Canola Oil: कैनोला ऑयल क्या है?

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Update Date मई 22, 2020
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परिचय

कैनोला ऑयल क्या है?

कैनोला ऑयल कैनोला के बीजों से प्राप्त किया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम ब्रैसिका नेपस है। बालों से लेकर स्किन के लिए ये तेल बहुत फायदेमंद है। दिल से लेकर कैसर जैसी घातक बीमारियों के लिए भी इसको उपयोगी माना जाता है। इसमें एंटीआक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अगर कुकिंग ऑयल की बात करें तो कैनोला ऑयल अन्य खाना बनाने वाले ऑयल की तुलना में सबसे कम फैट होता है। इसलिए इसका सेवन लाभकारी होता है।

कैनोला ऑयल का उपयोग किस लिए किया जाता है?

इसका उपयोग निम्नलिखित शारीरिक लाभ के लिए किया जाता है। जैसे-

  • कैनोला तेल स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद फायदेमंद होता है क्‍योंकि इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत ही कम होती है और ट्रांस फैट या कोलेस्ट्रोल नहीं के बराबर होता है। यह तेल कोलेस्ट्रोल के लेवल और लो-डेंसिटी लिपिड को घटाने में मदद करता है। इसके अलावा, यह ओमेगा-6 और ओमेगा-3 फैटी एसिड का बहुत ही अच्‍छा सोर्स है।
  • इसलिए यह तेल खाने में इस्तेमाल किया जाता है। कैनोला तेल कोरोनरी बीमारी के खतरों को कम करता है। ओमेगा-6 फैटी एसिड की भरपूर मात्रा होने के कारण लोगों के मस्तिष्क विकास के लिए यह तेल बेहद फायदेमंद है। ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा दिल के दौरे से बचाती है। कुछ रिसर्च के मुताबिक यह तेल खाना पकाने के बजाय शरीर पर इस्तेमाल करना ज्यादा अच्छा होता है क्योंकि यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को इंप्रूव करता है।
  • कैनोला ऑयल में विटामिन ई की अच्छी मात्रा मौजूद होने के कारण यह त्वचा की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है, जैसे की झुर्रियां, मुहांसे आदि। इसका इस्तेमाल स्किन को सुंदर और चमकदार बनाए जाने वाली  क्रीम और लोशन में भी किया जाता है।
  • अस्थमा से पीड़ित मरीजों में बावल डिसऑर्डर के कारण आने वाली सूजन या गठिया रोग से पीड़ित लोगों की सूजन को कम करने के लिए भी इस तेल का इस्तेमाल किया जाता है। 
  • कैनोला तेल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट बॉडी के मेटाबॉलिज्म को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करता है। यह तेल आपके शरीर को सुस्त होने से बचाता है। जिससे हार्ट की एक्टिविटीज पर ज्यादा प्रेशर नहीं आता है और शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में मदद मिलता है। 
  • साथ ही तेल में विटामिन-ई और एंटी-ऑक्सिडेंट की मौजूदगी कैंसर के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।
  • कैनोला तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ब्रेन को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से मुकाबला कर अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करता है।
  • यह तेल बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। बालों का टूटना, रूखापन, डैमेज हेयर आदि समस्याओं के लिए यह कारगर साबित होता है।

कैसे काम करता है कैनोला ऑयल?

कैनोला तेल में प्लांट स्टेरॉल की अच्छी मात्रा होती है। प्लांट स्टेरॉल शरीर में कोलेस्ट्रॉल के एब्सोर्प्शन को रोकता है। इस तरह कोलेस्ट्रोल के लेवल को 10 से 15% तक कम करता है। इसमें मोनो अनसैचुरेटेड फैट की भी मात्रा अच्छी होती है। कैनोला तेल LDL यानी खराब कोलेस्ट्रोल को कम करता है और HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाने में मदद करता है।

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उपयोग

कितना सुरक्षित है कैनोला ऑयल का उपयोग ?

अपने डॉक्टर, फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से राय लें, यदि:

  • आप प्रेग्नेंट हैं या ब्रेस्ट फीडिंग करा रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान गर्भवती मां की इम्यूनिटी काफी कमजोर होती है, ऐसे में किसी भी तरह की दवाई या ऑयल इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।
  • आप पहले से ही दूसरी दवाइयां ले रहे हैं या बिना डॉक्टर के प्रिसक्रीप्शन वाली दवाइयां ले रहे हों।
  • आपको कैनोला ऑयल, दूसरी दवाओं या फिर हर्ब्स से एलर्जी है।
  • आपको कोई दूसरी तरह की बीमारी, डिसऑर्डर या मेडिकल कंडीशन है।
  • आपको किसी तरह की एलर्जी है, जैसे किसी खास तरह के खाने से, डाय से , प्रिजर्वेटिव या फिर जानवर से।

दवाइयों की तुलना में हर्ब्स लेने के लिए नियम ज्यादा सख्त नहीं हैं। बहरहाल यह तेल कितना सुरक्षित है इस बात की जानकारी के लिए अभी और भी रिसर्च की जरूरत है। इस ऑयल को इस्तेमाल करने से पहले इसके रिस्क और फायदे को अच्छी तरह से समझ लें। हो सके तो अपने हर्बल स्पेशलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसे यूज करें।

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साइड इफेक्ट्स

कैनोला ऑयल से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

विशेषज्ञों का कहना है कि कैनोला तेल स्‍वस्‍थ है लेकिन,  इसका अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। हालांकि यह इसकी मात्रा पर निर्भर करता है। अगर आप इसका इस्तेमाल लिमिटेड मात्रा में करते हैं तो इसके कोई साइड इफेक्‍ट नहीं हैं।  

यदि आप साइड इफेक्ट को लेकर चिंतित हैं, तो कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से परामर्श करें।

डोजेज

कैनोला ऑयल को लेने की सही खुराक क्या है?

हर मरीज के लिए कैनोला ऑयल की डोज अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली डोज आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है। जड़ी बूटी हमेशा सुरक्षित नहीं होती हैं। कृपया अपने उचित डोज के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

अगर आप कैनोला ऑयल का प्रयोग नहीं कर पा रहें हैं, तो इसके बदले निम्नलिखित ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे-

सरसों का तेल- सरसों के तेल में विटामिन, मिनरल, कैल्शियम और आयरन जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।

ऑलिव ऑयल- इसमें विटामिन ई ,फोलिक एसिड ,स्क्वेलीन और टेरापेन जैसे फैटी एसिड होने के कारण यह सेहत के लिए लाभकारी होता है।

कोकोनट ऑयल- नारियल का तेल कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित रखने में मददगार होता है। तलने वाले खाद्य पदार्थों के लिए इसका प्रयोग अच्छा माना जाता है।

एवोकैडो- एवोकैडो ऑयल के सेवन से हृदय रोग के खतरे को कम किया जा सकता है, जैसे कि टोटल, LDL और HDL कोलेस्ट्रॉल, साथ ही साथ ब्लड ट्राइग्लिसराइड्स में भी सुधार हो सकता है। एक रिसर्च के अनुसार एवोकैडो या इसका तेल सब्जियों के साथ खाने से शरीर में एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा तेजी से बढ़ती है।

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उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

कैनोला ऑयल निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है। जैसे-

  • वेजिटेबल ऑयल
  • हेयर ऑयल
  • बॉडी ऑयल

अगर आप कैनोला ऑयल से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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