बेनिडिपाइन एक कैल्शियम चैनल ब्लॉकर है। यह रक्त वाहिकाओं को शिथिल बनाता है और इसका इस्तेमाल हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए व एंजाइना पेक्टोरिस (एक प्रकार का सीने का दर्द जो कोरोनरी धमनी रोग के कारण होता है) का इलाज करने के लिए किया जाता है। 18 साल या उससे कम उम्र के मरीजों कों यह दवा लेने की सलाह नहीं दी जाती है।
इस दवा को भोजन के साथ लिया जाना चाहिए। बेनिडिपाइन को डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक की मात्रा से बहुत अधिक या कम मात्रा में नहीं लेना चाहिए। यदि यह दवा लेने के बाद आपको स्वास्थ्य संबंधी किसी प्रकार की समस्या महसूस होती है, जल्द से जल्द डॉक्टर को इस बारे में बता देना चाहिए। साथ में यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आपने डॉक्टर द्वारा बताया गया बेनिडिपाइन का कोर्स आपने पूरा कर लिया है। डॉक्टर की सलाह के बिना इस दवा को शुरू करना या इसके कोर्स को बीच मे बंद नहीं करना चाहिए।

बेनिडिपन को सामान्य कमरे के तापमान में रखना सबसे बेहतर होता है, मुख्य रूप से इसे नमी व सूरज की सीधी रोशनी से दूर रखना चाहिए। सामान्य तापमान में बेनिडिपाइन दवा खराब नहीं होती है, इसलिए इसे फ्रीजर या बााथरूम आदि में नहीं रखना चाहिए। हालांकि बेनिडिपाइन की कुछ दवाएं या ब्रांड हो सकते हैं, जिन्हें रखने के लिए कुछ विशेष सावधानी बरतनी पड़ सकती हैं। ऐसे में आप किसी भी दवा के लेबल पर लिखी जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ लें, इसके अलावा आप किसी फार्मासिस्ट से भी इस बारे में पूछ सकते हैं। इन दवाओं को बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।
बेनिडिपाइन को इधर-उधर फेंकना नहीं चाहिए और ना ही इसे टॉयलेट सीवर में डालना चाहिए, खासतौर पर अगर डॉक्टर आपको ऐसा करने की सलाह ना दें। यदि डॉक्टर कहें तो बेनिडिपाइन दवा का कोर्स पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए। यदि अब यह दवा आपके किसी काम की नहीं है या फिर इसकी डेट एक्सपायर हो चुकी है, तो फिर डॉक्टर या फिर फार्मासिस्ट से इस दवा को नष्ट करने या इसका सुरक्षित तरीके से निपटान करने का तरीका पूछ लें।
लिवर के रोगियों के लिए:
यदि किसी व्यक्ति में पहले लिवर संबंधी रोग हो चुका है, तो उनके लिए बेनिडिपाइन दवा का उपयोग काफी सावधानीपूर्वक करना चाहिए। बेनिडिपाइन दवाएं कुछ मामलों में लिवर के मरीजों की स्थिति को और बदतर बना सकती है।
बच्चों के लिए:
बेनिडिपाइन दवा लेने की सलाह 18 साल व उस से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाती है, क्योंकि इस दवा की सुरक्षा और प्रभावशीलता को अभी तक नैदानिक रूप से स्थिर प्रमाणित नहीं किया गया।
गाड़ी व अन्य मशीन चलाने वालों के लिए:
बेनिडिपाइन का उपयोग करने से कुछ लोगों को धुंधला दिखना, सिर घूमना व चक्कर आना आदि लक्षण महसूस होने लगते हैं, साथ ही इसमें रक्तचाप का स्तर कम होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। जिन मरीजों को बेनिडिपाइन लेने के दौरान बताए गए लक्षणों में से कोई एक या उससे अधिक लक्षण महसूस हो रही हैं, तो उन्हें ड्राइविंग करने या किसी प्रकार की मशीन को चलाने सलाह नहीं दी जाती है।
वृद्ध लोगों के लिए:
इस दवा को वृद्ध लोगों के लिए बहुत ही सावधानीपूर्वक इस्तेमाल किया जाना चाहिए, क्योंकि यह रक्तचाप का स्तर कम होने का खतरा काफी बढ़ा देती है। जिन वृद्ध व्यक्तियों को बेनिडिपाइन दी जा रही है, नियमित रूप से उनके रक्तचाप के स्तर की जांच की जानी आवश्यक है। वृद्ध व्यक्तियों के लिए बेनिडिपाइन दवाओं के कोर्स को एक छोटी खुराक से शुरू करना चाहिए और फिर शारीरिक स्थिति व दवा की प्रतिक्रिया को देखते हुऐ ही जरूरत पड़ने पर उसकी खुराक को बढ़ाना चाहिए। इस दवा के इस्तेमाल के दौरान अंगूर का जूस नहीं पीना चाहिए।
जो महिलाएं स्तनपान कराती हैं, उनको बेनिडिपाइन लेने की सलाह नहीं दी जाती है। हालांकि अगर यह दवा लेना बहुत ही जरूरी है, तो लेने से पहले एक बार किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। बेनिडिपाइन लेने से पहले इसके फायदे व नुकसान आदि के बारे में डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए। आपके स्वास्थ्य संबंधी स्थिति के अनुसार डॉक्टर आपको या तो बेनिडिपाइन दवा का सेवन बंद करने या फिर कुछ निश्चित समय के लिए ब्रेस्टफीडिंग बंद करने की सलाह दे सकते हैं।
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कुछ लोगों को बेनिडिपाइन लेने से साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जबकि अन्य लोगों को नहीं होते है। बेनिडिपाइन से होने वाले साइड इफेक्ट व्यक्ति की शारीरिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हो सकते हैं:
हर व्यक्ति के अनुसार सभी दवाएं अलग-अलग तरीके से प्रभाव डालती हैं। इसलिए यदि आप किसी भी प्रकार की दवाएं ले रहे हैं, तो बेनिडिपाइन लेना शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात कर लें, ताकि संभावित ड्रग रिएक्शन का पता लगाया जा सके। नीचे बताई गई दवाओं के साथ बेनिडिपाइन इंटरैक्ट कर सकती है इसलिए सावधानी बरतें।
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं, जिनसे ग्रस्त व्यक्ति को बेनिडिपाइन दवा नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। नीचे बताई गई स्थितियों से ग्रस्त व्यक्ति को बेनिडिपाइन दवाएं नहीं लेनी चाहिए या फिर लेने से पहले डॉक्टर को अपनी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति और दवा के बारे में बात कर लेनी चाहिए।
निम्न रक्तचाप (हाइपोटेंशन):
जो लोग हाइपोटेंशन बीमारी (जिसमें रक्तचाप गंभीर रूप से कम हो जाता है) से ग्रस्त हैं, उनको डॉक्टर बेनिडिपाइन दवा खाने की सलाह नहीं देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह दवा रक्तचाप को और अधिक कम कर देती है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। डॉक्टर मरीज के स्वास्थ्य के अनुसार बेनिडिपाइन की जगह कोई अन्य वैकल्पिक दवा दे सकते हैं।
लिवर संबंधी रोग:
लिवर रोग के मरीज कों बेनिडिपाइन देते हुऐ गहन निरीक्षण में रखना जरूरी है, क्योंकि यह दवा लिवर संबंधी समस्याओं से ग्रस्त मरीजों में विपरीत प्रभाव डाल सकती है। बेनिडिपाइन लेने के दौरान मरीज का नियमित रूप से लिवर फंक्शन टेस्ट व समय पर अन्य जांच करवाते रहना बहुत जरूरी है। मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार जरूरत पड़ने पर डॉक्टर बेनिडिपाइन की खुराक में कुछ बदलाव कर सकते हैं या फिर उसे किसी उचित वैकल्पिक दवा से बदल सकते हैं।
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नीचे दी गई जानकारी किसी चिकित्सक की सलाह नहीं है। इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट से संपर्क करें।
बेनिडिपाइन टैबलेट के रूप में उपलब्ध है। ( मौखिक रूप से एक गोली ) – HTN- 2-4 मिलीग्राम एक बार दैनिक, जरूरत पड़ने पर रोजाना 8 मिलीग्राम तक। एनजाइना पेक्टोरिस- 4 मिलीग्राम दो बार प्रतिदिन ।
यदि आपने बेनिडिपाइन की सामान्य से अधिक खुराक ले ली है या फिर दवा लेने से स्वास्थ्य संबंधी कोई अन्य इमरजेंसी जैसी स्थिति हो गई है, तो ऐसे में जितना जल्दी हो सके डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए।
यदि आप बेनिडिपाइन की खुराक लेना बीच में ही भूल गए हैं, तो याद आते ही तुरंत दवा ले लें। यदि अगली खुराक लेने का समय नजदीक आ गया है, तो पहली खुराक को ना लें और अगली दवा ही लें। एक साथ दो समय की खुराक ना लें, ऐसा करने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
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Current Version
19/12/2019
Anoop Singh द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Dr. Shruthi Shridhar