जामुन (Jamun) को ब्लैक प्लम और मालाबार प्लम के नाम से भी जाना जाता है। इसका बोटैनिकल नाम Syzygium cumini है। यह Myrtle फैमिली का है। जामुन का प्रयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। इसके बीज, पत्तियां और छाल में भी औषधीय गुण होते हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए इसे वरदान समान माना जाता है।

ब्लैक प्लम को न्यूट्रिशन का पवार हॉउस भी कहते हैं। इसमें विटामिन-ए, विटामिन-सी, कैल्शियम, आयरन, फाइबर, मैग्नेशियम, पोटैशियम, ग्लूकोज, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, प्रोटीन, वाटर, विटामिन-बी 6 के साथ-साथ अन्य आवश्यक न्यूट्रिशन मौजूद होते हैं। इस छोटे से फल में कई खूबियां होती हैं। ब्लैक प्लम दो अलग-अलग तरह के किस्म के होते हैं। जैसे सफेद जामुन (Jamun) और डार्क जामुन (Jamun)।
और पढ़ें: Sweet clover : स्वीट क्लोवर क्या है?
इसका उपयोग निम्नलिखित शारीरिक परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। जैसे-
जामुन एक लो कैलोरी फ्रूट है। ये डायजेशन में भी मदद करता है। पाचन क्रिया के लिए इसे बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसको खाने से पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं। अगर आपको डायजेशन की समस्या है, तो इसका सेवन कर सकते हैं।
जामुन में कई ऐसे कंपाउंड्स होते हैं, जो डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इसके बीज, पत्तियां और छाल को मिलाकर ब्लड शुगर लेवल कम करने के लिए प्रयोग किया जाता है। आयुर्वेद में ब्लैक प्लम को डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। यह स्टार्च को ऊर्जा में परिवर्तित करता है और मधुमेह के लक्षण जैसे बार-बार टॉयलेट जाने की परेशानी भी कम हो सकती है।
लिवर को रखे दुरुस्त (Keep liver healthy)
जामुन के जूसे में फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो लिवर संबंधित परेशानियां और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के होने के खतरे को कम करते हैं।
इसमें एंटी-ऑक्सिडेंट और पोटैशियम होते हैं, जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम कर दिल संबंधित परेशानी होने के खतरे को कम करते हैं। कई शोध में भी इस बात की पुष्टी हो चुकी है कि जामुन दिल को स्वस्थ रखने में मददगार है। इसके नियमित सेवन से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है जिस वजह से हाइपरटेंशन की समस्या कम होती। ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों से बचना स्ट्रोक और कार्डिएक अरेस्ट जैसी परेशानियों को कम करने में सहायक होता है।
दांतों और मसूड़ों से जुड़ी कई समस्याओं के लिए ये बेहद लाभदायक होता है। इसके बीज को पीसकर मंजन करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।
वजन कम करने के लिए यह फल सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। इसके सेवन से बार-बार भूख लगने की परेशानी कम होती है, जिससे वजन नियंत्रित रह सकता है।
ब्लैक प्लम के जूस के नियमित सेवन से स्किन हेल्दी और ग्लो करती है। इससे खून साफ होता है। दरअसल इसमें मौजूद विटामिन-सी त्वचा को हेल्दी रखने में मददगार होता है।
महिलाओं में होने वाली पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) के कारण इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है। आयुर्वेद के अनुसार इसके सेवन से PCOS जैसी परेशानी दूर हो सकती है।
जामुन (Jamun) कई न्यूट्रिएंट्स और विटामिन्स से भरपूर होता है, जो बहुत सारी बीमारियां जैसे कैंसर, डायबिटीज, इंफेक्शन और लिवर संबंधित परेशानियों से लड़ने में मददगार है।
और पढ़ें: Chocolate: चॉकलेट क्या है?
दवाइयों की तुलना में हर्ब्स लेने के लिए नियम ज्यादा सख्त नहीं हैं। बहरहाल यह कितना सुरक्षित है इस बात की जानकारी के लिए अभी और भी रिसर्च की जरूरत है। इस हर्ब को इस्तेमाल करने से पहले इसके रिस्क और फायदे को अच्छी तरह से समझ लें। हो सके तो अपने हर्बल स्पेशलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसे यूज करें।
और पढ़ें: Bay : तेज पत्ता क्या है?
इसके सेवन से निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसे-
इसका सेवन निम्नलिखित तरह से किया जा सकता है। जैसे-
यहां दी हुई जानकारियों का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह के विकल्प के रूप में न करें। डॉक्टर या हर्बलिस्ट की राय के बिना इस दवा का इस्तेमाल नहीं करें।
यह निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है। जैसे-
अगर आप जामुन का सेवन करते हैं और इससे जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है। आप जामुन के बारे में एक्सपर्ट से भी जानकारी ले सकते हैं।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Jambolan/https://hort.purdue.edu/newcrop/morton/jambolan.html/Accessed on 13/01/2020
Effects of jambolan seed treatment on blood sugar, lipids and urea in streptozotocin induced diabetes in rabbits./https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/6885126/Accessed on 13/01/2020
JAMBOLAN/https://krishi.icar.gov.in/jspui/bitstream/123456789/5372/1/Final_revised_Jamun_bulletin_(1).PDF/Accessed on 13/01/2020
JAMBOLAN https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5785399/ Accessed on 13/01/2020
Growabelus/https://www.growables.org/information/TropicalFruit/Jambolan.htm/Accessed on 13/01/2020
Current Version
24/08/2021
Mona narang द्वारा लिखित
Updated by: Bhawana Awasthi