दांतों में कैविटी होना आजकल काफी आम बात हो गई है। जब दांतों की कठोर सतह में छोटे छेद होते हैं, तो उसे कैविटी कहा जाता है। ये दांतों की सतह पर बैक्टीरिया के कारण होती हैं, जो चीनी से एसिड बनाते हैं। यही बैक्टीरिया एक चिपचिपा पदार्थ बनाते हैं जिसे के रूप में जाना जाता है। प्लाक में मौजूद एसिड आपके दंतवल्क से खनिजों को हटाते हैं। आपके दांतों की एक कोटिंग जो कैल्शियम और फॉस्फेट से बनी होती है। यह क्षरण दंतवल्क में छोटे छेद का कारण बनता है। एक बार एसिड दंतवल्क के नीचे दांत की परत में फैल जाता है, तो कैविटी बनती है।
एक बार दांतों में कैविटी हो जाने पर आप घर पर ही इसका इलाज नहीं कर सकते। इसके लिए आपको डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। लेकिन, कैविटी न हो, उसके लिए आप नीचे बताई गई चीजों को ध्यान में रखने की जरूरत होती है।
एक अध्ययन स्रोत से आधारित हैं, जिसमें बताया गया है कि आहार में विटामिन-डी की कमी के कारण कैविटीज होती हैं। इस अध्ययन में, जिन बच्चों ने अपने आहार में विटामिन-डी को जोड़ा है, उन्हें कैविटीज में कमी दिखाई दी।
किन कारणों से दांतों में कैविटी हो सकती है?
- मुंह सूखना या ऐसी चिकित्सकीय स्थिति होना, जिससे मुंह में लार की मात्रा कम हो।
- ऐसे खाद्य पदार्थ खाने से, जो दांतों से चिपक जाते हैं, जैसे कैंडी और चिपचिपे खाद्य पदार्थ।
- सोडा, अनाज और आइसक्रीम जैसे चीनी से बने खाद्य पदार्थ।
- पेट में जलन (एसिड के कारण)।
- दांतों की सफाई ठीक से न होना।
हाउ टू हील कैविटीज किताब के लेखक जॉय लोट के अनुसार, “आपके दांतों और मसूड़ों को ठीक करने और कैविटीज को दूर करने के लिए प्राकृतिक तरीके हैं, जो दैनिक ब्रश और फ्लॉसिंग में शामिल नहीं होते हैं। वास्तव में, दांतों की देखभाल के ये मानक तरीके आपके दंत स्वास्थ्य के लिए उतने कारगर नहीं होते, जितना हमें लगता है। गुहाओं की मरम्मत, ढीले दांतों को कसने और प्राकृतिक रूप से कैविटी फ्री दांतों के लिए नया फॉर्मूला खोजें। पता लगाएं कि कौन-से पूरक कैविटी को दूर करने में वास्तव में काम करते हैं। मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल स्वास्थ्य आपके दांतों से कैविटीज को दूर करने और उन्हें भरने के साथ ही पुनर्जीवित करने की आपकी क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।’
दांतों में कैविटी से बचने के लिए क्या करें?
नीचे बताई गई बातों को ध्यान में रखकर आप दांतों में कैविटी होने से बचाव कर सकते हैं :
शुगर-फ्री गम का इस्तेमाल करें (Use Sugar free gum)
भोजन के बाद चीनी मुक्त गम चबाना दंतवल्क (Enamel) के लिए अच्छा होता है। जाइलिटोल युक्त च्यूइंगम को लार का प्रवाह तेज करता है। इसके साथ ही ये पट्टिका के पीएच को बढ़ाने और एस म्यूटन्स को कम करने की क्षमता रखता है। हालांकि, अभी इस बात में और अध्ययन की जरूरत है। शुगर-फ्री, गम जिसमें कैसिइन फॉस्फो पेप्टाइड कैल्शियम फॉस्फेट (CPP-ACP) नामक यौगिक होता है। कैविटीज से बचने के लिए आप इसका सेवन आप कर सकते हैं। आप दुकानों में इस प्रकार के च्यूइंगम खरीद सकते हैं।
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आपके द्वारा खाए गए भोजन से कैल्शियम और फॉस्फेट को अवशोषित करने में मदद करने के लिए विटामिन-डी महत्वपूर्ण है। आप दूध और दही, अंडों जैसे उत्पादों से विटामिन-डी प्राप्त कर सकते हैं। आप धूप से विटामिन-डी भी प्राप्त कर सकते हैं। यह भी आपको कैविटी से दूर रखने में मदद करेंगे। 2013 के रिव्यू में भी ये बात सामने आई है कि विटामिन-डी दांतों में कैविटी होने से बचाव करता है।
फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें (Brush with fluoride toothpaste)
कैविटीज को रोकने और दंतवल्क को फिर से भरने में फ्लोराइड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित रूप से फ्लोराइड टूथपेस्ट से दांतों को ब्रश करना कैविटीज को रोकता है।
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शक्करयुक्त खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं (Cut out sugary foods)
यह वो उपाय है, जो कोई भी सुनना पसंद नहीं करता। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के ट्रस्टेड सोर्स का कहना है कि चीनी खाना कैविटीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। कुल कैलोरी में 10 प्रतिशत से ज्यादा चीनी नहीं होनी चाहिए। कोशिश करें कि आप दिन भर में शक्कर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें। सोडा, कुकीज, कैंडी आदि से दूर रहें। अगर आप लगातार चीनी खा रहे हैं, तो आपके दांतों को फिर से भरने का मौका नहीं मिलेगा।
मुलेठी का सेवन करें ( Eat licorice root):
मुलेठी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया का सफाया करते हैं।
ऑयल पुलिंग एक प्राचीन प्रथा है, जिसमें लगभग 20 मिनट के लिए आपके मुंह में तिल या नारियल के तेल डाला जाता है, फिर इसे थूकना होता है। तेल मुंह से विषाक्त पदार्थों को निकालता है। परीक्षण से पता चला कि तिल के तेल पट्टिका, मसूड़े की सूजन और मुंह में बैक्टीरिया की संख्या कम करता है।
उम्मीद है दांतों की कैविटी से बचाव करने के ये तरीके आपके काम आएंगे। इसके अलावा, आप नियमित रूप से डेंटिस्ट से चेकअप भी कराते रहें, ताकि समस्या शुरू होने से पहले ही उसका समाधान हो जाए।
एलोवेरा जेल बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। 2015 में की गई एक स्टडी के अनुसार, एलोवेरा जेल में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह के अंदर मौजूद कीटाणू का सफाया करने में मदद करता है।
डॉक्टर को दिखाने की जरूरत कब होती है?
ज्यादातर डेंटल प्रोब्लम्स बिना किसी दर्द और लक्षण के पैदा होती हैं। इसलिए समय समय पर डेंटल चैकअप कराते रहना चाहिए। इससे कैविटी के बिगड़ने से पहले इसका इलाज हो सकेगा। समय पर डायग्नोज होने का मतलब आसानी से इलाज होना।
कैविटी के लिए डेंटिस्ट निम्नलिखित ट्रीटमेंट कर सकता है:
- फ्लुरोइड ट्रीटमेंट (Fluoride treatments): फ्लुरोइड ट्रीटमेंट में टूथपेस्ट और माउथवॉश से ज्यादा फ्लुरोइड होता है।
- फीलिंग्स (Fillings): जब कैविटी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है तब फीलिंग सबसे मुख्य उपचार है।
- क्राउन्स (Crowns): क्राउन एक कस्टम फिट कवर होता है जो कैप की तरह होता है। इसे दांत की सड़न के ऊपर लगाया जाता है।
- रूट कैनाल (Root canals): जब सड़न दांत के अंदर पल्प तक पहुंच जाती है तब रूट कैनाल कराना जरूरी हो जाता है।
- टूथ एक्सट्रेक्शन (Tooth extractions): इसमें दांत अत्यधिक सड़ जाता है जिस वजह से उसे निकाल दिया जाता है।