Sinusitis : साइनोसाइटिस क्या है? जाने इसके कारण, लक्षण और इलाज

Medically reviewed by | By

Update Date जून 6, 2020 . 4 mins read
Share now

साइनोसाइटिस क्या है?

साइनोसाइटिस एक संक्रमण है, जिसमें साइनस ब्लॉकेज के कारण एक या एक से ज्यादा साइनस में सूजन आ जाती है। यह अल्पकालिक लगभग चार सप्ताह तक रह सकता है, जिसे तीव्र साइनोसाइटिस कहा जाता है। वहीं, लगभग तीन महीने तक रहने वाले संक्रमण को क्रोनिक साइनोसाइटिस कहा जाता है।

साइनोसाइटिस कितना सामान्य है?

यह बीमारी आम है, जो किसी को भी प्रभावित कर सकती है। इसके कारणों को नियंत्रित कर के इससे निपटा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

यह भी पढ़ें : Migraine headaches : माइग्रेन क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

साइनोसाइटिस के लक्षण ?

ये लक्षण लगभग 7 से 21 दिनों में ठीक हो जाते हैं। यदि आपको निम्न में से कोई भी लक्षण आप में लंबे समय तक बने रहते हैं, तो आप डॉक्टर से मिलें।

यह भी पढ़ें : Nipah Virus Infection: निपाह वायरस का संक्रमण

मुझे डॉक्टर को ​कब दिखाना चाहिए?

यदि आपको निम्न में से कोई भी लक्षण हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हर किसी का शरीर अलग तरीके से कार्य करता है। अपनी स्थिति के बारे में अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

यह भी पढ़ें :  साइनस की परेशानी को आसानी से दूर करते हैं ये घरेलू नुस्खे

साइनोसाइटिस के क्या कारण हैं ?

साइनोसाइटिस के कारण बैक्टीरिया, एलर्जी, प्रदूषण या नाक के पॉलिप्स हो सकते हैं। इसके अलावा, यह अक्सर सर्दी होने के बाद होता है या फिर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में (खाने, पीने, श्वास या स्पर्श) आने के बाद हो जाता है। इसके अलावा, क्रोनिक साइनसिसिस सिकुड़े हुए साइनस या बहुत ज्यादा ड्राई साइनस की वजह से भी हो सकता है।

यह भी पढ़ें : Sickle Cell Anemia : सिकल सेल एनीमिया क्या है? जाने इसके कारण ,लक्षण और उपाय

किन कारणों से साइनोसाइटिस का खतरा बढ़ जाता है?

इस बीमारी के कई जोखिम कारक हैं जैसे:

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

यह भी पढ़ें : साइनस (Sinus) को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं ये योगासन, जरूर करें ट्राई

साइनोसाइटिस का उपचार कैसे किया जाता है?

डॉक्टर कान, नाक, गले, चेस्ट की जांच करेंगे और साइनोसाइटिस के निदान के लिए मेडिकल स्टेथोस्कोप का उपयोग करेंगे। इसके अलावा, अगर डॉक्टर को फंगल साइनसिसिस इंफेक्शन या ट्यूमर की शंका होती है, तो डॉक्टर नाक की एंडोस्कोपी, साइनस सीटी स्कैन (CT scan) या एमआरआई (MRI) भी कर सकते हैं।

बीमारी के कारणों को निर्धारित करने के लिए, डॉक्टर साल भर में आपको कितनी बार साइनोसाइटिस होता है?, पूछ सकते हैं या फिर लक्षणों का पता लगाने के लिए आपके द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के बारे में वो बात कर सकते हैं। इसके अलावा, आवश्यकता होने पर एक्स-रे या अन्य परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं।

यह भी पढ़ें : Pilonidal Sinus Surgery : पिलोनिडल साइनस सर्जरी क्या है?

साइनोसाइटिस का इलाज कैसे किया जाता है?

  • बीमारी के कारण होने वाली बेचैनी की भावना को कम करने के लिए, आप भीड़ में स्प्रे या ड्रॉप का उपयोग कर सकते हैं। हल्के सिरदर्द के लिए, आप पेरासिटामोल युक्त पेनकिलर का उपयोग कर सकते हैं जैसे कि पैनाडोल या एफेरगन।
  • डॉक्टर सूजन को कम करने के लिए एंटीहिस्टामाइन या कॉर्टिकोस्टेरॉइड नेजल स्प्रे का उपयोग करने को कह सकते हैं। संक्रमण के कारण होने वाली साइनस सूजन के लिए, डॉक्टर एंटीबायोटिक्स लिखेंगे।
  • इसके अलावा, डॉक्टर आपको फंगल साइनोसाइटिस से निपटने के लिए सर्जरी की भी सलाह दे सकते हैं।

यह भी पढ़ें : Urticaria : पित्ती क्या है? जाने इसके कारण, लक्षण और उपाय

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

निम्नलिखित जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको इस बीमारी से निपटने में मदद कर सकते हैं:

  • पानी अधिक पिएं,
  • एल्कोहॉल न लें,
  • धूम्रपान न करें,
  • एक से दो घंटे के भीतर साइनोसाइटिस से प्रभावित क्षेत्र की दिन में चार बार गर्म सिकाई करें,
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें,
  • डॉक्टर द्वारा बताए गए नेजल स्प्रे का उपयोग करें,
  • खट्टे ग्रेपफ्रूट सीड एक्स्ट्रैक्ट शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीबायोटिक होता है, जो रोगाणुओं, परजीवी, बैक्टीरिया, वायरस और कैंडीडा यीस्ट सहित 30 प्रकार के फंगस को रोकने के लिए उपयोग किए जाते हैं। साइनस का इंफेक्शन होने पर, आप इसका नाक में डालने वाला स्प्रे भी ले सकते हैं, जिसका इस्तेमाल करने से आपको नाक में राहत मिलेगी और इंफेक्शन भी कम हो सकता है। 
  • साइनस एक सांस संबंधी समस्या है। इस प्रकार की समस्याओं से राहत पाने के लिए थोड़ा-सा काला जीरा लें और उन्हें एक पतले कपड़े में बांधे लें। तुरंत राहत पाने के लिए थोड़ी देर इस कपड़े में से माध्यम से सांस लें। ऐसा करने से सायनस के दर्द से राहत मिल सकती है।
  • साइनस का दर्द होने पर यूकेलिप्टस का तेल भी फायदा देता है। इसके लिए गर्म पानी में पाइन तेल की कुछ बूंदें मिला कर उसकी भांप लें। साइनस के लक्षणों से राहत पाने के लिए आप दिन में एक से दो बार इसकी भांप ले सकते हैं। ऐसा करने से आपका जमा हुआ बलगम बाहर आसानी से आ सकता है और आपको राहत मिल सकती है।
  • अपनी नाक और आंखों के चारों ओर तिल के तेल की हल्के से मसाज करें। यह आपकी नाक की रुकावट को साफ करने मे मदद करता है और सायनस के दर्द को भी कम कर सकता है।
  • साइनस की समस्या में टी ट्री ऑयल भी फायदेमंद साबित हो सकता है। 2015 के एक नोट में यह सामने आया है कि टी ट्री ऑयल में मौजूद कंपाउंड अल्फा सबाइन में एंटीवायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो साइनस में फायदेमंद हो सकते हैं। इसके अलावा, टी ट्री ऑयल में सूजन कम करने के गुण भी होते हैं।
  • बलगम बनाने वाले खाद्य पदार्थों जैसे मैदा से बनीं चीजें, अंडे, चॉकलेट, तला हुआ और प्रोसेस्ड फूड, चीनी और डेयरी उत्पादों आदि के सेवन करने से बचें। इसके साथ ही खूब सारा पानी पिएं।

यह भी पढ़ें : Sick Sinus Syndrome : सिक साइनस सिंड्रोम क्या है?

इस आर्टिकल में हमने आपको साइनोसाइटिस से संबंधित जरूरी बातों को बताने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस बीमारी से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब जानना है, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे। अपना ध्यान रखिए और स्वस्थ रहिए।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

और पढ़ें : Piles : बवासीर क्या है?

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Chronic sinusitis : क्रोनिक साइनोसाइटिस क्या है?

क्रोनिक साइनोसाइटिस डिजीज क्या है, क्रोनिक साइनोसाइटिस के कारण, जोखिम-उपचार क्या है, इसको ठीक करने के लिए आप इस तरह के घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Anu Sharma

Ciprofloxacin 500mg+Tinidazole 600mg: सिप्रोफ्लॉक्सासिन 500mg+टिनिडाजोल 600mg क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

सिप्रोफ्लॉक्सासिन 500mg+टिनिडाजोल 600mg एक एंटीबैक्टीरियल कॉम्बिनेशन है। यह कई प्रकार के इंफेक्शन जैसे सिफलिश और गोहनेयरिया से लड़ता है।

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Sunil Kumar
दवाइयां A-Z, ड्रग्स और हर्बल नवम्बर 21, 2019 . 4 mins read

Sick Sinus Syndrome : सिक साइनस सिंड्रोम क्या है?

जानिए सिक साइनस सिंड्रोम की जानकारी in hindi,निदान और उपचार, सिक साइनस सिंड्रोम के क्या कारण हैं, लक्षण क्या हैं, घरेलू उपचार, जोखिम फ़ेक्टर, Sick Sinus Syndrome का खतरा, जानिए जरूरी बातें |

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Ankita Mishra

Pilonidal Sinus Surgery : पिलोनिडल साइनस सर्जरी क्या है?

जानिए पिलोनिडल साइनस सर्जरी (Pilonidal sinus surgery) की जानकारी in Hindi, पिलोनिडल साइनस सर्जरी क्या है , कैसे और कब की जाती है, जोखिम, जानें इसके खतरे, कैसे करें रिकवरी, कैसे करें बचाव।

Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar
Written by Shayali Rekha
सर्जरी, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z अक्टूबर 14, 2019 . 4 mins read