कीटोसिस क्या है: जानें इसके फायदे और नुकसान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 15, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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अगर डाइट की बात करें तो आजकल हमारे बीच कीटो डाइट बहुत चर्चा में है। बहुत से लोग है जो ये नहीं जानते की कीटो डाइट क्या है,दरअसल कीटो डाइट कम कर्बोहाइड्रेट आहार के लिए जाना जाता है। जब कोई व्यक्ति कीटो डाइट पर होता है, तो वह कार्ब की मात्रा अपने शरीर में कम कर देता है। इस डाइट में फैट लिया जाता है। तो जब हम इस डाइट को फॉलो करते हुए अपने शरीर में कार्ब की मात्रा कम कर देते हैं। ऐसे में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम लेना शरीर में “कीटोसिस” की स्थिति पैदा कर देता है। कीटोसिस एक ऐसी प्रक्रिया है जो तब होती है जब आपके शरीर में ऊर्जा के लिए पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट नहीं होते हैं। इस दौरान आपका शरीर ऊर्जा के लिए आपके शरीर में मौजूद फैट यानि वसा को बर्न करने लगता है। आप बहुत कम कार्ब, उच्च वसा वाले आहार किटोसिस में आ सकते हैं।इसका सबसे मुख्य कार्य होता है तेजी से वजन घटाना लेकिन इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं।

कीटो डाइट और कीटोसिस

कीटो एक प्रकार की डाइट है, कीटो डाइट का उदेश्य शरीर को इस कीटोसिस प्रक्रिया में लाना है। वसा और प्रोटीन में उच्च लेकिन कार्ब्स में बहुत कम आहार को केटोजेनिक या “कीटो” आहार कहा जाता है। आपको इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता है की आपको भूखा नहीं रहना है। केवल कम कार्ब युक्त आहार लेने से बचना है।कीटो डाइट में वेज और नॉनवेज दोनों तरह की चीजें खाई जा सकती हैं। 

  • केटोसिस एक लोकप्रिय लो-कार्ब वेट लॉस प्रोग्राम है।  जो भोजन की मात्रा कम होने पर हमें जीवित रहने में मदद करता है। यह हमारे शरीर में फैट को बर्न करके कार्य करता है।  इस स्थिति में हमारा शरीर किटोन्स का उत्पादन करता है, जो आपके लीवर में फैट के बर्न होने के कारण बनते हैं।वसा को जलाने में आपकी मदद करने के अलावा, किटोसिस में आपको भूख कम लगती है। यह आपकी मांसपेशियों को बनाए रखने में भी मदद करता है। 
  • आपको बता दें की स्वस्थ लोगों के लिए जिन्हें मधुमेह नहीं है और जो गर्भवती नहीं हैं, केटोसिस आमतौर पर प्रति दिन 50 ग्राम से कम कार्बोहाइड्रेट खाने के 3 या 4 दिनों के बाद शरू होता है। यह ब्रेड के तीन स्लाइस, कम वसा वाले फल दही का एक कप या दो छोटे केले हैं। आप उपवास के द्वारा भी किटोसिस शुरू कर सकते हैं।

डायबिटीज के मरीज के खानपान से जुड़ी जानकारी के लिए खेलें : Quiz : डायबिटीज के पेशेंट को अपने आहार में क्या शामिल करना चाहिए और क्या नहीं?

कीटोसिस के हेल्थ से जुड़े फायदे क्या-क्या है?

वजन घटाने के अलावा भी कीटोसिस के कुछ और भी लाभ हो सकते हैं। डॉक्टर उन बच्चों को इसकी सलाह दे सकते हैं जिन्हें मिर्गी की बीमारी है, क्योंकि यह दौरे को रोकने में मदद कर सकता है। जिन वयस्कों को मिर्गी होती है वे कभी-कभी संशोधित एटकिन्स आहार खाते हैं। कुछ शोध बताते हैं कि केटोजेनिक आहार आपके हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। अन्य अध्ययनों से पता चलता है कि कार्ब्स में बहुत कम विशिष्ट आहार उन लोगों की मदद करते हैं जिन्हें इस तरह के रोग हैं।

हृदय रोग में मदद

कीटोसिस के प्रक्रिया के दौरान कार्ब्स को कम करने की आवश्यकता होती है। इससे रक्त ट्राइग्लिसराइड्स, कुल कोलेस्ट्रॉल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल  जैसे हृदय रोग के जोखिम कारकों में सुधार हो सकता है।

वजन कम करने में मदद

कई लोग कार्ब्स का सेवन कम करने पर अपने आप कम खाने लगते हैं। कीटोसिस में उन्हें उतनी ही वसा और प्रोटीन की अनुमति दी जाती है जितनी उन्हें पूरी महसूस होती है। क्योंकि केटोजेनिक आहार भूख को दबाते हैं, इंसुलिन के स्तर को कम करते हैं, और फैट को बर्न करने लगते हैं। इसलिए यह आश्चर्यजनक नहीं है कि उन्हें वजन घटाने के उद्देश्य से अन्य आहारों को बेहतर बनाने के लिए दिखाया गया है।

कैंसर में मदद

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि केटोजेनिक आहार कैंसर चिकित्सा में सहायता कर सकते हैं, इसमें ग्लूकोज के कैंसर कोशिकाओं को “भूखा” करने में मदद करते हैं।

टाइप 2 मधुमेह 

ये आहार आपके शरीर में इंसुलिन सेंस्टीविटी में 75% तक सुधार कर सकता है, और कीटोसिस मधुमेह रोगियों में फायदेमंद होता है। टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में, कीटोसिस में होने से रक्त शर्करा और इंसुलिन की प्रतिक्रिया को सामान्य करने में मदद मिल सकती है, जो संभावित रूप से मधुमेह की दवा को बंद कर सकती है।

ऊपर दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इसलिए किसी भी दवा या सप्लिमेंट का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। हैलो स्वास्थ्य किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

और पढ़ें : Type 2 Diabetes: टाइप 2 डायबिटीज क्या है?

मेटाबॉलिक सिंड्रोम में मदद

कीटोसिस आहार मेटाबॉलिक सिंड्रोम के सभी प्रमुख लक्षणों में सुधार कर सकते हैं, जिनमें उच्च ट्राइग्लिसराइड्स, अतिरिक्त वसा और हाई बल्ड प्रेशर शामिल हैं।

अल्जाइमर रोग में मदद

कीटोसिस आहार से अल्जाइमर रोग के रोगियों के लिए लाभ हो सकता है

पार्किंसंस रोग

एक अध्ययन में पाया गया कि केटोजेनिक आहार पर 28 दिनों के बाद पार्किंसंस रोग के लक्षणों में सुधार हो सकता है। 

चेहरे पर ग्लो

कीटोसिस आहार से आपके चेहरे पर ग्लो बना रहना है। ग्लो पाने के लिए इस डाइट का उपयोग कर सकते हैं।

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मुंहासे 

कीटोसिस आहार मुंहासे की गंभीरता और प्रगति को कम कर सकता है। चेहरे में इसकी समस्या होने पर कीटोसिस मददगार हो सकता है। 

कीटोसिस से होने वाले साइड-इफेक्ट्स

कीटोसिस में होना अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित है। लेकिन कीटो डाइट का एक दुष्परिणाम यह है कि इसके साथ आपको पर्याप्त फाइबर और पोषक तत्व नहीं मिल पाते और कार्बोहाइड्रेट भी कम लिया जाता है। कीटो आहार के पहले सप्ताह के दौरान, आपको बिना कार्ब के रहने में समस्या हो सकती है। कुछ लोग इसे “कीटो फ्लू” कहते हैं, लेकिन यह एक आधिकारिक चिकित्सा स्थिति नहीं है। कुछ डॉक्टरों को लगता है कि यह चीनी और कार्बोहाइड्रेट की कमी के कारण होता है। यह आपके आंत बैक्टीरिया में परिवर्तन या एक प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिक्रिया के कारण हो सकता है। 

और पढ़ें:डायबिटीज और इरेक्टाइल डिसफंक्शन – जानिए कैसे लायें सुधार

वैसे तो ऐसा बहुत कम होता है की ऐसे बच्चे जिन्हें मिर्गी होती है और कीटो आहार में होते हैं उन्हें गुर्दे की पथरी हो जाती है। पोटेशियम साइट्रेट नामक एक पूरक उन्हें रोकने में मदद कर सकता है। यदि आपका बच्चा कीटो आहार पर है, तो गुर्दे की पथरी के जोखिम के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। आप अस्थायी दुष्प्रभाव देख सकते हैं जैसे:

  • चिड़चिड़ापन
  • कब्ज
  • नींद न आना
  • सिरदर्द
  • मीठा खाने की इच्छा
  • पेट दर्द
  • सिर चकराना
  • मांसपेशियों में दर्द
  • ऐंठन
  • थकान
  • ब्रेन फ़ॉग
  • जी मिचलाना

नोट:यदि आप इन लक्षणों से बचना चाहते हैं, तो आपको इस डाइट में बहुत अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए। तो वहीं स्तनपान कराने वाली महिलाओं में इस डाइट का उपयोग चिकित्सक सलाह पर ही लेना चाहिए।

कीटोसिस में आने के लिए टिप्स

ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप किटोसिस  प्रक्रिया में आ सकते हैं।

  • कीटोसिस प्रक्रिया की शुरूआत में आपको शुद्ध कार्ब का सेवन 20 ग्राम से करना चाहिए।
  • इसमें वसा का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए। केटोजेनिक खाने का फैट एक आवश्यक और स्वादिष्ट हिस्सा है।इसमें प्रत्येक भोजन में स्वस्थ वसा का स्रोत शामिल करना सुनिश्चित करें।
  • इसमें नारियल तेल से युक्त भोदन बनाना चाहिए।  प्राकृतिक वसा के अलावा, नारियल तेल में मध्यम-फैटी एसिड होते हैं जो किटोन उत्पादन को बढ़ावा दे सकते हैं और इसके अन्य लाभ भी हो सकते हैं।
  • व्यायाम, यदि संभव हो तो इसमें आपको व्यायाम के लिए सक्रिय रहना चाहिए।

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कीटो और केटोएसिडोसिस 

आहार संबंधी किटोसिस और मधुमेह केटोएसिडोसिस पूरी तरह से अलग-अलग स्थितियां हैं। जबकि आहार संबंधी किटोसिस स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और फायदेमंद है, केटोएसिडोसिस एक चिकित्सा आपातकाल है। दुर्भाग्य से, बहुत लोग वास्तव में दोनों के बीच अंतर को नहीं समझते हैं। केटोएसिडोसिस मुख्य रूप से टाइप 1 मधुमेह वाले लोगों में होता है यदि वे इंसुलिन नहीं लेते हैं। मधुमेह केटोएसिडोसिस (डीकेए) में, रक्त शर्करा और कीटोन्स खतरनाक स्तर तक बढ़ जाते हैं, जो रक्त के नाजुक एसिड-बेस बैलेंस को बाधित करता है। कीटोएसिडोसिस में लोग बेहद बीमार महसूस करते हैं और गहरा निर्जलीकरण, उल्टी, पेट में दर्द और कमजोरी का अनुभव करते हैं। 

  • आहार संबंधी किटोसिस में, BHB का स्तर आमतौर पर 5mmol / l से नीचे रहता है। हालांकि, मधुमेह केटोएसिडोसिस वाले लोगों में अक्सर बीएबी (BHB) का स्तर 10 mmol/ l या इससे अधिक होता है, जो सीधे इंसुलिन के उत्पादन में असमर्थता से संबंधित होता है। केटोसिस और कीटोएसिडोसिस के बीच रक्त में कीटोन की मात्रा में काफी अंतर होता है।

अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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