Avocado: एवोकैडो क्या है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 29, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

परिचय

एवोकैडो क्या है?

एवोकैडो एक बहुत गुणकारी फल है। औषधीय गुणों से भरपूर यह फल बहुत स्वादिष्ट भी है। इसके तेल का इ्तेमाल कॉस्मेटिक्स के लिए किया जाता है। कुछ स्टडीज के मुताबिक एवोकैडो कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, लिपिड प्रोफाइल में सुधार लाता है और पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों को कम भी कर सकता है। इसके बीज से पैदा हुए चीजों को खाने से रोडेंट्स में ट्यूमर बनने की संभावना कम होती है।

एवोकैडो का उपयोग किस लिए किया जाता है?

यह हर्बल सप्लीमेंट्री कैसे काम करता है, इस बारे में पर्याप्त अध्ययन नहीं किए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से राय लें।

हार्ट को रखे हेल्दी:

कुछ स्टडीज के अनुसार एवोकैडो और इसका ऑयल हमारे दिल के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फोलिक एसिड होते हैं। कई स्टडीज का कहना है कि एवोकैडो खाने से हृदय रोग के खतरे को कम किया जा सकता है, जैसे कि टोटल, LDL और HDL कोलेस्ट्रॉल, साथ ही साथ ब्लड ट्राइग्लिसराइड्स में भी सुधार हो सकता है। स्टडीज के अनुसार है एवोकैडो या इसका तेल सब्जियों के साथ खाने से शरीर में एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा तेजी से बढ़ती है।

फाइबर से भरपूर:

यह एक फाइबर युक्त फल है, देखा जाए तो दूसरे खाद्य पदार्थों की तुलना इसमें 7% फाइबर ज्यादा होता है, जो बहुत अधिक है। वजन घटाने और मेटाबोलिक हेल्थ के लिए फाइबर बहुत ही लाभकरी होता है।

मोतियाबिंद से कवच प्रदान करे:

एवोकैडो में एंटीऑक्सिडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिनमें ल्यूटिन और जेक्सैंथिन शामिल हैं। ये पोषक तत्व आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं साथ ही मैक्यूलर डिजनरेशन और मोतियाबिंद के खतरे को कम करते हैं।

प्रोस्टेट कैंसर के उपचार के लिए:

आइसोलेटेड सेल्स पे हुए स्टडीज से पता चलता है कि इसमें मौजूद पोषक तत्व, प्रोस्टेट कैंसर को रोकने और कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स को कम करने में काफी मददगार होते हैं।

पुराने ऑस्टियो आर्थराइटिस के दर्द से राहत:

स्टडीज से पता चला है कि एवोकैडो और सोयाबीन के तेलों का अर्क पुराने ऑस्टियोअर्थराइटिस को भी काफी हद तक कम कर सकता है।

पाचन क्रिया बेहतर करेः

एवोकैडो का सेवन पाचन स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें फाइबर और पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने का कार्य करती है। एवोकैडो में फ्रुक्टोज कम होता है, इसलिए इसके सेवन से पेट में गैस की आशंका भी कम होती है।

डायरिया का उपचार करेः

एवोकैडो डायरिया के उपचार के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है। एवोकैडो में मौजूद पोटैशियम खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करता है।

वजन घटाने में मदद करेः

अध्ययनों से पुष्टि की गई है कि एवोकैडो के नियमित सेवन से वजन आसानी से घटाया जा सकता है। इसका सेवन करने वाले अपना वजन और बीएमआई नियंत्रित रख सकते हैं। एवोकैडो मेटाबॉलिक सिंड्रोम के जोखिम को कम कर सकता है। एवोकैडो में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और फाइबर तत्व वजन को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं।

आंखों की रोशनी बढ़ाएः

यह आंखों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। एवोकैडो में ल्यूटिन और जेक्सैथिन जैसे कैरोटीनॉयड की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखता है। रिपोर्ट के अनुसार ल्यूटिन बढ़ती उम्र में आंखों या नजरों से जुड़ी होने वाली समस्याओं से यह बचाव कर सकता है। इसके अलावा, एवोकैडो में विटामिन-ई की भी भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो आंखों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी तत्व होता है।

और पढ़ें: ज्वार क्या है?

कैसे काम करता है एवोकैडो?

ये विटामिन-सी, ई, के और बी6 का अच्छा स्त्रोत है। इसके अलावा इसमें थाइमिन, नियासिन, राइबोफ्लेविन, फोलिक एसिड और जिंक जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर और पोटैशियम पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने और बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। एवोकैडो तेल में विटामिन-बी12 होता है, जो सोरायसिस के इलाज के लिए बेहद प्रभावी है।

उपयोग

कितना सुरक्षित है एवोकैडो का उपयोग?

अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से परामर्श करें, यदि:

  • आप प्रेग्नेंट हैं या ब्रेस्ट फीडिंग करा रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान गर्भवती मां की इम्यूनिटी काफी कमजोर होती है, ऐसे में किसी भी तरह की दवाई लेने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।
  • आप पहले से ही दूसरी दवाइयां ले रहे हैं या बिना डॉक्टर के प्रिसक्रीप्शन वाली दवाइयां ले रही हों।
  • आपको एवोकैडो या दूसरी दवाओं या फिर हर्ब्स से एलर्जी हो।
  • आपको कोई दूसरी तरह की बीमारी, डिसऑर्डर, या मेडिकल कंडीशन है।
  • यदि आपको लेटेक्स, केले, खरबूजे, और आड़ू से एलर्जी हैं तो गुंजाइश है कि आप एवोकाडो के प्रति भी संवेदनशील हो। ऐसी स्थिति में आप एवोकाडो से बने हुए प्रोडक्ट का इस्तेमाल सावधानी के साथ करें।
  • एवोकैडो वारफरीन के एंटीकोगुलेंट इफेक्ट को कम कर सकता है इसलिए जो मरीज वारफरीन ले रहे हैं उन्हें इसके इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

दवाइयों की तुलना में हर्ब्स लेने के लिए नियम ज्यादा सख्त नहीं हैं। बहरहाल यह कितना सुरक्षित है इस बात की जानकारी के लिए अभी और भी रिसर्च की जरूरत है। इस हर्ब को इस्तेमाल करने से पहले इसके रिस्क और फायदे को अच्छी तरह से समझ लें। हो सके तो अपने हर्बल स्पेशलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसे यूज करें।

इसके बीजों या पत्तों की बड़ी मात्रा जहरीली हो सकती है। हांलांकि इसकी विषाक्तता को लेकर पिछले 50 सालों में कुछ ही रिपोर्ट पब्लिश हुए हैं।

और पढ़ें: गुड़हल क्या है?

साइड इफेक्ट्स

एवोकैडो से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

जरूरी नहीं कि इसका इस्तेमाल करने वाले हर लोग इन साइड इफेक्ट्स का अनुभव करें। कुछ साइड इफेक्ट्स हमारी लिस्ट में नहीं भी हो सकते हैं। साइड इफेक्ट्स यदि आप की चिंता का सबब बना हुआ है तो कृपया अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से परामर्श करें।

और पढ़ें: जिनसेंग क्या है?

डोजेज

एवोकैडो को लेने की सही खुराक क्या है ?

  • 300 से 600 mg एवोकैडो ऑयल घुटने के ओस्टियोआर्थराइटिस में रोजाना इस्तेमाल करें।

यहां दी हुई जानकारियों का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह के विकल्प के रूप में ना करें।डॉक्टर या हर्बलिस्ट की राय के बिना इस दवा का इस्तेमाल नहीं करें।

और पढ़ें: चकोतरा क्या है?

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

  • एवोकैडो डायट्री सप्लीमेंट (60 कैप्सूल्स)

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी तरह की मेडिकल सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

संबंधित लेख:

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

क्या पलकें झड़ रही हैं? दोबारा पलकें आना है आसान, अपनाएं टिप्स

पलकों का झड़ना कैसे रोकें, दोबारा पलकें आना कैसे शुरू हो, दोबारा पलकें क्या आ जायेंगे, पलक झड़ने के घरेलू उपाय, eyelashes shed off grow again in Hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
ब्यूटी/ ग्रूमिंग, स्वस्थ जीवन मई 7, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

होंठों पर पिंपल्स का इलाज ढूंढ रहे हैं? तो ये आर्टिकल कर सकता है आपकी मदद

होंठों पर पिंपल्स का इलाज कैसे करें? होंठों पर पिंपल्स का इलाज के लिए कैस्टर ऑयल, lip pimples home remedies in hindi, होंठों पर दाने से छुटकारा...

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
के द्वारा लिखा गया Smrit Singh
ओरल हेल्थ, स्वस्थ जीवन मई 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

माथे की झुर्रियां कैसे करें कम? जानिए इस आर्टिकल में

क्यों होती है माथे की झुर्रियां, क्या कर झुर्रियों को किया जा सकता है कम, क्या है इलाज और झुर्रियां मिटाने के लिए क्या करें व क्या न करें पर रिपोर्ट।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh
ब्यूटी/ ग्रूमिंग, स्वस्थ जीवन अप्रैल 20, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

सनस्क्रीन लोशन क्यों है जरूरी?

जानिए सनस्क्रीन लोशन से जुड़ी जानकारी in hindi. सनस्क्रीन लोशन इस्तेमाल से पहले किन तीन बातों का रखें ख्याल?इसके फायदे क्या-क्या हैं?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr Sharayu Maknikar
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
ब्यूटी/ ग्रूमिंग, स्वस्थ जीवन अप्रैल 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

first bionic eye, बायोनिक आई

रिसर्च का रिजल्ट : वैज्ञानिकों ने पाई सफलता, जन्मजात दृष्टिहीनता को दूर करेगी दुनिया की पहली ‘बायोनिक आई’

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रकाशित हुआ सितम्बर 22, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
बरगद -banyan tree

बरगद के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Banyan Tree (Bargad ka Ped)

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Ankita mishra
प्रकाशित हुआ जून 8, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
मोटापा और ब्लड प्रेशर,obesity and blood pressure

मोटापा और ब्लड प्रेशर के बीच क्या रिश्ता होता है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh
प्रकाशित हुआ मई 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
आंखों पर स्क्रीन का असर

आंखों पर स्क्रीन का असर हाेता है बहुत खतरनाक, हो सकती हैं कई बड़ी बीमारियां

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh
प्रकाशित हुआ मई 8, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें