home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में शामिल करें ये 9 चीजें

गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में शामिल करें ये 9 चीजें

प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला की अच्छी हेल्थ और गर्भ में पल रहे शिशु के हेल्दी बर्थ के लिए क्या खाना चाहिए? इस बात की जानकारी होना बहुत जरूरी है। डॉक्टर्स गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में बेरीज, फलियां, ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जियां लेने की सलाह देते हैं और कैफीन, कच्चे मांस, सीफूड आदि जैसे चीजों को खाने से मना करते हैं । गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन खाना ना केवल बच्चे को स्वस्थ करता है बल्कि मां को भी हेल्दी रखता है। गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन खाने के लिए महिलाएं आए दिन डॉक्टर के पास जाती है और उनके अपना डायट चार्ट लेकर आती है।

गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन मां इसलिए भी करती है जिससे शिशु का विकास सही ढंग से हो सके। वहीं, भोपाल की डॉ ज्योति शर्मा (न्यूट्रिशनिस्ट एंड डायटीशियन) का कहना है कि “होने वाले शिशु को मस्तिष्क और रीढ़ के बर्थ डिफेक्ट से बचाने के लिए फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 , मल्टी-विटामिन, बैलेंस्ड कार्बोहायड्रेट व प्रोटीन डाइट को अपनाना चाहिए।” हैलो स्वास्थ्य के इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि प्रेग्नेंसी के समय गर्भवती को खानपान में किन चीजों को शामिल करना चाहिए।

और पढ़ें: पारंपरिक सरोगेसी और जेस्टेशनल सरोगेसी क्या है?

गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में क्या खाना चाहिए?

1. डेयरी उत्पाद

गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में मां और बच्चे दोनों के लिए डेयरी उत्पाद जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास के लिए प्रोटीन और कैल्शियम की ज्यादा जरूरत होती है। अगर आपकी उम्र 18 या उससे अधिक है तो गर्भवती महिला के शरीर के लिए 1,300 एमजी कैल्शियम आवश्यक होता है। अपने खानपान में डेयरी उत्पादों जैसे- दूध, दही आदि को शामिल करें। ध्यान रहे कि प्रेग्नेंसी के दौरान केवल पाश्चुरीकृत डेयरी उत्पादों का ही उपयोग करें। अगर आपको डेयरी प्रोडक्ट्स पसंद है तो गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में आपके पास बहुत सारे विकल्प है। दूध, दही, पनीर, मक्खन जैसी चीजें आप अपने भोजन में इस्तेमाल कर सकती है।

और पढ़ें- प्रेग्नेंसी में पपीता खाना सुरक्षित है या नहीं?

2. सूखे मेवे

गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में सूखे मेवों को शामिल करें। दरअसल मेवों में कई तरह के विटामिन, ओमेगा 3 फैटी एसिड, कैलोरी, फाइबर आदि पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। अगर आपको मेवों से एलर्जी नहीं है, तो डाइट में बादाम, अखरोट, काजू आदि को शामिल करें। अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो भ्रूण के न्यूरो डेवलपमेंट के लिए महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में सूखे मेवे भ्रूण में पल रहे शिशु और मां दोनों के लिए अच्छा है।

3. ब्रोकली और हरी पत्तेदार सब्जियां

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टट्रिशन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (ACOG) के अनुसार गर्भवती महिलाओं को एक दिन में 27 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है। गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे-पालक, पत्तागोभी, ब्रोकली (एक प्रकार की गोभी) आदि को एक संतुलित मात्रा में डायट में शामिल करें लें।

और पढ़ें : गर्भवती महिला में इन कारणों से बढ़ सकता है प्रीक्लेम्पसिया (preeclampsia) का खतरा

4. शकरकंद

गर्भावस्था के दौरान हेल्दी आहार में शकरकंद (स्वीट पोटैटो) खाना भी फायदेमंद है। इसमें विटामिन-ए, विटामिन-सी, फोलेट और फाइबर होता है, जो मां और शिशु की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इसके साथ ही इसमें पोटैशियम और पिरीडॉक्सिन की उच्च मात्रा पाई जाती है। गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में अलग-अलग रंग की सब्जियां और फलों को भी खानपान में शामिल करें।

5. साबुत अनाज

प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला को अपने वजन और आहार की जरूरतों के आधार पर रोजाना 6-11 सर्विंग्स (6-11 औंस) फोर्टिफाइड ब्रेड / अनाज का सेवन सेवन करना चाहिए। खासतौर पर गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान साबुत अनाजों का सेवन फायदेमंद होता है। गर्भावस्था के दौरान हेल्दी फूड में साबुत अनाज में भरपूर कैलोरी मिलती है जो गर्भ में शिशु के विकास में मदद करती है।

और पढ़ें : प्रेग्नेंसी में न करें ये 9 एक्‍सरसाइज, गर्भवती और शिशु को पहुंचा सकती हैं नुकसान

6. कॉड लिवर ऑयल

गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में कॉड लीवर ऑयल लाभदायक होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन-डी और विटामिन-ए होता है। ये पोषक तत्व शिशु के दिमाग के विकास के लिए आवश्यक होते हैं। एक शोध में यह साबित हुआ है कि जो प्रेग्नेंट महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कॉड लिवर ऑयल का सेवन करती हैं, उनके शिशु को टाइप-1 डायबिटीज का खतरा कम होता है। ध्यान रखें कि ज्यादा मात्रा में तेल का सेवन भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है।

7. अंडा

गर्भावस्था के दौरान हेल्दी फूड में गर्भवती को अंडे को शामिल करना चाहिए लेकिन, कच्चे अंडे का सेवन न करें। गर्भावस्था के दौरान उबले अंडे का सेवन शरीर को प्रोटीन, कोलीन, बायोटीन, कोलेस्ट्रोल, विटामिन-डी और एंटी-ऑक्सिडेंट जैसे तत्व प्रदान करता है। इसके अलावा एक बड़े अंडे में 77 कैलोरी ऊर्जा होती है। इसलिए अंडे को गर्भवती महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में अंडा बच्चे की सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

8. बेरीज

गर्भावस्था के दौरान हेल्दी फूड में अलग-अलग बेरीज खाना स्वास्थवर्धक होता है। ब्लूबेरी, रसभरी (raspberry) और ब्लैकबेरी जैसे फल स्वाद में जितने अच्छे हैं सेहत के लिए उतने ही फायदेमंद हैं। इनमें विटामिन सी, पोटैशियम, फोलेट, विटामिन सी, एंटी-ऑक्सिडेंट और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जो मां और शिशु दोनों के लिए लाभदायक है।

9. फलियां

गर्भावस्था के दौरान हेल्दी फूड में फलियों का सेवन जरूर करना चाहिए। फलियां फोलेट, आयरन, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम आदि से भरपूर होती हैं, जिन्हें गर्भावस्था के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है इसलिए गर्भवती महिलाओं को सोयाबीन, मटर, चना आदि खाने की सलाह दी जाती है।

गर्भावस्था के दौरान हेल्दी फूड का सेवन करना बेहद जरूरी है क्योंकि मां के द्वारा लिए गए पौष्टिक आहार पर ही शिशु का विकास निर्भर करता है। गर्भावस्था में संतुलित और पोषक आहार न मिलने की वजह से भ्रूण का विकास प्रभावित हो सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान अपने खाने-पीने पर विशेष ध्यान दें।

health-tool-icon

ड्यू डेट कैलक्युलेटर

अपनी नियत तारीख का पता लगाने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें। यह सिर्फ एक अनुमान है - इसकी गैरेंटी नहीं है! अधिकांश महिलाएं, लेकिन सभी नहीं, इस तिथि सीमा से पहले या बाद में एक सप्ताह के भीतर अपने शिशुओं को डिलीवर करेंगी।

सायकल लेंथ

28 दिन

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Use of cod liver oil during pregnancy associated with lower risk of Type I diabetes in the offspring/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2621042/Accessed on 30 July 2020

Omega-3 Fatty Acid Supplementation During Pregnancy/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/11043854/Accessed on 30 July 2020
Diet During Pregnancy/https://americanpregnancy.org/pregnancy-health/diet-during-pregnancy/ Accessed on 30 July 2020
लेखक की तस्वीर
Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 05/05/2021 को
Mayank Khandelwal के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
x