Magnesium: मैग्नीशियम क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

परिचय

मैग्नीशियम क्या है?

मैग्नीशियम एक मिनिरल है जो हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। ये हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है। आमतौर पर लोगों को मैग्नीशियम उनकी डायट से प्राप्त होता है लेकिन, कई बार जब शरीर में इसकी बहुत कम मात्रा हो तब इसके सप्लिमेंट लेने की सलाह दी जाती है। शरीर में मैग्नीशियम की कम मात्रा होने से कई बीमारियां जैसे ऑस्टियोपोरोसिस, हाई ब्लड प्रेशर, क्लोज्ड आर्टरी, दिल संबंधित परेशानियां, मधुमेह और स्ट्रोक की चपेट में आने का खतरा रहता है।

मैग्नीशियम का उपयोग किस लिए किया जाता है?

पेट संबंधित परेशानियों के लिए:

मैग्नीशियम की कमी से बचने के लिए लोग मैग्नीशियम को टैबलेट के रूप में लेते हैं। इसका इस्तेमाल सर्जरी के दौरान कब्ज दूर करने के लिए भी किया जाता है। इसका प्रयोग पेट संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए भी किया जाता है।

दिल संबंधित दिक्कतों के लिए:

दिल संबंधित परेशानियां जैसे सीने में दर्द, दिल की धड़कन का अनियमित होना, हाई ब्लड प्रेशर, क्लोजड आर्टरिज, स्ट्रोक, हार्ट अटैक आदि के इलाज के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। 

एनर्जी बढ़ाने में है मदददगार: 

एनर्जी को बढ़ाने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है। कई बार एथलीट एनर्जी और एंडयोरेंस बढ़ाने के लिए मैग्नीशियम का उपयोग करते हैं। हालांकि नॉन एथलीट अगर इसका सेवन करते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए। 

स्किन संबंधित परेशानियों को करता है दूर:

कुछ लोग इसे स्किन संबंधित परेशानियां जैसे स्किन अल्सर, फोड़े, घाव को जल्दी भरने के लिए इसे त्वचा पर लगाते हैं। इसका उपयोग स्ट्रेप बैक्टीरिया (एरिसेपेलस) के कारण होने वाले एक गंभीर त्वचा संक्रमण के उपचार में भी किया जाता है।

और पढ़ें – Folvite 5 mg Tablet : फोल्विट 5 एमजी टैबलेट क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

डायबिटीज रहता है कंट्रोल:

रिसर्च के अनुसार हाई मैग्नेशियम डायट टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करने में मददगार होता है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि इसके सेवन से ग्लूकोज नियंत्रण रहता है और इंसुलिन चयापचय में सहायक होता है, जिससे डायबिटीज पेशेंट को आराम रहता है। 

माइग्रेन की परेशानी होती है दूर:

मैग्नेशियम थेरिपी की मदद से सिरदर्द खासकर माइग्रेन की समस्या भी ठीक हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मैग्नेशियम की कमी ब्लड वेसेल्स का आपस में दवाब बढ़ जाता है, जिस कारण माइग्रेन की समस्या शुरू हो सकती है। इसलिए अपने आहार में इसे जरूर शामिल करें।

इसकी कमी से एंग्जाइटी हो सकती है:

शरीर में इसकी कमी डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी अन्य शारीरिक परेशानी शुरू करने के लिए काफी है। बदलती लाइफस्टाइल में किसी न किसी तरह की चिंता में सब उलझे हुए हैं। ऐसे में अपने आपको स्वस्थ रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसलिए डिप्रेशन और एंग्जाइटी जैसी परेशानी से बचने के लिए इसका विशेष ख्याल रखना चाहिए।

इन परेशानियों के इलाज में भी किया जाता है इसका प्रयोग:

ऊपर बताये गये परेशानियों में इसका प्रयोग किया जाता है लेकन, बिना डॉक्टर से समझे हुए इसका खुद से प्रयोग नहीं करना चाहिए।

कैसे काम करता है मैग्नीशियम?

हड्डियों के अच्छे विकास के लिए मैग्नीशियम बेहद जरूरी होता है। शरीर में मौजूद आधे से ज्यादा मैग्नीशियम हड्डियों में पाया जाता है और बाकी शरीर में होने वाली जैविक क्रियाओं में भूमिका निभाता है। ये मांसपेशियों, नसों और शरीर के कई अन्य हिस्सों के उचित कार्य के लिए भी आवश्यक है। ये पेट में बनने वाले एसिड को दूर करने के साथ पाचन तंत्र को तंदरुस्त रखता है।

और पढ़ें – Nicip Cold & Flu Tablet : निसिप कोल्ड एंड फ्लू टैबलेट क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

उपयोग

कितना सुरक्षित है मैग्नीशियम का उपयोग?

मैग्ननिशियम का इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल पर लिखे निर्देशों को अच्छी तरह से पढ़ें और अपने डॉक्टर से इसके इस्तेमाल करने का तरीका पूछें। इसके फायदों के साथ-साथ इससे होने वाली हानियों के बारे में जानें। कई लोगों के लिए इसका उपयोग जोखिम भरा हो सकता है। निम्नलिखित स्थितियों में इसका सेवन नहीं करना चाहिए:

  • अगर आपको मैग्नीशियम या अन्य दवाओं या किसी जड़ी बूटी के किसी भी पदार्थ से एलर्जी है।
  • अगर किसी तरह के घरेलू नुस्खें या बिना डॉक्टर की देख-रेख में काउंटर पर मिलने वाली दवाइयों का सेवन कर रहें तो अपने डॉक्टर से इसकी जानकारी साझा करें।
  • अगर आपको हार्ट, किडनी, लीवर, ब्लड प्रेशर या कोई बीमारी है तो इसके बारे में डॉक्टर को जानकारी दें।
  • अगर आप प्रेग्नेंट हैं या प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं या छोटे शिशुओं को स्तनपान करवा रही हैं तो इसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर दें। इसके अलावा, अगर आप मैग्नीशियम की खुराक लेते समय गर्भवती हो जाती हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं।
  • अगर आप मसल्स के लिए कोई दवा खा रहे हैं तो इसके साथ भी इसका सेवन करना सही नहीं होगा।
  • अगर आप वॉटर पिल्स लें रहे हैं तो भी इसका सेवन न करें, क्योंकि वॉटर पिल्स शरीर में मैग्निशियम की मात्रा को बढ़ाते हैं। दोनों को एक साथ लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है।

और पढ़ें – Magnesium Oxide : मैग्नीशियम ऑक्साइड क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

साइड इफेक्ट्स

मैग्नीशियम से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

कुछ लोगों में मैग्ननिशियम लेने से पेट में खराबी, उल्टी, डायरिया की शिकायत हो सकती है।ज्यादा मात्रा में मैग्ननिशियम को लेने से शरीर में इसकी मात्रा अधिक हो जाएगी जो नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे अनियमित दिल की धड़कन , लो ब्लड प्रेशर, कंफ्यूजन, धीरे सांस लेना, कोमा और मृत्यु हो सकती है।

जरूरी नहीं सभी में ऊपर बताएं साइडइफेक्ट्स देखने को मिले। साइड इफेक्ट्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप किसी हर्बलिस्ट या चिकित्सक से परामर्श करें।

और पढ़ें – Meganeuron : मेगान्यूरॉन क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

डोसेज

मैग्नीशियम को लेने की सही खुराक क्या है?

इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

और पढ़ें – Livogen XT tablet : लिवोजेन एक्सटी टैबलेट क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

यह एनकैप्सुलेटेड मैग्नीशियम के रूप में उपलब्ध है। 

अगर आप मैग्नीशियम से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

क्या है इंसुलिन पंप, डायबिटीज से इसका क्या है संबंध, और इसे कैसे करना चाहिए इस्तेमाल?

इंसुलिन पंप का डायबिटीज के मरीज क्यों करते हैं इस्तेमाल, इसके क्या क्या हैं फायदे, इसके दुष्परिणामों जानने के साथ कैसे करें खरीदारी।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
हेल्थ सेंटर्स, डायबिटीज जुलाई 15, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें

जानें क्या है डायबिटिक न्यूरोपैथी, आखिर क्यों होती है यह बीमारी?

डायबिटिक न्यूरोपैथी के कितने प्रकार हैं, इसके लक्षण, बचाव और कारणों को जानें। डायबिटीज के मरीज किन बातों का रखें ख्याल जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
हेल्थ सेंटर्स, डायबिटीज जुलाई 9, 2020 . 8 मिनट में पढ़ें

पर्पल नट सेज के फायदे एवं नुकसान: Health Benefits of purple nut sedge

पर्पल नट सेज की जानकारी, फायदे, पर्पल नट सेज के उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कितना लें, Purple nut sedge डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स। purple nut sedge in Hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल जुलाई 6, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

खरबूज के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Muskmelon (Kharbuja)

जानिए खरबूज खाने के फायदे और नुकसान, खरबूज के औषधीय गुण, Muskmelon खाने के साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं, Muskmelon कब खाएं, Kharbuja क्या है।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Ankita Mishra
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल जून 22, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

सुप्रसाल टैबलेट

Supracal Tablet : सुप्रसाल टैबलेट क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ जुलाई 30, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
डायबिटिक फूड लिस्ट

डायबिटिक फूड लिस्ट के तहत डायबिटीज से ग्रसित मरीज कौन सी डाइट करें फॉलो तो किसे कहे ना, जानें

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Hemakshi J
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
प्रकाशित हुआ जुलाई 28, 2020 . 8 मिनट में पढ़ें
डायबिटीज पैचेस

डायबिटीज पैचेस : ये क्या है और किस प्रकार करता है काम?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish Singh
प्रकाशित हुआ जुलाई 23, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
Istamet Tablet इस्टामेट टैबलेट

Istamet Tablet : इस्टामेट टैबलेट क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ जुलाई 16, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें