प्रोटीन सप्लिमेंट्स लेना सही या गलत? आप भी हैं कंफ्यूज्ड तो पढ़ें ये आर्टिकल

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अपडेट डेट नवम्बर 20, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें
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दूसरे लोगों की तरह ही मुझे भी हमेशा ऐसा लगता था कि प्रोटीन सप्लिमेंट्स लेना सही नहीं होता है। इससे बॉडी को नुकसान पहुंचता है। लोग बॉडी बनाने के लिए इन सप्लिमेंट्स का यूज करते हैं। यहां तक कि मुझे ये भी लगता था कि लोग इन सप्लिमेंट्स का यूज करके फूल जाते हैं लेकिन, जब मैंने इस विषय पर थोड़ा विस्तृत (मेरे लिए) अध्ययन किया और डॉक्टर, एथलीट और स्पोर्ट कोच से बात की तो पूरा मामला क्लियर हुआ। आप भी जानिए प्रोटीन सप्लिमेंट्स लेना सही या गलत?

सबसे पहले मैंने इस बारे में डॉक्टर से बात करना सही समझा। इसके लिए मैंने मुंबई के एमबीबीएस डॉक्टर मयंक खंडेलवाल से बात की।

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क्या प्रोटीन सप्लिमेंट्स लेना गलत है?

डॉक्टर- नहीं, प्रोटीन सप्लिमेंट्स लेना गलत नहीं है। बॉडी की प्रॉपर फंक्शनिंग के लिए प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा जरूरी है लेकिन, परेशानी तब आती है जब प्रोटीन सप्लिमेंट्स के साथ स्टेरॉइड को मिक्स कर दिया जाता है। लंबे समय तक स्टेरॉइड मिक्स प्रोटीन लेने से बॉडी को कई नुकसान होते हैं। यह सीधे-सीधे किडनी को हार्म करते हैं। अगर एक आम आदमी बॉडी बनाने या बॉडी में प्रोटीन की कमी के चलते प्रोटीन सप्लिमेंट्स लेना चाहता है तो वो ऐसा कर सकता है लेकिन, उसे डॉक्टर से इसके बारे में कंसल्ट जरूर करना चाहिए। ताकि इसे कब और कितना प्रोटीन लेना है इस बारे में सही जानकारी मिल सके।

एक आम इंसान को कितने प्रोटीन की जरूरत होती है?

डॉक्टर- एक आम इंसान को पर किलो ग्राम पर एक ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। यानी यदि किसी का वजन 60 किलोग्राम है तो उसे 60 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होगी। बता दें कि बॉडी के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी है। इसकी कमी से स्किन प्रॉब्लम्स जैसे ड्रायनेस, रिंकल्स प्रॉब्लम्स, थकान, चक्कर आना, दुबलापन, एडिमा (स्वैलिंग) आदि परेशानियां हो सकती हैं।

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स्टेरॉइड युक्त प्रोटीन सप्लिमेंट्स से क्या नुकसान होते हैं?

डॉक्टर- इसके जितने नुकसान बताए जाएं उतने कम हैं। लगातार स्टेरॉइडयुक्त प्रोटीन का यूज करने से ऑस्टियोपरोसिस (बोन गलना), और किडनी डैमेज जैसी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। इसके अलावा मसल्स वीक होने के साथ ही कई तरह की फिजिकल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। लगातार स्टेरॉइड लेने से बॉडी एडिक्टेट हो जाती है फिर अचानक इसका सेवन बंद करने से बॉडी इम्बैलेंस होने लगती है।

इसके बाद मैंने खिलाड़ियों के लिए इसकी कितनी उपयोगिता है जानने के लिए दिल्ली पब्लिक स्कूल भोपाल के हेड स्विमिंग कोच, फिना क्वालिफाइड रैफरी, आईटीयू लेवल-1 और पूर्व कैप्टन मनोज झा से बात की।

मैं खिलाड़ियों को प्रोटीन सप्लिमेंट्स लेने की सलाह देता हूं, लेकिन

शरीर के लिए कार्बोहाइड्रेड, प्रोटीन, मिनरल्स और पानी बहुत जरूरी होता है। प्रोटीन का काम होता है मसल्स को रिपेयर करना। वह एनर्जी देने का काम नहीं करता। स्पोर्टमेन को इसकी ज्यादा जरूरत होती है। प्रोटीन नॉनवेज, डायटरी प्रोडटक्स, अंडा और दाल से भी प्राप्त किया जा सकता है लेकिन, कई बार लोग शॉर्टकट अपनाने के लिए प्रोटीन सप्लिमेंट्स का यूज करते हैं। दूसरी बात ये भी है कि आजकल प्रोटीन सप्लिमेंट्स के नाम पर कुछ भी दिया जा रहा है। जो बॉडी को नुकसान पहुंचाता है। 2018 की एक स्टडी के अनुसार बेस्ट सेलिंग प्रोटीन पाउडर्स में हैवी मेटल्स जैसे लेड, कैडमियम और अर्सनिक पाए गए।  मैं अपने खिलाड़ियों को प्रोटीन सप्लिमेंट्स रिकमंड करता हूं लेकिन वे सर्टिफाइड और बेहतर क्वालिटी के होने चाहिए। मैं ज्यादातर उन्हीं प्रोडक्ट्स को रिकमंड करता हूं जिन्हें मैं खुद खेलने के दौरान यूज करता था।

70% प्रोडक्ट्स फेल हुए

खिलाड़ियों को प्रोटीन प्रोडक्ट्स देने से पहले उन प्रोडक्ट्स का लैब टेस्ट करवाया था। जिनमें से 70% प्रोडक्ट्स फेल हुए। उनमें कैफीन की अधिक मात्रा और हानिकारक कंपाउंड पाए गए। प्रोटीन सप्लिमेंट्स लेने पर वर्कआउट करना जरूरी होता है। अगर आप सप्लिमेंट्स ले रहे हैं और वर्कआउट नहीं कर रहे हैं तो इसका असर किडनी पर होगा। इसलिए एथलीट्स के लिए इनको लेना सही होता है। एथलीट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए वे सस्ते के चक्कर में लो क्वालिटी और स्टेरॉइड युक्त सप्लीमेंट्स न लें। मैं पहले अपने खिलाड़ियों को पहले नॉर्मल डायट में नैचुरल प्रोटीन लेने की सलाह देता हूं। अगर किसी कॉम्पिटीशन की तैयारी करनी है और समय कम है तो प्रोटीन सप्लिमेंट लिया जा सकता है।

कोच से जानकारी लेने के बाद मैंने रांची के नेशनल पॉवर लिफ्टिंग चैम्पियन सनी कुमार से बात की। वे कई नेशनल और स्टेट लेवल कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेकर कई मेडल अपने नाम कर चुके हैं। आइए जानते हैं उन्होंने कहा क्या?

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प्रोटीन सप्लिमेंट्स को लेकर लोगों की धारणा है गलत

”प्रोटीन सप्लिमेंट्स को लेकर लोगों की गलत धारणा है। वे प्रोटीन सप्लिमेंट्स और स्टेरॉइड के बीच में कंफ्यूज रहते हैं और सोचते हैं कि ये (प्रोटीन सप्लिमेंट्स) बहुत नुकसान करते हैं। अगर इन्हें सही ढंग से लिया जाए तो फायदा ही पहुंचाते हैं। खिलाड़ी ही नहीं आम इंसान भी बॉडी में प्रोटीन की पूर्ति करने के लिए इन सप्लिमेंट्स को ले सकता है। एक बात और बता दूं कि प्रोटीन सप्लिमेंट्स के साथ प्रॉपर डायट लेना भी जरूरी होता है। तभी ये ठीक से काम करते हैं। मैं एक्सरसाइज करने के 5 मिनट के बाद सप्लिमेंट्स लेता था। सामान्य तौर पर खिलाड़ियों के द्वारा एक्सरसाइज के बाद सप्लिमेंट्स लिए जाते हैं ताकि वे मसल्स को रिपेयर कर सकें।

पहचान करना बहुत जरूरी

सनी का कहना है कि, लोगों को प्रोटीन लेने से पहले ये पता करना जरूरी है कि इसमें स्टेरॉइड मिक्स तो नहीं है। इसके लिए वे कंटेंट और इंडीग्रेंट्स चेक करें। फिर भी समझ न आए तो किसी फिटनेस ट्रेनर या डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

प्रोटीन क्या है?

प्रोटीन लार्ज मॉलेक्यूल्स हैं जो सेल्स के ठीक से काम करने के लिए जरूरी है। इसमे एमिनो एसिड होता है। हमारी बॉडी का स्ट्रक्चर और उसके फंक्शन प्रोटीन पर डिपेंड करता है। बॉडी के सेल, टिशूज और ऑर्गन का रेगुलाइजेशन प्रोटीन के बिना नहीं हो सकता। मसल्स, स्किन और हड्डियों के अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों में एंजाइम्स, हार्मोंस, एंटीबॉडीज और प्रोटीन की निश्चित मात्रा होती है। प्रोटीन न्यूरोट्रांसमिटर्स की तरह काम करता है। हीमोग्लोबिन, जो ब्लड में ऑक्सीजन लेकर जाता है वो भी प्रोटीन है।

प्रोटीन तीन प्रकार के होते हैं। कंप्लीट प्रोटीन, ये हमें एनिमल फूड्स जैसे कि मीट, डेयरी प्रोडक्ट्स और अंडे से प्राप्त होता है। इनकंप्लीट प्रोटीन, ये बीन्स, मटर और चना में पाया जाता है। तीसरा कंप्लीमेंटरी प्रोटीन, जिन दो फूड्स में इनकंप्लीट प्रोटीन पाया जाता है उन्हें एक साथ लेकर कंप्लीट प्रोटीन लिया जा सकता है। जैसे राइस और बींस या पीनट बटर के साथ ब्रेड।

प्रोटीन पाउडर कितने प्रकार के होते हैं?

प्रोटीन पाउडर एक पॉपुलर न्यूटिशनल सप्लिमेंट है। प्रोटीन पाउडर कई प्रकार के होते हैं। जिनमें डेयरी बेस्ड और प्लांट बेस्ड। इसके यूज से वेट मैनेजमेंट से लेकर मसल्स ग्रोथ और एक्सरसाइज के बाद की रिकवरी की जा सकती है। कई बार इसके उपयोग से पेट दर्द, क्रैम्प, भूख की कमीसिरदर्द, चक्कर आना जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं।

आप तो आप समझ ही गए होंगे कि प्रोटीन सप्लिमेंट्स लेना सही है या गलत? मेरे के साथ ही आपका कंफ्यूजन भी दूर हो गया होगा। अब अगर फ्यूचर में मुझे कभी मेरी बॉडी में प्रोटीन की कमी हुई या मेरी डायट में प्रोटीन की मात्रा सही नहीं हुई तो मैं इसे लेने से पहले नहीं हिचकाऊंगी लेकिन हां इसे कैसे लेना और कौन सा लेना है इसके बारे में डॉक्टर से जरूर पूछूंगी और आप भी ऐसा ही करिएगा।

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