एंडोक्राइनोलॉजिस्ट क्या है, कौन-कौन-से बीमारियों का करते हैं इलाज

    एंडोक्राइनोलॉजिस्ट क्या है, कौन-कौन-से बीमारियों का करते हैं इलाज

    एंडोक्राइनोलॉजी हार्मोन से जुड़ी बीमारियों का एक फिल्ड है। वहीं एंडोक्राइनोलॉजिस्ट इस फिल्ड से जुड़ी बीमारी का पता लगाने के साथ हार्मोन से जुड़ी समस्याओं और बीमारियों को ठीक करता है। बता दें कि शरीर में हार्मोन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। यह शरीर का मेटाबॉलिज्म को सुचारू रूप से चलाने के साथ, रेस्पीरेशन, विकास, रिप्रोडक्शन, सेनसरी परसेप्शन (sensory perception) और मुवमेंट को काम करने में मददगार होता है। कई मेडिकल कंडीशन के कारण शरीर में हार्मोन का इम्बैलेंस हो सकता है। ऐसे में एंडोक्राइनोलॉजी हार्मोन के साथ कई ग्लैंड व टिशू को हार्मोन निष्कासित करते हैं उसपर केंद्रित है। वहीं एंडोक्रिनोलॉजिस्ट इससे जुड़ी समस्याओं का इलाज करता है। बता दें कि मानव शरीर में 50 से ज्यादा हार्मोन होते हैं। कई मामलों में यह काफी कम मात्रा में होते हैं लेकिन शरीर के लिए उतने ही महत्वपूर्ण होता है।

    एंडोक्राइन सिस्टम क्या है?

    एंडोक्राइन सिस्टम को हार्मोन सिस्टम भी कहा जाता है। यह सिस्टम कई ग्रंथियों से बना होता है जो हार्मोन्स को बनाता है और निकालता है। हार्मोन्स शरीर के केमिकल संदेशवाहक होते हैं जो कोशिकाओं के एक समूह से दूसरे समूह तक सूचना और निर्देश ले कर जाते हैं। इन हार्मोन्स से शरीर के कई कार्य नियंत्रित होते हैं जैसे:

    • श्वसन
    • मेटाबॉलिज्म
    • प्रजनन संवेदन
    • चलना-फिरना
    • यौन विकास
    • ग्रोथएंडोक्राइन सिस्टम शरीर की हर कोशिका, अंग और कार्य को प्रभावित करता है। जानिए एंडोक्राइन सिस्टम फैक्ट्स के बारे में विस्तार से।

    एंडोक्राइन सिस्टम शरीर के फंक्शन को कंट्रोल करने में करते हैं मदद

    मानव शरीर में मौजूद एंडोक्राइन सिस्टम में कई ग्लैंड होते हैं। जो हार्मोन रिलीज करने के साथ शरीर के फंक्शन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। जब हार्मोन ग्लैंड से निकलते हैं तो यह हमारी रक्तकोशिकाओं से होते हुए हमारे आर्गन और टिशू से होते हुए शरीर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचते हैं। यदि इससे संबंधित किसी प्रकार की समस्या होती है तो एंडोक्राइनोलॉजिस्ट हमारी मदद करते हैं।

    एंडोक्राइनोलॉजी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

    • एंडोक्राइन टिशू में एड्रनल ग्लैंड के साथ हायपोथैलमस, ओवरी और टेस्टिस आता है, वहीं एंडोक्रिनोलॉजिस्ट इसमें होने वाले हार्मोनल इंबैलेंस को ठीक करने का काम करते हैं
    • एंडोक्राइन डिसऑर्डर में कुल तीन बड़े ग्रुप होते हैं- एंडोक्राइन डिसऑर्डर में टाइप 1 डायबिटीज, टाइप 2 डायबिटीज, ऑस्टियोपोरोसिस, थायराइड कैंसर, एडिसंस डिजीज (Addison’s Disease), कशिंग सिंड्रोम (Cushing’s Syndrome), ग्रेव्स डिजीज (Graves’ Disease), हेशीमोटोज थायरायडिटीज (Hashimoto’s Thyroiditis) आते हैं।
    • महिलाओं को होने वाले एंडोक्राइन डिसऑर्डर में सबसे कॉमन पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम होता है (Polycystic ovary syndrome) होता है, इसका इलाज कराने के लिए एंडोक्राइनोलॉजिस्ट जैसे एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं।

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    एंडोक्रोनोलॉजिस्ट होते हैं मेडिकल विशेषज्ञ

    बता दें कि एंडोक्रोनोलॉजिस्ट मेडिकल क्षेत्र में ऐसे विशेषज्ञ होते हैं जो ग्लैंड और हार्मोन की खास जानकारी रखते हैं। या ऐसा कहा जाए ये हार्मोन और ग्लैंड के एक्सपर्ट होते हैं। किशोरों और बच्चों में ग्लैंड और हार्मोन संबंधी होने वाली परेशानी को ठीक करने के लिए पीडिएट्रिक एंडोक्रोनोलॉजिस्ट होते हैं। यह विशेषज्ञ वयस्कों को छोड़ सिर्फ बच्चों का इलाज करते हैं।

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    एंडोक्रोनोलॉजिस्ट के काम पर नजर

    मरीज की समस्या को पहचान कर उसके लक्षणों को भांपते हुए एंडोक्राइनोलॉजिस्ट मरीज का इलाज करते हैं।

    • डायबिटीज बीमारी के मामले में जब हमारे शरीर के पैनक्रियाज में इंसुलिन का पहुंचना कम हो जाता है तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है। इंसुलिन शरीर में भोजन को एनर्जी में तब्दील करता है, यदि इससे संबंधी किसी प्रकार की कोई समस्या होती है तो एंडोक्रोनोलॉजिस्ट उससे ठीक करने का काम करते हैं।
    • एड्रेनल (Adrenals) ग्लैंड किडनी के ऊपरी छोर पर होता है। वहीं यह शरीर में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के साथ मेटाबॉलिज्म, स्ट्रेस रिस्पॉन्स और सेक्स हार्मोन को सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है। यदि इसमें किसी प्रकार की समस्या हो तो उसका इलाज एंडोक्रोनोलॉजिस्ट या फिर पीडिएट्रिक एंडोक्रोनोलिस्ट करते हैं।
    • हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) हमारे दिमाग का एक भाग है जो बॉडी टेंप्रेचर, भूख और प्यास को कंट्रोल करता है, इससे जुड़ी यदि किसी प्रकार की समस्या किसी व्यक्ति को होती है तो उसे एंडोक्रोनोलॉजिस्ट की सलाह लेनी पड़ती है।
    • पाराथायरायड्स (Parathyroids) एक प्रकार के छोटे ग्लैंड होते हैं जो हमारी गर्दन के नीचे होते हैं, यह शरीर में कैल्शियम के लेवल को कंट्रोल करने में मददगार साबित होते हैं। यदि इससे संबंधी किसी प्रकार की कोई समस्या होती है तो एंडोक्रोनोलॉजिस्ट उसे ठीक करने का काम करते हैं।
    • पिट्यूटरी (Pituitary) ग्लैंड शरीर में मटर के दाने की साइज के बराबर होता है, यह हमारे दिमाग में होता है। वहीं शरीर के हार्मोन को बैलेंस करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। पिट्यूटरी (Pituitary) ग्लैंड से जुड़ी बीमारी को एंडोक्रोनोलॉजिस्ट ठीक करते हैं।
    • रिप्रोडक्टिव ग्लैंड गोनेड्स (Reproductive glands (gonads)) ; महिलाओं में ओवरी और पुरुषों में टेस्टिस में यदि किसी प्रकार की समस्या होती है तो उसका इलाज किया जाता है।
    • थायरॉयड (Thyroid) एक प्रकार का तितली के आकार का ग्लैंड होता है, यह ग्लैंड हमारी गर्दन में होता है वहीं शरीर के मेटॉबॉलिज्म को कंट्रोल करने में मदद करता है। शरीर को एनर्जी देने के साथ दिमाग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। यदि इससे संबंधित किसी प्रकार की कोई समस्या आती है तो एंडोक्रोनोलॉजिस्ट से इलाज कराने की सलाह दी जाती है।
    • हड्डियों की मेटाबॉलिज्म सहित ऑस्टियोपोरोसिस के इलाज के लिए एंडोक्रोनोलॉजिस्ट की सलाह ले सकते हैं।
    • कोलेस्ट्रोल के कारण होने वाली परेशानी का इलाज भी एंडोक्रोनोलॉजिस्ट करते हैं।

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    कब लेनी चाहिए एंडोक्राइनोलॉजिस्ट की सलाह

    आप से नियमित तौर पर दिखाते हैं वो सिर्फ डायबिटीज का इलाज करते हैं लेकिन आपको इन परिस्थितियों और हेल्थ कंडीशन में एंडोक्रिनोलॉजिस्ट की सलाह ले सकते हैं।

    • आप डायबिटीज का इलाज कराकर थक चुके हैं और ऐसे विशेषज्ञ की सलाह लेना चाहते हैं तो उस स्थिति में
    • आपको हाल ही में डायबिटीज की बीमारी हुई हो और आप नहीं जानते कि इससे कैसे निजात पाया जाए
    • आप सामान्य से ज्यादा शॉट्स लेते हों या फिर इंसुलिन पंप का इस्तेमाल करते हो
    • आप डायबिटीज को लेकर कई सारी जटिलताओं से जूझ रहे हो

    यदि आपका डॉक्टर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट की सलाह न दे फिर भी आपको उनसे सलाह लेना चाहिए।

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    इलाज कराने के पूर्व डॉक्टर को खानपान, दवा की दें पूरी जानकारी

    इलाज के क्रम में एंडोक्रिनोलॉजिस्ट आपसे पूछ सकतें है कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं, डायबिटीज की बीमारी के कारण आपको किसी प्रकार की कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है। आप अपने एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से बताए कि आप किन-किन दवा का सेवन करते हैं।

    एंडोक्रिनोलॉजिस्ट इसपर देते हैं ध्यान, जैसे

    • लक्षण
    • खाने का समय
    • काम ज्यादा करते हैं या कम करते हैं
    • दवाओं के साथ विटामिन या अन्य सप्लीमेंट लेते हैं या नहीं

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    एंडोक्रिनोलॉजिस्ट आखिर मरीज के साथ क्या करते हैं?

    कई मामलों में ऐसा होता है कि हमारे जेनरल फिजिशियन बीमारी के बारे में पता नहीं कर पाते हैं। ऐसे में वो हमारी मेडिकल कंडीशन को देखते हुए, हार्मोन प्रोडक्शन को भांपते हुए हमें एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के पास जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। बता दें कि एंडोक्रिनोलॉजिस्ट एंडोक्रिनोलॉजी के फिल्ड में विशेषज्ञ होते हैं। इन डॉक्टर्स को ऐसी ट्रेनिंग दी गई है जिससे यह ग्लैंड और हार्मोन से जुड़ी बीमारी का पता लगाकर इलाज करते हैं। एंडोक्रिनोलॉजिस्ट का मकसद होता है कि शरीर में हार्मोन के बैलेंस को बनाकर रखा जाए ताकि शरीर सुचारू रूप से काम कर सकें।

    एंडोक्रिनोलॉजिस्ट इन समस्याओं और बीमारी का करते हैं इलाज

    • डायबिटीज
    • ऑस्टिओपोरोसिस
    • मेनोपॉज
    • मेटाबॉलिक डिसऑर्डर
    • थायरॉयड डिजीज
    • असामान्य व अनियमित हार्मोन का निकलना
    • कुछ प्रकार के कैंसर
    • छोटा कद
    • इनफर्टिलिटी (infertility)
    • थायरायड

    एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के पास जाने पर वो क्या पूछ सकता है, जानें

    यदि आप पहली बार एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से मिल रहे हैं तो वो आपसे कुछ सवाल कर सकता है। ताकि उसी हिसाब से इलाज किया जा सके।

    • वर्तमान में आप कितनी दवाएं ले रहे हैं
    • परिवार में किसी को पूर्व में हार्मोन इम्बैलेंस की बीमारी हुई है या नहीं
    • एलर्जी के साथ अन्य मेडिकल कंडीशन
    • डायटरी हैबिट्स

    बीमारी को ठीक करने के लिए वर्तमान में होने वाले लक्षणों से कारण को एंडोक्रिनोलॉजिस्ट पहचानते हैं। कई बार एंडोक्राइनोलॉजिस्ट ऐसे लक्षणों के बारे में पूछ सकते हैं जो गैर जरूरी है, बावजूद उसके उनकी कही बातों के अनुसार जवाब देना चाहिए, क्योंकि वो बीमारी के लिए जरूरी होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हार्मोन लेवल शरीर के कई हिस्सों व सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। जरूरत पड़ने पर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट मरीज का हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, स्किन की स्थिति, बाल, दांत और मुंह की जांच कर सकते हैं। जरूरी मामलों में मरीज के खून के साथ पेशाब के सैंपल की जांच की जाती है। इन तमाम तत्वों की जांच करने के बाद एंडोक्रिनोलॉजिस्ट ट्रीटमेंट के लिए आगे बढ़ते हैं।

    हार्मोन शरीर के कई फंक्शन को प्रभावित करता है। वहीं हार्मोन में होने वाले इम्बैलेंस के कारण कई प्रकार की समस्या हो सकती है। हार्मोन संबंधी समस्या दिखे तो मरीज के फैमिली डॉक्टर या फिर जेनरल फिजिशियन एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के पास जाने की सलाह दे सकते हैं।

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    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. प्रणाली पाटील

    फार्मेसी · Hello Swasthya


    Satish singh द्वारा लिखित · अपडेटेड 07/07/2020

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