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Hiatal Hernia Surgery : हाइटल हर्निया सर्जरी क्या है?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar


Shayali Rekha द्वारा लिखित · अपडेटेड 17/09/2020

Hiatal Hernia Surgery : हाइटल हर्निया सर्जरी क्या है?

परिचय

हाइटल हर्निया सर्जरी क्या है?

हाइटल हर्निया पेट से संबंधित एक समस्या है। जिसमें पेट सीने की तरफ खिसकने लगता है। हाइटल हर्निया सर्जरी से हाइटल हर्निया की समस्या ठीक हो जाती है। हर्निया शब्द को साधारण शब्दों में आंत का उतरना भी कहा जाता है। लेकिन इसका संबंध पेट से होता है। जो सर्जरी के बाद ठीक हो जाता है। 

और पढ़ें : हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) : एसिडिटी और बदहजमी को न करें नजरअंदाज

हाइटल हर्निया सर्जरी की जरूरत कब होती है?

हाइटल हर्निया के ज्यादातर मामलों में पूरे लक्षण सामने नहीं आते हैं। इसके लक्षणों में सीने में जलन, एसिड रिफ्लक्स या गेस्ट्रोओएसोफेजियल रिफ्लक्स डिसऑर्डर (GERD) प्रमुख हैं। दवाओं और लाइफस्टाइल बदलने से हाइटल हर्निया बिना सर्जरी के ठीक हो सकती है। लेकिन कुछ मामलों में डॉक्टर सर्जरी की ही सलाह देते हैं, जैसे:

  • लक्षणों के सामने आने के बाद भी दवाओं से आराम न होना
  • हर्निया के दबने के कारण हर्निएट टिश्यू तक खून का प्रवाह (Blood Supply) नहीं हो पाना, ये स्थिति घातक साबित हो सकती है। 
  • फूड पाइप यानी कि भोजन की नली में ब्लीडिंग, छाला या सिकुड़न होना, जिसे एसोफेजियल स्ट्रीक्चर के नाम से जाना जाता है।

और पढ़ें : यह फूड बिगाड़ सकते हैं आपके पेट का मिजाज

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जोखिम

हाइटल हर्निया सर्जरी करवाने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

हर किसी को हाइटल हर्निया सर्जरी की जरूरत नहीं होती है। जिन मरीजों पर दवाओं का असर नहीं होता है तो डॉक्टर उन्हीं को हाइटल हर्निया सर्जरी कराने की सलाह देते हैं। 

हाइटल हर्निया सर्जरी के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

हाइटल हर्निया सर्जरी में होने वाले कुछ संभावित रिस्क इस प्रकार हैं :

  • संक्रमण
  • ब्लीडिंग
  • पेट के आसपास घाव हो जाना
  • बेहोश या सुन्न करने के साइड इफेक्ट
  • निमोनिया
  • खून का थक्का जम जाना 
  • सूजन आ जाना, क्योंकि पेट को सर्जरी के बाद टाइट बांधा जाता है।
  • हृदय संबंधी समस्याएं
  • सीने में जलन का बने रहना
  • लैप्रोस्कोपी सर्जरी के बाद ज्यादातर लोग पेट में दर्द महसूस करते हैं। साथ ही सीने के भाग में सूजन हो जाती है। जो 48 घंटे में ठीक हो पाती है।
  • सर्जरी में सर्जन जहां पर चीरा लगाते हैं,वहां पर कुछ लोग झुनझुनाहट या जलन के साथ दर्द महसूस करते हैं। 

हाइटल हर्निया सर्जरी में कई तरह के कॉम्प्लिकेशन सामने आते हैं। आपको इन सभी के बारे में जानकारी होना चाहिए। लेकिन ये जरूरी नहीं है कि ये साइड इफेक्ट्स सभी में दिखाई दी।

और पढ़ें : पेट दर्द के सामान्य कारण क्या हो सकते हैं ?

प्रक्रिया

हाइटल हर्निया सर्जरी के लिए मुझे खुद को कैसे तैयार करना चाहिए?

डॉक्टर आपको बताएंगे कि सर्जरी के लिए कैसे तैयार होना है। सर्जरी के पहले आप अपने डॉक्टर द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करें :

  • आपको सर्जरी से पहले तीन से चार किलोमीटर रोज चलना चाहिए।
  • सांस से संबंधित एक्सरसाइज करनी चाहिए
  • सर्जरी से चार हफ्ते पहले से स्मोकिंग छोड़ देनी चाहिए
  • आपको सर्जरी से एक हफ्ते पहले से क्लॉपिडॉग्रेल (clopidogrel) नामक दिल की दवा लेनी बंद करनी पड़ सकती है
  • नॉनस्टेरॉइडल एंटी इन्फ्लेट्रीज (NSAIDs) दवाएं एक हफ्ते पहले से नहीं लेना चाहिए।
  • आपको सर्जरी से 12 घंटे पहले से कुछ भी खाना पीना नहीं रहेगा। इसलिए लिक्विड डायट पर भी न रहें। आपके सर्जन आपका ध्यान रखेंगे। 

और पढ़ें : Shoulder surgery : शोल्डर (कंधे) सर्जरी क्या है?

हाइटल हर्निया सर्जरी में होने वाली प्रक्रिया क्या है?

हाइटल हर्निया सर्जरी करने में लगभग तीन घंटे का समय लगता है। यह सर्जरी तीन तरीकों से होती हैं।

  1. ओपन रिपेयर
  2. लैप्रोस्कोपिक रिपेयर
  3. एंडोल्यूमिनल फंडॉप्लिकेशन

सभी तरह की सर्जरी करने के लिए एनेस्थेटिस्ट आपको जरूरत के हिसाब से सुन्न या बेहोश करेंगे। इसके बाद सर्जरी शुरू की जाएगी। 

ओपन रिपेयर (Open repair)

ये सर्जरी कभी कभार ही इस्तेमाल किया जाता है। इस सर्जरी में सर्जन पेट और सीने के बीच में एक बड़ा चीरा लगाते हैं। फिर, पेट को सर्जन फिर से सही जगह पर वॉपस कर देते हैं। वहीं, एसोफेगस को टाइट कर के बांध देते हैं ताकि पेट फिर से ऊपर न खिसक सके। इसके साथ ही सर्जन पेट में एक ट्यूब लगाएंगे, लेकिन इसे दे से चार हफ्ते बाद निकाल लेंगे। फिर चीरे पर टांके लगा देते हैं। 

और पढ़ें : पेट दर्द (Stomach Pain) से बचने के प्राकृतिक और घरेलू उपाय

लैप्रोस्कोपिक रिपेयर (Laparoscopic repair)

लैप्रोस्कोपिक रिपेयर विधि में संक्रमण का रिस्क न के बराबर होता है। इस सर्जरी में सर्जन पेट में तीन से पांच स्थानों पर छोटे-छोटे चीरे लगाएंगे। इन चीरों के जरिए लैप्रोस्कोप को पेट के अंदर डालते हैं। लैप्रोस्कोप पेट के अंदर की तस्वीरें मॉनिटर पर भेजता है। जिसे देखकर सर्जन समझते हैं कि किस तरह से इलाज करना है। फिर सर्जन पेट का एब्डॉमिनल कैविटी में रख देते हैं और पेट के ऊपरी हिस्से को और एसोफेगस के नीचे के हिस्से को सर्जन बांध देते हैं। फिर चीरे पर टांके लगा देते हैं। 

एंडोल्यूमिनल फंडॉप्लिकेशन (Endoluminal fundoplication)

एंडोल्यूमिनल फंडॉप्लिकेशन अभी एक नई प्रक्रिया है। इसमें किसी भी तरह के संक्रमण का रिस्क काफी कम होता है। इस सर्जरी में सर्जन चीरा नहीं लगाते हैं। बल्कि एंडोस्कोप को मुंह के जरिए पेट में भेजते हैं। एंडोस्कोप में कैमरा लगा होता है, जो पेट के अंदर की तस्वीरों को मॉनिटर पर भेजता है। एंडोस्कोप के जरीए ही सर्जन पेट और एसोफेगल के बीच में क्लिप लगाते हैं। जो पेट में मौजूद एसिड और खाने को एसोफेगस में आने से रोकता है। 

और पढ़ें : पेट दर्द के ये लक्षण जो सामान्य नहीं हैं

हाइटल हर्निया सर्जरी के बाद क्या होता है?

  • हाइटल हर्निया सर्जरी के बाद आपको डॉक्टर सलाह देंगे कि आप सर्जरी के लिए चीरे गए हिस्से और टांके को साबुन और पानी की मदद से धीरे-धीरे साफ करते रहें। 
  • ओपन सर्जरी के तीसरे या पांचवे दिन घर जा सकते हैं। वहीं, आप अन्य सर्जरी में अगले दिन घर जा सकते हैं।
  • आप तीन महीने के बाद ऑफिस या काम पर वापस जा सकते हैं।
  • पूल, टब, शॉवर आदि में नहाने से बचें।
  • सर्जरी के बाद डॉक्टर आपको स्पेशल डायट पर रखते हैं। जिसे आपको थोड़ा-थोड़ा कर के दिन में चार से छह बार खाना पड़ेगा। इसलिए सबसे पहले आप लिक्विड डायट पर ही रहें। 
  • सर्जन द्वारा दिए गए दवाओं को हमेशा खाने के साथ ही लें।
  • इन सभी बातों के अलावा अगर आपको किसी भी तरह की समस्या आती है तो अपने सर्जन और डॉक्टर से जरूर मिलें और परामर्श लें।
और पढ़ें : योग दिला सकता है हर्निया से राहत, इन बातों को जानें

रिकवरी

हाइटल हर्निया सर्जरी के बाद मुझे खुद का ख्याल कैसे रखना चाहिए?

आपको हाइटल हर्निया सर्जरी के बाद कुछ चीजों को नजरअंदाज करने की जरूरत है :

  • पाइप यानी कि स्ट्रॉ से कुछ भी न पीएं
  • गैस बनाने वाले भोजन को न लें
  • कार्बोनेट ड्रिंक न लें
  • शराब का सेवन न करें
  • टमाटर की बनी हुई चीजें न खाएं

डॉक्टर द्वारा बताइ गई सांस और खांसी वाली एक्सरसाइज को रोज जरूर करें। इसे करने से आपके डायफ्राम के मजबूती मिलेगी। रोजाना टहलने से आपके पेट में खून का जमाव होने से बचेगा। इस सर्जरी को ठीक होने में लगभग 10 से 12 हफ्ते लगते हैं। रिकवरी के दौरान ड्राइविंग करने से बचें। 

अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने सर्जन से जरूर पूछ लें। 

डिस्क्लेमर

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