सायनेसथिसिया कोई बीमारी या मानसिक रोग नहीं है, बल्कि दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसमें व्यक्ति की एक से अधिक इंद्रिया साथ काम करने लगती है। या एक इंद्री (senses) के उत्तेजित होने पर दूसरी भी प्रभावित हो जाती है, इसलिए इनका चीजों को देखने का नजरिया सामान्य से बिल्कुल अलग होता है। सायनेसथिसिया के शिकार व्यक्ति को संगीत सुनते समय कोई खास रंग दिखने लगता है या खाने के स्वाद को शेप और टेक्स्चर से जोड़ देते हैं जैसे गोल, नुकीला आदि। सायनेसथिसिया कितना सामान्य है इस बारे में अभी तक शोधकर्ताओं को साफ तौर पर कुछ पता नहीं चल सकता है। 2006 में हुए एक अध्ययन के मुताबिक सिर्फ 2 से 4 प्रतिशत लोग ही इस स्थिति के शिकार होते हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह कितना दुर्लभ है। हालांकि सायनेसथिसिया से किसी तरह का नुकसान नहीं होता है, लेकिन हां, यदि कई लोगों के बीच म्यूजिक सुनते समय आप रंगों के बारे में बात करने लगेंगे तो सामने वाले को अजीब जरूर लगेगा।

यदि आपको सायनेसथिसिया है तो आप नोटिस करेंगे कि आपकी कई इंद्रिया साथ जुड़कर दुनिया को देखन के आपके नजरिए में नया आयाम जोड़ देती है। शायद जब आप हर बार भोजन का निवाला चाबते हैं तो आप ज्योमेट्रिक शेप जैसे गोल, नुकीला, चौकोर आदि महसूस होता है, जबकि सामान्य लोग स्वाद महसूस करते हैं जैसे मीठा, तीखा, नमकीन आदि। यानी सायनेसथिसिया से पीड़ित व्यक्ति का नजरिया बिल्कुल अलग हो जाता है। हो सकता है जब आप उस व्यक्ति के प्रति भावुक महसूस करते हैं जिससे आप प्यार करते हैं तो आंखें बंद करने पर आपको सामने कई रंग दिखते हैं।
हो सकता है जब आप कुछ जोर से पढ़ रहे हों तो हर शब्द या वाक्य के साथ आप एक अलग पहचान जोड़ दें और इस तरह बोलें जैसे कि आप सड़क पर खड़े किसी व्यक्ति से बात कर रहे हैं। ये सारे उदाहरण बताते हैं कि कोई व्यक्ति सायनेसथिसिया शिकार है।
यह भी पढ़ें- क्या मानसिक रोगी दूसरे लोगों के लिए खतरनाक हैं?
सायनेसथिसिया जन्मजात होता है या बहुत छोटी उम्र में ही विकसित हो जाता है। रिसर्च के मुताबिक, यह अनुवांशिक भी हो सकता है।
आपकी पांचों इंद्रिया मस्तिष्क के अलग-अलग हिस्से को उत्तेजित करती है। उदाहरण के तौर पर जब आप एक ब्राइट नियोन यलो दीवार की तरफ देखते हैं, तो प्राइमरी विजुअल कोर्टेक्स रंग और प्रकाश का उभरेगा, लेकिन आपको यदि सायनेसथिसिया है तो दीवार की तरफ देखते हुए आपको महसूस होगा कि आप रंग का स्वाद भी ले सकते हैं।
तो न केवल आपके प्राइमरी विजुअल कोर्टेक्स को रंग से उत्तेजित किया गया, बल्कि आपकी पराइटल लोब, जो आपको बताती है कि किसी चीज का स्वाद कैसा है, भी उत्तेजित हुई। यही कारण है कि शोधकर्ताओं का मानना है कि जिन लोगों को सायनेसथिसिया होता है, उनके मस्तिष्क के कुछ हिस्सों के हाई लेवल का इंटरकनेक्टेडनेस होता है, जो संवेदी उत्तेजना (sensory stimulus) से बंधे होते हैं।
कुछ पदार्थों के कारण आपको अस्थायी रूप से सायनेसथिसिया हो सकता है। साइकेडेलिक दवाओं के उपयोग से आपके संवेदी अनुभव (sensory experiences) बढ़ सकते हैं और एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं। कुछ दवाएं इस तरह के अनुभव को बढ़ा सकती है इसके मद्देनजर ही मेस्केलिन, साइलोसाइबिन और एलएसडी का अध्ययन किया गया है, लेकिन इसके अलावा भांग, शराब और यहां तक कि कैफीन को भी अस्थाई सायनेसथिसिया का कारण माना जाता है।
यह भी पढ़ें- बच्चों में मानसिक बीमारियां बन सकती है बड़ी परेशानी!
सायनेसथिसिया कई तरह के होते हैं और हर तरह के सायनेसथिसिया के लक्षण अलग-अलग होते हैं। ग्रेफेम-कलर सायेनेसथिसिया जिसमें आप अक्षरों और सप्ताह के दिन को रंगों से जोड़ते हैं, यह शायद सबसे पॉप्युलर हो सकात है, लेकिन इसके अलावा साउंड-टू कलर सायनेसथिसिया, नंबर-फॉर्म सायनेसथिसिया आदि कई तरह के सायनेसथिसिया हो सकते हैं। आपको कोई एक तरह का या एक से अधिक के मिश्रण वाला सायनेसथिसिया हो सकता है।
जिन लोगों को किसी भी तरह का सायनेसथिसिया होता है आमतौर पर इस तरह के लक्षण दिखते हैः
सायनेसथिसिया का कोई इलाज नहीं है। वास्तव में बहुत से लोग सामान्य लोगों से अलग दुनिया को देखने के अपने अनुभव का आनंद लेते हैं।
वहीं दूसरी ओर ऐसे लोग भी हैं जो सायनेसथिसिया का कारण खुद को दूसरों से अलग मानते हैं और अकेलापन महसूस करते हैं। वह अपने अनुभवों को सबसे शेयर नहीं कर पाते, क्योंकि वह बहुत अजीब होते हैं। ऐसे में ऑनलाइन सायनेसथिसिया का शिकार लोगों का समूह ढूंढकर आप अपने अकेलेपन को दूर कर सकते हैं। मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल की भी मदद ली जा सकती है,
सायनेसथिसिया की जांच के लिए आप ऑनलाइन फ्री असेसमेंट करा सकते हैं, लेकिन यह सावधानी से करना चाहिए। इसके अलावा यदि आपको लगता है कि आपको सायनेसथिसिया हो सकता है तो डायग्नोस के लिए आप खुद से कुछ सवाल भी कर सकते हैं।
जब आप A अक्षर देखते हैं तो क्या आपके दिमाग में कोई रंग आता है? इसी तरह एक-एक करके सारे अल्फाबेट को देखें और ऑब्जर्व करें कि क्या आपके दिमाग में कोई रंग आता है, यदि आता है तो उसे लिख लें। यही एक्सरसाइज एक या दो घंटे बाद फिर से करें। क्या कोई अक्षर देखने पर हमेशा आपको एक ही रंग दिखता है? यदि हां तो आपको सायनेसथिसिया हो सकता है।
[mc4wp_form id=’183492″]
हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
और पढ़ें-
डिप्रेशन का शिकार रह चुकीं दीपिका ने कही मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) से जुड़ी यह बात
सेक्शुअल हैरेसमेंट बन जाता है मानसिक डर का कारण : बीएचयू की छात्राओं ने कर दिया इसके खिलाफ आंदोलन
बच्चों के डर जो उन्हें बना देते हैं मानसिक बीमार
ब्रेस्ट कैंसर से मानसिक परेशानी हो सकती है लेकिन, इससे डरे नहीं
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
(Accessed on 29 January 2020)
What Is Synesthesia?
https://www.healthline.com/health/synesthesia
Synesthesia: Hearing colors and tasting sounds
https://www.medicalnewstoday.com/articles/322807.php#1
What Is Synesthesia?
https://www.livescience.com/60707-what-is-synesthesia.html
Synesthesi
https://www.psychologytoday.com/intl/basics/synesthesia
Current Version
21/05/2020
Kanchan Singh द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Nidhi Sinha