अपराजिता एक पौधा है, जिसके फूल काफी सुंदर लगते हैं। इसके फूल दिखने में बिल्कुल गाय के कान की तरह होते हैं, इसलिए इन्हें गोकर्णी भी कहा जाता है। यह नीले या सफेद रंग के हो सकते हैं और नीले रंग में भी इसकी दो प्रजातियां आती हैं। एक एक फूल वाली होती है और दूसरी दो फूल वाली होती है। आयुर्वेद के मुताबिक, अपराजिता कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में सक्षम होता है और यह दिमागी क्षमता को बढ़ाने का भी कार्य करता है। यह पौधा भारत और आसपास के देशों में आसानी से मिल जाता है, जिसका वैज्ञानिक नाम क्लाइटोरिया टर्नेशिया (Clitoria Ternatea) है, जो कि फेबेसी (Fabaceae) फैमिली से ताल्लुक रखता है। इसमें एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-स्ट्रेस, एंटी-डिप्रेसेंट, एंटी-डायबिटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एनेसथेटिक, इंसेक्टीसाइडल गुण होते हैं।

अपराजिता का उपयोग निम्नलिखित स्थिति व स्वास्थ्य समस्याओं में किया जाता है। जैसे-
अपराजिता में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-स्ट्रेस, एंटी-डिप्रेसेंट, एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जिस वजह से जीवाणु, तनाव की समस्या, अवसाद की समस्या, रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में सूजन आदि की वजह से होने वाली खांसी, जुकाम, अस्थमा जैसी समस्याओं में यह हर्बल सप्लीमेंट काफी उपयोगी होता है। इससे बना हुआ काढ़ा गले की खराश आदि कई समस्याओं के निवारण में मदद करता है। इसलिए, उम्र बढ़ने की वजह से लोगों को होने वाली इन समस्याओं के इलाज या बचाव में इस्तेमाल किया जा सकता है।
जैसा कि हमने बताया कि, तनाव और अवसाद के कारण माइग्रेन की समस्या होती है। इसलिए, अपराजिता का इस्तेमाल माइग्रेन की समस्या और उसके लक्षणों से राहत पाने के लिए किया जा सकता है। इस समस्या से राहत पाने के लिए इस जड़ी-बूटी को कान पर भी बांधा जाता है और इसके बीज, जड़ आदि का अलग से भी उपयोग किया जाता है।
अपराजिता में एंटीएमेटिक्स, एंटीडिस्पेप्टिक और माइल्ड लैक्सेटिव गुण होते हैं, जिस वजह से यह पाचन तंत्र के लिए काफी लाभदायक होता है। क्योंकि, इससे पेट की आम समस्याएं, जैसे अपच, उल्टी, कब्ज, पीलिया और बवासीर जैसे रोगों में राहत मिलती है। इसके अलावा, यह पाइलोरस ड्यूडेनम के अल्सर के लिए भी आरामदायक साबित होता है।
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यह हर्बल सप्लीमेंट नर्वस सिस्टम के लिए भी उपयोगी होता है, क्योंकि यह दिमाग को शांत और सहज रखने में मदद करता है। जिससे मानसिक थकान और कमजोरी की समस्या कम होती है।
अपराजिता में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण किसी भी कारण से हो रही सूजन व दर्द में लाभदायक होते हैं। जिस वजह से यह खूनी बवासीर की समस्या में भी रोगी को राहत प्रदान करते हैं। इसका सप्लीमेंट या औषधि के रूप में सेवन या अंग पर इस्तेमाल करने से अर्थराइटिस जैसे रोग की वजह से होने वाले दर्द में भी राहत मिलती है।
किसी भी चीज से चोट या घाव होने पर उसमें सूजन, दर्द व इंफेक्शन होने का खतरा काफी ज्यादा होता है। लेकिन, अपराजिता से बने काढ़े से आप चोट या घाव को धोकर सूजन, दर्द व इंफेक्शन के डर से राहत पा सकते हैं। क्योंकि, इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण न सिर्फ सूजन, दर्द और इंफेक्शन के डर को कम करते हैं, बल्कि उसमें पस होने से भी बचाव करते हैं।
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अपराजिता का उपयोग वैसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन फिर भी किसी भी जड़ी-बूटी के सेवन या इस्तेमाल के दौरान कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। जैसे, अगर आप अस्थमा, किडनी रोग या दिल की बीमारी जैसे किसी क्रॉनिक बीमारी का सामना कर रहे हैं, तो आपको किसी भी हर्बल सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से संपर्क जरूर कर लेना चाहिए। अगर आप किसी एलोपैथिक दवा का सेवन कर रहे हैं, तो पहले उसी का सेवन करें और उसके 30 मिनट बाद ही हर्बल सप्लीमेंट का सेवन करें।
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दवा के रूप में अपराजिता के अतिरिक्त सेवन से आपको डायरिया व उलटी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, अगर आप गर्भवती महिला हैं या बच्चे को स्तनपान करवा रही हैं, तो आपको इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए या पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से चर्चा करके पूरी जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। वहीं, अगर आपको किसी खाद्य पदार्थ या ड्रग से एलर्जी है या फिर आपकी कोई सर्जरी हुई है, तो आपको बिना डॉक्टरी सलाह के इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि, यह खतरनाक साबित हो सकता है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते, इसलिए इनसे मिल सकने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानने के लिए डॉक्टर या हर्बलिस्ट की मदद लें।
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अपराजिता को औषधी के रूप में सेवन या इस्तेमाल करने की सही मात्रा हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकती है। क्योंकि, यह सेक्स, उम्र, स्वास्थ्य जैसे अन्य वजहों पर निर्भर करता है। हमेशा ध्यान रखें कि, किसी भी चीज का अत्यधिक इस्तेमाल या सेवन करने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, अपने लिए इस जड़ी-बूटी की सही खुराक जानने के लिए डॉक्टर या हर्बलिस्ट से संपर्क करें।
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अपराजिता निम्नलिखित रूपों में मार्केट या आपके आसपास मौजूद हो सकती है। जैसे-
हमें उम्मीद है कि, अपराजिता के उपयोग, डोज, साइड इफेक्ट्स आदि के बारे में आपके हर सवाल का जवाब मिल गया होगा। लेकिन, यदि आपको अभी भी कोई शंका या सवाल है, तो डॉक्टर या हर्बलिस्ट से संपर्क करना न भूलें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।
डिस्क्लेमर
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Clitoria ternatea – https://plants.ces.ncsu.edu/plants/clitoria-ternatea/ – Accessed on 8/6/2020
Current Version
18/05/2021
Surender aggarwal द्वारा लिखित
के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. पूजा दाफळ
Updated by: Manjari Khare