आसान टिप्स से स्वाइन फ्लू वायरस के खिलाफ मजबूत करें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता

बासी खाना न खाएं

कई बार खराब पाचन के लिए बासी खाना भी जिम्मेदार होता है। इसलिए मौसम चाहें कोई भी अधिक बासी खाना नहीं खाना चाहिए। बासी खाने से पेट में गैस भी अधिक बनती है। इसके अलावा अगर आप बासी खाना खा भी रहे हैं, तो उसे फ्रिज से निकालकर सीधे न खाएं।

भोजन अच्छे से चबाकर खाएं

कई बार कच्चा भोजन भी खराब पाचन प्रणाली का जिम्मेदार होता है। इसलिए खाना खूब चबा-चबाकर खाएं। अल्कोहल और चॉकलेट को मोटापा लाने वाली चीजों के तौर पर जाना जाता है और ये जाड़े के त्योहारी सीजन में हर जगह खाने को मिल जाती हैं। स्वस्थ रहने के लिए इनका सीमित उपयोग करने में ही समझदारी है।

अच्छे डायजेशन के लिए फूड

डाइजेशन के लिए सबसे जरुरी होता है फाइबर। फाइबर को पचने में समय लगता है इसलिए शरीर को डाइजेशन करने में एक्स्ट्रा मेहनत लगती है। ऐसा होने से मेटाबोल्जिम बढ़ता है और कैलोरी बर्न होने में मदद मिलती है।

केला

वैसे तो ऐसे कई सारे फाइबर से भरपूर फूड हैं जो पाचन शक्ति को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं लेकिन केला ऐसा फल है जिससे आप बहुत आसानी से कई सारे पोष्टिक आहार प्राप्त कर सकते हैं। यह आपके पेट को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइटिक और पोटेशियम आपके दिन को एनर्जी से भरपूर रखते हैं।

चिया बीज

चिया बीज को फाइबर लेने का बहुत अच्छा माध्यम माना जाता है। चिया बीज प्रोबायोटिक्स की तरह पाचन शक्ति को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं। चिया बीज खाने से आंत के बैक्टीरिया का जन्म होता है जो पोष्टिक आहार को अब्जॉर्ब करने में मदद करते हैं।

क्विनोआ

क्विनोआ ग्लूटेन फ्री अनाज है जो कई सारे फायदो के साथ आता है और गेंहू की जगह एक अच्छा ऑप्शन है। यह फाइबर से भरपूर होने के साथ- साथ डायजेशन के लिए लाभदायक है और सही मात्रा में इसका सेवन करने से ब्लड शुगर और केलोस्टॉल लेवल पर अच्छा असर करता है। इतने सारे क्विनोआ के फायदे होने के कारण इसको सुपरफूड भी कहा जाता है।

और पढ़ें: Papaya: पपीता क्या है?

पपीता

शरीर में मौजूद प्रोटीन मोलिक्यूल को तोड़ने के लिए पपीते में मौजूद डायट्री फाइबर की जरुरत पड़ती है। पपीता में एक्टिव कंपाउंड के रूप में पैपैन पाया जाता है जो एक स्ट्रोंग डाइजेस्टिव एंजाइम, पाचन शक्ति की सेहत को सुधारने के लिए इसका सेवन करना चाहिए।

सौंफ

सौंफ का इस्तेमाल खाने में फ्लेवर और मिंटी स्वाद लाने के लिए किया जाता है। सही मात्रा में सौंफ खाने से डायट्री फाइबर मिलता है। पोषण से भरपूर होने के साथ- साथ सौंफ में एंटी- इंफ्लामेट्री की खूबी भी होती है जो डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी परेशानी जैसे कि रुकावट और गैस से राहत देती है।

और पढ़ें: सौंफ के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Fennel Seed (Sauf)

सेब

सेब में पेक्टिन नाम का डायट्री फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह फाइबर छोटी आंत के द्वारा बैक्टीरिया में तोड़ा जाता है। यह फाइबर पेट को स्वस्थ रखने में मदद करता है और अपच से बचाव करता है।

डायजेशन के लिए बेकार खाना

डायजेशन के लिए जो खाना अच्छा है सिर्फ उसे डायट में शामिल करने से कुछ नहीं होगा। स्वस्थ पाचन शक्ति के लिए हानिकारक और अस्वस्थ खाने को अपनी डायट से दूर रखना भी होगा।

बीन्स

क्या आपने कभी सोचा है कि बीन्स को खाने से पहले इन्हें रातभर पानी में क्यों भिगाया जाता है? इसके पीछे का कारण है इसमें मौजूद जटिल चीनी सामग्री। हालांकि बीन्स प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं जो पाचन शक्ति को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं लेकिन बीन्स में जटिल चीनी भी होती है। शरीर में कोई एक्टिव एंजाइम नहीं होता है जो इन जटिल मोलिक्यूल को तोड़ दें, यह काम आंत बैक्टीरिया को करना पड़ता है। ऐसा होने से पेट में गैस बन जाती है।

ऑयली फूड से बचें

फैटी फूड डायजेशन में बहुत मुश्किल होता है। डेली इस तरह के फूड का सेवन नहीं करना चाहिए।  तला हुआ खाना एक तरह का फैटी फूड है जो अपच खाने को पूरे शरीर में लेकर जाता है जिससे दस्त और बाकी पाचन शक्ति से जुड़ी परेशानी हो सकती है।

खट्टे फल
खट्टे फल हाई फाइबर और एंटीऑकसीडेंट (विटामिन सी) से भरपूर होते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में खट्टे फलों का सेवन करने से पेट में एसिडिटी हो सकती है जिससे पेट में जलन और छाले भी हो सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

कॉन्स्टिपेशन और बढ़ता वजन, क्या पहली मुसीबत दूसरी का कारण बन सकती है?

कब्ज के कारण वजन बढ़ना ये पढ़कर आपको लग सकता है कि क्या फालतू बात है, लेकिन ये सच है। कॉन्स्टिपेशन वेट गेन का कारण हो सकता है। जानना चाहते हैं कैसे तो पढ़ें ये लेख

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
कब्ज, स्वस्थ पाचन तंत्र January 18, 2021 . 7 मिनट में पढ़ें

पीरियड्स और कॉन्स्टिपेशन: जैसे अलीबाबा के चालीस चोरों की बारात हो! 

पीरियड्स और कॉन्स्टिपेशन (Periods and constipation) कई बार ये दोनों एक साथ हमला बोल देते हैं। इससे बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए जानिए इस लेख में ।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Toshini Rathod
स्वस्थ पाचन तंत्र, कब्ज January 18, 2021 . 6 मिनट में पढ़ें

सर्दियों में पीरियड्स पेन को कहें बाय और अपनाएं ये उपाय

सर्दियों में पीरियड्स पेन की तकलीफ क्यों होती है? सर्दियों में पीरियड्स पेन को दूर करने का क्या है आसान तरीका? Home remedies for periods pain during winter in Hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha

जब कब्ज और एसिडिटी कर ले टीमअप, तो ऐसे जीतें वन डे मैच!

कब्ज के कारण गैस कब्ज एसिडिटी की तकलीफ हो, तो आपको पेट में जलन, खट्टी डकारें (acid reflux), डिस्कम्फर्ट और मोशन में गड़बड़ी की दिक्कत होने लगती है।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Toshini Rathod

Recommended for you

सर्जरी के बाद कब्ज से कैसे बचें? Constipation after surgery

सर्जरी के बाद हो सकती है एक दूसरी परेशानी जिसका नाम है ‘कब्ज’, जानिए बचने के तरीके

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
प्रकाशित हुआ February 5, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें
गैस्ट्रिक और डुओडेनल अल्सर (Gastric and duodenal ulcers) 

गैस्ट्रिक और डुओडेनल अल्सर क्या है? कैसे दूर करें अल्सर की परेशानी?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ February 4, 2021 . 6 मिनट में पढ़ें
कब्ज के कारण पीठ दर्द (Constipation and back pain)

कॉन्स्टिपेशन और बैक पेन! कहीं आपकी परेशानी ये दोनों तो नहीं?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ February 1, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें
Yoga for constipation - पेट की समस्या में योग

जानें पेट की इन तीन समस्याओं में राहत देने वाले योगासन, जो आपको चैन की सांस दे

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Niharika Jaiswal
प्रकाशित हुआ January 31, 2021 . 8 मिनट में पढ़ें