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Astragalus: एस्ट्रागैलस क्या है?

परिचय|उपयोग|साइड इफेक्ट्स|डोजेज|उपलब्ध
Astragalus: एस्ट्रागैलस क्या है?

परिचय

एस्ट्रागैलस क्या है?

एस्ट्रागैलस एक पौधा है, जिसका सदियों से पारंपरिक चीनी चिकित्सा में अन्य जड़ी बूटियों के साथ प्रयोग किया जाता आ रहा है। इसे खासतौर पर स्ट्रेस और दूसरी दिमागी बीमारियों के लिए कारगर माना जाता है। इसका इस्तेमाल डाइट सप्लीमेंट की तरह भी करते हैं। कई बार ब्लड फ्लो को बढ़ाने के लिए इसे स्किन पर लगाया जाता है। जख्मों को भरने में भी ये काफी लाभदायक है। इसकी 200 से ज्यादा प्रजातियां मौजूद हैं। इसकी जड़ों में कई सक्रिय कंपाउंड होते हैं जो बहुत तरह से हमारे स्वास्थय के लिए अच्छे होते हैं।

एस्ट्रागैलस का उपयोग किस लिए किया जाता है?

एस्ट्रागैलस को इसलिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि, इसमें एडाप्टोजेन होता है और ये शरीर की आवश्यकताओं के आधार पर अपने कार्य को बदलने में सक्षम है। एस्ट्रागैलस के इस्तेमाल से कई तरह के स्वास्थय लाभ होते हैं जैसे कोल्ड, डायबिटीज, अपर रेसपिरेटरी प्रोब्लम्स, आर्थराइटिस, अस्थमा और ब्लड प्रेशर। हीलिंग फूड बूक के अनुसार, एस्ट्रागैलस इम्यूनिटी को बढ़ाने के साथ एनर्जी लेवल को बढ़ाता है।

दिल को रखे स्वस्थ:

बहुत सारे शोध में मालूम हुआ है कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए एस्ट्रागैलस अच्छे हर्बस में से एक है। इसमें अच्छी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मददगार है।

इम्यून सिस्टम को करे मजबूत:

रिसर्च में पाया गया कि एस्ट्रागैलस शरीर में व्हाइट ब्लड सेल्स के उत्पादन को बढ़ाता है जो, कई बीमारी को रोकने में सक्षम होते हैं। जानवरों पर किए गए शोध में पता चला कि एस्ट्रागैलस की जड़ ने चूहों में बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट किया। हालांकि ये मनुष्यों में संक्रमण से लड़ने में सक्षम है या नहीं इसे निर्धारित करने के लिए अधिक शोध करने की आवश्यकता है।

कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स को कम करता है:

एक रिसर्च के मुताबिक कीमोथेरेपी में होने वाले साइड इफेक्ट्स जैसे जी मचलाना, उल्टी, डायरिया, बोन मैरो सप्रेशन आदि से राहत पहुंचाता है।

डायबिटीज:

एस्ट्रागैलस से ब्लड शुगर और इंसुलिन लेवल कंट्रोल में रहता है।

स्ट्रेस को करता है दूर:

चिंता और तनाव हमारे स्वास्थय पर बुरे प्रभाव डालते हैं। एस्ट्रागैलस तनाव के स्तर को कम कर हमारे मन को शांति प्रदान करता है। जो लोग मूड स्विंग्स से परेशान रहते हैं वो इस जड़ी बूटी से लाभ उठा सकते हैं। स्ट्रेस लेने से हमेशा बचना चाहिए। बदलते और इस भागदौर की जिंदगी में सब कहीं-कहीं किसी न कारण तनाव में रहते हैं लेकिन, जरूरत से ज्यादा तानव में रहना कई सारी परेशानियों को जन्म देने में आसानी से सक्षम है। इसलिए कोशिश करें कम से कम तनाव में रहना का।

नींद न आना:

इनसोम्निया, स्लीपलेसनेस, अच्छी नींद न आना, ऐसी तकलीफों को एस्ट्रागैलस के नियमित सेवन से ठीक किया जा सकता है। ओवरऑल स्वास्थय को ठीक करने, मेटाबॉलिस्म और हॉर्मोन को बैलेंस करने के साथ ये आपको अच्छी नींद में भी मदद करेगा। रोजाना 6 से 8 घंटे की अच्छी नींद नहीं लेने से शारीरिक परेशानी भी शुरू हो सकती है। आप फ्रेश महसूस नहीं करेंगे और आप अपने काम भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएंगे। अच्छी नींद से सोचने, समझने और याद रखने की क्षमता बेहतर होती है।

अनियमित माहवारी का इलाज:

एस्ट्रागैलस को दूसरे हर्बल्स के साथ लेने पर माहवारी को नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आपको पीरियड्स (मासिक धर्म) से जुड़ी परेशानी जैसे अत्यधिक ब्लीडिंग होना, दर्द महसूस होना या बॉडी पेन होने की स्थिति में इसका सेवन लाभकारी होता है।

एंटी-एजिंग प्रोपर्टीज:

एस्ट्रागैलस एजिंग के लक्षणों को कम करता है। झुर्रियों से लेकर त्वचा पर पड़ने वाले निशानों को दूर करने के लिए ये बेहद फायदेमंद होता है।

हाई ब्लड प्रेशर:

इसके नियमित और संतुलित सेवन से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या ठीक हो सकती है। हालांकि इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

इन बीमारियों के इलाज में भी है मददगार:

  • किडनी को रखे हेल्दी
  • शुक्राणुओं की गतिशीलता को बढ़ाता है
  • एलर्जी
  • अपर रेसपिरेटरी इन्फेक्शन

कैसे काम करता है एस्ट्रागैलस?

एस्ट्रागैलस की जड़ का इस्तेमाल बीमारियों के इलाज के लिए पौराणिक समय से ही किया जा रहा है। इसमें मौजूद कंपाउंड्स कई बीमारियों को बढ़ने से रोकने में सक्षम हैं। इसमें अच्छी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जो हमें बहुत सारी परेशानियों से कवच प्रदान करते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि एस्ट्रागैलस वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि प्रतिरक्षा प्रणाली के कई कारकों को उत्तेजित करने का काम करता है। कई अध्ययनों में में भी पाया गया कि एस्ट्रागैलस एक्सट्रेक्ट मोनोसाइट्स और लिम्फोसाइट्स की गतिविधि को बढ़ाता है।

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उपयोग

कितना सुरक्षित है एस्ट्रागैलस का उपयोग ?

  • एस्ट्रागैलस को सीमित मात्रा में लेना सुरक्षित है। इसे ज्यादा मात्रा में लेना आप पर बुरा असर कर सकता है।
  • शोध के मुताबिक, इसे 4 महीनों तक हर दिन 60 ग्राम लेना सुरक्षित है।
  • जिन लोगों को एक्यूट इंफेक्शन, फीवर, इन्फलामेशन है उन्हें इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • बच्चों के लिए इसका इस्तेमाल न करें।
  • प्रेग्नेंट और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं इसके सेवन से बचें।
  • आर्थराइटिस के पेशेंट्स को इसे एवॉइड करना चाहिए
  • ब्लड डिसऑर्डर, डायबीटिज, हाइपरटेंशन के पेशेंट्स इसका सेवन डॉक्टर की परामर्श के बिना न करें।
  • जो लोग ऑटो-इम्यून रोग जैसे मल्टीपल स्कलेरोसिस (multiple sclerosis), लूपस (lupus), रह्युमेटोइड आर्थराइटिस और दूसरी इम्यून सिस्टम संबंधित परेशानियों से ग्रसित लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

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साइड इफेक्ट्स

एस्ट्रागैलस से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

इसके निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसे-

  • इसके सेवन से शरीर पर रैशेज होना
  • बॉडी में खुजली होनें
  • इसके सेवन से सर्दी हो जाना
  • नाक में खुजली होना
  • पेट खराब होना

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डोजेज

एस्ट्रागैलस को लेने की सही खुराक क्या है?

एस्ट्रागैलस की खुराक को लेकर कोई वैज्ञानिक जानकारी नहीं है। हालांकि ज्यादातर डॉक्टर इसके रूट पाउडर की 2 से 6 ग्राम खुराक देते हैं। इसका सेवन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

यह निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है। जैसे-

  • लिक्विड एक्सट्रेक्ट
  • रूट पाउडर
  • कैप्सूल
  • चाय

अगर आप एस्ट्रागैलस से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Mona narang द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/06/2020 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड