क्या म्यूजिक और स्ट्रेस का है आपस में कुछ कनेक्शन?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट फ़रवरी 11, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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हम में से बहुत से लोगों को म्यूजिक सुनना पसंद होता है। अलग-अलग समय पर म्यूजिक हमारा साथ देकर हमें स्ट्रेस से बाहर निकालता है। म्यूजिक और स्ट्रेस एक दूसरे से जुड़े हैं।

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सवाल

क्या म्यूजिक सुनना हमारे स्ट्रेस को कम कर सकता है? क्या वाकई म्यूजिक और स्ट्रेस में कोई कनेक्शन होता है?

जवाब

हेडफोन लगाकर म्यूजिक सुनना बहुत से लोगों को पसंद हैं, चाहें वो ट्रेवल कर रहे हो, घर में कुछ काम कर रहे हो या ऑफिस में काम कर रहे हो। म्यूजिक हमारे दिनभर के लगभग हर काम का हिस्सा बन गया है। हर किसी का म्यूजिक का टेस्ट अलग होता है। बहुत से शोध में म्यूजिक सालों से कई थेरेपी के लिए फायदेमंद साबित हो चुका है। अगर आप खुश हैं तो लाउड म्यूजिक सुनना पसंद करते हैं वहीं जब आप स्ट्रेस में है तो आपको शांत म्यूजिक पसंद आता है जो आपका स्ट्रेस कम करने में मदद करता है।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा है कि “संगीत सुनने से दिमाग के काम करने का तरीका बदल सकता है।” जो लोग बीमार होते हैं उनपर म्यूजिक थेरेपी पॉजिटिव प्रभाव डालता है। क्लासिकल म्यूजिक जब कम आवाज में सुनते हैं तो ये आपको रिलेक्स फील कराता है। कुछ लोगों को बाथरुम में भी म्यूजिक सुनना पसंद होता है, उसका कारण है कि जब हम गाने के साथ गाते हैं तो जीवन की दूसरी परेशानियां भूल जाते हैं। इससे हमें बेहतर महसूस होता है।

अगर आप सफर कर रहे हैं तो रेडियो सुन सकते हैं जो आपको अच्छा महसूस कराता है और स्ट्रेस कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए म्यूजिक स्ट्रेस कम करने के लिए एक आसान थेरेपी है जो आप अपनी पसंद के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं फिर चाहें आप ऑफिस में हो, घर में हो, ड्राइविंग कर रहे हों या एक्सरसाइज कर रहे हो या सो रहे हों। यह हर वक्त आपका साथ देता है। इस तरह म्यूजिक और स्ट्रेस एक दूसरे से जुड़े हैं।

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म्यूजिक और स्ट्रेस में कैसे है कनेक्शन?

हम सभी जानते हैं स्ट्रेस से हमारे दिमाग पर काफी बुरा असर पड़ता है। स्ट्रेस में रहने से हमारा शरीर मानसिक रोगों की गिरफ्त में आ जाता है। स्ट्रेस को दूर करने के लिए कुछ लोग दवाओं से लेकर योगा एक्सरसाइज का सहारा लेते हैं। वहीं कई शोध में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि म्यूजिक के जरिए भी स्ट्रेस को दूर किया जा सकता है। म्यूजिक स्ट्रेस को कम करके मस्तिष्क में कंपन कर शांति प्रदान करता है। म्यूजिक और स्ट्रेस एक दूसरे से जुड़े हैं।

म्यूजिक हमारे इमोशंस और शरीर दोनों पर अपना असर छोड़ता है। फास्ट म्यूजिक आपको सतर्क और बेहतर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। अपबीट म्यूजिक आपको जीवन के बारे में अधिक आशावादी और सकारात्मक महसूस कराता है। वहीं स्लो म्यूजिक आपके दिमाग को रिलैक्स और स्ट्रेस को दूर करने में मदद करता है। जब हम म्यूजिक सुनते हैं तो हमारा शरीर न्यूरोकेमिकल डोपामाइन रिलीज करता है। डोपामाइन को हैप्पी हारमोर्न भी कहा जाता है। ये हमारे मूड को बेहतर करने का काम करता है।

मनोचिकित्सक राज मेहता का कहना है कि म्यूजिक नकारात्मक विचारों को निकालकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसके साथ ही ये स्ट्रेस को दूर कर जीवन की गुणवत्ता में सुधार करता है। यह हमारे दिल और दिमाग दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यह हमारे मानसिक के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है।

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सिर्फ स्ट्रेस को ही नहीं और भी कई परेशानियों को दूर करने में कारगर है म्यूजिक:

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है:
एक शोध के अनुसार, सुबह शाम म्यूजिक सुनने से हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है।

तनाव या घबराहट:
यदि किसी को लंबे समय से घबराहट हो रही है या कोई लंबे समय से तनाव में है तो अपने पसंदीदा गानों को सुनकर अपना ध्यान भटकाएं। लंबे समय से तनाव और घबराहट होने से दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा होता है। ऐसे में अपने डॉक्टर द्वारा दी गई हिदायत का पालन करें।

दिल को रखे स्वस्थ:

जब हम अपने पसंद का म्यूजिक सुनते हैं तब हमारे दिमाग में एंडॉर्फिन नामक हारमोर्न रिलीज होता है। ये हारमोर्न हृदय रोगों से राहत प्रदान करता है। दिमाग के लिए म्यूजिक सुनना व्यायाम की तरह होता है।

पार्किंसन और अल्जाइमर:
पार्किंसन से पीड़ित व्यक्ति का शरीर हर वक्त कांपता रहता है। एक्सपर्टस का मानना है की म्यूजिक का हमारे दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अल्जाइमर से ग्रसित लोग पिछली बातों को भूल जाते हैं, ऐसे में उनके लिए भी म्यूजिक याददाश्त को ठीक करने में मदद कर सकता है।।

डिप्रेशन:
डिप्रेशन एक ऐसी बीमारी है कि इससे पीड़ित व्यक्ति कई बार अपनी जान भी ले बैठते हैं। हर दिन कुछ घंटे म्यूजिक सुनने से इस बीमारी से भी छुटकारा पाया जा सकता है।

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स्ट्रेस को दूर करने के लिए म्यूजिक को सुनने के लिए अपने बिजी शेड्यूल में ऐसे निकालें समय…

सुबह दफ्तर के लिए तैयार होते समय:

सुबह उठते ही आप अपने कमरे में म्यूजिक ऑन कर सकते हैं। नहाते और फ्रेश होते समय गानों को सुनने। इससे आप अच्छा फील करेंगे और दिनभर खुश महसूस करेंगे। इसके लिए आपको सही गानों का चयन करना होगा। ऐसे गानें सुनें जिन्हें सुनकर आप दिन भर शांत और अपने काम के प्रति फोकस रहें। अगर दिनभर आपका बहुत हैक्टिक शेड्यूल है और आपको पूरा दिन एक्टिव रहना है तो अपबीट म्यूजिक चलाएं और उससे सुनने के साथ-साथ डांस भी करें।

दफ्तर जाते समय रास्ते में गानें सुनें:

दफ्तर जाते समय आप रास्ते में बहुत सारी बातों के बारे में सोचने बैठ जाते हैं। जिसके बाद आप खुद स्ट्रेस में चले जाते हैं। ऐसे में आप रास्ते में अपने पसंदीदा गानों को सुनते हुए जाएं। इससे आप कब अपनी मंजिल पर पहुंच जाएंगे आपको मालूम भी नहीं चलेगा।

खाना बनाते समय:

हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए हेल्दी डायट लेना बहुत जरूरी है। ये आपके स्ट्रेस लेवल को कम करने में भी सहायक है। अगर आप खाना बना रहे हैं तो उसके साथ-साथ अपनी फेवरेट प्लेलिस्ट को सुनें। इससे आपका दिमाग फ्रेश होगा और आप खाना बनाना और साथ में उसे खाना दोनों को एंजॉय कर पाएंगे।

सफाई करते समय:

म्यूजिक और स्ट्रेस की तरह घर की साफ सफाई का प्रभाव भी आपके मूड पर पड़ता है। अगर घर बिखरा रहेगा तो इसका सीधा असर आपके मूड पर पड़ता है। अगर आप हर चीज को सही जगह पर और सफाई के साथ रखेंगे तो आपका स्ट्रेस कम होता है। अगर आप घर की डस्टिंग कर रहे हैं तो इसके साथ एनर्जेटिक म्यूजिक प्ले करें। इससे आपका एनर्जी लेवल बढ़ेगा और आप क्लीनिंग को भी एंजॉय करेंगे।

हम आशा करते हैं कि म्यूजिक और स्ट्रेस के बीच कनेक्शन हम अच्छे से समझा पाए हैं। अगर आप इस लेख से जुड़ी और कोई जानकारी चाहते हैं तो आप हमें कमेंट कर पूछ सकते हैं।

नोट : नए संशोधन की डॉ. प्रणाली पाटील द्वारा समीक्षा

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