कोलॉयडल मिनरल्स (Colloidal Minerals) क्या हैं? यह क्ले और शैल डिपोजिट से पाया जाता है। बेहतर स्वास्थ्य और बीमारियों से दूर रहने के लिए सदियों से क्ले का प्रयोग दवा के तौर पर किया जा रहा है। आधुनिक दौर में क्ले आधारित उत्पादों के औषधीय उपयोग को सबसे पहले दक्षिणी यूटा रंचर द्वारा प्रोत्साहित किया गया था। अब इसे व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाता है। सुरक्षा चिंताओं के बावजूद, इसका उपयोग सप्लीमेंट के तौर पर ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। डायबिटीज पेशेंट्स में ये बल्ड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है। इसके अलवा, कोलॉयडल मिनरल्स (Colloidal Minerals) गठिया के लक्षणों को कम करता है। मोतियाबिंद के इलाज में भी ये काफी लाभदायक है। ये हमारे शरीर से जहरीली भारी धातुओं को बाहर करने में भी मददगार है।

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इसका प्रयोग निम्नलिखित परेशानियों के लिए किया जाता है:
कोलॉयडल खनिज कैसे काम करते हैं इस बारे में कोई वैज्ञानिक जानकारी नहीं है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से कंसल्ट करें। हालांकि कई रिसर्च के मुताबिक ये आपके शरीर की रासायनिक संरचना के साथ इंटरेक्ट कर शरीर के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए खनिजों की आपूर्ति को बढ़ाता है।
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निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें:
अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नही हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। कोलॉडल मिनरलिस का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
कितना सुरक्षित है इसका उपयोग?
कोलॉयडल मिलरल्स का उपयोग सेफ नहीं है। इन उत्पादों की सामग्री भिन्न होती है, जो मिट्टी के स्त्रोत पर निर्भर करती है। कुछ उत्पादों में एल्युमिनियम, आर्सेनिक, सीसा, बेरियम, निकल और टाइटेनियम जैसी धातु होती हैं जो हानिकारक साबित हो सकती हैं। कुछ उत्पादों में रेडिओएक्टिव मैटल हो सकते हैं जो चिंता का विषय है।
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इन सप्लीमेंट्स में चांदी धातु होती है, जिसका प्रयोग गहने बनाने और दांत भरने के लिए किया जाता है। चांदी के छोटे कण तरल में निलंबित हो जाते हैं। कुछ महीनों और वर्षों में ये चांदी शरीर में निर्माण कर सकती है। कई बार शरीर के कुछ हिस्से नीले व भूरे रंग के हो जाते हैं। इसकी अत्यधिक खुराक से गुर्दे खराब व न्यूरोलॉजिकल समस्या हो सकती है।
हालांकि हर किसी को ये साइड इफेक्ट हो ऐसा जरूरी नहीं है, कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
किसी भी दवा या सप्लिमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें। हर्बल सप्लिमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरुरत है। इस हर्बल सप्लिमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरुरी है। इसकी डोज को लेकर अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।
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कोलॉयडल मिनरल्स निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:
हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की मेडिकल सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है और ना ही इसके लिए जिम्मेदार है। हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में इस हर्बल से जुड़ी ज्यादातर जानकारियां देने की कोशिश की है, जो आपके काफी काम आ सकती हैं। अगर आपको ऊपर बताई गई कोई भी शारीरिक समस्या है तो इस हर्ब का इस्तेमाल आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि हर हर्ब सुरक्षित नहीं होती। इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से कंसल्ट करें तभी इसका इस्तेमाल करें। लिक्विड कोलॉयडल मिनरल से जुड़ी यदि आप अन्य जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे कमेंट कर पूछ सकते हैं।