हार्ट हेल्थ को रखना है दुरस्त, तो ये मुद्राएं आ सकती हैं आपके काम!

    हार्ट हेल्थ को रखना है दुरस्त, तो ये मुद्राएं आ सकती हैं आपके काम!

    हमारे शरीर में हार्ट (Heart) का अहम रोल होता है। अगर हार्ट में किसी प्रकार की समस्या हो जाए, तो पूरे शरीर की क्रियाप्रणाली बिगड़ जाती है। अगर हम शुरुआत से हार्ट को हेल्दी रखेंगे, तो कई समस्याओं से बचा जा सकता है। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए बुरी आदतों जैसे कि स्मोकिंग, एल्कोहॉल का सेवन आदि बहुत जरूरी है। साथ ही खाने में अधिक फैट खाना या फ्राइड फूड्स का सेवन भी हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा नहीं होता है। हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाने में हेल्दी फूड्स के साथ ही एक्सरसाइज और योग भी अहम भूमिका निभाता है। आज हम आपको हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं (Mudras for heart) कौन-सी की जा सकती हैं, इस बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। आप एक्सपर्ट से सलाह लेने के बाद भी इन मुद्राओं का अभ्यास कर सकते हैं। जानिए हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं (Mudras for heart) करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए और इसका अभ्यास कितने समय तक करना चाहिए।

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    हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं (Mudras for heart)

    मुद्रा संस्कृत शब्द से जुड़ कर बना है, जिसका अर्थ किसी चिन्ह या मुहर से है। मुद्रा के दौरान ऐसे गैस्चर बनाएं जाते हैं, जो शरीर को खुशी देने के साथ ही रिलेक्स फील करवाते हैं। मुद्रा के दौरान हाथों का मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है, जिससे शरीर के साथ ही ब्रेन में एनर्जी फ्लो होता है। आय पुजिशन, बॉडी पोस्चर और ब्रीथिंग टेक्नीक की हेल्प से इसे किया जाता है। कर्लिंग (Curling), क्रॉसिंग (Crossing), स्ट्रेचिंग (Stretching) और उंगलियों और हाथों को छूकर संवाद स्थापित किया जाता है। मुद्राएं कई प्रकार की होती है। जानिए हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं (Mudras for heart) कौन-सी अपनाई जा सकती हैं।

    हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं : अपान वायु मुद्रा (Apana-vayu-mudra)

    हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं (Mudras for heart)

    अपान वायु मुद्रा (Apana-vayu-mudra) आपके हार्ट को फायदा पहुंचाने वाली मुद्रा है। इस मुद्रा में हाथों का इस्तेमाल किया जाता है। ये मुद्रा स्ट्रेस, टेंशन आदि को दूर भगाने का काम करती है और इसे करने के बाद रिलेक्स फील करवाती है। ऐसा माना जाता है कि सालों पहले अपान वायु मुद्रा का इस्तेमाल दिल के दौरे (Heart attacks) से बचने के लिए किया जाता है। गैस्ट्रिक समस्या (Gastric problem), हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को कम करने के साथ ही ये मुद्रा धड़कनों (Palpitations) की गति को भी नियमित करने का काम करती है। इस मुद्रा को ‘मृतसंजीवनी मुद्रा (‘Mritasanjeevani Mudra)’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह व्यक्ति को तुरंत राहत प्रदान करती है। जानिए कैसे करते हैं इस मुद्रा को।

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    • अपान वायु मुद्रा (Apana-vayu-mudra) करने के लिए सबसे पहले खुले और शांत वातावरण का चुनाव करें।
    • अब आसन या फिर चेयर में बैठ जाएं और दोनों हाथों को बाहर की ओर फैलाएं और उन्हें जांघों के सहारे रखें।
    • अब दोनों हाथाों की मिडिल और रिंग फिंगर की टिप को अंगूठे की टिप में टच कराएं।
    • इंडेक्स फिंगर को फोल्ड करें ताकि वो थंब की बेस को टच कर सके।
    • छोटी उंगली को बाहर की ओर फैलाएं।

    आपको इस मुद्रा के दौरान सांस को अंदर खींचते समय और बाहर छोड़ते समय जाप भी करना चाहिए। ऐसा करने से आपको काफी रिलेक्स फील होगा।

    हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं : प्राण मुद्रा (Prana Mudra)

    हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं (Mudras for heart)

    प्राण मुद्रा (Prana Mudra) हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद मानी जाती है। ये मुद्रा जीवन शक्ति को बढ़ाने का काम करती है। प्राण वायु हमारे जीवों के लिए बहुत जरूरी होती है। नॉस्ट्रिल, फेस, हार्ट और सांस से संबंधित ऑर्गन में प्राण वायु पाई जाती है। ये मुद्रा अपनाने से हार्ट हेल्थ (Heart health) के साथ ही इम्यून सिस्टम में भी सुधार होता है। जानिए कैसे कर सकते हैं प्राण मुद्रा (Prana Mudra)।

    • इस मुद्रा का अभ्यास करने के लिए दोनों हाथों की उंगुलियों को पहले फैलाएं।
    • अब सबसे पहले अपनी रिंग फिंगर और लिटिल फिंगर को थंब यानी अंगूठे से जोड़ें।
    • अन्य फिंगर को सीध में रखें।
    • अब आपको सांस को इनहेल करें और फिर बाहर की ओर छोड़ें।
    • इस मुद्रा के दौरान बॉडी पॉस्चर पर पूरा ध्यान रखें। पीठ को सीध में रखें।

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    हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं: सूर्य मुद्रा (Surya Mudra)

     मुद्राएं

    हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं (Mudras for heart) चुनने के दौरान आपको सूर्य मुद्रा का भी चयन करना चाहिए। सूर्य मुद्रा को अग्नि मुद्रा भी कह सकते है। जैसा कि नाम से पता चल रहा है कि इस मुद्रा से भी हार्ट की हेल्थ दुरस्त रहती है। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए वजन में नियंत्रण और ब्लड शुगर का कंट्रोल रहना बहुत जरूरी होता है। ये मुद्रा वेट को कम करने के साथ ही डायबिटीज के पेशेंट के लिए भी फायदेमंद होती है। अगर आपको आलस की समस्या रहती है, तो आपको सूर्य मुद्रा का अभ्यास जरूर करना चाहिए।

    • सबसे पहले सुखासन में बैठ जाएं और फिर हाथों को आराम से पैरों के ऊपर रखें।
    • अब उंगुलियों को फैलाएं और फिर रिंग फिंगर को मोड़कर थंब या अंगूठे के निचले हिस्से में टच कराएं।
    • बाकी फिंगर को आपको सीध में रखना है।

    सूर्य मुद्रा का अभ्यास अगर आप रोजाना 10 से 15 मिनट भी करते हैं, तो आपको थायरॉइ (Thyroid) की समस्या से राहत मिलती है। इस तरीके से ये हार्ट हेल्थ को भी लाभ पहुंचाती है। आप इस मुद्रा का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं। हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता हैं।

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    हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं: लिंग मुद्रा (Linga mudra)

     मुद्राएं (Mudras for heart)

    लिंग मुद्रा की मदद से वजन घटाने और मधुमेह के रोगियों के लिए सबसे लाभदायक मुद्रा मानी जाती है। अगर ये दोनों समस्याएं नियंत्रण में रहती हैं, तो हार्ट से संबंधित बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है। हेल्दी हार्ट के लिए आप ये मुद्रा अपना सकते हैं।

    • सबसे पहले सुखासन अवस्था में बैठ जाएं और दोनों हाथों को आसाम में पैर के ऊपर रखें।
    • अब अपने दोनों हाथों की फिंगर को एक-दूसरे से मिलाएं और अंगूठे को सीध में रखें।
    • अब आप सांस को अंदर खींचते हुए ध्यान करें और फिर सांस बाहर छोड़ें।
    • आप इस मुद्रा का अभ्यास 15 मिनट या उससे अधिक समय के लिए कर सकते हैं।

    हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं अपना रहे हैं, तो एक्सपर्ट की राय भी लेनी चाहिए। अगर आपको हार्ट संबंधी बीमारी के लक्षण (Heart disease symptoms) दिख रहे हैं, तो आपको सबसे पहले डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ट्रीटमेंट के साथ ही आप डॉक्टर से सलाह लेने के बाद हार्ट के लिए मुद्रा का अभ्यास कर सकते हैं।

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    हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको हार्ट हेल्थ के लिए मुद्राएं (Mudras for heart) के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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    Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 20/05/2022 को
    Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड