सिस्टाइटिस रोग में मूत्राशय और मूत्रमार्ग में सूजन, लालिमा व जलन की समस्या होने लगती है। मूत्राशय का संक्रमण परेशान करने वाली स्थिति होती है। मूत्र त्याग के वक्त जलन की समस्या होती है। इस स्थिति को UTI भी कहा जाता है। मूत्राशय का इंफेक्शन दर्दनाक और कष्टप्रद हो सकता है। ये समस्या किडनी तक भी पहुंच जाती है।
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सिस्टाइटिस किसी को भी हो सकता है, लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ये आम है। महिलाओं में छोटा यूरिथ्रा होता है, जो कि बैक्टीरिया के ब्लैडर तक पहुंचने के लिए आसान जगह बना देता है। कभी- कभार सिस्टाइटिस क्रोनिक (बार-बार होने की स्थिति) हो सकता है और इलाज करना भी कठिन हो जाता है। अगर आप बीमारी के जोखिम पर ध्यान देंगे तो इसे मैनेज किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने चिकित्सक से चर्चा करें।
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सिस्टाइटिस के लक्षण
हो सकता है कि आपको ये लक्षण महसूस न हो। यदि आपको किसी लक्षण के बारे में जानकारी चाहिए, तो कृपया अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
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अगर आपको बार-बार पेशाब जाना पड़ रहा है या फिर पेट के निचलें हिस्से में दर्द है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। हो सकता है कि आपको पहले भी UTI की समस्या हुई हो। दोबार समस्या होने पर लक्षण भिन्न हो सकते हैं। एंटीबायोटिक मेडिसिन लेने के बाद भी अगर आपको इस बीमारी के लक्षण दोबारा दिखते हैं तो कृपया अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
सिस्टाइटिस के जोखिम
प्रदान की गई जानकारी किसी भी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
यदि आपको सिस्टाइटिस के लक्षण दिख रहे हैं, तो जल्द ही अपने डॉक्टर से बात करें। आपके संकेतों और लक्षणों को देखने के बाद डॉक्टर कुछ टेस्ट करेगा जैसे,
एक संदिग्ध मूत्राशय के संक्रमण के लिए, आपका डॉक्टर यह निर्धारित करने के लिए मूत्र के नमूने के लिए पूछ सकता है कि आपके मूत्र में बैक्टीरिया, रक्त या मवाद है। यदि हां, तो वह मूत्र बैक्टीरिया की संस्कृति का अनुरोध कर सकता है।
इस परीक्षण के दौरान, आपका डॉक्टर एक सिस्टोस्कोप की सहायता से एक पतली ट्यूब (जिसके साथ प्रकाश और कैमरा जुड़ा हुआ है ) मूत्रमार्ग के माध्यम से अंदर डालता है। यूरीनरी ट्रेक में इंफेक्शन के लक्षण दिखाई पड़ते है। इस दौरान डॉक्टर बायोप्सी के लिए टिश्यू का छोटा टुकड़ा भी निकाल सकता है।
इमेजिंग परीक्षण आमतौर पर आवश्यक नहीं है, लेकिन इंफेक्शन के बारे में जानकारी न मिलने पर इसकी सहायता ली जा सकती है। उदाहरण के लिए, एक एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड से मूत्राशय की सूजन के अन्य कारणों जैसे ट्यूमर या स्ट्रक्चरल एबनॉर्मलटी के बारे में जानकारी मिलती है।
सिस्टाइटिस का इलाज कैसे किया जाता है?
यदि आपका कोई प्रश्न हैं, तो बेहतर समाधान के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
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Current Version
08/09/2020
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Ankita mishra
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar