बच्चों का लार गिराना है जरूरी, लेकिन एक उम्र तक ही ठीक

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट सितम्बर 1, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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जब लार यानि की सलाइवा किसी व्यक्ति के मुंह से अंजाने में बाहर बहता है, तो उसे ड्रूलिंग के रूप में जाना जाता है। बच्चों में लार गिरना एक सामान्य बात है लेकिन इसका बहुत अधिक गिरना परेशानी की बात हो सकती है। हमारे पास छह लार ग्रंथियां हैं, जो हमारे लिए सलाइवा का बनाती हैं और जब अधिक लार बनती है, तो हम ड्रूल करते हैं। शिशुओं में ड्रूलिंग एक सामान्य बात है। शिशुओं को लगभग तीन महीने की उम्र में लार गिरना शुरू हो जाती है। कुछ बच्चों में थोड़ी लार गिरती है, जबकि कुछ को बहुत अधिक ड्रूलिंग होती है। यदि आपका बच्चा बहुत अधिक लार गिराता है, तो यह उसके मुंह में अविकसित मांसपेशियों या उसके मुंह में लार के अधिक उत्पादन के कारण हो सकता है। लेकिन ऐसे में चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि लार गिरना उसके शारीरिक विकास का ही एक हिस्सा है।

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क्या बच्चों का लार गिरना आम बात है?

बच्चों में लार गिरना आम बात है और एक बच्चा अपने जीवन के शुरुआती दो साल तक ड्रूल कर सकता है। एक शिशु कुछ निगलने के समय मुंह की मांसपेशियों को पूरी तरह से कंट्रोल नहीं कर पाता है। कई बार जब वह सो रहा होता है, तब भी उसका सलाइवा गिर सकता है। अगर आपके बच्चे ने डकार लेना शुरू कर दिया है, तो बच्चे में 18 से 24 महीने की उम्र तक ड्रूलिंग हो सकती है। शुरुआती समय के दौरान ड्रूलिंग काफी आम है, इसलिए अपने बच्चे के कपड़ों को एक दिन में लगभग 5-6 बार बदलने के लिए तैयार रहें। बच्चों का लार गिरना काफी आम है। लेकिन, अगर कोई बच्चा चार साल की उम्र के बाद भी ड्रूल करता है, तो यह सामान्य नहीं है।

दो साल तक बच्चे करते हैं ड्रुलिंग

बच्चों में लार गिरना सामान्य है और यह उनके विकास में भी मदद करता है। एक बच्चा अपने शुरुआती महींनों में अलग-अलग मात्रा में ड्रूल कर सकता है।

एक से तीन महीने के बच्चे का लार गिराना

जब बच्चा एक से तीन महीने के बीच का होता है, तो आमतौर पर उसकी लार बिल्कुल नहीं आती। इस समय बच्चों में ड्रोलिंग इसलिए नहीं होती क्योंकि बच्चा इस समय सीधे लेटा होता है। इसलिए वह इस दौरान ड्रूल नहीं करता। लेकिन कुछ बच्चे 3 महीने की उम्र से ही ड्रूल करना शुरू कर देते हैं।

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छह महीने के बच्चे का लार गिराना

इस समय तक ड्रूलिग थोड़ी कंट्रोल में होती है, लेकिन यह तब शुरू होती है जब वह अपने मुंह में खिलौने डालता है। आमतौर पर इस समय तक बच्चों के दांत आने लगते हैं इसलिए भी उनकी लार निकलती है।

नौ महीने के बच्चे का लार गिराना

इस अवस्था तक शिशु लुढ़कना और क्रॉल करना शुरू कर देते हैं। इस समय बच्चों के दांत भी आ रहे होते हैं, जिसकी वजह से बच्चे ड्रूल करते हैं।

15 महीने के बच्चों का लार गिराना

15 महीने की उम्र तक अधिकांश बच्चे चलना और दौड़नाशुरू कर देते हैं लेकिन वे चलते या दौड़ते समय ड्रूल नहीं करते। हालांकि, अगर वे ऐसी  कोई गतिविधी करते है, जिसमें एकाग्रता की जरूरत होती है, तो उनकी लार गिर सकती है।

18 महीने के बच्चे का लार गिराना

नियमित रूप से या मोटर स्कील को बढ़ावा देने वाली एक्टिविटीज करते समय बच्चों की लार नहीं गिरती है। लेकिन कई बार उन्हें खिलाते समय और कपड़े पहनाते समय वे ड्रूल कर सकते हैं।

24 महीने के बच्चे का लार गिराना

इस समय तक बच्चों में लार गिरना बहुत कम हो जाता है, यह लगभग न के बराबर ही रह जाता है।

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बच्चों का लार गिराना उनके विकास के लिए जरुरी

हां, बच्चों में लार गिरना उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ड्रूलिंग एक बच्चे में दांत के आने का संकेत है। ड्रूलिंग और बबल्स आना टॉडलर्स में शारीरिक विकास को भी दर्शाते हैं। अगर आपका बच्चा दूध या भोजन सूंघने के बाद ड्रूल करता है, तो आपको समझ जाना चाहिए कि उसकी सूंघने की शक्ति बढ़ रही है।

बच्चों के सलाइवा में एंजाइम होते हैं, जो 4 से 6 महीने की उम्र के बीच बच्चे को सेमी-सॉलिड या सॉलिड फूड पचाने के लिए उपयोगी होते हैं। लार पेट के एसिड को बेअसर करती है और यह बच्चे के इंटेस्टाइन की लाइनिंग को पूरी तरह से विकसित करने में मदद करती है और एसोफेगल की लाइनिंग में जलन से बचाती है। लार भोजन को एक साथ बांधने में मदद करती है जिससे भोजन को निगलने में आसानी होती है।

यूं तो बच्चों में लार गिरना सामान्य है लेकिन ज्यादा लार गिरने से बच्चों को परेशानी हो सकती है।

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लार गिरने से हो सकती है त्वचा की समस्या

बच्चों में लगातार लार गिरने से बच्चे के निचले होंठ, गाल, गर्दन और छाती की त्वचा में जलन के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर आपके बच्चे की लार ज्यादा गिरती है, तो लार उसके गाल, गर्दन या छाती पर आ जाएगी और आप इन क्षेत्रों में लाल, असमान चकत्ते देख सकते हैं। अगर बच्चे के मुंह के आस-पास रैशेज दिखते हैं, तो उसे ड्रूल रैश के रूप में जाना जाता है। ड्रूल रैश का इलाज करने के लिए आपको प्रभावित क्षेत्र को अच्छी तरह से धोना चाहिए और एक लैनोलिन-आधारित क्रीम लगानी चाहिए। आप अपने बच्चे की गर्दन के चारों ओर एक बिब बांध सकते हैं, जिससे बच्चे की लार गर्दन और छाती के आसपास ना फैलें। आप प्रभावित क्षेत्र पर पेट्रोलियम जेैली भी लगा सकते हैं ताकि इसे मॉश्चराइज्ड रखा जा सके और यह जल्दी ठीक हो सके। हालांकि, अपने बच्चे की त्वचा पर कोई भी क्रीम या लोशन लगाने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

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बच्चों के लार गिराने को कैसे रोकें

हालांकि बच्चों में लार गिरना उनके शारीरिक विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन दो साल के बाद भी अगर उनकी लार गिरती है, तो ये सामान्य नहीं है। अगर आपका बच्चा दो साल की उम्र के बाद भी ड्रूल कर रहा है, तो आपको इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए क्योंकि इसे इलाज की जरूरत है। अगर आपका बच्चा अधिक ड्रूल कर रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह करें क्योंकि यह उसके सामाजिक जीवन को प्रभावित कर सकता है और इससे उसकी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। डॉक्टर लार गिरने के लिए बच्चे का इलाज करने के लिए इन लक्षणों को देखेंगें:

• क्या आपका बच्चा अपने होठों को ठीक से बंद कर सकता है और जीभ को इधर-उधर हिला सकता है?
• क्या आपका बच्चा सामान्य रूप से खाना निगल रहा है?
• क्या उसकी नाक सूजी और ब्लॉक्ड है?
• क्या बच्चे के पास प्राकृतिक स्वेैलोविंग रिफ्लेक्स है?
• बच्चे के पॉश्चर और उसका जबड़ा मजबूत है या नहीं?

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इन चीजों को देखने के बाद डॉक्टर ये इलाज बता सकते हैं:

• बच्चे को होंठ मिलाने की एक्सरसाइज कराना।
बच्चे के आहार से एसिडिक फूड को कम करना।
• बच्चे को निगलने की क्षमता पर काम करना।
• चेहरे की मांसपेशियों की टाइटनिंग पर काम करना।
• मुंह या चेहरा गीला होने पर बच्चे को समझने में मदद करने के लिए जागरूक करना।
• अपने जबड़े, गाल और होंठ को मजबूत करने के लिए ओरल मोटर थेरेपी। यह थेरेपी उसे अपनी लार को ठीक से निगलने में मदद करेगी।

ड्रूलिंग बच्चे को सॉलिड फूड को नरम करने में मदद करने का एक प्राकृतिक तरीका है और यह भोजन को निगलने में आसान बनाता है। हालांकि, यह बच्चे के लिए जरूरी है, लेकिन अगर बच्चे में एक समय के बाद ड्रूलिंग होती है, तो यह परेशानी की बात हो सकती है। समस्या के बिगड़ने से पहले ही अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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