Laryngitis: लेरिन्जाइटिस क्या है?

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Update Date मई 26, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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लेरिन्जाइटिस क्या है?

लेरिन्जाइटिस (Laryngitis) गले का एक रोग है। अगर कभी बात करने के लिए मुंह खोला जाए। लेकिन, मुंह से आवाज की जगह फुसफुसाहट या हलकी सी चीख निकले, तो यह लेरिन्जाइटिस के लक्षण हो सकते हैं। लेरिन्जाइटिस के कुछ मामलों में, आवाज बहुत कम निकलती है। लेरिन्जाइटिस रोग कम समय या अधिक समय तक हो सकता है।

लेरिन्जाइटिस के अधिकांश मामलों में अस्थायी वायरल इन्फेक्शन या वोकल स्ट्रेन (vocal strain) हो सकता है जो अधिक गंभीर नहीं होता। 

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लेरिन्जाइटिस कैसे होता है?

लेरिन्जाइटिस (Laryngitis) असल में अधिक बोलने, जलन या संक्रमण के कारण वॉयस बॉक्स (स्वरयंत्र) में होने वाली सूजन है। गले के स्वरयंत्र के अंदर वोकल कॉर्ड यानी स्वर रज्जु हैं, जो मांसपेशियों और कार्टिलेज (उपास्थि) को कवर करने वाले श्लेष्म झिल्ली के दो फोल्ड हैं। सामान्यतया, आपके वोकल कॉर्ड आराम से खुलते और बंद होते हैं। जिससे उनके हिलने से आवाज निकलती है। लेकिन, लेरिन्जाइटिसरोग होने पर वोकल कॉर्ड में सूजन और दर्द होती है इसके कारण गले से सही आवाज नहीं निकल पाती।

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लक्षण

ज्यादातर मामलों में, लेरिन्जाइटिस के लक्षण कम समय तक रहते हैं और ये किसी मामूली वायरस के कारण भी हो सकते हैं। लेकिन, कभी-कभी लेरिन्जाइटिस के लक्षण कुछ अधिक गंभीर या लंबे समय तक देखने को मिल सकते हैं। लेरिन्जाइटिस (Laryngitis) के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

अगर आपको निम्नलिखित समस्याएं हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए:

  • सांस लेने में समस्या
  • खांसी में खून का आना
  • बुखार का होना जो कम न हो रहा हो
  • अत्यधिक दर्द
  • निगलने में परेशानी होना

अगर बच्चों में निम्नलिखित समस्याएं हो तो तुरंत डॉक्टर के पास ले कर जाएं:

  • सांस लेने में परेशानी या सांस लेते हुए आवाज आना
  • सामान्य से अधिक लार निकलना
  • निगलने में परेशानी होना 
  • 103 F (39.4 C) से अधिक बुखार

कारण

गंभीर लेरिन्जाइटिस (Laryngitis) के कारण

लेरिन्जाइटिस के अधिकतर मामले अस्थायी होते हैं और जल्दी ठीक हो जाते हैं। लेकिन, इसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं।

  • वायरल इन्फेक्शन जो सर्दी-जुकाम का भी कारण है।
  • वोकल स्ट्रेन यानी गले से अधिक दवाब पड़ना जो अधिक चिल्लाने या बोलने से हो सकता है।
  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसे डिफ्थीरिया हालांकि यह बहुत कम होता है। 

लम्बे समय से या पुरानी लेरिन्जाइटिस के कारण

अगर यह बीमारी तीन सप्ताह से अधिक समय तक है तो इसे क्रोनिक लेरिन्जाइटिस कहा जाता है। इससे वोकल कॉर्ड पर दवाब पड़ता है, उसमें घाव हो सकता है या वोकल कॉर्ड  के विकास पर प्रभाव पड़ सकता है। इस घाव के कारण इस प्रकार हैं।

  • रासायनिक धूएं, एलर्जेंस या धुएं का सांस के माध्यम से अंदर जाना,
  • एसिड रिफ्लक्स (acid reflex), जिसे गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग (GERD) भी कहा जाता है,
  • पुरानी साइनसाइटिस,
  • अत्यधिक शराब का उपयोग,
  • अधिक आवाज का प्रयोग (जैसे गायक या चीयरलीडर करते हैं),
  • धूम्रपान

पुरानी लेरिन्जाइटिस (Laryngitis) के कम सामान्य कारण 

गले के बैठने के अन्य कारण

  • कैंसर
  • इंजरी, स्ट्रोक, फेफड़ों का ट्यूमर या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों से भी वोकल कॉर्ड पैरालिसिस की समस्या हो सकती है
  • वृद्धावस्था में वोकल कॉर्ड्स का मुड़ जाना।

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सावधानियां

  • धूम्रपान न करें। धूम्रपान से गला सूख जाता है और वोकल कॉर्ड खराब हो जाती है।
  • अल्कोहॉल और कॉफी के अत्यधिक सेवन से पूरे शरीर का में पानी कम हो जाता है। इसलिए, मदिरापान और स्मोकिंग न करें।
  • बहुत अधिक पानी पीएं।
  • अधिक मिर्च मसाले वाले खाने (spicy foods) से बचे। 
  • होल ग्रेन, फल और सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें। इनमें विटामिन A , E और C होते हैं जिनसे गले को स्वस्थ रखने वाली श्लेष्मा झिल्ली को हेल्दी रखने में मदद मिलती हैं।

घरेलू उपचार

  • इस रोग का सबसे अच्छा उपचार यही है कि अपनी आवाज को आराम दें। बिना किसी तनाव के ऐसा करने से आप खुद ही जल्दी ठीक हो जाएंगे।
  • अगर आपको जल्दी आराम चाहिए तो डॉक्टर आपको कर्टिकोस्टेरॉइड्स (corticosteroids) लेने की सलाह दे सकते हैं। यह मानव निर्मित दवाओं की एक क्लास है जो सूजन को कम सकती हैं।
  • ह्यूमिडिफाइर्स और मेंथोल इन्हेलर्स (menthol inhalers) का प्रयोग करें इससे आपको आराम मिलेगा।
  • गर्म पानी से गरारे करें। इससे न केवल आपको आराम मिलेगा बल्कि सूजन भी कम होगी।
  • धुएं, धूल-मिट्टी या ड्राई जगहों पर जाने से बचे।

क्या न करें

  • डीकंजेस्टेंट्स (decongestants) से दूर रहें। यह गले को सूखा देते हैं।
  • कुछ हर्ब्स (herbs) – कुछ हर्ब्स जैसे नद्यपान, मार्शमैलो, और स्लिपरी एल्म – गले के दर्द से राहत देते हैं, लेकिन वे कुछ दवाओं के साथ इंटरैक्ट करते हैं। उन्हें लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें।

निदान

इन तकनीकों का उपयोग कभी-कभी लेरिन्जाइटिस (Laryngitis) के निदान में मदद के लिए किया जाता है:

लरिंगोस्कोपी : आपके डॉक्टर आपकी वोकल कॉर्ड की एक प्रक्रिया के द्वारा जांच करेंगे जिसे लरिंगोस्कोपी कहा जाता है। इसका प्रयोग लाइट और छोटे शीशे के मदद से की जाती है या डॉक्टर फाइबर-ऑप्टिक लरिंगोस्कोपी भी कर सकते हैं।

बायोप्सी (Biopsy):  यदि डॉक्टर को किसी भाग में समस्या दिखाई देती है तो वो बायोप्सी कर सकते हैं – इसमें टिश्यू का सैंपल लेकर एक माइक्रोस्कोप से जांच की जाती है।

वोकल थेरेपी (Vocal therapy): अगर आपको यह समस्या आवाज के अधिक प्रयोग करने के कारण हो तो इस थेरेपी का प्रयोग किया जा सकता है।

उपचार

कुछ मामलों में दवाईओं का प्रयोग करना पड़ सकता है जैसे:

  • डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक लेने की सलाह भी दे सकता है।
  • वो दवाई जो पेट के एसिड की मात्रा कम करती है इससे हार्टबर्न (heart burn) और GERD को कम करने में मददगार है।
  • एंटीहिस्टामिनेस (एलर्जेंस को कम करने में लिए)-अगर इस समस्या का कारण एलर्जी है।
  • कर्टिकोस्टेरॉइड्स: कई बार कर्टिकोस्टेरॉइड्स से वोकल कॉर्ड की जलन से राहत मिल सकती है। हालांकि, यह उपचार की जरूरत तब होती है जब लेरिन्जाइटिस को उपचार की एकदम आवश्यकता हो। उदहारण के लिए, जब आपको गाना गाने, स्पीच देने या प्रेजेंटेशन आदि के लिए अपनी आवाज के ठीक होने की आवश्यकता हो तब इसका प्रयोग किया जा सकता है।

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