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चिया बीज के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Chia Seeds

चिया बीज (Chia Seeds) का परिचय|चिया बीज से जुडी सावधानियां और चेतावनी|चिया बीज (Chia Seeds) के साइड इफेक्ट|चिया बीज (Chia Seeds) से पड़ने वाले प्रभाव|चिया बीज (Chia Seeds) की खुराक
चिया बीज के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Chia Seeds

चिया बीज (Chia Seeds) का परिचय

चिया बीज का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?

प्राचीन समय से ही चिया बीज (Chia Seeds) का इस्तेमाल औषधि के रूप में होता रहा है। यह सैल्वीया हिस्पानिका नाम के पेड़ से प्राप्त किया जाता है। इसकी उत्पत्ति मैक्सिको में हुई थी और इसकी खेती एजटेक सभ्यता के लोगों द्वारा की जाती थी।

आज चिया बीजों को मध्य अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में उगाया जाता है। इसके बीज स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इसलिए चिया की खेती मुख्य रूप से बीजों के लिए ही की जाती है। इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड की अधिक मात्रा के साथ-साथ फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सिडेंट और कैल्शियम की भी मात्रा पाई जाती है।

आपको बता दें कि चिया के बीजों का इस्तेमाल डायबिटीज (Diabetes), हाय ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) और हार्ट से जुडी बीमारियों (Heart problem) में किया जाता है।

चिया सीड या चिया बीज मिंट प्रजाति के होते हैं, जिनका आकार बहुत छोटा होता है। इनका रंग सफेद, भूरा और काला हो सकता है या यूं कहें कि ये तीन अलग-अलग वैरिएंट में उपलब्ध होता है। इसके फूल सफेद और बैंगनी रंग के होते हैं। चिया बीज के पौधों को 23 डिग्री उत्तर और 23 डिग्री दक्षिण अक्षांश के बीच उगाए जाने की जरूरत होती है।

और पढ़ें : केवांच के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Kaunch Beej

चिया के बीज (Chia Seeds) कैसे काम करते हैं?

चिया के बीज (Chia Seeds)

चिया के बीजों के कार्य करने के तरीके के बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। इनके बारे में ज्यादा जानने के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या डॉक्टर से सम्पर्क करें।

चिया के बीजों में अधिक मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड और डाइटरी फाइबर पाए जाते हैं। इनमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड हार्ट से जुडी बीमारियों को ठीक करने में लाभकारी होता है।

आइए जानते हैं चिया के बीजों के फायदों के बारे में :

वजन कम करे :

चिया सीड में फाइबर मौजूद होता है जिसकी मदद से भूख को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। अध्ययन से पता चला है कि सुबह नाश्ते के बाद स्नैक्स के रूप में चिया के बीजों का सेवन करने से भूख को कंट्रोल करके बार-बार खाने की आदत को बदला जा सकता है। यह तरीका वजन कम करने में लाभकारी हो सकता है।

दिल को रखे फिट :

चिया सीड में मौजूद फाइबर दिल की बीमारियों के खतरे को भी कम करता है। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुण दिल के दौरे और अन्य हृदय संबंधी जोखिमों से बचाव करते हैं। इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है और अगर दिल की बीमारी है, तो यह उसमें भी सुधार लाने की क्षमता रखता है।

हड्डियों को बानए मजबूत

अध्ययनों से पता चला है कि कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से हड्डियों को लंबे समय तक मजबूत रखा जा सकता है। चिया के बीजों में उचित मात्रा में कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बरकरार रखने में मदद करता है।

और पढ़ेंः कदम्ब के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Kadamba Tree (Neolamarckia cadamba)

चिया बीज से जुडी सावधानियां और चेतावनी

चिया सीड के सेवन से पहले मुझे इसके बारे में क्या-क्या जानकारी होनी चाहिए?

  • चिया के बीजों का इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर या फार्मासिस्ट या फिर हर्बल विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
  • अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान करवाती हैं तो ऐसे में चिया के बीज (Chia Seeds) खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। जब आप बच्चे को फीडिंग करवाती हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर ही आपको किसी नई चीज को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।
  • आप डॉक्टर की पर्ची के बिना मिलने वाली कोई दवा ले रहें हैं।
  • अगर आपको चिया सीड में मौजूद पदार्थों से या फिर किसी और दूसरे हर्ब्स (Herbs) से एलर्जी हो।
  • आप पहले से किसी तरह की बीमारी से ग्रसित हैं।
  • आपको पहले से ही खाने-पीने वाली चीजों, डाइ या किसी जानवर से एलर्जी हो।

हर्बल सप्लिमेंट के उपयोग से जुड़े नियम एलोपैथिक दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

इस हर्बल सप्लिमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना भी जरूरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें : पुष्करमूल के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Pushkarmool (Inula racemosa)

चिया सीड्स का सेवन कैसे सुरक्षित है?

अगर आप 12 हफ्तों तक चिया के बीज खाते हैं और आठ हफ्तों तक इसे त्वचा पर इस्तेमाल करते हैं और किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं दिख रहे हैं, तो यह आपके लिए बिल्कुल सुरक्षित है। लम्बे समय तक चिया सीड्स के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा संबंधी पर्याप्त जानकारी मौजूद नहीं है।

चिया बीज (Chia Seeds) से कब करें परहेज

प्रेग्नेंसी और स्तनपान के दौरान : प्रेग्नेंसी और स्तनपान के समय चिया सीड के इस्तेमाल को लेकर अभी ज्यादा जानकारी नहीं है। इसलिए इस दौरान आप इससे परहेज करें।

हाई ट्राईग्लिसराइड : आपके ब्लड में कई तरह के फैट, कोलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड होते हैं। आपको बता दें कि कुछ लोगों में ट्राईग्लिसराइड लेवल बहुत ज्यादा होता है इसलिए अगर वो चिया के बीजों का सेवन करते हैं, तो उनका ट्राईग्लिसराइड लेवल बढ़ सकता है।

अगर आपका ट्राईग्लिसराइड लेवल अधिक है, तो आपको एक खास किस्म के चिया सीड्स का इस्तेमाल करना चाहिए जिसे सालबा (Salba) कहते हैं। इससे ट्राईग्लिसराइड लेवल नहीं बढ़ता है।

प्रोस्टेट कैंसर : आपको बता दें कि चिया में अधिक मात्रा में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (Alpha-linolenic acid) होता है और कुछ शोधों में पता चला है कि अगर आपकी डाइट में अल्फा लिनोलेनिक एसिड (Alpha-linolenic acid) की मात्रा ज्यादा है, तो इससे प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए अगर आपको प्रोस्टेट कैंसर की समस्या है, तो आप चिया का सेवन करने से परहेज करें।

और पढ़ें : अर्जुन की छाल के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Arjun Ki Chaal (Terminalia Arjuna)

चिया बीज (Chia Seeds) के साइड इफेक्ट

चिया के सेवन से मुझे क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं?

अगर आप इस बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं, तो किसी हर्बल विशेषज्ञ या किसी डॉक्टर से सम्पर्क करें।

चिया बीज (Chia Seeds) से पड़ने वाले प्रभाव

चिया के सेवन से अन्य किन-किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

चिया के सेवन से आपकी बीमारी या आप जो वतर्मान में दवाइयां खा रहे हैं उनके प्रभाव पर असर पड़ सकता है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर से इस विषय पर बात करें।

चिया के बीजों का पाचन तंत्र पर प्रभाव

चिया के बीजों में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है और 28 ग्राम चिया के बीजों में लगभग 11 ग्राम फाइबर पाया जाता है। सेहत के लिए फाइबर बहुत जरूरी होता है और पेट में लाभकारी बैक्‍टीरिया को बढाता है। हालांकि, बहुत ज्‍यादा चिया के बीज खाने से कुछ लोगों को दिक्‍कत हो सकती है।

अधिक मात्रा में चिया के बीज लेने से पेट दर्द, कब्‍ज, दस्‍त, पेट फूलने और गैस की समस्‍या हो सकती है। जब किसी अन्‍य फाइबर युक्‍त आहार के साथ चिया के बीज खाते हैं और शरीर में पानी की कमी हो तो भी यह पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं। पाचन तंत्र के जरिए फाइबर को पचाने के लिए पानी जरूरी होता है।

इसके अलावा इंफलामेट्री बाउल डिजीज जैसे कि अल्‍सरेटिव कोलाइटिस या क्रोन डिजीज के मरीजों को अपने आहार में फाइबर की मात्रा पर कंट्रोल रखना चाहिए। चिया के बीज आपकी समस्‍या को बढा सकते हैं।

इन दीर्घकालिक बीमारियों के कारण सूजन और गैस्‍ट्रोइंटेस्‍टाइनल मार्ग के सिकुडने की परेशानी हो सकती है जिससे पेट में दर्द, ब्‍लीडिंग, दस्‍त और वजन घटने की दिक्‍कत हो सकती है।

अध्‍ययनों में सामने आया है कि ज्‍यादा फाइबर लेने से लंबे समय तक इंफलामेट्री बाउल डिजीज से सुरक्षा पाने में मदद मिल सकती है। उनका कहना है कि इन स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति को लक्षणों को कम करने के लिए कुछ समय के लिए फाइबर की मात्रा कम कर देनी चाहिए।

चिया के बीजों से एलर्जी

कुछ लोगों को चिया के बीज खाने के बाद एलर्जी हो सकती है। फूड एलर्जी के लक्षणों में उल्‍टी, दस्‍त और होंठों या जीभ पर खुजली हो सकती है।

कुछ दुर्लभ मामलों में फूड एलर्जी की वजह से एनाफिलैक्सिस तक हो सकता है। यह एक जानलेवा स्थिति है जिसमें सांस लेने में दिक्‍कत और गले और छाती में अकडन महसूस होती है।

चिया के बीज से एलर्जी बहुत कम ही होती है लेकिन इसके कुछ मामले सामने आ चुके हैं। एक केस स्‍टडी में 54 वर्षीय पुरुष का चिया के बीज खाने से कोलेस्‍ट्रोल कम करने में मदद मिली। हालांकि, कुछ ही दिनों में उन्‍हें चक्‍कर आने, सांस लेने में दिक्‍कत, पित्‍ती और सूजन की दिक्‍कत होने लगी।

अगर आप पहली बार चिया के बीज खा रहे हैं और आपको फूड एलर्जी के लक्षण दिख रहे हैं तो तुरंत इसका सेवन बंद कर दें और डॉक्‍टर से बात करें।

क्‍या कहती है रिसर्च

चिया के बीज पोषक तत्‍वों से युक्‍त होते हैं और यही वजह है कि लोग इन्‍हें खाते हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, हेल्‍दी फैट और माइक्रोन्‍यूट्रिएंटस होते हैं। 28 ग्राम चिया के बीजों से आपकी प्रतिदिन की फाइबर की 42 फीसदी जरूरत की आपूर्ति हो जाती है। इसके अलावा चिया के बीजों से फास्‍फोरस, मैग्‍नीशियम, कैल्शियम और ओमेगा 3 फैटी एसिड भी मिलता है।

चिया के बीजों में एंटीऑक्‍सीडेंट भी होते हैं। यह यौगिक ऑक्‍सीडेटिव स्‍ट्रेस से बचाते हैं और दीर्घकालिक बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। चिया के बीज खाने से आपकी सेहत को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं।

एक अध्‍ययन में नोपल कैक्‍टर, सोया प्रोटीन, ओटस और चिया के बीजों से युक्‍त डायट दी गई। इसमें पाया गया कि इस डायट से वजन घटाने, खून में ट्राइग्लिसाइड और सूजन कम होती है।

इसके अलावा पौधों से ओमेगा 3 फैटी एसिड लेने का सबसे अच्‍छा स्रोत चिया के बीज ही हैं। ये गुड कोलेस्‍ट्रोल यानी एचडीएल को बढाने और बैड कोलेस्‍ट्रोल यानी एलडीएल को घटाने में मदद करते हैं।

प्रेग्नेंसी में चिया के बीज

गर्भावस्‍था में चिया के बीज खाने से कई तरह के लाभ होते हैं, जैसे कि –

ओमेगा 3 फैटी एसिड : चिया के बीजों में मौजूद ओमेगा 3 भ्रूण के मस्तिष्‍क के विकास के लिए बहुत जरूरी है। इससे प्रीमैच्‍यो बर्थ का खतरा भी कम होता है।

कैल्शियम : कैल्शियम शिशु के दांतों और हडिडयों के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है इसलिए गर्भवती महिला के लिए कैल्शियम बहुत आवश्‍यक तत्‍व है। पर्याप्‍त मात्रा में कैल्‍शियम लेने से प्रीक्‍लैंप्‍सिया का खतरा कम हो सकता है। लगभग दो चम्‍मच चिया के बीजों में 179 मिग्रा कैल्शियम होता है। इससे प्रेगनेंट महिला की प्रतिदिन की कैल्शियम की 18 फीसदी जरूरत की पूर्ति हो सकती है।

कब्‍ज से राहत : गर्भावस्‍था में कब्‍ज होना आम बात है लेकिन फाइबर से युक्‍त चिया के बीजों से आप इस समस्‍या से निपट सकती हैं।

और पढ़ेंः बरगद के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Banyan Tree (Bargad ka Ped)

चिया बीज (Chia Seeds) की खुराक

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आमतौर पर कितनी मात्रा में चिया सीड खाने चाहिए?

हर व्यक्ति के लिए इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और कई चीजों पर निर्भर करती है।

हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

चिया सीड किन रूपों में उपलब्ध है ?

  • कच्चे चिया बीज के रूप में
  • आयल सॉफ्टजेल के रूप में

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Anoop Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 08/01/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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