प्रेग्नेंसी वीक 24 में आपके शिशु की लंबाई 30 सेंटीमीटर और वजन 600 ग्राम के करीब हो जाता है। इस समय भी आपका शिशु प्लासेंटा के जरिए ऑक्सीजन ग्रहण करता है, लेकिन जन्म के बाद वो ऑक्सीजन के लिए अपने फेफड़ों का इस्तेमाल करता है। उसके लिए आपके शिशु के फेफड़े सर्फेक्टेंट (Surfactant) का उत्पादन शुरू करेंगे। यह सब्सटेंस फेफड़ों में हवा की थैली (Air Sac) को बिना किसी लीकेज और सांस छोड़ते हुए उलझने से बचाता है, ताकि हम आराम से सांस ले सकें।

प्रेग्नेंसी वीक 24 में आपका शिशु पूरी तरह से मैच्योर नहीं हो पाता। लेकिन, इसके बावजूद भी उसके जन्म की इस समय कुछ संभावना हो सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस समय शिशु के फेफड़े पूरी तरह से विकसित हो चुके हैं। हालांकि, इस समय जन्म की वजह से कमजोर वोकल कॉर्ड्स या विकलांगता का खतरा होता है। प्रेग्नेंसी वीक 24 तक आपका शिशु परेशान होने पर संकेत दे सकता है, लेकिन दर्द या परेशान होने की वजह से उसका रोना कमजोर होता है।
आमतौर पर ग्लूकोज स्क्रीनिंग टेस्ट प्रेग्नेंसी वीक 24 से प्रेग्नेंसी वीक 28 के बीच होता है। इस टेस्ट की मदद से आपका डॉक्टर यह जान पाता है कि आपको गेस्टेशनल डायबिटीज है या नहीं। यह डायबिटीज प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली डायबिटीज का एक प्रकार है। इससे नवजात को हाइपोग्लाइकेमिया की बीमारी हो सकती है। गेस्टेशनल डायबिटीज की वजह से आपके शिशु की गर्भकालीन उम्र बढ़ सकती है, जिसके कारण आपको सीजेरियन सेक्शन डिलीवरी करवानी पड़ सकती है।
प्रेग्नेंसी वीक 24 के दौरान शरीर में ग्लूकोज की स्क्रीनिंग के लिए आपको ब्लड टेस्ट करवाना पड़ सकता है। अगर आपका ब्लड शुगर का स्तर उच्च है, तो आपको कुछ और अतिरिक्त टेस्ट करवाने के बारे में आपका डॉक्टर आपसे बात कर सकता है। गेस्टेशनल डायबिटीज से राहत पाने में प्लांड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और कभी-कभी इंसुलिन जैसी दवाओं का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
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प्रेग्नेंसी वीक 24 के दौरान आपके पेट पर खुजली हो सकती है। आपके पेट के बढ़ने के कारण पेट की त्वचा में खिंचाव होता है, जिससे त्वचा की नमी चली जाती है। इस वजह से आपके पेट पर खुजली हो सकती है। इस समस्या में पेट की त्वचा पर नाखून से ना खुजाएं, क्योंकि इससे खुजली की समस्या गंभीर हो सकती है और स्किन इरिटेशन हो सकती है। मॉश्चराइजर की मदद से खुजली को रोका जा सकता है, क्योंकि यह त्वचा को नमी प्रदान करता है। इसके लिए आप पूरे पेट पर या खुजली वाली जगह पर मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करें।
लेकिन, मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपकी त्वचा संवेदनशील तो नहीं है। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो डॉक्टर से बात करके अपने लिए उचित मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, आप खुजली की समस्या से राहत पाने के लिए कैलामाइन लोशन या ओट मिल्क बाथ का भी उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, अगर आपको रूखी या संवेदनशील त्वचा की वजह से खुजली नहीं है, तो आपको अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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प्रेग्नेंसी वीक 24 के दौरान आपका यूट्रस संकुचन करके लेबर या जन्म देने के लिए खुद को ढालता रहता है। इन संकुचन को ब्रेक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शन कहा जाता है। इस संकुचन में दर्द कम होता है और यूट्रस के ऊपरी हिस्से के पास या निचले पेट में हल्का सा प्रेशर महसूस होता है। ब्रेक्सटन हिक्स फिजियोलोजिकल कॉन्ट्रैक्शन को फाल्स लेबर भी कहा जाता है, क्योंकि यह असली डिलीवरी से बिल्कुल अलग होता है। ब्रेक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शन शेड्यूल लेंथ पर होते हैं, लेकिन इनकी इंटेंसिटी अलग-अलग होती है।
हालांकि, चाइल्ड बर्थ के समय संकुचन काफी लंबे समय तक होता है और उसकी इंटेंसिटी बहुत तेज होती है। इसलिए, ब्रेक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शन को भी गर्भवती महिलाएं असली चाइल्ड बर्थ समझने की गलती कर जाती हैं। अगर आपको एक घंटे में 6 बार से ज्यादा या दर्द के साथ संकुचन हो रहा है, तो अपने डॉक्टर के पास जाएं। ब्रेक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शन और असली चाइल्ड बर्थ में सबसे बड़ा अंतर सर्विक्स पर पड़ने वाला प्रभाव होता है। ब्रेक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शन में आपके सर्विक्स में कोई बदलाव नहीं होता है, जबकि असली चाइल्ड बर्थ में सर्विक्स खुलने लगता है।
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प्रेग्नेंसी वीक 24 के दौरान आपका डॉक्टर निम्नलिखित टेस्ट करवाने सलाह दे सकता है। जैसे-
प्रेग्नेंसी वीक 24 के दौरान एसिडिटी की समस्या के लिए आप डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सेवन कर सकती हैं। इन एसिडिटी रोधी दवाओं का ज्यादा सेवन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है। जो कि, शिशु को नुकसान पहुंचाने से ज्यादा आपके चिड़चिड़े होने का कारण बन सकती है।
अगर आप गर्भावस्था के दौरान चेहरे या बॉडी की वैक्सिंग करवाना चाहती हैं, तो कृपया गर्भावस्था में ऐसा न करें। हालांकि, इस बात का कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि हेयर ब्लीच से अजन्मे बच्चे को जन्मजात विकृतियों का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन, आप किसी भी संभावित खतरे को कम करने के लिए वैक्सिंग से पहले त्वचा को ठंडे पानी से धोयें। जिससे आपकी त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाएंगे। ऐसा करने से वैक्सिंग प्रोडक्ट के आपकी त्वचा में रहने का समय कम हो जाता है।
गर्भावस्था एक संवेदनशील प्रक्रिया है, जिससे मां और शिशु दोनों की जिंदगी जुड़ी होती है। इस अवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलती गंभीर परिणामों का कारण बन सकती है। इसलिए, आपको प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ भी करने या खाने या इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लेना चाहिए।
अगले आर्टिकल में हम प्रेग्नेंसी वीक 25 के बारे में बात करेंगे।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
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What happens in the fourth month of pregnancy? – https://www.plannedparenthood.org/learn/pregnancy/pregnancy-month-by-month/what-happens-fourth-month-pregnancy – Accessed on 25/12/2019
What happens in the sixth month of pregnancy? – https://www.plannedparenthood.org/learn/pregnancy/pregnancy-month-by-month/what-happens-sixth-month-pregnancy – Accessed on 25/12/2019
Pregnancy and Fetal Development – https://www.emedicinehealth.com/image-gallery/second_trimester_16_weeks_picture/images.htm – Accessed on 25/12/2019
Pregnancy and Fetal Development – https://www.emedicinehealth.com/image-gallery/second_trimester_20_weeks_picture/images.htm – Accessed on 25/12/2019
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Fetal development – https://medlineplus.gov/ency/article/002398.htm – Accessed on 25/12/2019
Current Version
09/11/2020
Aamir Khan द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Sanket Pevekar
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar