डायबिटीज पेशेंट में इंसुलिन से एलर्जी हो सकती है घातक, रहें अलर्ट!

    डायबिटीज पेशेंट में इंसुलिन से एलर्जी हो सकती है घातक, रहें अलर्ट!
    डायबिटीज पेशेंट में इंसुलिस की बहुत महत्वपूर्ण होती है। शरीर में इंसुलिन की कमी, डायबिटीज का कारण बन जाता है और इसी कमी को दूर करने के लिए कई मीरजों को डाॅक्टर इंसुलिन की सलाह देते हैं। आज हम बात करेंगे इंसुलिन में से होने वाली एलर्जी की। वैसे तो डायबिटीज के मरीज में इंसुलिन से एलर्जी (Insulin Allergy) देखने को बहुत की कम दिखती है। लेकिन कुछ मरीजों में यह गंभीर स्थिति का कारण भी बन सकती है। जिन मरीजों को इंसुलिन से एलर्जी है, उन्हें इंजेक्शन के तुरंत बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं और इसमें पित्ती, एंजियोएडेमा, प्रुरिटस, ब्रोन्कोस्पास्म और कभी स्ट्रोक जैसी समस्या भी हो सकती है। इंसुलिन से एलर्जी (Insulin Allergy) का इलाज एंटीहिस्टामाइन के साथ किया जा सकता है। तो आइए जानते हैं कि इंसुलिन से एलर्जी (Insulin Allergy) क्या है‌, साथ मे इंसुलिन क्या है?

    इंसुलिन (Insulin) क्या है?

    इंसुलिन एकप्रकार का हॉर्मोन होता है, जो शरीर के अंदर नैचुरल रूप से बनता है और रक्त में मिलकर ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल करने का काम करता है। लेकिन इसमें आई गड़गड़ डायबिटीज का कारण बन सकती है। क्योंकि यदि शरीर के अंदर इंसुलिन का उत्पादन ठीक से ना हो या यह अपना काम ठीक से ना हो, तो मरीज में शुगर जैसा गंभीर रोग हो जाता है।

    जानिए शरीर में इंसुलिन की भूमिका क्या है?

    इंसुलिन का उत्पादन शरीर में पैनक्रियाज में होता है। खाना खाने के बाद जब रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है, उस समय उस बढ़ी हुई शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन का स्त्राव होता है। इसके अलावा, जैसा कि यहां बताया गया है कि इंसुलिन एक हॉर्मोन है और इसका उत्पादन अग्नाश्य में होता है। लेकिन डायबिटीज के मरीज शुगर को नियंत्रित करने कि लिए जिस इंसुलिन का उपयोग करते हैं, उसकी कार्यक्षमता शरीर में बनने वाले इंसुलिन से अलग होती है। यह भिन्नता इंसुलिन के प्रभाव के आधार पर होती है। इंसुलिन इंजेक्शन लगने के मात्र 15 मिनट में असर दिखाना शुरू कर देता है और करीब चार घंटे तक शरीर में इंसुलिन की कमी को पूरा करता है।

    • इसुलिन, हमारे शरीर में रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने के साथ अतिरिक्त इंसुलिन को शरीर के अंदर फैट में सहेजने का काम करता है। ताकि जरूरत पड़ने पर शरीर इस वसा का उपयोग कर सके। जिसका शरीर में बहुत महत्वपूर्ण रोल होता है।
    • इसके अलावा, इंसुलिन शरीर की हर कोशिका तक ऊर्जा पहुंचाने का काम भी करता है और साथ ही रक्त में ग्लूकोज का स्तर नियंत्रित करने में भी मददगार है।
    • बाॅडी को ऐक्टिव रखने के लिए इंसुलिन का उत्पादन और उसका अब्जॉर्वशन दोनों ही बहुत जरूरी हैं। यदि इस प्रक्रिया में कोई भी दिक्कत आती है, तो शरीर थकान का अनुभव करने लगता है। इंसुलिन मेटाबॉलिज्म के प्रॉसेज को सही रखने में मदद करता है। इंसुलिन का उत्पादन अग्नाश्य में होता है और शरीर की कार्य क्षमता के आधार पर यह कई तरह का हो सकता है।

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    इंसुलिन से एलर्जी (Insulin Allergy) क्या हैं?

    मधुमेह रोगियों में इंसुलिन के दुष्प्रभाव दुर्लभ हैं, लेकिन जब वे होते हैं, तो एलर्जी की प्रतिक्रिया गंभीर हो सकती है और स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। डायबिटीज पेशेंट्स को इंसुलिन से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। इसका कारण से शरीर में कई लक्षण भी नजर आते हैं। जानिए इंसुलिन से एलर्जी के बारे में अधिक जानकारी।

    इंसुलिन से एलर्जी (Insulin Allergy)

    यदि आप डायबिटीज पेशेंट है और इंसुलिन इंजेक्ट करने के बाद आसपास सूजन, खुजली या लालिमा जैसी हल्की एलर्जी का अनुभव कर रहे हैं, तो ऐसे में मरीज को अपने डॉक्टर से तुरंत परामर्श करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये इंसुलिन से एलर्जी के लक्षण हो सकते हैं।। इसी तरह, लगातार जी मिचलाना और उल्टी आना इंसुलिन से एलर्जी के लक्षणों में शामिल है। इंसुलिन लेते समय, मधुमेह रोगियों को विशेषज्ञों द्वारा नियमित रूप से टेस्ट किट का उपयोग करके रक्त शर्करा के स्तर की जांच करने की सलाह दी जाती है। यदि इंसुलिन लेने के बाद, ब्लड शुगर टेस्ट में उतार-चढ़ाव या औसत से अधिक रक्त शर्करा का स्तर दिखाई देता है और डायबिटीज में कंट्रोल नहीं दिख रहा है, तो इसका आश्य है कि इंसुलिन अपना काम नहीं कर रही है। कुछ मामलों में एपिनेफ्रीन (Epinephrine) और अंतःशिरा (IV) स्टेरॉयड की आवश्यकता हो सकती है। इंसुलिन इंजेक्शन की साइट पर हो सकती हैं और दर्द, जलन, लोकल एरिथेमा (Local erythema), प्रुरिटस और अवधि का कारण बन सकती हैं।

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    इंसुलिन के साथ कुछ दवा का इंटरेक्शन (Interaction)

    इंसुलिन लेते समय, डिस्पोजेबल सुई और सीरिंज का उपयोग करके, उसे दोबारा इस्तेमाल करने की गलती न करें। यह इंसुलिन से रिएक्शन का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। कुछ दवाएं इंसुलिन के साथ परस्पर क्रिया करने के लिए जाती हैं, और मधुमेह रोगियों को इस सूची के बारे में पता होना चाहिए। आपके जीपी या चिकित्सक को विस्तृत जानकारी देनी चाहिए कि कोई अतिरिक्त दवा इंसुलिन को कैसे प्रभावित करती है। कुछ दवाएं जो इंसुलिन को प्रभावित कर सकती हैं, जो नीचे दी गई हैं, लेकिन मधुमेह रोगियों को अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए:

    • एसीई अवरोधक – एक्यूप्रिल और लोटेंसिन
    • अनाबोलिक स्टेरॉयड – Anadrol-50
    • भूख दमनकारी – Tenuate
    • एस्पिरिन
    • बीटा-ब्लॉकिंग ब्लड प्रेशर दवाएं – टेनोर्मिन और लोप्रेसोर
    • मूत्रवर्धक – Lasix और Dyazide
    • एपिनेफ्रीन (एपिपेन)
    • एस्ट्रोजेन – प्रेमारिन
    • आइसोनियाज़िड (निड्राज़िड)
    • प्रमुख ट्रैंक्विलाइज़र – मेलारिल और थोरज़ीन
    • एमएओ इनहिबिटर (एंटीडिप्रेसेंट नारदिल और पर्नेट)
    • नियासिन (निकोबिड)
    • ऑक्टेरोटाइड (सैंडोस्टैटिन)
    • गर्भनिरोधक गोली
    • मधुमेह के लिए मौखिक दवाएं – डायबीनीज और ओरिनेज
    • फ़िनाइटोइन (दिलान्टिन)
    • स्टेरॉयड दवाएं – प्रेडनिसोन
    • सल्फा एंटीबायोटिक्स – बैक्ट्रीम और सेप्ट्रा
    • थायराइड की दवाएं – सिंथ्रोइड

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    इंसुलिन से एलर्जी को लेकर रहें अलर्ट

    ग्लूकोज लेने से पहले, अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं कि क्या आपको इससे एलर्जी है; या यदि आपको कोई अन्य एलर्जी है। इस उत्पाद में निष्क्रिय तत्व हो सकते हैं, जिससे एलर्जी या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

    सर्जरी होने से पहले, अपने डॉक्टर या दंत चिकित्सक को उन सभी उत्पादों के बारे में बताएं जिनका आप उपयोग करते हैं (जिसमें डॉक्टर के पर्चे की दवाएं, गैर-नुस्खे वाली दवाएं और हर्बल उत्पाद शामिल हैं)।निर्देशानुसार उपयोग किए जाने पर यह उत्पाद गर्भावस्था के दौरान लेने के लिए सुरक्षित है। स्तनपान कराने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

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    हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता है। इस आर्टिकल में हमने आपको इंसुलिन से एलर्जी के बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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    Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/09/2021 को
    Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड