Obsessive Compulsive Disorder: ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

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जरूरी बातें जानिए

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (Obsessive Compulsive Disorder) एक मानसिक रोग है, जो मरीज की सोच और बर्ताव पर असर डालता है। इस बीमारी में  मरीजों को कई तरह के गलत विचार आते हैं। उदाहरण के तौर पर, मरीज को ऐसा लगता है कि दरवाजा बंद करने के बाद भी दरवाजा बंद हुआ कि नहीं। वो पता करने के लिए कई बार दरवाजे तक जाता है। मरीज अक्सर उस सोच को खत्म करने की कोशिश करता  है, लेकिन यह सिर्फ उन्हें तनावग्रस्त और परेशान करता है। आखिर में उसे तनाव दूर करने के लिए अपना इलाज करवाना पड़ता है।

ओसीडी (ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (Obsessive Compulsive Disorder) कितना आम है?

ओसीडी अक्सर 20 वर्ष से कम उम्र में होता है। खासकर उन लोगों में, जो काफी तनाव में रहे हों। ऐसे लक्षण कभी-कभी कुछ हद तक ठीक हो जाते हैं लेकिन, यह कभी पूरी तरह खत्म नहीं होते। ऐसे में आपको ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (Obsessive Compulsive Disorder) के लक्षण

किसी चीज के लिए जुनून सवार होना इस बीमारी का लक्षण हो सकता है। यह बीमारी किसी दवा या अन्य चीजों के कारण नहीं होती। ये बीमारी आपको तनावग्रस्त कर आपकी दिनचर्या को भी प्रभावित कर सकती है। नीचे हम आपको इसके कुछ लक्षण बता रहे हैं :

  • हिंसक तस्वीरों को देखकर गलत विचार आना।
  • गलत चीजों के लिए खुद को जिम्मेदार महसूस करना।
  • जरूरत से ज्यादा शरीर को साफ रखना।
  • प्रदूषण को लेकर कुछ ज्यादा ही चिंतित हो जाना।
  • रात में कई बार जागना और कन्फर्म करना कि दरवाजे और खिड़कियां बंद हैं कि नही।
  • एक ही क्रम में या एक ही दिशा में कपड़े, जूते या बर्तन को रखना।
  • इंफेक्शन के डर से बार-बार हाथ धोते रहना।

मरीज अक्सर इस तरह की हरकत नहीं करना चाहते हैं, लेकिन वो इसे कंट्रोल नहीं कर पाते। ओसीडी के मरीज दिन के समय ऐसा बर्ताव करते हैं और काम को और मुश्किल बनाते हैं।

इस बीमारी के अन्य कई लक्षण भी हो सकते हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

मुझे अपने डॉक्टर से कब बात करनी चाहिए?

अगर आपको नीचे बताए गई चीजें महसूस हों, तो डॉक्टर से बात करनी चाहिए, जैसे :

  • अगर ये बीमारी आपके जीवन पर ज्यादा प्रभाव डाल रही है।
  • शारीरिक लक्षण जैसे कि छाती में दर्द होना या आत्महत्या करने जैसे गलत विचार आना।

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (Obsessive Compulsive Disorder) के कारण

अभी तक वैज्ञानिकों को ओसीडी का सटीक कारण नहीं मिल पाया है लेकिन, इसके पीछे नीचे बताए गए कारण हो सकते हैं, जैसे:

  • सिर पर चोट लगना।
  • इंजेक्शन लगना।
  • दिमाग का कुछ हिस्सा ठीक से काम न करना।

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (Obsessive Compulsive Disorder) के जोखिम कारण

नीचे बताए गए कारण ओसीडी के जोखिम को बढ़ा सकते हैं, जैसे :

  • परिवार में किसी को ये बीमारी होना : अगर आपके माता-पिता या घर में किसी अन्य को ये बीमारी है, तो आपको ये बीमारी होने का जोखिम बढ़ सकता है।
  • अगर आप बहुत ज्यादा तनाव में रहे हों या आपको ज्यादा तनाव रहता है, तो भी इसका जोखिम बढ़ सकता है।

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (Obsessive Compulsive Disorder) का निदान और उपचार

दी गई जानकारी किसी भी मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

डॉक्टर अक्सर आपके बताए गए लक्षणों के मुताबिक ओसीडी का निदान करते हैं। डॉक्टर इसके लिए कुछ क्लीनिकल जांच भी कर सकते हैं। इसके अलावा, आपकी मानसिक स्थिति जांचने के लिए साइकोलॉजिकल इवैल्युएशन भी कर सकते हैं। साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन से मानसिक मरीजों का स्टेट्स जैसे कि मूड, मानसिकता आदि जैसी चीजों का टेस्ट करते हैं।

ओसीडी का इलाज कैसे किया जाता है?

ओसीडी का इलाज डॉक्टर और कॉग्निटिव बिहेवियर थेरिपी का उपयोग करके किया जा सकता है।

दवा: डॉक्टर ओसीडी बिहेवियर को काबू में करने लिए दवाएं लिख सकते हैं। आमतौर पर, एंटी-डिप्रेसेंट का उपयोग पहले किया जाएगा और नीचे बताई दवाएं इसमें शामिल कर सकते हैं:

  • क्लोमीप्रैमाइन (एनाफ्रानिल)
  • फ्लुवोक्सामाइन (लवॉक्स सीआर)
  • फ्लुओक्सेटीन (प्रोजैक)
  • पैरोसेटिन (पैक्सिल, पेक्शेवा)
  • सरट्रालिन (जोलॉफ्ट)

कॉग्निटिव बिहेवियर थेरिपी: यह सोचना कि आप झूठे और नेगेटिव हैं या लंबे समय में मानसिक रूप से बीमार हैं। कॉग्निटिव इलाज आपको गलत आदत को ढूंढने में मदद करती है, जो नर्वस का कारण बनती है।  बाद में, बिहेवियर इलाज और ट्रीटमेंट आपकी और भी आदतों के लिए गाइड करता है। जब आप पहले की तरह नहीं सोचते हैं, तो इसका मतलब है कि समस्या ठीक हो रही है।

लाइफस्टाइल में बदलाव और घरेलू उपचार

नीचे दिए गए लाइफस्टाइल और घरेलू उपचार आपको ओसीडी से निपटने में मदद कर सकते हैं :

  • डॉक्टर को बताएं कि इलाज के बाद इसके लक्षण और ज्यादा सामने आ रहे हैं या नहीं।
  • अगर आपको दवा लेने के बाद ठीक महसूस नहीं होता, तो इस बारे में डॉक्टर को बताएं।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • अगर आप पहले से ही बेहतर महसूस करते हैं, तो भी अपने डॉक्टर के सलाह के अनुसार दवाएं लें। दवा छोड़ने से ओसीडी फिर से हो सकता है।
  • दवा या अन्य खाने की चीज लेने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

अगर आपके दिमाग मे किसी भी प्रकार का कोई प्रश्न है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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रिव्यू की तारीख अगस्त 2, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अगस्त 2, 2019

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