Tea Tree Oil: टी-ट्री ऑयल क्या है?

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Update Date जनवरी 9, 2020
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परिचय

टी-ट्री ऑयल (Tea Tree Oil) क्या होता है?

टी-ट्री ऑयल (Tea Tree Oil) को टी-ट्री (Tea Tree) की पत्तियों से निकाला जाता है। इस पेड़ का बोटेनिकल नाम मेलेलुका अल्टरनिफोलिया (Melaleuca alternifolia) है जो कि Myrtaceae प्रजाति का है। यह मुख्यतः ऑस्ट्रेलियाई तटों पर पाया जाता है। इसा ऑयल त्वचा के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। यह मुंहासे, दाद, खुजली जैसी त्वचा संबंधित समस्याओं में काफी लाभदायक होता है।

पिछले कुछ वर्षों में इसका ऑयल पूरे विश्व में काफी इस्तेमाल किया जाने लगा है। वर्तमान में यह एसेंशसियल ऑयल कॉस्मेटिक, टॉपिकल मेडिसिन और दूसरे घरेलू उत्पादों में काफी इस्तेमाल किया जाने लगा है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं।

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उपयोग

टी-ट्री ऑयल किस लिए इस्तेमाल किया जाता है?

ये तेल नीचे दी हुई मेडिकल कंडिशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जैसे:

मूत्राशय में संक्रमणः मूत्राशय में संक्रमण यानी ब्लैडर में इंफेक्शन के उपचार में टी ट्री काफी लाभकारी होता है। आमतौर पर मूत्राशय में बैक्टीरियल इंफेक्शन होने के कारण मूत्राशय में इंफेक्शन की समस्या होती है। इसके अलावा कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण भी इसकी समस्या हो सकती है। ऐसे में इसके उपचार के लिए इसका इस्तेमाल करना लाभकारी होता है। इसके तेल में एंटीबायोटिक और एंटीमाइक्रोबियल के गुण होते जाते हैं जो ब्लैडर इंफेक्शन के उपचार में कारगर होता है।

  • मुंहासे
  • नाखून में फंगल इंफेक्शन
  • सिर में जूं हो जाना
  • खुजली
  • दाद
  • जलने कटने या घाव के लिए घरेलू एंटीसेप्टिक के रूप में
  • कीड़े के काटने या डंक मारने पर
  • फोड़े होने पर
  • दाद लैबियालिस
  • दांतो में दर्द
  • पैरों पर दाद
  • नाक या मुंह का इंफेक्शन
  • गले में खराश
  • कान का इंफेक्शन

कैसे काम करता है टी-ट्री ऑयल?

कुछ लोग इसका इस्तेमाल नहाने के पानी में, खांसी, ब्रोंकियल कंजेशन और फेफड़े की सूजन के इलाज के लिए करते हैं।

दूसरी कई चीजों में में भी यह ऑयल उपयोग किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट से सलाह लें।

मुंहासों के लिए- इसकाऑयल जेल को सीधा मुंहासों पर लगाने से 45 दिनों में असर दिखने लगता है। साथ ही इसके इस्तेमाल से मुंहासे नहीं बढ़ते हैं और त्वचा भी साफ होती है।

नाखूनों के फंगस संक्रमण के लिए (onychomycosis)- टी-ट्री ऑयल को सीधा संक्रमण वाली जगह पर इस्तेमाल करने से नाखून दिखने में भी अच्छे लगते हैं और संक्रमण भी दूर होता है। टी-ट्री ऑयल को इस्तेमाल करने वाले करीब 56% लोगों को 3 महीने के बाद ही सुधार दिखने लगता है और करीब 60% लोगों को 6 महीने के बाद सुधार दिखता है।

एथलीट फुट (tinea pedis) के लिए- टी-ट्री ऑयल क्रीम का इस्तेमाल करने से एथलीट फुट के कई लक्षण जैसे खुजली, जलन, स्केलिंग और सूजन में आराम मिलता है। इसका करीब चार हफ्तों तक इस्तेमाल करना पड़ता है।

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सावधानियां और चेतावनी

टी-ट्री ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

अपने डॉक्टर या फार्मसिस्ट या हर्बलिस्ट से सलाह लें, अगर :

  • आप प्रेग्नेंट हैं या प्रेग्नेंसी प्लान करने का सोच रही हैं या फिर बच्चे को स्तनपान कराती हैं, तो इस दौरान आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए। क्योंकि, इस अवस्था में आपको डॉक्टर की बताई दवाओं का ही सेवन करना चाहिए।
  • आपको सभी दवाओं के बारे में बताना चाहिए, जो आप डॉक्टरी सलाह या बिना किसी सलाह के सेवन कर रही हैं।
  • आपको टी-ट्री ऑयल, दवा या किसी अन्य जुड़ी-बूटी से कोई एलर्जी तो नहीं।
  • आपको किसी दूसरी चीजों से एलर्जी तो नहीं, जैसे, खाने, रंग, खाने को सुरक्षित रखने वाले पदार्थ या जानवरों से।

किसी भी हर्बल सप्लिमेंट का इस्तेमाल करने के नियम उतने ही सख्त होते हैं, जितने कि अंग्रेजी दवा के। सुरक्षा के लिहाज से, अभी इसमें और अध्ययन की जरूरत है। इस ऑयल से होने वाले फायदे से पहले आपको इसके खतरों को भी जानना चाहिए। ज्यादा जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट से बात करें।

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टी-ट्री ऑयल कितना सुरक्षित है?

त्वचा पर टी-ट्री ऑयल का इस्तेमाल सामान्यतः सुरक्षित होता है, लेकिन, कई बार ये सूजन और परेशानी का कारण भी बन सकता है।

बच्चे: आमतौर पर ये तेल बच्चों के लिए सुरक्षित है, लेकिन टी-ट्री ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।

गर्भावस्था और स्तनपान:

स्किन या त्वचा पर इस्तेमाल के दौरान यह सुरक्षित है। लेकिन, अगर आप खाद्य पदार्थ के रूप में इसका सेवन करते हैं, तो ये असुरक्षित हो सकता है।

टी-ट्री ऑयल के साइड इफेक्ट

टी-ट्री ऑयल से मुझे किस तरह के नुकसान हो सकते हैं?

टी-ट्री ऑयल निम्नलिखित समस्याएं पैदा कर सकता हैः

  • त्वचा की जलन
  • सूजन
  • त्वचा में सूखापन
  • खुजली
  • चुभन
  • जलन
  • त्वचा लाल पड़ना
  • लड़कों में गाइनेकोमास्टिया (असामान्य स्तन वृद्धि)
  • उलझन
  • चलने में दिक्कत
  • अस्थिरता
  • लाल चकत्ते
  • कोमा

जरूरी नहीं कि दिए गए साइड इफेक्ट का ही आपको सामना करना पड़े। ये दूसरे प्रकार के भी हो सकते हैं, जिन्हें शामिल नहीं किया गया है। अगर आपको टी-ट्री ऑयल के साइड इफेक्ट को लेकर कोई शंका है, तो अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से बात करें।

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डोसेज/ मात्रा

टी-ट्री ऑयल को कैसे इस्तेमाल करें?

वयस्कों के लिए निर्धारित मात्रा (18 वर्ष या उससे अधिक) :

नाखून में फंगस के लिए (onychomycosis)

छह महीने तक रोजाना दिन में दो बार 100 प्रतिशत टी-ट्री ऑयल लगाया जा सकता है।

एथलीट फूट के लिए

एक महीने के लिए रोजाना दिन में दो बार 25 या 50 प्रतिशत टी-ट्री ऑयल लगाया जा सकता है। इसके अलावा, 10 प्रतिशत टी-ट्री ऑयल की क्रीम का भी उपयोग किया जा सकता है।

मुंहासों के लिए :

5 प्रतिशत टी-ट्री ऑयल जेल रोजाना मुंहासों पर लगाया जा सकता है।

बच्चों के लिए :

आंखों के इंफेक्शन होने पर :

50 प्रतिशत टी-ट्री ऑयल से आईलिड पर स्क्रब या पांच प्रतिशत टी-ट्री ऑयल ऑइंटमेंट से आईलिड मसाज की जा सकती है।

त्वचा संक्रमण के लिए:

टी-ट्री ऑयल की चार माइक्रोलिटर ड्रॉप प्लस आयोडीन के साथ रोजाना दो बार एक महीने के लिए घाव पर लगाएं।

वायरल वार्ट्स/मस्सा

12 दिन तक रोजाना एक बार टी-ट्री ऑयल लगाएं।

इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है।

हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। कृपया अपनी उचित खुराक के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से बात करें।

उपलब्ध

टी-ट्री ऑयल किस रूप में आता है?

  • साबुन, शैंपू, और टूथपेस्ट
  • दर्द निवारक तेल
  • सॉल्युशन या घोल
  • जैल

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

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