ज्यादातर इस दवा का इस्तेमाल पेट संबंधी परेशानियों से निजात पाने के लिए किया जाता है। अपच, असहज महसूस करने के साथ इनडायजेशन की समस्या में डॉक्टर इस दवा के इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, लेकिन दवा का इस्तेमाल करने से कुछ दुष्परिणाम भी देखने को मिलते हैं। उनमें काला मल होने के साथ पेट दर्द जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यदि कोई ब्लीडिंग की समस्या से ग्रसित है तो उसे इस दवा के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है।

इस दवा को एक्टीवेटेड चारकोल 75 एमजी, फंगल डायस्टेस 100 एमजी और पापेन 60 एमजी के मिश्रण से इसे तैयार किया जाता है।
युनिएंजाइम ऐसे करता है काम : इस दवा के काम की बात की जाए तो इसमें एक्टिवेटेड चारकोल, फंगल डायस्टेस और पापेन जैसे तत्व होते हैं। ये तत्व कार्बोहाइड्रेड जैसे तत्वों को तोड़ने के साथ खाने को पचाने में मददगार होते हैं। इसके अलावा पापेन प्रोटीन को तोड़ने के साथ खाने को पचाने में मदद करता है। जहां तक एक्टीवेटेड चारकोल की बात है तो यह शरीर के लिए गैर उपयोगी टॉक्सिक तत्वों की पहचान कर उसे शरीर से निकालने का काम करता है।
युनिएंजाइम टेबलेट स्टमक एसिड को बैलेंस करने में मददगार होती है। वहीं अतिरिक्त एसिड को शरीर ने निकाल देती है।
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डॉक्टर मरीज की उम्र, हाइट, वजन और मेंटल स्टेट को देखने के साथ एलर्जिक हिस्ट्री और हेल्थ को देखने के बाद ही दवा के डोज से संबंधित निर्णय लेता है। सामान्य व्यस्क को 50 से 100 एमजी टेबलेट दिन में एक से दो बार लेने की सलाह दी जाती है। वहीं बच्चों के केस में पीडिएट्रिक से सलाह लेने की बात कही जाती है। लंबे समय तक दवा का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है। यदि कोई ऐसा करता भी है तो उसे हमेशा डॉक्टर के संपर्क में रहने की बात कही जाती है।
ओवरडोज होने की स्थिति में : यदि आप सामान्य से ज्यादा दवा का सेवन कर लें तो हो सकता है कि आपको विभिन्न प्रकार के लक्षण दिखाई दें। जैसे जी मिचलाना, कंफ्यूजन, नींद न आना, ऐसी परिस्थितियों में आपको डॉक्टरी सलाह की जरूरत पड़ सकती है। किसी मे ऐसे लक्षण दिखें तो उसे डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
डोज मिस कर देने पर : यदि कोई डोज मिस कर देता है तो उस स्थिति में जितना संभव हो उतनी जल्दी दवा का सेवन कर लेना चाहिए। यदि दूसरे डोज का समय नजदीक आ जाए तो दवा का सेवन न कर दूसरे डोज के समय से निर्धारित समय पर दवा का सेवन करना चाहिए। कोशिश यही रहनी चाहिए कि डोज मिस न होने पाए।
एक्सपायरी दवा खा लें तो : यदि कोई एक्सपायर हो चुकी दवा खा ले तो उस स्थिति में हालत बद से बदतर हो सकती है। वहीं लक्षणों को ध्यान देकर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। कोशिश यही रहनी चाहिए कि हम एक्सपायरी दवा का सेवन कतई न करें।
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युनिएंजाइम का ज्यादातर इस्तेमाल टेबलेट के रूप में किया जाता है। इसे चाहे तो खाने के साथ या बिना खाना के सिर्फ एक ग्लास पानी के साथ सेवन कर सकते हैं, लेकिन इस बीच यह ख्याल रखना चाहिए कि टेबलेट को न तोड़े, न चबाएं। हमारी कोशिश यही रहनी चाहिए कि हम टेबलेट को सीधे पानी के साथ निगल जाएं। वहीं डॉक्टर द्वारा सुझाए गए सभी डोज को नियमित लेना ही हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।
सामान्य तौर पर इस दवा का सेवन करने के एक से दो दिनों में प्रभाव देखने को मिलता है। यदि पूरी तरह से बीमारी से निजात पाना चाहते हैं तो सही यही है कि डॉक्टर के सुझाए गए डोज का पालन कर सही समय पर दवा का सेवन करें।
युनिएंजाइम का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार की बीमारी का उपचार करने के लिए किया जाता है।
पेट फूलना : गैस या पेट फूलने की परेशानी में इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है।
हार्ट बर्न : एसिडिटी के कारण होने वाले हार्ट बर्न में इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है।
थ्रोट स्वेलिंग : सोर थ्रोट और थ्रोट स्वेलिंग जैसी समस्या को ठीक करने के लिए इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है।
स्टमक गैस : पेट में गैस यानि स्टमक गैस की बीमारी से जो लोग ग्रसित होते हैं उन्हें इस दवा के जरिए उपचार किया जाता है।
इस्तेमाल के पहले पढ़ें निर्देश
दवा जब भी खरीदें उसके प्रिकॉशन्स को अच्छे से पढ़ लेना बेहतर होता है। ऐसा करने के बाद आप उसका उचित ढंग से इस्तेमाल कर पाते हैं। यदि आप सिरप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे कैसे खोलना है और सेवन के बाद उसे कैसे रखना है इसकी जानकारी भी होनी चाहिए। यदि किसी मरीज को गाउट (GOUT) , खून में यूरिक की ज्यादा मात्रा और क्रोनिक इलनेस की समस्या हो तो उस स्थिति में भी युनिएंजाइम सिरप की सलाह नहीं दी जाती है।
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इस दवा का सेवन करने से कई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। इनमें कुछ सामान्य हैं तो कुछ बेहद गंभीर हैं। यदि कोई व्यक्ति दवा के सेवन के बाद स्किन इरीटेशन या फिर गेस्ट्रिक अपसेट जैसी शिकायत करता है या फिर समस्या जटिल हो तो डॉक्टरी सलाह लें। वहीं माना जाता है कि यह दवा लिवर व अन्य अंगों को प्रभावित नहीं करती है, लेकिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से एहतियात बरतना चाहिए। युनिएंजाइम इस दवा के साइड इफेक्ट्स निम्न हैं।
युनिएंजाइम का इस्तेमाल करने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि इस दवा का कब और कैसे इस्तेमाल करना है। दवा के इस्तेमाल को लेकर यदि आप सावधान न रहे तो स्वास्थ्य से जुड़े अन्य जोखिम उठाने पड़ सकते हैं। जो निम्न हैं।
ब्लीडिंग डिसऑर्डर : यदि कोई ब्लीडिंग डिसऑर्डर से ग्रसित हो तो डॉक्टरी सलाह के बिना दवा का सेवन नहीं करना चाहिए
एलर्जी : यदि कोई व्यक्ति एलर्जी या फिर हाइपरसेंसिटिविटी से ग्रसित हो उस स्थिति में उसे इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।
प्री ऑपरेटिव केस : यदि कोई व्यक्ति सर्जरी कराने की सोच रहा है तो उस स्थिति में उसे दवा के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है।
प्रेग्नेंसी : यदि कोई महिला गर्भवती है या प्रेग्नेंसी की प्लानिंग कर रही है उस स्थिति में भी डॉक्टर इस दवा के सेवन की सलाह नहीं देते हैं। यदि आप भी इन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं तो डॉक्टरी सलाह लेना बेहद ही जरूरी है।
दवा लेते वक्त बरतें सावधानी
गर्भवती महिलाओं को डॉक्टरी सलाह लिए बिना दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं बिना डॉक्टरी सलाह के ज्यादा मात्रा में दवा का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
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मरीजों को हमेशा यह सलाह दी जाती है कि इलाज कराते वक्त डॉक्टर से कोई भी बात छिपानी नहीं चाहिए। यदि किसी अन्य बीमारी की दवा का सेवन आप करते हैं तो उसकी जानकारी भी डॉक्टर को देनी चाहिए। डॉक्टर निर्णय लेते हैं कि किन परिस्थितियों में यह दवा देनी है या नहीं। इतना ही नहीं यदि कोई व्यक्ति हर्बल प्रोडक्ट का इस्तेमाल करता है या सेवन करता है तो उसके बारे में भी डॉक्टर को सही-सही जानकारी देना चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के दवा का सेवन करना काफी खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसी दवाइयां जिनका इस दवा के साथ सेवन किया जाए तो रिएक्शन हो सकता है वे निम्न हैं।
इस दवा को सामान्य रूम टेंप्रेचर पर स्टोर करना सुरक्षित होगा। कोशिश करें कि इसे सूर्य की रोशनी से और गर्मी से दूर रखें। वहीं बच्चों के साथ घर में यदि पालतू जानवर हैं तो उनसे भी दवा को उनके दूर ही रखा जाए तो बेहतर होगा। कोशिश यही रहनी चाहिए कि इस दवा को 30 डिग्री सेल्सियस के तापमान के नीचे ही रखा जाए।
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाॅक्टरी सलाह लें। ।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
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Current Version
28/06/2020
Satish singh द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Satish singh