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पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ध्यान किस तरह रखना चाहिए?

पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ध्यान किस तरह रखना चाहिए?

हमें पीरियड्स के दौरान हाइजीन किस तरह से बरतनी चाहिए या स्वास्थ्य की देख-रेख करनी चाहिए, इसके बारे में अभी भी अधिकांश महिलाएं अंजान हैं। इस आर्टिकल में हम पीरियड्स के दौरान हाइजीन (Periods Hyenine) को लेकर कुछ जरूरी सवालों पर नजर डालेंगे और जानेंगे इन सवालों का डॉक्टर क्या जवाब देते हैं।

पीरियड्स के दौरान हाइजीन को लेकर सवाल (Periods Hyenine)

पीरियड्स के दौरान किस तरह से हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए? क्या हैवी ब्लीडिंग होने पर एक साथ दो पैड का इस्तेमाल किया जा सकता है?

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पीरियड्स के दौरान हाइजीन (Periods Hyenine) को लेकर जवाब

पीरियड्स, मासिक धर्म या एमसी (MC) ऐसे अलग-अलग नामों से हम मेंस्ट्रुअल पीरियड को जानते हैं। लेकिन, अभी भी ये अफसोस है कि ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जिन्हें मेंस्ट्रुअल हाइजीन को बनाएं रखने की जानकारी नहीं है। पहले तो हमें, मेंस्ट्रुएशन के बारे में खुलकर बात करनी बहुत जरूरी है। यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि महिलाओं में एक बहुत जरूरी प्राकृतिक चरण है। ये भी बता दूं कि अगर आपको आपकी पीढ़ी आगे बढ़ानी है, तो महिलाओं में पीरियड्स एक बहुत जरूरी चरण हैं। अक्षय कुमार की फिल्म “पैड मैन” इसी मु्द्दे पर ही आधारित है कि हम महिलाएं मेंस्ट्रुएशन हाइजीन (Mesntrual Hyenine) का कैसे रख-रखाव करें और इसमें शर्माने वाली कोई बात नहीं है। तो फॉलो करने के लिए यहां पर कुछ आसान और बेहद जरूरी टिप्स हैं जिसमें ज्यादा समय भी नहीं लगता है।

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पीरियड्स के दौरान हाइजीन

पीरियड्स के दौरान हाइजीन रखने के लिए जरूरी टिप्सः (Periods Hyenine Tips)

हर महिला को पीरियड्स के दौरान हाइजीन का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। चूंकि इस दौरान शरीर की गंदगी पीरियड्स के ब्लड के रूप में बाहर आती है, इसलिए इस दौरान साफ-सफाई का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। पीरियड्स के दौरान हाइजीन को लेकर अगर लापरवाही बरती जाती है, तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। आप पीरियड्स के दौरान इंफेक्शन जैसी समस्या न हो, उसके लिए आपको कई तरह की सावधानियां बरतने की जरूरत हो सकती है। कई बार इंफेक्शन की वजह से महिलाओं को इनफर्टिलिटी संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। नीचे जानिए कि पीरियड्स के दौरान हाइजीन का किस तरह ध्यान रखना चाहिए :

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  1. पीरियड्स के दौरान हाइजीन को लेकर के लिए समय समय पर पैड बदलें : आपको दिन में 4 से 6 घंटे के बाद पैड बदलना चाहिए। अगर एक ही पैड को ज्यादा देर तक इस्तेमाल करेंगे, तो आपको इंफेक्शन होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें।
  2. टॉयलेट में फ्लश न करें पैड्स : जब आप पैड बदलती हैं, तो उस पैड को धोना या टॉयलेट में फ्लश नहीं करना चाहिए। बल्कि, उसे पेपर में लपेटकर कूड़ेदान में डालें। दूसरा पैड इस्तेमाल करने से पहले ये बहुत जरूरी है कि आपको अपनी योनि और उसके आस-पास के क्षेत्रों को साफ करना चाहिए। हालांकि, अगर आप साफ नहीं करना चाहती हैं, तो योनि प्राकृतिक तौर पर खुद को पीरियड्स के दौरान भी साफ कर लेती है। इसलिए, आप सिर्फ पानी से योनि को साफ कर सकती हैं।
  3. एक साथ दो पैड्स का इस्तेमाल न करें : कई महिलाओं को लगता है कि बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने के कारण उन्हें एक साथ दो पैड का इस्तेमाल करना चाहिए, हालांकि ऐसा करना गलत है। इससे आपको इंफेक्शन हो सकता है। इसलिए, हैवी ब्लड फ्लो होता है तो थोडी देर बाद पैड को बदल सकती हैं।
  4. साफ-सुथरे अंडरवियर पहनें : आप जिस अंडरवियर का इस्तेमाल करती हैं, उसका साफ-सुथरा होना बहुत जरूरी है। पीरियड्स के समय हमेशा आरामदायक कपड़े पहनें ताकि योनि तक हवा पहुंचती रहे।
  5. टैम्पॉन का करें इस्तेमाल : आज कल पैड्स के आलाव आप टैम्पोन्स, मेंस्ट्रुअल कप्स का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। आप जिसमें आरामदायक महसूस करते हैं उसी का इस्तेमाल करें, पर उसके साथ भी हाइजीन का भी ख्याल रखें। अगर लड़कियां टैम्पॉन का इस्तेमाल कर रही हैं तो हर दो घंटे के अंदर इसे बदलें। आपको बता दें कि लोगों का मानना है की टैम्पोन के इस्तेमाल से हायमेन (Hymen) टूट सकता है। जबकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसा नहीं होता है, क्योंकि हायमेन सॉफ्ट और स्ट्रेचेबल होता है और टैम्पोन सॉफ्ट होता है।
  6. नहाना भी है जरूरी : पीरियड्स में दिन में एक बार नहाना भी जरूरी होता है। पीरियड्स के दौरान आने वाले गंध से बचने के लिए लड़कियों और महिलाओं को निजी अंगों की साफ-सफाई अच्छे तरह से करनी चाहिए। इन दिनों दर्द से छुटकारा पाने के लिए गर्म पानी से नहाएं।
  7. नियमित रूप से चादर बदलें : रात में कभी सोते वक्‍त लीकेज की समस्‍या बहुत ही सामान्य सी बात है। गंदगी और इंफेक्‍शन से बचने के लिए अपनी चादर बदलती रहें। चादर को धोने के लिए डिटॉल या किसी भी दूसरे सेन‍िटाइजर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा अपने इनरवियर को भी बदलती रहें। जिन लड़कियों को ज्यादा पसीना आता है, वो जितना ज्यादा अपना इनर वियर बदलेंगी उतना ही बेहतर महसूस होगा।
  8. अगर आप पैड्स इस्तेमाल कर रही हैं, तो हमारी सलाह है कि आप इसमें दिए गए न‍िर्देशों को बेहद सावधानी से फॉलो करें! पैड्स को सही से लगाने के ल‍िए थोड़ा समय लें, क्योंकि अगर वो सही तरीके से नहीं लगेगा तो रैशेज होने की संभावना बढ़ जाती है।
  9. एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं : अगर आपको ज्यादा गीला पैड लगाने के कारण खुजली और रैशेज जैसी समस्या होने लगे, तो एंटीसेप्टिक क्रीम लगा सकते हैं। इससे भी आपको आराम मिलेगा।
  10. खुद को हाइड्रेट रखें : आप पीरियड्स के दौरान खुद को हाइड्रेट रखें। इसके लिए दिन में आठ से दस गिलास पानी जरूर पिएं। इससे आपकी बॉडी हाइड्रेट रहेगी।
  11. अच्छी तरह हाथ धोएं : आप पीरियड्स के दौरान जब भी वॉशरूम जाएं, तो पैड बदलने के बाद हैंडवॉश से अच्छी तरह से हाथ धोएं। इससे साफ-सफाई बनी रहती है।

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ये आसान से स्टेप्स फॉलो करने से आप पीरियड्स के समय हाइजीन का ख्याल रख सकते हैं और इंफेक्शन से खुद को बचा सकते हैं। उम्मीद करते हैं आपको हमारा पीरियड्स के दौरान हाइजीन पर लिखा ये आर्टिकल पसंद आएगा और इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां आपके काम आएंगी, जिससे आप अपनी साफ-सफाई का खास ध्यान रख पाएंगी। अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया है, तो इसे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं के साथ शेयर करें, ताकि वो भी अपने हाइजीन का ख्याल रख सकें और खुद को इंफेक्शन से बचा सकें।

अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे।

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सूत्र

Menstrual Hygiene/https://www.wvi.org/clean-water-sanitation-and-hygiene-wash/menstrual-hygiene/Accessed on 13/12/2019

Menstrual Hygiene: How Hygienic is the Adolescent Girl?/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2784630/Accessed on 13/12/2019

Menstrual Hygiene Management Enables Women and Girls to Reach Their Full Potential/https://www.worldbank.org/en/news/feature/2018/05/25/menstrual-hygiene-management/Accessed on 13/12/2019

Guidance on Menstrual Health and Hygiene/https://www.unicef.org/wash/files/UNICEF-Guidance-menstrual-health-hygiene-2019.pdf/Accessed on 13/12/2019

Guide to menstrual hygiene materials/https://www.unicef.org/wash/files/UNICEF-Guide-menstrual-hygiene-materials-2019.pdf/Accessed on 13/12/2019

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डॉ. प्रणाली पाटील द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 30/04/2021 को