अलकेमिल्ला एक सदाबहार औषधीय पौधा है। अलकेमिल्ला Rosaceae परिवार से संबंध रखता है। आमतौर पर इसे ‘लेडी मेंटल’ के नाम से जाना जाता है। अलकेमिल्ला का इस्तेमाल एक हर्बल चाय के रूप में भी किया जाता है। साथ ही गायनोकोलॉजिकल समस्याओं में इस औषधि का इस्तेमाल किया जाता है। यूरोप में अलकेमिल्ला की करीब 300 प्रजातियां हैं। इसमें से ज्यादातर प्रजातियां एशिया और यूरोप के ठंडे इलाकों में पाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, इसकी कुछ प्रजातियां अफ्रीका और अमेरिकी पहाड़ों पर पाई जाती हैं।

अलकेमिल्ला की कुछ प्रजातियों के पौधों के पत्ते लोब्स के साथ होते हैं, जो एक समान बिंदू से निकलती हैं। वहीं, कुछ प्रजातियों के पौधों की पत्तियां विभाजित होती हैं। इनका आकार पंखे और छोटे दांतनुमा होता है। इसकी लंबी पत्तियां जो भूरे से हरे रंग की होती हैं, जो अक्सर हल्के बालों से ढकी होती हैं। यह पत्तियां पानी के प्रति वॉटर-रेसिस्टेंट होती हैं। इनमें हरे से चमकीले रंग के फूल होते हैं और वसंत के आखिरी दिनों में इनकी पत्तियां ऊपर की तरफ गुच्छेदार दिखती हैं। कई बार अलकेमिल्ला के जमीन से ऊपर उगने वाले हिस्से का इस्तेमाल औषधियां बनाने में किया जाता है।
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अलकेमिल्ला का उपयोग पेट की समस्याओं, हल्के दस्त, मधुमेह, वाटर रिटेंशन, सूजन और मांसपेशियों की ऐंठन के लिए किया जाता है। कुछ लोग इसे गले में खराश और गले की अन्य समस्याओं के लिए भी उपयोग करते हैं। महिलाएं दर्दनाक मासिक धर्म या मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए भी इसका उपयोग करती हैं। कुछ लोग रक्तस्राव को रोकने के लिए सीधे त्वचा पर इसको लगाते हैं। क्योंकि कुछ मामलों में इसका उपयोग घाव भरने में, अल्सर, एक्जिमा या त्वचा पर चकत्ते का इलाज करने में भी किया जाता है।
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अलकेमिल्ला का इस्तेमाल निम्नलिखित समस्याओं में होता है:
इसके अतिरिक्त एक्सटर्नल उपयोग में इसका इस्तेमाल निम्नलिखित स्थितियों में होता है:
अन्य समस्याओं में भी अलकेमिल्ला के इस्तेमाल की सलाह दी जा सकती है। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से संपर्क करें।
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यह औषधि कैसे कार्य करती है, इस संबंध में पर्याप्त जानकारी मौजूद नही है। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें। हालांकि, कुछ अध्ययनों में पता चला है कि अलकेमिल्ला में टेननिन्स नामक कैमिकल होते हैं, जो डायरिया के इलाज में मदद करते हैं।
निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें:
अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नही हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। अलकेमिल्ला का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग: प्रेग्नेंसी और स्तनपान के दौरान अलकेमिल्ला का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है, इस संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसका इस्तेमाल करने से पहले इसके संभावित फायदों की तुलना इसके खतरों से जरूर करें।
बच्चों: बच्चों में इसका इस्तेमाल कितना सुरक्षित है, इस संबंध में प्रमाणित डोज की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सर्जरी: तय सर्जरी से कम से कम दो सप्ताह पहले अलकेमिल्ला का सेवन बंद कर दें।
अलकेमिल्ला का इस्तेमाल करने से आपका लिवर खराब हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति को यह साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं। हर व्यक्ति में अलकेमिल्ला के साइड इफेक्ट्स के लक्षण अलग तरह से नजर आ सकते हैं। यह जरूरी नहीं हैं, जो साइड इफेक्ट्स आपको हों, वही साइड इफेक्ट्स किसी अन्य व्यक्ति को भी। यदि आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
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अलकेमिल्ला आपकी मौजूदा दवाइयों के साथ रिएक्शन कर सकता है या दवा का कार्य करने का तरीका परिवर्तित हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बालिस्ट से संपर्क करें। कुछ दवाइयां या प्रोडक्ट्स अलकेमिल्ला के साथ रिएक्शन कर सकते हैं, जो कि निम्नलिखित हैं:
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उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।
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अलकेमिल्ला का पारंपरिक डोज: डायरिया के इलाज के लिए प्रतिदिन 5-10 ग्राम तक प्रतिदिन।
अलकेमिल्ला की चाय: 2-3 dl उबलते हुए पानी में दो चम्मच अलकेमिल्ला चाय को मिलाएं और इसे 10-15 मिनट तक उबलने दें। प्रतिदिन तीन बार इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है।
अलकेमिल्ला की चाय को और कड़क बनाने के लिए आप इसे कुछ अतिरिक्त मिनटों तक उबलने दें, जिससे पानी में अधिक टेनिन्स रिलीज हो जाएं।
अलकेमिल्ला का घोल: सामान्य तौर पर प्रतिदिन 1-2 ml लेने की सलाह दी जाती है।
हर मरीज के मामले में अलकेमिल्ला का डोज अलग हो सकता है। जो डोज आप ले रहे हैं वो आपकी उम्र, हेल्थ और दूसरे अन्य कारकों पर निर्भर करता है। औषधियां हमेशा सुरक्षित नहीं होती हैं। अलकेमिल्ला के उपयुक्त डोज के लिए अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।
अलकेमिल्ला का डोज समान्य रूप से निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:
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डिस्क्लेमर
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Current Version
12/10/2020
Sunil Kumar द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Surender aggarwal
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar