Creatinine Clearance: क्रिएटिनिन क्लीयरेंस क्या है?

Medically reviewed by | By

Update Date जून 29, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
Share now

उपयोग

क्रिएटिनिन क्लीयरेंस (Creatinine Clearance) क्या है?

क्रिएटिनिन टेस्ट (Creatinine Clearance) से आपकी किडनी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी का पता चलता है।

क्रिएटिनिन एक रासायनिक बेकार उत्पाद है जो आपकी मांसपेशियों के मेटाबोलिज्म और मांस खाने से कुछ हद तक बनता है।

हेल्थी किडनी आपके ब्लड से क्रिएटिनिन और अन्य बेकार उत्पादों को फ़िल्टर करती हैं और बेकार पदार्थ को पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देती है।

किडनी द्वारा क्रिएटिनिन को हैंडल की इस क्षमता को क्रिएटिनिन क्लीयरेंस रेट कहा जाता है,जो ग्लोमेरुलर फिल्टरेशन रेट (जीएफआर) का अनुमान लगाने में मदद करता है – किडनी के माध्यम से ब्लड फ्लो की रेट या दर।

यदि आपकी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो क्रिएटिनिन का बढ़ा हुआ लेवल आपके ब्लड में जमा हो सकता है। एक सीरम क्रिएटिनिन टेस्ट आपके ब्लड में क्रिएटिनिन के लेवल को मापता है और आपको यह बताता है कि आपकी किडनी की ग्लोमेरुलर फिल्टरेशन दर कितनी अच्छी है। क्रिएटिनिन यूरिन टेस्ट आपके यूरिन में क्रिएटिनिन को माप सकता है।

किडनी के कार्य को मापने के लिए डॉक्टर मुख्य रूप से दो क्रिएटिनिन टेस्ट का उपयोग करते हैं:

24 घंटे या अधिक देर तक, एकत्र किए गए यूरिन के सैंपल में क्रिएटिनिन की मात्रा को मापकर क्रिएटिनिन क्लीयरेंस को ठीक से निर्धारित किया जा सकता है।

इस मेथड में एक व्यक्ति को दिनभर में प्लास्टिक के जग में पेशाब करने की जरूरत होती है, फिर इसे टेस्ट के लिए लाया जाता है हालांकि ये थोड़ा असुविधाजनक है लेकिन कुछ किडनी समस्याओं की डाइग्नोस या निदान के लिए ये बेहद जरूरी है।

जिएफआर मेथड में डॉक्टर एक फारमूले की मदद से ब्लड में क्रिएटिनिन के लेवल को निर्धारित करता है, ऐसे कई फार्मूले उपलब्ध हैं, जो उम्र, लिंग और कभी-कभी वजन और जातीयता का भी हिसाब रखते है ।

ब्लड क्रिएटिनिन लेवल जितना अधिक होगा, अनुमानित तौर पे जीएफआर और क्रिएटिनिन क्लीयरेंस उतनी कम होगी।

ज्यादा प्रैक्टिकल होने की वजह से जीएफआर का

ब्लड टेस्ट एस्टीमेशन मेथड, क्रिएटिनिन क्लीयरेंस के लिए 24-घंटे के यूरिन कलेक्शन टेस्ट की तुलना में कहीं अधिक बार उपयोग किया जाता है।

और पढ़ेंः CT Scan : सीटी स्कैन क्या है?

क्रिएटिनिन क्लीयरेंस (Creatinine Clearance) क्यों किया जाता है?

एक सीरम क्रिएटिनिन टेस्ट – जो आपके ब्लड में क्रिएटिनिन के लेवल को मापता है – यह संकेत दे सकता है कि आपकी किडनी ठीक से काम कर रही हैं या नहीं।

आपको कितनी बार क्रिएटिनिन टेस्ट की जरूरत होती है, नीचे दी गई स्थितियों और किडनी डैमेज के जोखिम पर निर्भर करता है।

उदाहरण के लिए:

  • यदि आपको टाइप 1 या टाइप 2 डाइबिटीज है, तो आपका डॉक्टर वर्ष में कम से कम एक बार क्रिएटिनिन टेस्ट की सलाह दे सकता है।
  • यदि आपको किडनी की बीमारी है, तो आपकी स्थिति की जांच पड़ताल के लिए आपका डॉक्टर नियमित अंतराल पर क्रिएटिनिन टेस्ट की सिफारिश कर सकता है।
  • यदि आपको कोई बीमारी है जो आपकी किडनी को प्रभावित कर सकती है – जैसे हाई ब्लडप्रेशर या डाइबिटीज – या आप ऐसी दवाएँ ले रहे हैं जो आपकी किडनी को प्रभावित कर सकती हैं, तो आपका डॉक्टर क्रिएटिनिन टेस्ट कराने के निर्देश दे सकता हैं।
और पढ़ें : Contraction Stress Test: कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट क्या है?

जानने योग्य बातें

क्रिएटिनिन क्लीयरेंस (Creatinine Clearance) कराने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

डॉक्टर आपको कुछ दवाएं लेने से रोक सकता है जो टेस्ट को प्रभावित कर सकती हैं। दवाओं में शामिल हैं:

और पढ़ें :  Testicular biopsy: टेस्टिक्युलर बायोप्सी क्या है?

क्रिएटिनिन क्लीयरेंस (Creatinine Clearance) के दौरान क्या होता है?

हेल्थ प्रोफेशनल की मदद से

  • ब्लड के प्रवाह को रोकने के लिए अपने ऊपरी बांह के चारों ओर एक लचीला बैंड लपेटें। इससे बैंड के नीचे की नसें बड़ी और टाइट हो जाती हैं, और नस में सुई डालना आसान हो जाता है।
  • एल्कोहॉल से सुई वाली जगह को धो ले
  • सुई को नस में डालें। एक से अधिक निडिल स्टिक की जरूरत पड़ सकती है ।
  • सुई से ट्यूब में ब्लड को रिफिल करने के लिए हुक का प्रयोग करे
  • जरूरत के हिसाब से ब्लड सैंपल जमा होने के बाद हाथ के बैंड को खोल देसुई लगने वाली जगह पे सुई निकालते ही रुई का प्रयोग करे
  • उस जगह को थोड़ा दबा के रखे उसके बाद बैंडेज लगा दे ।

क्रिएटिनिन क्लीयरेंस (Creatinine Clearance) के बाद क्या होता है?

एक इलास्टिक बैंड आपके ऊपरी बांह के चारों ओर लपेटा जाता है। यह आपकी बांह को टाइट कर सकता है। हो सकता है कि आपको सुई से कुछ भी महसूस ना हो या हल्की सी चुभन महसूस हो सकती है ।

20 से 30 मिनट बाद आप टेप और कॉटन को निकाल सकते हैं। आपको अपने टेस्ट के परिणाम प्राप्त करने के लिए डेट दी जाएगी। डॉक्टर आपको समझाएगा कि आपके परीक्षा परिणाम आपके के क्या मायने है। आपको डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

यदि आपके मन में क्रिएटिनिन क्लीयरेंस को लेकर कोई प्रश्न हैं, तो कृपया निर्देशों को बेहतर ढंग से समझने के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

और पढ़ें : Microalbumin Test: माइक्रोएल्ब्युमिन टेस्ट क्या है?

रिजल्ट को समझें

मेरे रिजल्ट का क्या मतलब है?

नार्मल वैल्यू

एक नार्मल परिणाम पुरुषों के लिए 0.7 से 1.3 मिलीग्राम / डीएल और महिलाओं के लिए 0.6 से 1.1 मिलीग्राम / डीएल है।

किडनी की वर्किंग कैपिसिटी और क्रिएटिनिन क्लीयरेंस में स्वाभाविक रूप से उम्र के साथ गिरावट आती है।

अच्छी बात ये है कि, गुर्दों की एक विशाल रिसर्व कैपिसिटी होती है। ज्यादातर लोग बिना किसी लक्षण या रोग के ही अपनी किडनी फंक्शन का आधा भाग खो देते है ।

महिलाओं में आमतौर पर पुरुषों की तुलना में कम क्रिएटिनिन का लेवल होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में कम मासपेशियां होती है।

दिए गए उदाहरण इन टेस्ट के रिजल्ट के लिए नार्मल माप हैं। कई प्रयोगशालाओं में नार्मल वैल्यू रेंज थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। कुछ लैब विभिन्न मापों का उपयोग करते हैं या विभिन्न सैंपल का टेस्ट करते हैं। अपने टेस्ट रिजल्ट को समझने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

और पढ़ें : Bone test: बोन टेस्ट क्या है?

हाई वैल्यू

आम तौर पर, एक हाई सीरम क्रिएटिनिन लेवल का मतलब है कि आपकी किडनी अच्छी तरह से काम नहीं कर रहे हैं। यदि आप डिहाइड्रेड या प्यासे हैं, तो आपका क्रिएटिनिन लेवल अस्थायी रूप से बढ़ सकता है ,ब्लड की मात्रा कम हो सकती है, बड़ी मात्रा में मांस खा खाते हैं या कुछ दवाएं ले रहे हैं। डाइट्री सप्पलीमेंट क्रिएटिन भी ऐसा ही प्रभाव डाल सकता है।

यदि आपका सीरम क्रिएटिनिन लेवल नार्मल से अधिक है, तो आपका डॉक्टर किसी अन्य ब्लड या यूरिन टेस्ट करा के रिजल्ट की पुष्टि करना चाह सकता है। यदि किडनी की क्षति एक चिंता है, तो किसी भी स्थिति को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है जो खतरा बन सकती है। यह आपके ब्लड प्रेशर को मैनेज करने के अक्सर दवा की जरूरत होती है। आप हमेशा के लिए किडनी को डैमेज होने से नहीं रोक सकते , लेकिन उचित उपचार के साथ आप आगे होने वाले नुकसान को जरूर रोक सकते हैं।

लो वैल्यू

यदि आप जिएफआर या क्रिएटिनिन क्लीयरेंस (Creatinine Clearance) टेस्ट कराते है, तो आपका डॉक्टर समस्या का समाधान करने के लिए आपके साथ एक वर्क प्लान तैयार करेगा। क्रोनिक किडनी रोग के मुख्य कारण हाई ब्लड प्रेशरऔर डायबिटीज हैं। यदि आपके पास ये स्थितियां हैं, तो पहला कदम उन्हें बेहतर आहार, व्यायाम और दवाओं के साथ नियंत्रण में लाना है। यदि ये बीमारी नहीं है, तो किडनी की बीमारी के कारणों की पहचान करने के लिए टेस्ट की जरूरत हो सकती है।

जीएफआर और क्रिएटिनिन क्लीयरेंस (Creatinine Clearance) रेट बहुत कम होने तक ज्यादातर लोगों को डायलिसिस की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि किडनी फक्शन में स्वाभाविक रूप से उम्र के साथ गिरावट आती है, इसलिए आपको आवश्यक सभी किडनी फंक्शन को बचाने लिए जरूरी कदम उठाने होंगे।

प्रयोगशाला और अस्पताल के आधार पर, क्रिएटिनिन क्लीयरेंस (Creatinine Clearance) के लिए नार्मल सीमा भिन्न हो सकती है। कृपया अपने चिकित्सक से टेस्ट रिजल्ट से जुड़े सवालों पे चर्चा करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Chronic fatigue syndrome: क्रोनिक फटीग सिंड्रोम क्या है?

CFS एक संक्रमण है जिसमें आपको थकान जैसे लक्षण महसूस होंगे। जानें क्रोनिक थकान सिंड्रोम क्या है और इसका इलाज कैसे किया जाए?

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Poonam
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z फ़रवरी 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Peripheral Vascular Disease: पेरिफेरल वैस्कुलर डिजीज क्या है?

जानिए पेरिफेरल वैस्कुलर डिजीज क्या है in hindi, पेरिफेरल वैस्कुलर डिजीज के कारण, जोखिम और उपचार क्या है, peripheral vascular disease को ठीक करने के लिए आप इस तरह के घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Sunil Kumar
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z जनवरी 27, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

महिलाओं में डिप्रेशन क्यों होता है, जानिए कारण और लक्षण

जानिए महिलाओं में डिप्रेशन क्यों होता है? अवसाद की परेशानी से महिलाएं कैसे रहें दूर? महिलाओं में अवसाद का इलाज कैसे किया जाता है?

Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar
Written by Bhawana Awasthi
महिलाओं का स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवन जनवरी 24, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें

Anemia chronic disease: एनीमिया क्रोनिक डिजीज क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

एनीमिया क्रोनिक डिजीज क्या है in hindi, एनीमिया क्रोनिक डिजीज के कारण, जोखिम और उपचार क्या है, anemia chronic disease को ठीक करने के लिए आप इस तरह के घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Anu Sharma
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z दिसम्बर 28, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

ऑट्रिन

Autrin: ऑट्रिन क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Satish Singh
Published on जून 24, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Pompe Disease: जानें पोम्पे रोग क्या है?

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by shalu
Published on अप्रैल 9, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
मैलरी-वाइस सिंड्रोम

Mallory-Weiss Syndrome: मैलरी-वाइस सिंड्रोम क्या है?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Nidhi Sinha
Published on फ़रवरी 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Aplastic anemia- अप्लास्टिक एनीमिया

अप्लास्टिक एनीमिया क्या है और यह कितना खतरनाक होता है?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Kanchan Singh
Published on फ़रवरी 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें