Skin Biopsy: जानें स्किन बायोप्सी क्या है?

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अपडेट डेट सितम्बर 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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परिभाषा

स्किन बायोप्सी (Skin Biopsy) क्या है?

स्किन बायोप्सी में आपकी त्वचा की सतह से सेल्स या त्वचा का नमूना लिया जाता है। लिए गए नमूने की जांच से आपकी मेडिकल कंडिशन के बारे में जानकारी मिलती है। डॉक्टर स्किन बायोप्सी का इस्तेमाल कई त्वचा रोगों को डायग्नोस करने के लिए करते हैं।

स्किन बायोप्सी तीन तरह की होती है:

शेव बायोप्सी (Shave Biopsy): इसमें डॉक्टर रेजर जैसा एक टूल का इस्तेमाल कर स्किन की ऊपरी सतह से एक छोटा सा हिस्सा निकालते हैं।
पंच बायोप्सी (Punch Biopsy): इसमें डॉक्टर त्वचा की गहरी परत का छोटा हिस्सा परिपत्र उपकरण का उपयोग करके निकालता है।
एक्सिकिओनल बायोप्सी (Excisional biopsy): इसमें डॉक्टर छोटे चाकू का इस्तेमाल कर एक संपूर्ण गांठ या असामान्य त्वचा के एक क्षेत्र को निकाला जाता है।

स्किन बायोप्सी (Skin Biopsy) क्यों की जाती है?

स्किन बायोप्सी का मकसद त्वचा की स्थिति और बीमारियों का निदान करना है। इसका उपयोग त्वचा के घावों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है.

स्किन बायोप्सी त्वचा की इन बीमारियों और स्थितियों के निदान के लिए ज़रूरी हैः

  • एक्टनिक केरोटोसिस
  • बुलस पेम्फिगॉइड और अन्य ब्लिस्टरिंग त्वचा रोग
  • डर्मेटायटिस, सोरासिस और अन्य इन्फ्लामेट्री त्वचा संबंधी स्थितियां
  • बेसल सेल कार्सिनोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा और मेलेनोमा जैसे त्वचा के कैंसर
  • त्वचा का संक्रमण
  • स्किन टैग्स
  • संदिग्ध तिल या अन्य वृद्धि
  • मस्सा

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एहतियात/चेतावनी

स्किन बायोप्सी (Skin Biopsy) से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

स्किन बायोप्सी अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित मानी जाती है।

बायोप्सी के बाद उस जगह पर कुछ दिनों तक दर्द महसूस होगा। बायोप्सी के बाद चीरे का निशान भी रहेगा।

कभी-कभी बायोप्सी वाली जगह से रक्त भी आ सकता है। ऐसा होने पर उस जगह को 10 से 20 मिनट तक दबाकर रखें। उसके बाद भी यदि खून आ रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें।

आमतौर पर स्किन बायोप्सी सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन कुछ जटिलताएं आ सकती हैं जैसेः

  • रक्तस्राव
  • बायोप्सी वाली जगह पर नील लगना (चोट का निशान)
  • चीरे का निशान
  • संक्रमण
  • एंटीबायोटिक से एलर्जिक रिएक्शन

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प्रक्रिया

स्किन बायोप्सी (Skin Biopsy) के लिए कैसे तैयारी करें?

स्किन बायोप्सी से पहले अपने डॉक्टर को बताएं यदि:

  • आपको ब्लीडिंग डिसऑर्डर है
  • अन्य चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान यदि बहुत ज़्यादा रक्तस्राव हुआ हो
  • यदि खून पतला करने वाली दवा ले रहे हैं जैसे- एस्प्रिन या एस्प्रिंग युक्त वारफारिन या हेपरिन आदि
  • त्वचा के संक्रमण का इतिहास जिसमें इम्पेटिगो भी शामिल है।
  • ऐसी दवाएं ले रहे हैं जो इम्यून सिस्टम को कमज़ोर बनाती है जैसे डायबिटीज़ की दवा या ऑर्गन ट्रांस्प्लांट के बाद ली जाने वाली दवा।

स्किन बायोप्सी (Skin Biopsy) के दौरान क्या होता है?

स्किन बायोप्सी में आमतौर पर 15 मिनट का कुल समय लगता है जिसमें प्रक्रिया की तैयारी, घाव पर मरहम लगाने और हिदायत का समय भी शामिल है।

स्किन बायोप्सी किस जगह होनी है इसके आधार पर आपको कपड़े बदलने के लिए कहा जा सकता है। डॉक्टर या नर्स फिर उस हिस्से को साफ करके बायोप्सी वाली जगह को सर्जिकल मार्कर या मार्किंग पेन से चिन्हित करते हैं।

बायोप्सी वाले हिस्से को सुन्न करने के लिए लोकल एनेस्थेटिक का इस्तेमाल किया जाता है। यह आमतौर पर सुई के ज़रिए दिया जाता है। सुन्न करने के लिए इस्तेमाल हुई दवा से कुछ सेकंड के लिए त्वचा में जलन हो सकती है। एक बार सुन्न हो जाने के बाद बायोप्सी के दौरान आपको किसी तरह का दर्द महसूस नहीं होता है।

स्किन बायोप्सी के दौरान किस बात की उम्मीद की जानी चाहिए यह बायोप्सी के प्रकार पर निर्भर करता हैः

  • शेव बायोप्सी के लिए डॉक्टर टिशू को काटने के लिए एक तेज औजार या दोधारी रेज़र या स्केलपेल का इस्तेमाल करता है। बायोप्सी के लिए कितना गहरा चीरा लगाया जाना है यह उसके प्रकार और त्वचा का हिस्से पर निर्भर करता है। शेव बायोप्सी में रक्तस्राव होता है, जिसे उस जगह पर दबाव देकर बंद किया जा सकता है या दबाव के साथ ही दवा भी दी जाती है।
  • पंच या एक्सिसनल बायोप्सी की प्रक्रिया में त्वचा के नीचे फैट की ऊपरी परत को काटा जाता है। इसलिए घाव को भरने के लिए टांका लगाया जाता है। रक्तस्राव रोकने के लिए और घाव को सुरक्षित रखने के लिए उसकी ड्रेसिंग की जाती है या बैंडज लगाया जाता है।

स्किन बायोप्सी (Skin Biopsy) के बाद क्या होता है?

यदि प्रक्रिया में आपको टांके लगे हैं तो उस हिस्से को जितना हो सके साफ और सूखा रखें। टांके कब निकलेंगे इस बारे में डॉक्टर आपको बता देगा। यदि घाव वाली जगह पर बैंडज लगा तो उसे निकाले नहीं। घाव सूखने पर वह अपने आप निकल जाएगा। यदि वह अपने आप नहीं निकलता तो अगली बार डॉक्टर के पास जाने पर वह निकाल देगा। टिशू को जांच के लिए लैब में भेजा जाता हैं जहां माइक्रोस्को के नीचे आपके नमूनों की जांच होती है। इसके परिणाम एक से दो हफ्ते में आते हैं।

स्किन बायोप्सी के बारे में किसी तरह का प्रश्न होने पर और उसे बेहतर तरीके से समझने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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परिणामों को समझें

मेरे परिणामों का क्या मतलब है?

यदि रिपोर्ट सामान्य है तो एक हफ्ते के अंदर डॉक्टर इस बारे में पेशेंट को बताएगा।

यदि स्किन बायोप्सी के परिणामों में स्किन कैंसर या अन्य बीमारी का संकेत मिलता है जिसके बारे में स्पष्टीकरण की ज़रूरत है तो मरीज को फोन किया जाता है। यदि बायोप्सी के परिणामों से मेलेनोमा (एक प्रकार का कैंसर) का पता चलता है तो उस हिस्से का साफतौर पर पता लगाने के लिए फिर से जांच की जा सकी है। मेलोनेमा की गंभीरता के आधार पर डॉक्टर सेनटिनल लिम्फ नोड बायोप्सी के बारे में चर्चा कर सकता है।

सभी लैब और अस्पताल के आधार पर स्किन बायोप्सी की सामान्य सीमा अलग-अलग हो सकती है। परीक्षण परिणाम से जुड़े किसी भी सवाल के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में स्किन बायोप्सी से जुड़ी ज्यादातर जानकारियां देने की कोशिश की है, जो आपके काफी काम आ सकती हैं। अगर आपको ऊपर बताई गई कोई सी भी शारीरिक समस्या है तो आपका चिकित्सक आपको इसे कराने की सलाह दे सकता है। स्किन बायोप्सी से जुड़ी यदि आप अन्य जानकारी चाहते हैं तो आप हमसे कमेंट कर पूछ सकते हैं।

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