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जाने क्यों कोरोना के इलाज के लिए एजिथ्रोमाइसिन (azithromycin) हो सकती है प्रभावी?

जाने क्यों कोरोना के इलाज के लिए एजिथ्रोमाइसिन (azithromycin) हो सकती है प्रभावी?

हाल ही में, सैन फ्रांसिस्को (UCSF), कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में फ्रांसिस आई प्रॉक्टर फाउंडेशन (Francis I. Proctor Foundation) से जुड़े इन्वेस्टिगेटर्स की एक टीम ने COVID-19 के कम गंभीर मामलों के इलाज में एक आम एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन (Azithromycin) की प्रभावशीलता की जांच करने का निर्णय लिया। यह निर्णय किया गया कि कोविड-19 के ट्रीटमेंट के लिए एजिथ्रोमाइसिन मेडिसिन का ट्रायल ह्यूमन पर होगा। इसके लिए प्रतिभागियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है। आपको बता दें कि यह शोधकर्ताओं ने 26 मई, 2020 को ह्यूमन ट्रायल शुरू किया। आमतौर, अभी तक कोविड-19 के उपचार में एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल न करने की ही सलाह दी गई है। आपको बता दें कि जांचकर्ताओं में से एक कैथरीन ओल्डेनबर्ग स्कैड (Catherine Oldenburg Sc.D) जो कि एक संक्रामक रोग महामारी विशेषज्ञ (infectious disease epidemiologist) ने अपने एक इंटरव्यू में कोरोना के इलाज के लिए एजिथ्रोमाइसिन के उपयोग के बारे में कई दावे किए। परीक्षण के बारे में अधिक जानने के लिए और शोधकर्ताओं ने एजिथ्रोमाइसिन पर ही क्यों ट्रायल करना बेहतर समझा, जानते हैं सब यहां।

कैथरीन ओल्डेनबर्ग स्कैड कौन है?

डॉ ओल्डेनबर्ग एक संक्रामक रोग महामारी साइंटिस्ट है जो संक्रामक रोग को कंट्रोल करने के लिए ट्रायल को डिजाइन, इम्प्लिमेंट और विश्लेषण पर काम करती हैं। आपको बता दें इन्होने पहले भारत में कॉर्नियल अल्सर (corneal ulcers) और एचआईवी परीक्षण (HIV testing) के लिए जाम्बिया, युगांडा, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त राज्य अमेरिका में रोकथाम के अध्ययन पर काम कर चुकी हैं।

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कोरोना के इलाज के लिए एजिथ्रोमाइसिन : क्या है एक्शन ट्रायल?

कैथरीन ओल्डेनबर्ग ने बताया कि एक्शन ट्रायल संयुक्त राज्य में होने वाला परीक्षण है जिसे कोविड-19 संक्रमित रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने से रोकने और एजिथ्रोमाइसिन की एक खुराक की प्रभावकारिता का मूल्यांकन करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें उन संक्रमित रोगियों को लिया गया जिनमें कोरोना के लक्षण बहुत कम थे और जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं हैं। यह ट्रायल यूएस के सभी कोरोना संक्रमित लोगों के लिए है।

कैथरीन ओल्डेनबर्ग ने माना कि एंटीबायोटिक्स वायरल संक्रमण का इलाज नहीं कर सकते हैं। और इसलिए, कोविड-19 के उपचार में एजिथ्रोमाइसिन का उपयोग करने के लिए एक छोटा सा काउंटरिंटिवेटिव (counterintuitive) है। एक्शन ट्रायल की टीम एजिथ्रोमाइसिन पर अब भी काम कर रही है। द फ्रांसिस आई फाउंडेशन के प्रॉक्टर भी एजिथ्रोमाइसिन पर काम कर रहे हैं। पिछले 20 सालों से एजिथ्रोमाइसिन का इस्तेमाल ट्रेकोमा (trachoma) के इलाज में किया जा रहा है जो कि आंखों का संक्रमण है। एजिथ्रोमाइसिन के साथ अभी आठ परीक्षण चल रहे हैं जिनमें से अधिकांश ट्रैकोमा के लिए हैं।

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एजिथ्रोमाइसिन के बारे में

एजिथ्रोमाइसिन के बारे में एक दिलचस्प बात यह है कि इसका इम्युनोमोडायलेटरी प्रभाव काफी अधिक है, इसलिए इससे इम्यून सिस्टम पर इनडायरेक्ट इफ़ेक्ट पड़ता है। इसलिए, ऐसी रिपोर्टें भी देखी गई हैं कि एजिथ्रोमाइसिन में जीका और राइनोवायरस जैसे आरएनए वायरस के खिलाफ लड़ने में भी प्रभावी है।

एक स्टडी थी जिसमें हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन (hydroxy chloroquine) के साथ एजिथ्रोमाइसिन (Azithromycin) प्रयोग पर काफी चर्चा थी। कैथरीन ओल्डेनबर्ग का मानना है कि अगर COVID-19, या SARS-CoV-2 में एजिथ्रोमाइसिन फायदेमंद है तो इस पर हमें और ज्यादा ट्रायल करने चाहिए।

एजिथ्रोमाइसिन बहुत सुरक्षित है। जिस तरह हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन पर कई तरह के ट्रायल चल रहे हैं। हाइड्रोक्सी कोलोरोक्वाइन एंटीमलेरियल (anti malarial) दवा है। इसका इस्तेमाल मलेरिया के साथ रूमेटाइड अर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) और ल्यूपस एरिथेमेटोसस (lupus erythematosus) के इलाज में भी किया जाता है। एजिथ्रोमाइसिन की सेफ्टी प्रोफाइल को देखते हुए कोरोना के इलाज के लिए एजिथ्रोमाइसिन पर और निरीक्षण की जरूरत है। हो सकता है यह दवा कोरोना के इलाज में उपयोगी साबित हो।

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कोरोना के इलाज के लिए एजिथ्रोमाइसिन पर यह किया दावा

एजिथ्रोमाइसिन (Azithromycin) का एक कोर्स या एक खुराक उन रोगियों में अन्य बैक्टीरिया को कम कर सकती है जो कोरोना के साथ ही बैक्टीरियल निमोनिया से ग्रस्त हैं।

यदि आप बैक्टीरियल निमोनिया का इलाज करते हैं, तो यह कोविड-19 से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को फ्री कर सकता है। साथ ही यह इम्युनोमोडायलेटरी (immunomodulatory) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (anti-inflammatory) प्रतिक्रिया भी हो सकती है और जो इंफ्लेमेटरी मार्कर्स (inflammatory markers) को नीचे लाती है जिससे शरीर वायरस से लड़ने में और अच्छे से काम करता है। कैथरीन ओल्डेनबर्ग कहती हैं कि कोरोना के इलाज के लिए एजिथ्रोमाइसिन एक्शन प्लान विशेष रूप से रोगियों में नैदानिक और वायरोलॉजिकल परिणामों को देखने के लिए डिजाइन किया गया है।

कैथरीन ओल्डेनबर्ग कहती हैं कि ट्रायल्स से पता चला है कि एजिथ्रोमाइसिन का एक कोर्स, सामान्य रूप से, शरीर के कई स्रोतों जैसे आंतों में और नासॉफिरिन्क्स में (नाक के पीछे का हिस्सा) रेजिस्टेंस को जन्म देता है। एंटीबायोटिक दवाओं के एक कोर्स के बाद आइसोलेशन ऑफ़ रेजिस्टेंस बढ़ जाता है। इन्वेस्टिगेटर कैथरीन ओल्डेनबर्ग का कहना है कि एजिथ्रोमाइसिन का परीक्षण करने के मामले में, रेजिस्टेंस पॉइंट पर वास्तव में एक ट्रायल करना महत्वपूर्ण है।

और पढ़ें : अगर आपके आसपास मिला है कोरोना वायरस का संक्रमित मरीज, तो तुरंत करें ये काम

क्या कहता है वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन?

डब्लूएचओ का साफ कहना है कि, एंटीबायोटिक दवाएं केवल बैक्टीरिया के खिलाफ काम करती हैं, वायरस के इलाज के लिए इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) एक वायरस है और इसलिए, एंटीबायोटिक्स का उपयोग कोरोना से बचाव या उपचार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, अगर आपको 2019-nCoV के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, तो आपको डॉक्टर्स कुछ एंटीबायोटिक्स दे सकते हैं क्योंकि बैक्टीरिया का संक्रमण होना संभव हो सकता है।

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दूसरे इन्फेक्शन्स में है उपयोगी

COVID-19 सहित श्वसन संबंधी वायरल संक्रमणों के दौरान सेकेंडरी इन्फेक्शन होना बहुत आम है। इससे कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली मृत्यु दर में वृद्धि हो सकती है। वायरस (SARS-CoV-2) के संक्रमण से पहले कई रोगियों में क्रोनिक बैक्टीरियल संक्रमण (chronic bacterial infection) हो सकता है। इन बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर करने के लिए डॉक्टर्स एंटीबायोटिक लिख सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एजिथ्रोमाइसिन (azithromycin) व्यापक रूप से श्वसन संक्रमण (respiratory infections), हैजा (cholera), निमोनिया और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए निर्धारित की जा रही है। महामारी के बाद के शुरुआती अध्ययनों से संकेत मिलता है कि एजिथ्रोमाइसिन, वायरस लोड को कम करने और नैदानिक सुधार लाने के लिए अन्य एंटीमलेरियल दवाओं के साथ प्रभावी रूप से काम कर रही थी। लेक्किन, कोरोना के इलाज के लिए एजिथ्रोमाइसिन के उपयोग पर अभी भी संशय बना हुआ है।

कोरोना वायरस का इलाज एंटीबायोटिक से हो सकता है या नहीं इस पर अभी कोई पुष्टि नहीं मिली है। कोरोना वायरस भले ही खतरनाक है, मगर कुछ सावधानियां बरतने से इसके संक्रमण से बचा जा सकता है। इसलिए, ज्यादा से सोशल डिस्टेंसिंग और पर्सनल हाइजीन पर ध्यान दें।

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सूत्र

Antibiotic treatment for COVID-19 complications could fuel resistant bacteria. https://www.sciencemag.org/news/2020/04/antibiotic-treatment-covid-19-complications-could-fuel-resistant-bacteria. Accessed On 04 June 2020

COVID-19: Indiscriminate use of azithromycin may cause more harm than good. https://www.downtoearth.org.in/blog/health/covid-19-indiscriminate-use-of-azithromycin-may-cause-more-harm-than-good-70927. Accessed On 04 June 2020

Coronavirus disease (COVID-19) advice for the public: Myth busters. https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019/advice-for-public/myth-busters. Accessed On 04 June 2020

COVID-19 trial lead researcher explains why an antibiotic might work. https://www.medicalnewstoday.com/articles/covid-19-trial-lead-researcher-explains-why-an-antibiotic-might-work. Accessed On 04 June 2020

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Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 07/05/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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