Poppy Seed : खसखस के बीज क्या है?

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Update Date मई 20, 2020
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परिचय

खसखस के बीज (Poppy Seeds) क्या हैं?

खसखस एक औषधी पौधा होता है, जिसके बीज का इस्तेमाल कई तरह के स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए किया जाता है। खसखस के बीज (Poppy Seeds) का इस्तेमाल आमतौर पर लोग अस्थमा, कब्ज, खांसी, संक्रमण के कारण होने वाले दस्त, नींद न आने और वेसिकोएनेटिक फिस्टुला नामक स्थिति का निदान करने के लिए करते हैं। इसके बीज से केक, पेस्ट्री और दलिया बना कर उसका सेवन किया जाता है। इसके अलावा इसके बीजों से तेल भी बनाया जाता है। इसका इस्तेमाल साबुन बनानें के लिए भी किया जाता है।

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इसके इस्तेमाल किसलिए किया जाता है?

इसके बीज खसखस के पेड़ से मिलते हैं और ये सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक हैं। इसके बीज का इस्तेमाल निम्नलिखित बीमारियों में किया जाता है

खसखस में बीज का इस्तेमाल वेसिकोइंटेरिक फिस्टुला (vesicoenteric fistula) में भी किया जाता है। इन बीजों का इस्तेमाल केक, पेस्ट्री, फिलिंग (filling), ग्लेज (glaze) या खिचड़ी या दलिया बनाने में भी किया जाता है। इसके अलावा इस बीज के तेल को साबुन, पेंट और वार्निश बनाने में इस्तेमाल करते हैं।

खसखस के बीज कैसे काम करते हैं?

ये बीज शरीर मे कैसे काम करता है इस बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर या हर्बल विशेषज्ञ से संपर्क करें। हालांकि कुछ शोध के अनुसार खसखस का बीज कैंसर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है।

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उपयोग

खसखस के बीज के इस्तेमाल से पहले मुझे क्या जानकारी होनी चाहिए?

खसखस के बीज का इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर या फार्मासिस्ट या फिर हर्बल विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए, यदि

  • आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप बच्चे को फीडिंग कराती हैं तो अपने डॉक्टर के मुताबिक़ ही आपको दवाओं का सेवन करना चाहिए।
  • आप कोई दूसरी दवा लेते हैं जोकि बिना डॉक्टर के प्रेस्क्रिप्सन के आसानी से मिल जाते हैं।
  • अगर आपको खसखस के बीज और उसके दूसरे पदार्थों से या फिर किसी और दूसरे हर्ब्स (HERBS) से एलर्जी हो।
  • आप पहले से किसी तरह की बीमारी आदि से ग्रसित हैं।
  • आपको पहले से ही किसी तरह एलर्जी हो जैसे खाने पीने वाली चीजों से, या डाइज से या किसी जानवर आदि से।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

खसखस के बीज का सेवन कितना सुरक्षित है?

ज्यादातर वयस्क अगर खाद्य पदार्थों के रुप में मौजूद खसखस का सेवन करते हैं तो इसका इस्तेमाल करना सुरक्षित है।

दवा के रूप में खसखस का बीज का इस्तेमाल करना भी संभवतः सुरक्षित होता है। किसी भी पेय पदार्थों या दही में 35 से 250 ग्राम खसखस का बीज मिलाकर पीना सुरक्षित होता है।

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इसके इस्तेमाल से पहले मुझे क्या जानकारी होनी चाहिए?

इस पौधे के बीज का इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर या फार्मासिस्ट या फिर हर्बल विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए, यदि 

  • आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप बच्चे को फीडिंग कराती हैं तो अपने डॉक्टर के मुताबिक़ ही आपको दवाओं का सेवन करना चाहिए।
  • आप कोई दूसरी दवा लेते हैं जोकि बिना डॉक्टर के प्रेस्क्रिप्सन के आसानी से मिल जाते हैं।
  • अगर आपको खसखस के बीज और उसके दूसरे पदार्थों से या फिर किसी और दूसरे हर्ब्स (HERBS) से एलर्जी हो।
  • आप पहले से किसी तरह की बीमारी आदि से ग्रसित हैं।
  • आपको पहले से ही किसी तरह एलर्जी हो जैसे खाने पीने वाली चीजों से, या डाइज से या किसी जानवर आदि से। 

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

खसखस के बीज के साइड इफेक्ट

इसके सेवन से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

इस पौधे के बीज का सेवन करने से कुछ लोगों में एलर्जी हो सकती है। इस पौधे के बीज के सेवन से होने वाले साइड इफेक्ट्स इस प्रकार हैं, उल्टी, मुंह के अंदर सूजन, हीव्स, आंखों में सूजन, कंजक्टिवाइटिस (conjunctivitis), सांस लेने में दिक्कत होना। खसखस के बीज को सूंघने से एलर्जी की समस्या जैसे त्वचा का लाल होना और त्वचा के अंदर सूजन हो सकता है।

हालांकि हर किसी को ये साइड इफ़ेक्ट हों ऐसा ज़रुरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफ़ेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नज़दीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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खसखस के बीज से जुड़े परस्पर प्रभाव

इस बीज का सेवन करने से अन्य किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

इस बीज के इस्तेमाल से आपकी बीमारी या आप जो वतर्मान में दवाइयां खा रहे हैं उनके असर पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर से इस विषय पर बात करें।

खसखस के बीज की खुराक

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।

आमतौर पर कितनी मात्रा में इस बीज का सेवन करना चाहिए?

वैज्ञानिक शोध के आधार पर निम्नलिखित खुराक निर्धारित की गई है।

खाने के रुप में (Oral Route)

वेसिकोइंटेरिक फिस्टुला (vesicoenteric fistula) के डायग्नोसिस के लिए:

इस स्थिति में ड्रिंक या दही के साथ 35 से 250 ग्राम खसखस का बीज मिलाकर पियें। इसके 48 घन्टे बाद यूरिन को मॉनिटर करें।

इस बीज की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

खसखस का बीज किन रूपों में उपलब्ध है?

इस बीज के निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है

  • कच्चा खसखस का बीज
  • खसखस के बीज का लिक्विड एक्सट्रैक्ट
  • खसखस के बीज का कैप्सूल
हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।
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