किडनी पेट के ऊपरी हिस्से में मौजूद बीन के आकार के अंग हैं। यह खून में से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थों को छानते हैं, जिन्हे हमारा शरीर मूत्र के रूप में बाहर निकालता है। किडनी शरीर में कुछ महत्वपूर्ण पदार्थों की मात्रा को भी नियंत्रित करती हैं, जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स। पोलिसिस्टिक किडनी डिजीज एक आनुवंशिक विकार है, जिस में सिस्ट के गुच्छे रोगी की किडनी के भीतर विकसित होते हैं। यह सिस्ट कैंसरमुक्त गोलाकार थैलियां होती हैं जिसमे तरल पदार्थ होता है। इन सिस्ट्स का आकार अलग-अलग और बहुत अधिक भी हो सकता है। बहुत ज्यादा या बड़ी सिस्ट से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। पोलिसिस्टिक किडनी डिजीज लिवर और शरीर के अन्य अंगों में सिस्ट को विकसित कर सकती है। यह रोग हाई ब्लडप्रेशर और किडनी फेलियर सहित गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। जीवनशैली में परिवर्तन और सही उपचार से किडनी की जटिलताओं को दूर करने में मदद मिलती है।
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अधिकतर लोगों को कई सालों तक पोलिसिस्टिक किडनी डिजीज के लक्षणों का अनुभव नहीं होता। जब तक कोई व्यक्ति इन लक्षणों को नोटिस करता है, तब तक इस सिस्ट का आकार 0.5 इंच या इससे अधिक भी हो सकता है। इसके कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:
जिन बच्चों को ओटोसोमल रेसेसिव हो, उन में यह लक्षण देखने को मिल सकते हैं:
हालांकि, बच्चों में यह लक्षण किसी अन्य बीमारी के भी हो सकते हैं इसलिए अगर आपको यह लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
1) महाधमनी धमनीविस्फार (Aortic aneurysms)
2) मस्तिष्क धमनीविस्फार (Brain aneurysms)
3) लिवर, जिगर, अग्न्याशय आदि में अल्सर
4) पेट का डायवर्टिकुला
पोलिसिस्टिक किडनी डिजीज के निदान के लिए डॉक्टर सबसे पहले आपसे इसके लक्षणों के बारे में जानेंगे। इस रोग में किडनी सिस्ट के साइज और संख्या के बारे में जानने के लिए कुछ टेस्ट कराये जा सकते हैं जिसमे यह टेस्ट शामिल हैं:
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हालांकि आप रोग के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार किया जा सकता है और इससे किडनी फेलियर की समस्या से बचा जा सकता है। इसके लिए आपको इन दवाईयों की आवश्यकता होती है।
अगर रोगी की किडनी फैल हो जाती है तो आपको डायलिसिस की आवश्यकता हो सकती है। जिसके लिए एक मशीन का उपयोग किया जाता है जो खून को साफ़ करती है और व्यर्थ पदार्थों जैसे नमक, अतिरिक्त पानी या कुछ केमिकलस को बाहर निकालती है। अपने डॉक्टर से पूछें कि आपके लिए कौन सा विकल्प सबसे अच्छा है।
सही खाएं : इस रोग या किसी भी रोग से बचने के लिए अपने आहार का खास ध्यान रखें। ऐसा आहार लें जिसमे फैट और कैलोरीज कम हों। नमक को कम मात्रा में लें क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
चुस्त रहें : कसरत करने से वजन और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। ऐसी किसी भी खेल से दूर रहें जिससे आपकी किडनी को नुकसान हो।
धूम्रपान न करें: अगर आप धूम्रपान करते हैं तो इस बुरी आदत से मुक्ति पाने के लिए डॉक्टर आपकी मदद कर सकते हैं। क्योंकि, धूम्रपान करने से किडनी में ब्लड वेसल्स को नुकसान हो सकता है जिससे अधिक सिस्ट बन सकते हैं। इसके साथ ही अल्कोहल का सेवन करने से भी बचे।
अधिक पानी पीएं : जितना अधिक हो सके पानी पीएं, क्योंकि कम पानी पीने से अधिक सिस्ट होने की संभावना हो सकती है।
हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/polycystic-kidney-disease/symptoms-causes/syc-20352820
https://www.drugs.com/health-guide/polycystic-kidney-disease.html
https://www.healthline.com/health/polycystic-kidney-disease
https://medlineplus.gov/ency/article/000502.htm
https://www.medicinenet.com/polycystic_kidney_disease/article.htm
https://www.webmd.com/a-to-z-guides/autosomal-dominant-polycystic-kidney-disease#1
Current Version
29/06/2020
Anu sharma द्वारा लिखित
के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. पूजा दाफळ
Updated by: Sanket Pevekar