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Contraction Stress Test : कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट क्या है?

जानें मूल बातें|पहले जानने योग्य बातें|जानिए क्या होता है|परिणामों को समझें
Contraction Stress Test : कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट क्या है?

जानें मूल बातें

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस (Contraction Stress) टेस्ट क्या है?

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट यह जांचने के लिए किया जाता है कि ऑक्सिजन की कम सप्लाई होने पर भी क्या भ्रूण स्वस्थ रह सकता है, क्योंकि आमतौर पर प्रसव के समय होने वाले कॉन्ट्रेक्शन के दौरान ऑक्सिजन की सप्लाई बाधित हो सकती है। 34 सप्ताह या उससे अधिक की गर्भवती होने पर यह टेस्ट किया जाता है।

गर्भाशय संकुचन के दौरान कुछ समय के लिए भ्रूण की ब्लड और ऑक्सिजन की सप्लाई रुक जाती है। ज्यादातर मामलों में इससे समस्या नहीं होती है, लेकिन कुछ भ्रूण का हार्ट रेट कम हो जाता है। हार्ट रेट में कमी बाहरी भ्रूण मॉनिटरिंग डिवाइस में देखी जा सकती है।

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट के लिए आपको नस में ऑक्सिटोन हार्मोन दिया जाता है, जिससे लेबर कॉन्ट्रेक्शन हो। आप शरीर को यह अधिक ऑक्सिटोन रिलीज करने का संकेत देने के लिए निप्पल की मालिश कर सकती हैं। यदि आपके शिशु की हृदय गति कॉन्ट्रेक्शन के बाद तेज होने की बजाय कम हो जाती है तो उसे सामान्य प्रसव में तनाव की समस्या हो सकती है।

यदि आपका नॉन स्ट्रेस टेस्ट या बायोफिजिकल प्रोफाइल असामान्य है तो कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट किया जाता है। बायोफिजिकल प्रोफाइल में शिशु की शारीरिक विशेषताओं की माप के लिए नॉन स्ट्रेस टेस्ट के दौरान अल्ट्रासाउंड किया जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान आपका एक से अधिक कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट किया जा सकता है।

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट क्यों किया जाता है?

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट यह जांचने के लिए किया जाता है कि-

  • प्रसव के दौरान कॉन्ट्रेक्शन की वजह से आमतौर पर ऑक्सिजन लेवल कम होने पर भी क्या भ्रूण स्वस्थ रह पाएगा।
  • प्लेसेंटा स्वस्थ है और वह भ्रूण को सपोर्ट कर रहा है।

नॉन स्ट्रेस टेस्ट या बायोफिजिकल प्रोफाइल के रिजल्ट सामान्य नहीं होने पर ही कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट किया जाता है।

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पहले जानने योग्य बातें

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट (Contraction Stress Test )से पहले ये भी जान लें

जब बच्चे को कोई समस्या नहीं होती है, तो कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट गिरावट दर्शाता है, इसे फॉल्स पॉजिटिव रिजल्ट कहते हैं।

कई कारणों से आजकल कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट बहुत कम किया जाता है। अधिकतर मामलों में डॉक्टर नॉन स्ट्रेस टेस्ट या बायोफिजिकल प्रोफाइल या दोनों की मदद से बच्चे की जल्दी और सुरक्षित जांच कर लेते हैं।

कुछ डॉक्टर कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट की बजाय बायोफिजिकल प्रोफाइल या डॉपलर अल्ट्रासाउंड करते हैं।

जानिए क्या होता है

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट (Contraction Stress Test) लिए कैसे तैयारी करें?

  • आपको टेस्ट 4-8 घंटे कुछ भी खाने और पीने के लिए मना किया जा सकता है। टेस्ट से पहले आपको ब्लैडर भी खाली करना होगा।
  • यदि आप स्मोकिंग करती हैं तो तत्काल बंद कर दें, क्योंकि स्मोकिंग की वजह से बच्चे की गतिविधि और हार्ट रेट कम हो सकती है।
  • आपको एक सहमति फॉर्म पर साइन करने के लिए कहा जाएगा, जिसके अनुसार आप परिक्षण के जोखिमों से को समझते हुए इसके लिए सहमति दे रही हैं।
  • टेस्ट की जरूरत, इससे जुड़े जोखिम, यह कैसे किया जाता है और इसके परिणाम से संबंधित किसी भी तरह के सवालों के जवाब के लिए डॉक्टर से बात करें।

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट (Contraction Stress Test) के दौरान क्या होता है?

आपको टेस्ट से 6 से 8 घंटे पहले कुछ भी खाने और पीने के लिए मना किया जाता है, इस बात की सीमित संभावना होती है कि नतीजों के आधार पर इमरजेंसी में सी सेक्शन के लिए कहा जा सकता है।

टेस्ट के समय आपको बायीं ओर सोने के लिए कहा जाएगा। आपके पेट पर दो डिवाइस लगाई जाती है। एक बच्चे की हृदय गति को मॉनिटर करती है और दूसरा आपके गर्भाशय में होने वाले कॉन्ट्रेक्शन को रिकॉर्ड करती है। मशीन ग्राफ पेपर पर आपके कॉन्ट्रेक्शन और बच्चे की हृदय गति को दो अलग-अलग लाइन के रूप में रिकॉर्ड करती है।

टेस्ट 10 मिनट की अवधि में तीन कॉन्ट्रेक्शन होने तक किया जाता है और प्रत्येक कॉन्ट्रेक्शन 40 से 60 सेकंड का होता है। इसमें 2 घंटे का समय लग सकता है। आपको कॉन्ट्रेक्शन शायद ही महसूस होगा या फिर पीरियड्स के दौरान होने वाले क्रैंप्स की तरह लगेगा। यह प्रसव कराने जितना स्ट्रॉन्ग नहीं होना चाहिए।

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यदि आपको पहले 15 मिनट में कॉन्ट्रेक्शन नहीं होता है, तो डॉक्टर आपको सिंथेटिक ऑक्सिटोन की थोड़ी मात्रा नसों के जरिए देगा या फिर नेचुरल तरीके से ऑक्सीटोन की रिलीज के लिए निप्पल का मालिश के लिए कहेगा।

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट (Contraction Stress Test) के बाद क्या होता है?

टेस्ट के बाद जब तक आपका कॉन्ट्रेक्शन खत्म नहीं हो जाता या धीमा होकर टेस्ट के पहले वाली स्थिति में नहीं आ जाता, तब तक आपकी निगरानी की जाती है। टेस्ट खत्म होने में 2 घंटे लगते है।

कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट के बारे में किसी तरह का संदेह होने और दी गई सलाह को अच्छी तरह समझने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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परिणामों को समझें

मेरे परिणामों का क्या मतलब है?

टेस्ट के परिणाम एक हफ्ते के लिए बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में बताते हैं। प्रेग्नेंसी के 34 हफ्ते बाद एक से अधिक बार टेस्ट कराने की जरूरत पड़ सकती है। कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट सामान्य: सामान्य टेस्ट रिजल्ट निगेटिव होता है।

आपके बच्चे की हृदय गति कम नहीं होती और कॉन्ट्रेक्शन के बाद धीमी गति से कम होती है।

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Note: टेस्ट के दौरान कुछ समय के लिए बच्चे की हृदय गति कम हो सकती है, लेकिन यह ज्यादा समय के लिए नहीं होता इसलिए कोई समस्या नहीं होती है।

  • यदि निप्पल में मालिश या ऑक्सिटोन दिए जाने के बाद 10 मिनट के अंदर तीन बार कॉन्ट्रेक्शन होता है और बच्चे की हृदय गति ज्यादा समय के लिए कम नहीं होती, तो इसका मतलब है कि भ्रूण प्रसव के तनाव को झेल लेगा। असामान्यः असामान्य रिजल्ट पॉजिटिव होता है।
  • आपके बच्चे की हृदय गति कॉन्ट्रेक्शन के दौरान कम हो जाती है और उसके बाद भी कम ही रहती है और ऐसा आधे से अधिक कॉन्ट्रेक्शन में होता है।
  • देर तक हृदय गति कम रहने का मतलब है कि सामान्य प्रसव के दौरान आपके बच्चे को समस्या हो सकती है।

टेस्ट रिजल्ट को क्या प्रभावित करते हैं?

इन कारणों से आप टेस्ट कराने में सक्षम न हों या रिजल्ट सहायक नहीं होते हैंः

  • पिछली प्रेग्नेंसी की समस्याएं, जैसे सिजेरियन सेक्शन के साथ मिडलाइन (वर्टिकल) चीरा, प्लेसेंटा प्रिविया। यदि आपके गर्भ में दो भ्रूण हैं तो टेस्ट की सलाह नहीं दी जाती। इसके अलावा यदि सर्विक्स सक्षम नहीं है या गर्भावस्था के दौरान मैग्नीशियम सल्फेट दिया गया है।
  • यदि पहले गर्भाशय की सर्जरी हुई हो, तो ज्यादा कॉन्ट्रेक्शन से गर्भाशय फट सकता है।
  • यदि आप स्मोकिंग करती हैं या कोकिन का सेवन करती हैं।
  • टेस्ट के दौरान बच्चे की गतिविधि। सेंसर के लिए कॉन्ट्रेक्शन और बच्चे की हृदय गति को रिकॉर्ड करना मुश्किल हो सकता है।
  • बहुत अधिक वजन।

सभी लैब और अस्पताल के आधार पर कॉन्ट्रेक्शन स्ट्रेस टेस्ट की सामान्य सीमा अलग-अलग हो सकती है। परीक्षण परिणाम से जुड़े किसी भी सवाल के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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लेखक की तस्वीर
Kanchan Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/12/2019 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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