जानें टाइफाइड के घरेलू उपाय और पायें इस बीमारी के कष्ट से राहत

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट July 14, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
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टाइफाइड सामान्य रोग है। भारत के हर राज्य से लेकर जिलों में इस बीमारी के मरीज देखने को मिलते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि टाइफाइड एक प्रकार का बैक्टीरियल इंफेक्शन है,  यह  बीमारी सैल्मोनेला टाइफी (Salmonella typhi) बैक्टीरिया के कारण होती है। टाइफाइड बुखार गंदा पानी, गंदा खाना के कारण या वैसे व्यक्ति जो पहले से टाइफाइड की बीमारी से संक्रमित हैं उसके संपर्क में आने से यह बीमारी होती है। टाइफाइड के घरेलू उपाय व नुस्खों को अपनाकर इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। आइए इस आर्टिकल में टाइफाइड के घरेलू उपाय को जानने के साथ उसके अनुसार बचाव से जुड़े अहम तथ्यों के बारे में जानते हैं। इस आर्टिकल में टाइफाइड बुखार, इसके लक्षण और इससे बचाव के घरेलू उपाय दिए गए हैं।

टाइफाइड की बीमारी होने से मरीज में दिखने वाले लक्षण

जैसे-जैसे यह बीमारी बढ़ती है उसके हिसाब से ही मरीज के लक्षण भी बढ़ते हैं। एक से तीन सप्ताह में बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं। बीमारी के लक्षण दिखने पर जल्द डॉक्टरी सलाह लें, लक्षणों को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। टाइफाइड होने से मरीजों को शुरुआती दिनों में होने वाले लक्षण

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टाइफाइड के घरेलू उपाय में सबसे पहले आहार में करें बदलाव

यदि किसी को यह बीमारी हो जाती है तो टाइफाइड के घरेलू उपाय में सबसे पहले उसकी डाइट में इस प्रकार से बदलाव करें, नीचे बताए गए खाद्य पदार्थों को उसे न दें। जैसे ;

  • उच्च रेशेदार पदार्थों खाने के लिए न दें
  • पपीता, शकरकंद, साबुत अनाज न खाने दें
  • मक्खन, घी, पेस्ट्री तले हुए आहार, मिठाईयां न परोसें
  • बाजार में बनी चीजों को न खाने दें
  • मांसाहार भोजन से परहेज
  • भूख से थोड़ा कम ही खाएं
  • प्याज, लहसुन व तीव्र गंध वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें
  • मसाले जैसे मिर्च, सॉस, सिरका से परहेज करें
  • गैस बनाने वाले आहार जैसे अनानास, कटहल न खाएं
  • चाय, कॉफी, शराब, सिगरेट का सेवन न करें

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टाइफाइड के घरेलू उपाय के लिए इन बातों पर दें ध्यान

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं : डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए तरल खाद्य पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा होने से समय समय पर शौच व पेशाब होता है, इससे हमारे शरीर का टॉक्सिन भी निकल जाता है। पानी के अलावा टाइफाइड के घरेलू उपाय में मरीज को फ्रूट जूस, नारियल पानी, सूप आदि दे सकते हैं।
  • ठंडे पानी की पट्टी : बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को बुखार रहता है, रोगी के शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल कर मरीज के सिर  पर ठंडे पानी की पट्टियां लगानी चाहिए। ठंडी पट्टियों को लगाने से मरीज के शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है।
  • ओआरएस का घोल पीएं : टाइफाइड के घरेलू उपाय में आप मरीज को ओआरएस का घोल पिला सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि डब्ल्यूएचओ से मान्यता प्राप्त ओआरएस ही मरीज को पिलाएं। मेडिकल स्टोर से ओआरएस का घोल लेकर घर पर ही तैयार कर मरीज को दें। आप चाहें तो ओआरएस का घोल घर पर ही तैयार कर सकते हैं, इसके लिए नमक और चीनी को हल्के गुनगुने पानी में मिला लें, फिर मरीज को दें।

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  • तुलसी का इस्तेमाल : बीमारी के लक्षणों से बचाव के लिए तुलसी और सूरजमुखी के पत्तों का रस निकालकर पीएं, लक्षणों से आराम मिलेगा। तुलसी एंटीबायटिक होने के साथ इसमें एंटीमाइक्रोबायल गुण होते हैं। हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने के साथ मोटापा कम करती है। चार से पांच तुलसी की पत्तियों को पेस्ट बना लें, उसमें गोल मिर्च का पाउडर डालें, केसर की कुछ कलियां डालें। इन्हें मिलाकर तीन भाग में बांट लें। वहीं खाना खाने के बाद इसका सेवन करें आपको राहत मिलेगा।
  • बीमारी के लक्षणों से आराम के लिए फलों का जूस : डिहाइड्रेशन के कारण यह बीमारी होती है, इसलिए मरीज समय समय पर तरल पदार्थ का सेवन करते रहे। ताजा फल व हर्बल चाय पीएं। पानी को उबालकर पीएं।
  • सेब का जूस : सेब के जूस में अदरक का जूस मिलाकर पीने से राहत मिलती है।
  • लहसुन से बनाएं औषधी :  लहसुन नेचुरल एंटीबायटिक होता है, बीमारी से राहत पाने के लिए घी में पांच से सात लहसुन की कलियों को निकालकर पीसें, सेंधा नमक मिलाएं और खाएं।
  • लौंग से इलाज : आठ कप पानी में पांच से सात लौंग को डालकर उबालें, आधा पानी रहने पर उसे छानकर अलग कर लें। इस पानी को दिनभर पीएं, इससे कमजोरी दूर होगी। लौंग में ऐसे गुण होते हैं जिससे यह टाइफाइड के बैक्टीरिया से लड़ सकता है।
  • शहद का सेवन : गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीएं। ऐसा करना काफी फायदेमंद होता है।
  • एप्पल साइडर विनेगर है कारगर : टाइफाइड के घरेलू उपाय के लिए आप एप्पल साइडर विनेगर का इस्तेमाल कर सकते हैं। एप्पल साइडर विनेगर हमारे शरीर में पीएच लेवल को मेनटेन रखने का काम करता है। स्किन से यह गर्मी को निकाल शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। टाइफाइड के कारण डायरिया होने से शरीर से मिनरल्स की क्षति होती है, वहीं एप्पल साइडर विनेगर उस क्षति की पूर्ति करता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को पानी में डालें, फिर उसमें स्वादानुसार शहद डालें वहीं इसे भोजन के पहले सेवन करें।
  • अदरक : अदरक में एंटीऑक्सीडेटिव प्रॉपर्टीज होती हैं, यह टाइफाइड के घरेलू उपाय में काफी मददगार साबित हो सकता है। हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने के साथ यह शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है। अदरक की दो कलियों को खाली पेट सेवन करें। ध्यान रखें, यदि आप गर्भवती हैं या फिर आप किशोर व बच्चे हैं तो इसका सेवन कतई न करें।

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  • केला का सेवन कर पाएं राहत : टाइफाइड के घरेलू उपाय में आप केला को शामिल कर सकते हैं। केला में पेक्टिन (pectin) होता है, यह तरल को पचाने में हमारे इंटेस्टाइन को मदद करता है, जिस कारण डायरिया होना कम होता है। लूज मोशन्स होने की वजह से शरीर में हुए पोटेशियम की कमी को पूरा करने के साथ यह इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस करता है। टाइफाइड में इसका सेवन सबसे सही घरेलू उपाय में एक है।
  • त्रिफला चूर्ण है मददगार : बुखार व टाइफाइड की बीमारी होने पर त्रिफला चूर्ण का सेवन करना काफी मददगार साबित हो सकता है। यह सैमोनिला टाइफी बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है। यह पाउडर और टैबलेट के रूप में उपलब्ध है।
  • अनार का करें सेवन : टाइफाइड के घरेलू उपाय आजमाने के लिए आप अनार का सेवन कर सकते हैं। इसका सेवन कर हम डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं। आप चाहे तो इसका सेवन सामान्य रूप से या फिर जूस निकालकर भी पी सकते हैं।

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इस बीमारी से बचाव के लिए इन टिप्स को करें फॉलो

  • संक्रमित व्यक्ति के टॉवेल, ग्लास व नैपकीन का इस्तेमाल न करें
  • मीठा न खाने के साथ कॉफी का सेवन न करें
  • हाथ को धोएं : नियमित तौर पर गर्म पानी और साबुन से हाथ धोकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। कोशिश यही रहनी चाहिए कि खाना खाने से पहले और खाना बनाने के पहले हाथों को अच्छी तरह से धोकर बनाना चाहिए। वहीं टॉयलेट से आने के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोना चाहिए। कोशिश करें कि एल्कोहल बेस्ड सैनेटाइजर का इस्तेमाल नियमित तौर पर करें ताकि हाथों से बैक्टीरिया मर जाए।
  • शुद्ध पानी ही पीएं : भारत में ज्यादातर लोगों को दूषित पानी पीने के कारण यह बीमारी होती है। इसलिए जरूरी है कि शुद्ध पानी ही पीएं। बिना ट्रीटमेंट या प्यूरीफाई किया हुआ पानी पीना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यदि अच्छा पानी न मिले तो बॉटल वाला मिनरल वाटर पीएं। कार्बोनेटेड वाटर पीना भी काफी सुरक्षित रहता है।
  • खुली हुई सब्जियों व फलों को खाने से करें परहेज : फलों और सब्जियों को हमेशा धोकर ही खाएं। बाजार से वैसे फलों को खाने से परहेज करें जिसे आप छिल नहीं सकते।
  • बीमारी से संक्रमित व्यक्ति दूसरों के लिए न बनाए खाना : यदि कोई इस बीमारी से संक्रमित है तो सही यही है कि जब तक व्यक्ति इस बीमारी से ठीक न हो जाए तबतक दूसरों के लिए खाना नहीं बनाना चाहिए। यदि आप फूड इंडस्ट्री या फिर हेल्थ केयर में सुविधा देने का काम करते हैं तो आपको सलाह दी जाती है कि जब तक आप बीमारी से ठीक न हो तब तक काम पर न लौटें।

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डॉक्टरी सलाह लें व आराम करें

यदि गर्भवती और बच्चे को टाइफाइड की बीमारी हुई है तो जरूरी है कि आप डॉक्टरी सलाह लेने के बाद ही टाइफाइड के घरेलू उपाय को आजमाएं। वहीं इस बीमारी से पीड़ित लोगों को इस बीमारी से लड़ने के लिए इन उपायों को आजमाने के साथ पूरी तरह आराम करना चाहिए, भूख से कम भोजन करना चाहिए, शुद्द पानी पीना चाहिए और सबसे अहम धैर्य रखना चाहिए। ऐसा कर वो बीमारी से जल्द से जल्द ठीक हो सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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