Asthma: दमा अस्थमा क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

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Update Date जून 1, 2020
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अस्थमा क्या होता है?

दमा अस्थमा एक ऐसी स्थिति है जहां ब्रोंकाइटिस में सूजन के कारण सांस लेने में तकलीफ होती है। सूजन की वजह से मांसपेशियों के बीच से हवा पास होने में  परेशानी होती है और घरघराहट की आवाज आती है। इसके साथ इसमें सांस की तकलीफ, सीने में जकड़न और खांसी भी होती है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है लेकिन, जीवनशैली में कुछ बदलाव करके इस पर काबू जरूर पा सकते हैं।

कितना आम है दमा अस्थमा?

यह बेहद तेजी से फैलने वाली बीमारी है। दुनियाभर के लगभग 300 मिलियन लोग दमा अस्थमा से पीड़ित हैं। यह सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करती है लेकिन, बचपन में इसके संक्रमण की संभावना ज्यादा होती है।

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दमा अस्थमा के सामान्य लक्षण क्या हैं ?

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 डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर ऊपर दिए गए लक्षणों में से आपको कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं क्योंकि बीमारी जितनी पुरानी होगी तकलीफ उतनी ही बढ़ेगी। 

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अस्थमा के कारण क्या हैं?

इसका कोई एक सटीक कारण नहीं है। हालांकि, कुछ ऐसे ट्रिगर हैं जो दमा अस्थमा का कारण बन सकते हैं:

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क्या चीजे हैं जो अस्थमा की संभावना को बढ़ा सकती हैं?

दमा अस्थमा हर उम्र के लोगों पर प्रभाव डालता है लेकिन, बचपन में दमा अस्थमा की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।

दमा अस्थमा के यह कुछ सामान्य कारण हैं;

  • फैमिली हिस्ट्री: अगर आपके परिवार में किसी को दमा अस्थमा है तो आपको अन्य लोगों की तुलना में 6 गुना ज्यादा इसके होने की संभावना होती है।
  • वायरल श्वसन संक्रमण: बचपन और बचपन के दौरान श्वसन संबंधी समस्याएं घरघराहट का कारण बन सकती हैं। कुछ बच्चे जो वायरल श्वसन संक्रमण का अनुभव करते हैं वे आगे चलकर इसका शिकार हो सकते हैं।
  • एलर्जी: एलर्जी होना जैसे कि एक्जिमा या एलर्जिक राइनाइटिस ।
  • धूम्रपान: धूम्रपान करने वालों में इसके होने की संभावना ज्यादा होती है। गर्भावस्था के समय जिनके माता-पिता धूम्रपान करते हों उनके शिशु में दमा अस्थमा होने की संभावना को टाला नहीं जा सकता।
  • मोटापा: मोटे लोगों में दमा अस्थमा होने की संभावना होती है। हालांकि ऐसा क्यों होता है इसका कारण अभी भी साफ नहीं है।

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अस्थमा का निदान कैसे किया जा सकता है?

इसका पता मरीज की मेडिकल हिस्ट्री देखकर या फिर ब्रीथिंग टेस्ट द्वारा लगाया जाता है। इससे पता चलता है कि फेफड़े कितनी अच्छी तरीके से कार्य कर रहे हैं।  डॉक्टर आपकी धड़कन सुनकर और कुछ अन्य लक्षण देखकर पता लगा सकता है कि आपको दमा अस्थमा है या नहीं।

 डॉक्टर कुछ टेस्ट कर सकते हैं जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं;

  • स्पिरोमेट्री: आप कितनी तेजी से और किस तरह सांस लेते हैं यह टेस्ट इसका पता लगाने के लिए होता है।
  • ब्रोंकोप्रोवोकेशन टेस्ट : वायुमार्ग कितना संवेदनशील है यह टेस्ट इसका पता लगाने के लिए होता है।
  • एक टेस्ट यह जानने के लिए किया जाता है कि आपको दमा अस्थमा के जैसी कोई अन्य बीमारी तो नहीं ।
  • एक सीने का एक्स-रे या एक ईकेजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम): यह टेस्ट ये जानने के लिए होता है कि आपके दमा अस्थमा का कारण कोई बाहरी तत्व तो नहीं ।

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दमा अस्थमा का इलाज कैसे करें?

वर्तमान में, इसका कोई उपचार नहीं है लेकिन, दवाओं का सेवन करके और अपनी जीवनशैली में बदलाव करके दमा अस्थमा को काबू में किया जा सकता है।

मेडिकेशन

आमतौर पर ली जाने वाली कुछ दवाओं का उपयोग किया जाता है और कुछ दवाओं को सांस के द्वारा लिया जाता है जैसे कि, टिको स्टेरॉइड्स (फ्लाइक्टासोन (फ्लोवेट डिस्कस, फ्लोवेंट एचएफए)), बुडेसोनाइड (पल्मिकॉर्ट फ्लेक्सहेलर), मेमेटासोन (असेंमेक्स), कोलिसोनाइड (अल्वेसको), फ्लुनिसोलाइड (एरोबिड), एस्लेलोमीथासोन (क्वावर) शामिल हैं। ल्यूकोट्रिअन मॉडिफायर्स दवाएं हैं जिनमें मोंटेलुकास्ट (सिंगुलैर), जाफिरुकास्ट (एकोलेट) और जाइलुटोन (जीफ्लो, जेफ्लो सीआर) शामिल हैं।

कुछ दवाएं हैं जिनका उपयोग त्वरित-राहत के लिए किया जाता है।इनमें शामिल हैं: बीटा-एगोनिस्ट। इन ब्रोन्कोडायलेटर दवाओं में अल्ब्युटेरोल (प्रोएयर एचएफए, वेंटोलिन एचएफए, अन्य), लेवलब्युटेरोल (एक्सोपेनेक्स एचएफए) और पायरब्यूटेरोल (मैक्सेयर ऑटोहेलर) इत्यादि शामिल हैं।

इनहेलर

इनहेलर में कॉर्टिकोस्टेरॉइड प्लस जो कि एक बीटा-एगोनिस्ट (LABA) होता है। LABAs बीमारी के लक्षणों को काबू में लाते हैं और वायुमार्ग को खोलने में सहायक होते हैं।

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जीवनशैली बदलाव और घरेलू उपाय

  • यदि आप गर्भवती हैं, तो कई बार आप दवाइयों को लेने में संकोच कर सकती हैं लेकिन, यह आपके स्वास्थ्य और शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है।
  • उन चीजों से परहेज करें जो दमा अस्थमा की स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ सकती हैं ।
  • अपनी दवा को समय पर लें ।
  • आप कब क्या मेडिकेशन लेते हैं इसका शेड्यूल बनाएं।
  • आप लहसुन का उपयोग कर सकते हैं, जो दमा अस्थमा के लक्षणों से तुरंत राहत दिलाता है। दमा अस्थमा के लिए लहसुन लेने का एक तरीका यह है कि इसकी 10-12 कलियों को आधा कप पानी में उबालें और इसे दिन में एक बार पिएं। लहसुन में काफी मात्रा में एंटी इंफ्लमेटरी गुण होते हैं जो दमा अस्थमा से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं, क्योंकि दमा अस्थमा एक इंफ्लमेटरी डिसीज है।
  • अदरक सुपरफूड दमा अस्थमा के खिलाफ लड़ाई में बेहद कुशल है। सभी प्रकार की श्वसन स्थितियों के उपचार के लिए आप इसे सूखे, कच्चे और ताजे रूप में उपयोग कर सकते हैं। इसमें एंटी-ऑक्सिडेंट और दर्द को दूर करने वाले गुण होते हैं।

इस आर्टिकल में हमने आपको दमा अस्थमा से संबंधित जरूरी बातों को बताने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस बीमारी से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब जानना है, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे। अपना ध्यान रखिए और स्वस्थ रहिए।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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