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क्या आप जानते हैं कि फीमेल कॉन्डोम इन मामलों में है फेल

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. हेमाक्षी जत्तानी · डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


Nidhi Sinha द्वारा लिखित · अपडेटेड 21/07/2021

क्या आप जानते हैं कि फीमेल कॉन्डोम इन मामलों में है फेल

प्रेग्नेंसी से बचने के लिए महिलाएं गर्भ निरोधक दवाईयों, आईयूडी, गर्भनिरोधक इंजेक्शन आदि का इस्तेमाल करती हैं। वैसे ही फीमेल कॉन्डोम (Female condom) के उपयोग से अनचाही प्रेग्नेंसी के साथ-साथ यौन संबंधी रोगों से भी बचा जा सकता है। फीमेल कॉन्डोम का अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह 95 प्रतिशत प्रभावी होता है। हालांकि, आज भी फीमेल कॉन्डोम महिलाओं के बीच इतना प्रचलित नहीं है फिर भी जो महिलाएं अनचाही प्रेग्नेंसी (Unwanted pregnancy) से बचने के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं, उन्हें फीमेल कॉन्डोम के नुकसान (Disadvantages of female condom) के बारे में भी पता होना चाहिए। आइए जानते हैं हैलो स्वास्थ्य के इस आर्टिकल में फीमेल कॉन्डोम का उपयोग कैसे करें, फीमेल कॉन्डोम के फायदे और नुकसान क्या हैं?

फीमेल कॉन्डोम क्या है? (What is Female condom)

फीमेल कॉन्डोम (Female condom)

महिलाओं के इस्तेमाल के लिए आने वाले कॉन्डोम पॉलीयूरीथेन (Polyurethane) या लेटेक्स (Latex) से बना एक पाउच की तरह होता है। जो सेक्स के दौरान यौन-संक्रमण और अनचाही गर्भावस्था के लिए एक अवरोधक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके दो छोर होते हैं, दोनों ही लचीले होते हैं। एक छोर पर रिंग होता है, जिसे योनि के बाहर फिट करना होता है।

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फीमेल कॉन्डोम किस प्रकार काम करता है? (How does female condom works)

फीमेल कॉन्डोम के पाउच के बंद सिरे पर एक लचीली रिंग होती है और खुले सिरे पर थोड़ी बड़ी रिंग होती है। छोटा सिरा महिला की वजाइना के अंदर जाता है और बड़े रिंग वाला हिस्सा बाहर की तरफ रहता है। फीमेल कॉन्डोम, पुरुष के सीमन को गर्भ तक जाने से रोकता है।

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महिला कॉन्डोम लगाने का तरीका (Tips to use female condom)-

पुरुष कॉन्डोम की तुलना में महिला कॉन्डोम का आकार बड़ा होता है। अगर आप टैम्पोन का उपयोग करती हैं तो फीमेल कॉन्डोम का इस्तेमाल भी आप आसानी से कर लेंगी। इसके इस्तेमाल के लिए नीचे दिए गए टिप्स फॉलो करें-

  • महिला कॉन्डोम खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट (Expiry date) देखना न भूलें। एक्सपायरी डेट वाले कॉन्डोम का इस्तेमाल करने से उसकी फटने की संभावना ज्यादा होगी। साथ ही इंफेक्शन (Infection) का भी खतरा बढ़ जाता है।
  • हालांकि, महिला कॉन्डोम पहले से ही लुब्रिकेटेड होते हैं। लेकिन, आप चाहें तो और ज्यादा लुब्रिकेंट्स का उपयोग कर सकती हैं।
  • फीमेल कॉन्डोम का प्रयोग करने के लिए सबसे पहले एक कम्फर्टेबल पोजिशन चुनें। इसके लिए आप बैठ, लेट या एक पैर कुर्सी पर रख कर भी इसको प्रयोग में ला सकती हैं।
  • कॉन्डोम के अंदर की रिंग को खोलें और इसे वजाइना में आराम से स्लाइड करें। रिंग को जितना हो सके अंदर की ओर इन्सर्ट करें। साथ ही सुनिश्चित करें कि यह मुड़े नहीं।

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महिला कॉन्डोम कैसे निकालें (How to remove a female condom)

कॉन्डोम की बाहरी रिंग को घुमाकर धीरे से बाहर की ओर खींच लें। सुनिश्चित करें कि इसे फ्लश न करें। साथ ही याद रखें कि कॉन्डोम का उपयोग आप दो बार नहीं कर सकती हैं

महिला कॉन्डोम कितना इफेक्टिव है? (How effective is female condom)

आज भी बहुत-सी महिलाएं फीमेल कॉन्डोम से अंजान हैं। लेकिन, आंकड़ों की मानें तो जिन महिलाओं ने भी इसका इस्तेमाल किया है उनमें से 21% को विफलता ही मिली है। इसका मतलब है कि फीमेल कॉन्डोम के उपयोग के बाद भी महिलाएं गर्भवती हो गईं। हालांकि, कॉन्डोम के साथ स्पर्मीसाइड फोम, जेली या क्रीम को लगाकर इसकी प्रभावशीलता बढ़ाई जा सकती है।

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फीमेल कॉन्डोम और यौन संचारित रोग (STD)

फीमेल कॉन्डोम मेल कॉन्डोम (Male condom) का एक विकल्प है। जिसे एचआईवी (HIV) और गर्भावस्था सहित यौन संचारित रोगों (STD) को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कॉन्डोम शारीरिक तरल पदार्थ और सीमन (Semen) को शरीर में प्रवेश करने से रोकता है। यह एसटीडी के संचरण और एचआईवी (HIV) को रोकने में मदद करता है।

फीमेल कॉन्डोम के फायदे और नुकसान क्या हैं? (Side effects and benefits of Female condom)

  • मेल कॉन्डोम के अलावा, यह बर्थ कंट्रोल (Birth control) का एकमात्र जरिया है जिससे यौन संचारित रोगों के संचरण के खतरे को कम किया जा सकता है।
  • अगर इनका उपयोग सही तरह से किया जाए तो फीमेल कॉन्डोम गर्भनिरोधक का सबसे प्रभावी और सस्ता साधन है।
  • मेल कॉन्डोम (Male condom) की तुलना में इसके कारण एलर्जी (Allergy) होने का खतरा कम होता है और इसके टूटने की संभावना भी कम होती है।
  • ये कॉन्डोम छोटे और डिस्पोजेबल होते हैं।

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फीमेल कॉन्डोम के नुकसान क्या हैं? (Disadvantages of female condom)

हालांकि, महिला कॉन्डोम के कोई नुकसान नहीं होते हैं। लेकिन, कुछ स्वास्थ्य-समस्याएं हो सकती हैं। जैसे-

  • मेल कॉन्डोम (Male condom) की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक महंगा होता है।
  • कुछ रिसर्च के अनुसार इसके उपयोग में लगभग 21% की असफलता पाई गई है।
  • कॉन्डोम की बाहरी रिंग की वजह से इंटरकोर्स (Intercourse) में परेशानी हो सकती है।
  • वजायना में कॉन्डोम को लगाना मुश्किल हो सकता है।
  • कॉन्डोम की आंतरिक रिंग से महिला को सेक्स के दौरान असुविधा हो सकती है।
  • फीमेल कॉन्डोम अगर लंबे समय तक योनि में रहे तो महिला को यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary tract infection) भी हो सकता है।
  • लेटेक्स एलर्जी (Latex allergy) होने पर उपयोग करने से पहले पैकेजिंग की जांच अवश्य करें।
  • कॉन्डोम के इस्तेमाल से योनि की आंतरिक परत और झिल्ली में संवेदनशीलता धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। इसकी वजह से महिलाओं की वजायना से निकलने वाला प्राकृतिक लुब्रिकेंट का स्खलन कम हो जाता है। इसकी वजह से योनि में ड्राइनेस की समस्या देखी जाती है।
  • कुछ महिलाओं में कॉन्डोम के इस्तेमाल की वजह से पीनस (Penis), योनि, वुल्वा या गुदा में जलन की समस्या पैदा हो सकती है। इससे सेक्शुअल एक्टिविटी के दौरान आनंद कम हो सकता है। कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है कि सेक्स के दौरान कॉन्डोम योनि में अंदर भी जा सकता है। हालांकि, ऐसा बहुत कम ही होता है।

ऐसी तो फीमेल कॉन्डोम (Female condom) के नुकसान कुछ खास नहीं हैं लेकिन, ज्यादातर कॉन्डोम लेटेक्स के बने होते हैं। इसलिए अगर महिला को लेटेक्स से एलर्जी है तो कॉन्डोम खरीदने से पहले पैकेट पर लिखे सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। उम्मीद है आपको फीमेल कॉन्डोम पर आधारित यह लेख पसंद आया होगा। अगर इस विषय से संबंधित आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप हमसे कमेंट बॉक्स के जरिए साझा कर सकते हैं।

इन ऊपर बताये फीमेल कॉन्डोम से जुड़ी जानकारियों के अलावा नीचे दिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक कर Dr. Rushali Jadhav से समझें गभनिरोधक से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां।

डिस्क्लेमर

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