Tea Tree Oil : टी-ट्री ऑइल क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

उपयोग

टी-ट्री ऑइल किसलिए इस्तेमाल किया जाता है?

टी-ट्री ऑइल (Tea Tree Oil) चाय के पेड़ की पत्तियों से निकाला जाता है। ये तेल नीचे दी हुई मेडिकल कंडिशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जैसे:

  • मुंहासे
  • नाखून में फंगल इंफेक्शन
  • सिर में जूं हो जाना
  • खुजली
  • दाद
  • जलने कटने या घाव र घरेलू एंटीसेप्टिक के रूप में
  • कीड़े के काटने या डंक मारने पर
  • फोड़े होने पर
  • दाद लैबियालिस
  • दांतो में दर्द
  • पैरों पर दाद
  • नाक या मुंह का इंफेक्शन
  • गले में खराश
  • कान का इंफेक्शन

कैसे काम करता है टी-ट्री ऑइल?

कुछ लोग इसका इस्तेमाल नहाने के पानी में, खांसी, ब्रोंकियल कंजेशन और फेफड़े की सूजन के इलाज के लिए करते हैं।

दूसरी कई चीजों में में भी यह ऑइल उपयोग किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट से सलाह लें।

सावधानियां और चेतावनियां

टी-ट्री ऑइल का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट या हर्बल एक्सपर्ट से सलाह लें, अगर :

  • आप प्रेग्नेंट हैं या प्रेग्नेंसी प्लान करने का सोच रही हैं या फिर बच्चे को स्तनपान कराती हैं, तो इस दौरान आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए। क्योंकि, इस अवस्था मे आपको डॉक्टर की बताई दवाओं का ही सेवन करना चाहिए।
  • आपको सभी दवाओं के बारे में बताना चाहिए, जो आप डॉक्टरी सलाह या बिना किसी सलाह के सेवन कर रही हैं।
  • आपको टी-ट्री ऑयल, दवा या किसी अन्य जुड़ी-बूटी से कोई एलर्जी तो नहीं।
  • आपको किसी दूसरी चीजों से एलर्जी तो नहीं, जैसे, खाने, रंग, खाने को सुरक्षित रखने वाले पदार्थ या जानवरों से।

किसी भी हर्बल सप्लिमेंट का इस्तेमाल करने के नियम उतने ही सख्त होते हैं, जितने कि अंग्रेजी दवा के। सुरक्षा के लिहाज से, अभी इसमें और अध्ययन की जरूरत है। इस ऑइल से होने वाले फायदे से पहले आपको इसके खतरों को भी जानना चाहिए। ज्यादा जानकारी के लिए अपने हर्बल एक्सपर्ट से बात करें।

टी-ट्री ऑइल कितना सुरक्षित है?

बच्चे: आमतौर पर ये तेल बच्चों के लिए सुरक्षित है, लेकिन टी-ट्री ऑइल का इस्तेमाल करने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।

गर्भावस्था और स्तनपान:

स्किन या त्वचा पर इस्तेमाल के दौरान ये सेफ हैं। लेकिन, अगर आप खाद्य पदार्थ के रूप में इसका सेवन करते हैं, तो ये असुरक्षित हो सकता है।

टी-ट्री ऑइल के साइड इफेक्ट

टी-ट्री ऑइल से मुझे किस तरह के नुकसान हो सकते हैं?

टी-ट्री ऑइल पैदा कर सकता है :

  • त्वचा की जलन
  • सूजन
  • त्वचा में सूखापन
  • खुजली
  • चुभन
  • जलन
  • त्वचा लाल पड़ना
  • लड़कों में गाइनेकोमास्टिया (असामान्य स्तन वृद्धि)
  • उलझन
  • चलने में दिक्कत
  • अस्थिरता
  • लाल चकत्ते
  • कोमा

जरूरी नहीं कि दिए गए साइड इफेक्ट का ही आपको सामना करना पड़े । ये दूसरे प्रकार के भी हो सकते हैं, जिन्हें शामिल नहीं किया गया है। अगर आपको टी-ट्री ऑइल के साइड इफेक्ट को लेकर कोई शंका है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

इंटरैक्शन

टी-ट्री ऑइल के साथ मेरे क्या इंटरेक्शन हो सकते हैं?

यह आपकी दवाओं और मेडिकल कंडिशंस पर उल्टा प्रभाव डाल सकता है। इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

मात्रा/डोज

टी-ट्री ऑइल की सामान्य खुराक क्या है?

वयस्कों के लिए निर्धारित खुराक (18 वर्ष या उससे अधिक) :

नाखून में फंगस के लिए (onychomycosis)

छह महीने तक रोजाना दिन में दो बार 100 प्रतिशत टी-ट्री ऑयल लगाया जा सकता है।

एथलीट फूट के लिए

एक महीने के लिए रोजाना दिन में दो बार 25 या 50 प्रतिशत टी-ट्री ऑइल लगाया जा सकता है। इसके अलावा, 10 प्रतिशत टी-ट्री ऑइल की क्रीम का भी सेवन किया जा सकता है।

मुंहासे के लिए :

5 प्रतिशत टी-ट्री ऑयल जेल रोजाना मुंहासों पर लगाया जा सकता है।

बच्चों के लिए :

आंखों के इंफेक्शन होने पर :

50 प्रतिशत टी-ट्री ऑइल से आईलिड पर स्क्रब या पांच प्रतिशत टी-ट्री ऑइल ऑइंटमेंट से आईलिड मसाज की जा सकती है।

त्वचा संक्रमण के लिए:

टी-ट्री ऑयल की चार माइक्रोलिटर ड्रॉप प्लस आयोडीन के साथ रोजाना दो बार एक महीने के लिए घाव पर लगाएंय़

वायरल वार्ट्स/मस्सा

12 दिन तक रोजाना एक बार टी-ट्री ऑइल लगाएं।

इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है।

हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। कृपया अपनी उचित खुराक के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से बात करे ।

टी-ट्री ऑइल किस रूप में आता है?

  • साबुन, शैंपू, और टूथपेस्ट
  • दर्द निवारक तेल
  • सॉल्युशन या घोल
  • जैल

हेलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

सूत्र

रिव्यू की तारीख जुलाई 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया जुलाई 29, 2019