Inguinal hernia: इंग्वाइनल हर्निया क्या है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अक्टूबर 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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इंग्वाइनल हर्निया क्या है?

इंग्वाइनल हर्निया तब होता है जब टिशू जैसे आंत का हिस्सा पेट की मांसपेशियों या किसी कमजोर मांसपेशियों के आगे निकल जाएं। यह दर्दनाक हो सकता है, खासकर तब जब आप खांसी या वजन उठाने के दौरान भी पेशेंट को दर्द का अहसास होने लगता है।

इंग्वाइनल हर्निया हमेशा खतरनाक नहीं होता है। हालांकि, यह खुद से ठीक भी नहीं हो सकता है लेकिन, वक्त रहते अगर इलाज नहीं किया गया तो पीड़ित व्यक्ति को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इंग्वाइनल हर्निया की वजह से तेज दर्द होता है या यह बड़ा हो जाता है तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर सर्जरी कर सकते हैं। वैसे इंग्वाइनल हर्निया की सर्जरी सामान्य सर्जरी है। इसलिए इससे घबराना नहीं चाहिए।

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कितना सामान्य है इंग्वाइनल हर्निया (Inguinal hernia)?

इंग्वाइनल हर्निया पुरुषों में होने वाली बीमारी है। लेकिन, यह गर्भवती महिलाओं को भी हो सकती है। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान पेट पर अतिरिक्त दवाब होता है। डॉक्टर से मिलकर इसे समझना और इलाज करवाना आसान हो जाता है।

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लक्षण जो इंग्वाइनल हर्निया को दर्शाते हैं?

इंग्वाइनल हर्निया के कुछ सामान्य लक्षण:

  • प्यूबिक बोन के दोनों ओर के हिस्सों में एक उभार हो जाता है, जिसे साफ समझा जा सकता है। खांसने के दौरान दर्द या खिचाव महसूस होता है।
  • बढ़े हुए हिस्सों पर जलन या खुजली महसूस होना।
  • झुकने, खांसने या कुछ उठाने के दौरान जांघ (थाई) में परेशानी महसूस होना।
  • कमजोरी महसूस होना।

हर्निया को आसानी से पेट की ओर भेजा जा सकता है। ऐसा तब करें जब आप लेटे हुए हों। ऐसा नहीं कर पाने की स्थिति में आइस पैक लगाने से सूजन में कमी आ सकती है और हर्निया आसानी से अंदर चला जाता है।

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इन्कार्सरैटेड हर्निया

अगर आप हर्निया को अंदर की ओर नहीं भेज पा रहें हैं, तो हर्निया पेट के ऊपरी सतह पर फस सकता है। ऐसा में ब्लड फ्लो रुक सकता है और अगर इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है।

स्ट्रेंग्युलेटेड हर्निया के संकेत और लक्षण इस प्रकार हैं:

  • मितली या उल्टी करना।
  • बुखार आना।
  • अचानक तेज दर्द महसूस होना।
  • हर्निया का बढ़ा हुआ हिस्सा रेड, पर्पल या डार्क हो जाना।
  • रिलैक्स महसूस नहीं कर पाना।

यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

बच्चों में इंग्वाइनल हर्निया के लक्षण

नवजात शिशुओं और बच्चों में इंग्वाइनल हर्निया जन्म से ही होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान गर्भ की त्वचा कमजोर हो जाती

है। कभी-कभी हर्निया तभी दिखाई देगा जब शिशु रो रहा हो, खांस रहा हो या ऐसी स्थिति की वजह से तनाव ले रहा है। शिशु को भूख भी कम लग सकती है। बड़े बच्चों में खांसने या देर तक खड़े रहने की वजह से भी नजर आता है। इन लक्षणों के अलावा और भी लक्षण हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर विकप्ल हो सकता है।

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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

बढ़े हुए मांस की वजह से अगर आपको दर्द महसूस हो या कोई परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से मिलें। बढ़े हुए मांस (सूजन) को खड़े होने पर या उसे छूने पर आसानी से महसूस किया जा सकता है। ध्यान रखें की अगर सूजन रेड, पर्पल या डार्क हो रहा हो तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

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किन कारणों से होता है इंग्वाइनल हर्निया?

इंग्वाइनल हर्निया के कारण नहीं होते हैं। लेकिन, कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से इंग्वाइनल हर्निया हो सकता है:

  • पेट पर जरूरत से ज्यादा दवाब डालना।
  • पेट की दीवार में पहले से मौजूद कमजोर जगह
  • टॉयलेट या मोशन के दौरान परेशानी महसूस होना।
  • ज्यादा थकने वाला काम करना।
  • गर्भावस्था के दौरान
  • सर्दी-खांसी की पुरानी बीमारी।

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किन कारणों से बढ़ सकती है इंग्वाइनल हर्निया?

निम्नलिखित कारणों की वजह से इंग्वाइनल हर्निया की समस्या बढ़ सकती है:

  • इंग्वाइनल हर्निया का खतरा पुरुषों में ज्यादा होता है।
  • उम्र बढ़ने के साथ-साथ मसल का कमजोर होना।
  • ब्लड रिलेशन में किसी को इंग्वाइनल हर्निया होना।
  • ध्रूमपान की वजह से खांसी होना
  • कब्ज की समस्या होना।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान पेट के मसल का कमजोर होना।
  • समय से पहले नवजात का जन्म या जन्म के दौरान नवजात का वजन कम होना।
  • पहले कभी इंग्वाइनल हर्निया हुआ हो। यहां तक की बचपन में इंग्वाइनल हर्निया की समस्या हुई हो।

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निदान और उपचार को समझें

दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से संपर्क करें और सलाह लें।

इंग्वाइनल हर्निया का निदान कैसे किया जाता है?

बढ़े या सूजे हुए हर्निया को डॉक्टर आसानी से पेट में हल्के दवाब से भेज देते हैं। लेकिन, अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो यह स्ट्रेंग्युलेटेड इंग्वाइनल हर्निया कहलाता है। शारीरिक जांच के दौरान डॉक्टर बीमारी को आसानी से समझ सकते हैं। जांच के दौरान डॉक्टर आपको खांसने और खड़े रहने के लिए कह सकते हैं।

इंग्वाइनल हर्निया का इलाज कैसे किया जाता है?

इंग्वाइनल हर्निया होने पर डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं। यह एक सामान्य सर्जरी है। इससे घबराने की जरूरत नहीं होती है। डॉक्टर सर्जरी के दो विकल्प दे सकते हैं। उनमें शामिल है हरनियोरैफी (ओपन रिपेयर) या लेप्रोस्कोपिक सर्जरी।

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जीवनशैली में क्या करें बदलाव या घरेलू उपचार

निम्नलिखित टिप्स अपना कर इंग्वाइनल हर्निया से बचा जा सकता है:

  • वजन संतुलित रखें। डॉक्टर से आहार और एक्सरसाइज के बारे में समझें और उसे अपने जीवन में अपनाएं।
  • आहार में फाइबर की मात्रा ज्यादा लें। फल, सब्जियां और साबुत अनाज में फाइबर होता है जो कब्ज और तनाव को रोकने में मदद कर सकता है।
  • वजन वाले सामान को ध्यान पूर्वक उठाएं और कमर से झुकने की बजाए घुटने से झुकने की कोशिश करें।
  • ध्रूमपान न करें इसके सिर्फ एक साइड इफेक्ट नहीं होते हैं बल्कि यह पुरे शरीर के लिए हानिकारक है।
  • गारमेंट्स का चयन आरामदयाक को ध्यान में रखकर करें। डॉक्टर आपको हर्निया ट्रस इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं।

अगर इस बीमारी से जुड़े कोई प्रश्न हैं आपके पास तो समझने के लिए कृपया अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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