Ovral L: ओवरल एल क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 28, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
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फंक्शन

ओवरल एल (Ovral L) कैसे काम करता है?

ओवरल एल टैबलेट एक प्रकार की गर्भनिरोधक गोली (oral contraception) है, इसका इस्तेमाल प्रेग्नेंसी न हो इसलिए किया जाता है। महिलाओं को इस दवा का सेवन पीरियड्स के शुरुआती दिनों में नहीं करने की सलाह दी जाती है। इस दवा में मौजूद तत्वों में लीवोनोगेस्ट्रिल (Levonorgestrel) (0 से लेकर 15 एमजी) तक पाया जाता है। वहीं एथिनि एस्ट्राडिअल (Ethinyl Estradiol) (0 से लेकर 0.03 एमजी) पाया जाता है।

डोसेज

ओवरल एल (Ovral L) का सामान्य डोज क्या है?

व्यस्कों की बात करें तो असुरक्षित यौन संबंध के बाद अपनी ग्यानेकोलॉपजिस्ट से बात कर के महिलाएं सेवन कर सकती हैं।

ओवरल एल (Ovral L) की खुराक मिस हो जाए तो क्या करूं?:

रेगुलर कॉन्ट्रासिपेशन : यदि आप इस दवा का सेवन करना भूल जाती हैं जो जरूरी है कि जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लें। इस दवा का एक भी डोज मिस करना नहीं होता है। मिस्ड डोज न हो इसके लिए आपको अतिरिक्त कॉन्ट्रासेप्शन की दवा रखनी होती है।

इमरजेंसी कॉन्ट्रासिपेशन : बेहद ही जरूरी मामलों में ली जाने वाली यह दवा आप मिस कर देते हैं जो जरूरी है कि जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह ली जाए।

ओवरडोज या आपात स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए?

ओवरडोज की स्थिति में जरूरी है कि बिना समय गंवाएं जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए

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उपयोग

ओवरल एल (Ovral L) का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए?

इस दवा का सेवन आप चाहें तो खाने के साथ या बिना भोजन के सिर्फ पानी के साथ ले सकते हैं। लेकिन शरीर के लिए खाने के बाद यदि इसका सेवन करेंगे तो काफी फायदा पहुंचेगा और स्टमक संबंधी परेशानी भी नहीं होगी। लेकिन जरूरी है कि पहले डॉक्टरी सलाह ली जाए, उसके बाद ही दवा का सेवन शुरू करें। खुराक संबंधी डॉक्टर के दिए दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए। वहीं इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि डॉक्टर के द्वारा सुझाए गए डोज से न कम और न ही ज्यादा मात्रा में सेवन करना चाहिए। वहीं दवा के सेवन को लेकर रिएक्शन होता है या फिर स्थिति और गंभीर होती है तो जरूरी है कि जल्द से जल्द इमरजेंसी ट्रीटमेंट करवाना चाहिए। वहीं सबसे जरूरी है कि दवा का सेवन डॉक्टर से पूछकर और दवा को छोड़ने संबंधी निर्णय भी डॉक्टर से पूछकर ही करना चाहिए।

इसका उपचार करने के लिए किया जाता है इस्तेमाल

  • कांट्रासेप्शन (Contraception): गर्भवती न हो इसलिए महिलाएं इस दवा का सेवन करती हैं।
  • इमरजेंसी कांट्रासेप्शन (Emergency contraception): कभी कभी इमरजेंसी में अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है। अनप्रोटेक्टेड सेक्स के बाद इस दवा को जितना जल्दी संभव हो सेवन करना उचित होता है। कोशिश यही रहनी चाहिए कि सेक्स के करीब 72 घंटों से 120 घंटों के अंदर इस दवा का सेवन कर लें। वहीं दूसरा डोज पहले डोज के 12 घंटे के बाद लेना चाहिए।

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साइड इफेक्ट्स

ओवरल एल (Ovral L) के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

इस दवा का सेवन करने से कुछ बड़े तो कुछ छोटे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जैसे;

  • गंभीर रूप से पेट में दर्द
  •  हेवी मेंस्ट्रअल ब्लीडिंग
  •  जी मचलाना और उल्टी
  •  असामान्य थकान और कमजोरी
  •  ब्रेस्ट पेन व नर्म होना
  •  लिबिडो में बदलाव
  •  डायरिया
  •  ब्लड क्लोट फॉर्मेशन
  •  स्ट्रोक
  •  वजन का बढ़ना
  •  सिर चकराना
  •  डिप्रेशन
  •  बैक पेन
  •  सिर दर्द
  •  फ्लू के जैसे लक्षण
  • चेहरे, होंठ, आईलाइड्स, जीभ, हाथ व तलवे का सूजना
  • सांस लेने में तकलीफ और निगलने में दिक्कत होना

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सावधानी और चेतावनी

ओवरल एल (Ovral L) का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या जानना चाहिए?

कब इस दवा का सेवन न करें

  • एलर्जी : वैसे लोग जिनको पता है कि उन्हें लीवोनोगेस्ट्रिल, इथेनॉयल एस्ट्रेडोल सहित एस्ट्रोजन प्रोडक्ट्स से परेशानी होती है, या फिर इसमें मौजूद इनएक्टिव इंग्रीडिएंट्स के कारण परेशानी होती है या एलर्जी होता है, वैसे लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • एब्नॉर्मल वजानल ब्लीडिंग : वैसे लोग जिन्हें एब्नॉर्मल वजायनल ब्लीडिंग की शिकायत रहती है, वैसे लोगों को इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि संभावनाएं रहती है कि दवा का सेवन करने से कहीं उनकी स्थिति और न बिगड़ जाए।
  • ब्रेस्ट कैंसर : वैसे मरीज जिनको पूर्व में ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी रही हो, या फिर ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हो वैसी महिलाओं को इस दवा का सेवन नहीं करने की सलाह दी जाती है। संभावनाएं रहती है कि इस दवा का सेवन करने से कहीं उनका लक्षण न बढ़ जाए।
  • स्ट्रोक :  वैसे मरीज जिन्हें दिमाग में ब्लीडिंग डिस्ऑर्डर रहा हो या फिर उनको स्ट्रोक आया हो, वैसे मरीजों यह यह दवा नहीं दी जाती है, संभावनाएं रहती है कि मरीज की बीमारी कहीं और न बढ़ जाए।
  • हार्ट और ब्लड वेसल्स डिस्ऑर्डर : वैसे मरीज जिन्हें हार्ट और ब्लड वेसल्स डिस्ऑर्डर से जुड़ी बीमारी है,  जैसे थ्रोमबोयसिस, हाल में हुआ हार्ट अटैक, अन्य ब्लड क्लोटिंग डिस्ऑर्डर व अन्य। संभावनाएं रहती है कि इस दवा को चलाने के बाद उनकी स्थिति कहीं और गंभीर न हो जाए।
  • एस्ट्रोजेन डिपेंडेंट ट्यूमर : कैंसर की बीमारी से जूझ रहे लोगों को इस दवा का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती है, संभावनाएं रहती है कि इसके कारण शरीर में एस्ट्रोजेन असामान्य रूप से कहीं न बढ़ जाए, खासतौर पर ऐसा लंबे समय के लिए होता है।
  •  लीवर डिजीज : वैसे मरीज जिन्हें लीवर फंक्शन इम्पेयर्डमेंट की समस्या रहती है वैसे मरीजों को इस दवा का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि संभावनाएं रहती है कि इस दवा को देने से कहीं उनका लक्षण न बढ़ जाए।

क्या प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ओवरल एल (Ovral L) को लेना सुरक्षित है?

गर्भवती महिलाओं को शिशु को दूध पिलाने वाली महिलाओं को इस दवा का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती है। यदि महिला गर्भवती है या फिर प्रेग्नेंसी की प्लानिंग कर रही है तब भी यह दवा नहीं दी जाती है। यदि आप इस दवा का सेवन करती हैं और गर्भवती होने वाली हैं तो जरूरी है कि डॉक्टरी सलाह लें। वहीं शिशु को दूध पिलाने वाली महिलाओं को इस दवा को छोड़ वैकल्पिक दवाओं के सेवन पर ध्यान देना चाहिए।

  • मासिक धर्म पर इफेक्ट : इस दवा का सेवन करने से हो सकता है कि महिलाओं का पीरियड साइकिल गड़बड़ा जाए। वहीं कभी कम तो कभी हेवी ब्लीडिंग की शिकायत हो सकती है। दवा का सेवन करने के पांच दिनों तक यदि लक्षण रहें तो जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए।
  • ड्राइविंग या हेवी मशीन चलाने को लेकर : यदि दवा का सेवन कर आप ड्राइविंग या हेवी मशीन चलाते हैं तो काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सिर चकराना, उनिद्रापन, थकान जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। ऐसे में सही यही होगा कि दवा का सेवन करने के बाद ड्राइविंग न करने के साथ हेवी मशीन ऑपरेट न करें।
  • वजन बढ़ना : संभावनाएं रहती है कि इस दवा का सेवन करने से व्यक्ति का वजन बढ़ सकता है। वहीं मरीज को ओबेसिटी से संबंधित परेशानी हो सकती है।
  • सर्जरी : यदि आप सर्जरी करवाने वाले हो तो जरूरी है कि सर्जरी के चार सप्ताह पहले से ही इस दवा का सेवन न करें। वहीं सर्जरी के बाद भी दो सप्ताह तक इस दवा का सेवन न करें। संभावनाएं रहती है कि मरीज की तबीयत खराब हो सकती है। इसलिए ऐसे मरीजों को क्लीनिकल ऑब्जरवेशन में रहना चाहिए।
  •   इंफेक्शन : यदि कोई लंबे समय तक इस दवा का इस्तेमाल करता है तो संभावनाएं रहती है कि इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाए। ऐसे में यदि इंफेक्शन हो तो जरूरी है कि जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए। मरीज की कंडीशन को ध्यान में रखते हुए दवा के वैकल्पिक दवाओं के बारे में ध्यान देना उचित होता है।
  • डिप्रेशन : लंबे समय तक इस दवा का सेवन किया जाए तो संभावनाएं रहती है कि व्यक्ति डिप्रेशन से पीड़ित हो सकता है। ऐसे में वैसे लोग जिन्हें पहले डिप्रेशन की बीमारी हुई हो वैसे लोगों को इस दवा का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। वहीं यदि वो सेवन करें तो वैसे मरीजों के व्यव्हार को ध्यान देते रहना चाहिए, वहीं यदि उसमें बदलाव दिखे तो डॉक्टरी सलाह लेना उचित होता है। इस बीमारी से ग्रसित मरीजों में इतना ही नहीं इस दवा को दूसरी दवाओं के साथ रिप्लेसमेंट करने की भी जरूरत पड़ सकती है।
  • डायबिटीज : वैसे मरीज जो डायबिटीज की बीमारी से ग्रसित होते हैं उन्हें काफी गंभीरता के साथ इस दवा का सेवन करना चाहिए। संभावनाएं रहती है कि उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाए। वहीं समय समय ब्लड, ग्लूकोज लेवल की जांच भी जरूरी हो जाती है। इतना ही नहीं इस दवा की बजाय वैकल्पिक दवाएं भी ऐसे मरीजों को दी जा सकती है।
  • अन्य बीमारी : इस दवा का सेवन करने से कुछ मरीजों में विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो सकती है। ऐसे में पुरानी व नई समस्याओं को लेकर डॉक्टर से बात करना जरूरी हो जाता है।
  •  पीलिया : इस दवा का इस्तेमाल करने से आंखों और स्किन का पीलापन की समस्या हो सकती है। वहीं लीवर और गॉलब्लैडर पर भी असर हो सकता है। ऐसे में इस प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर जरूरी है कि जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह ली जाए।
  • ब्लड क्लोट : इस दवा का सेवन करने से संभावनाएं रहती है कि मरीज में ब्लड क्लोट हो। वहीं वैसे मरीज को हार्ट और ब्लड वेसल्स की बीमारी से ग्रसित होते हैं या फिर वैसे लोग जिन्हें स्मोकिंग की बुरी लत है उनमें ब्लड क्लोट की संभावनाएं काफी अधिक रहती है। ऐसे मरीजों का समय समय पर डॉक्टरी सलाह जरूरी हो जाती है वहीं क्लीनिकल कंडीशन को भांपते हुए इस दवा को छोड़ वैकल्पिक दवाओं का सेवन करना फायदेमंद होता है।
  • सिग्रेट स्मोकिंग : वैसे लोग जो नियमित तौर पर सिग्रेट पीते हैं उनमें अन्य लोगों की तुलना में सीरियस कार्डियोवैस्कुलर इफेक्ट होने की संभावनाएं अधिक रहती है। खासतौर पर तब जब व्यक्ति इस दवा का सेवन करता है। 35 साल से ऊपर की महिलाएं जो औसतन प्रतिदिन 15 सिग्रेट से अधिक पीती हैं। उनमें बीमारी होने की संभावनाएं अधिक रहती है। इसलिए जरूरी है कि इस दवा का सेवन करने के दौरान स्मोकिंग कतई नहीं करनी चाहिए

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रिएक्शन

कौन-सी दवाइयां ओवरल एल (Ovral L)  के साथ रिएक्शन कर सकती हैं?

वैसे तो हर दवा हर व्यक्ति पर अलग अलग तरीके से रिएक्ट करती है। इस दवा को लेने से पहले भी इसके रिएक्शन को लेकर डॉक्टरी सलाह जरूर लेना चाहिए। ताकि उसके रिएक्शन से समय रहते बचा जा सके।

क्या  ओवरल एल (Ovral L) भोजन या शराब के साथ रिएक्शन करती है?

शराब के साथ इस दवा के रिएक्शन को लेकर ज्यादातर शोध नहीं किए गए हैं। इसलिए बेहतर यही रहेगा कि जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लें।

इन दवाओं के साथ हो सकता है रिएक्शन

  • कारबामाजीफिन (Carbamazepine)
  • ग्रिसओफुल्विन (Griseofulvin)
  • फेनटोइन (Phenytoin)
  • ट्रेनेक्सेमिक एसिड (Tranexamic Acid)
  • बोसेंटन (Bosentan)
  • एप्रिनअविर (Amprenavir)

इन बीमारियों के साथ भी रिएक्शन की हैं संभावनाएं

  • इंट्रैक्रेनिएल हाइपरटेंशन (Intracranial hypertension)
  • लीवर डिजीज
  • फ्लूइड रिटेंशन और एडीमा
  • आई डिस्ऑर्डर
  • एब्नॉर्मल वयाइनल ब्लीडिंग
  • एस्ट्रोजेन डिपेंडेंट ट्यूमर
  • हिपेटिक निओप्लास्मास

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स्टोरेज

ओवरल एल (Ovral L) को कैसे करूं स्टोर?

दवा को घर में सामान्य रूम टेंप्रेचर में ही रखें, कोशिश करें कि उसे सूर्य कि किरणों से बचाकर रखें। 25 डिग्री तापमान दवा के लिए बेस्ट है, लेकिन फ्रिज में रखने की गलती कतई न करें। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो यह दवा सामान्य रूप से काम नहीं कर पाएगा। इसके अलावा इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। एक्सपायरी होने के पहले ही दवा का सेवन करें, लंबे समय तक सेवन करना हो तो डॉक्टरी सलाह लें। वहीं इसे एयरटाइट कंटेनर में रखना चाहिए। इतना ही नहीं दवा के डिस्मेंटल को लेकर फ्लश नहीं करना चाहिए, इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। दवा एक्सपायरी हो जाए तो उसे कैसे डिस्पोज करना है उसको लेकर फॉर्मासिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।

किस रूप में उपलब्ध है?

  • टेबलेट

इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाक्टरी सलाह लें। । पीलिया

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