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डायबिटीज में चना खाने से पहले सोचने की जरूरत नहीं, एक नहीं बल्कि हैं बहुत से फायदे!

डायबिटीज में चना खाने से पहले सोचने की जरूरत नहीं, एक नहीं बल्कि हैं बहुत से फायदे!

डायबिटीज को कंट्रोल करना है, तो आपको एक नहीं बल्कि कई आदतों में बदलाव करना होगा। आप इसकी शुरुआत खानपान से कर सकते हैं। आपको अपनी डायट में ऐसी चीजें शामिल करनी होंगी, जो आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल रख सके। अगर आप टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) के पेशेंट हैं, तो चने का सेवन आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। भारत में बिना चने के लजीज व्यंजनों की कल्पना करना कठिन है। चने में एक नहीं बल्कि बहुत पोषक तत्व पाये जाते हैं। चने से एक नहीं बल्कि बहुत से व्यंजन तैयार किए जाते हैं। भारत में दो चनों को ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। पहला है काबुली चना और दूसरा है काला चना। चना डायजेशन को इंप्रूव करने के साथ ही वेट मैनेजमेंट में भी अहम भूमिका निभाता है। आपको शायद जानकारी नहीं होगी लेकिन हम आपको बता दें कि चना डायबिटीज फ्रेंडली डायट है। डायबिटीज के पेशेंट बिना किसी परेशानी के इसे आसानी से खा सकते हैं। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको डायबिटीज में चना (Chickpea for diabetes) किस प्रकार फायदेमंद होता है, इस बारे में जानकारी देंगे।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज में विटामिन डी सप्लिमेंट्स के उपयोग से बच सकते हैं इन तकलीफों से

डायबिटीज में चना (Chickpea for diabetes)

डायबिटीज में चना (Chickpea for diabetes) खाना इसलिए फायदेमंद होता है क्योंकि चने में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन के साथ ही फाइबर भी होता है। ये दोनों ही ब्लड शुगर मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाते हैं। चना एक प्रकार की फली है, जिसमें कैलोरी की अधिक मात्रा नहीं होती है और ये वजन को कम करने में अहम भूमिका निभाती है। मधुमेह के पेशेंट के लिए अधिक वजन खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में डायबिटीज में चना (Chickpea for diabetes) खाना फायदेमंद साबित होता है। चने में सॉल्युबल और नॉन सॉल्युबल दोनों प्रकार के फाइबर पाए जाते हैं। चना न सिर्फ डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करता है बल्कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल (Cholesterol level) को भी बैलेंस करने का काम करता है। जिन लोगों को कब्ज की समस्या (Constipation problem) रहती है, उनके लिए चने का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। जानिए चने में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण तत्वों के बारे में।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज में न्यू ड्रग ट्रीटमेंट : जानिए क्या है ये खास ट्रीटमेंट?

काला चना एक प्रकार की फली है, जो प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है। काले चने में विटामिन बी6 (Vitamins B6), विटामि सी (Vitamins C), फोलेट (Folate), नियासिन (Niacin), थायमिन (Thiamin), राइबोफ्लेविन (Riboflavin) और मैंगनीज (Manganese), फास्फोरस ( Phosphorus), आइरन ( Iron) और कॉपर (Copper) आदि खनिज होते हैं । काला चने में उपस्थित पोषक तत्व इम्यून सिस्टम (Immune system) को मजबूत बनाते हैं और मसल्स मास को बढ़ाते हैं। चना डायबिटीज को कंट्रोल करने के साथ ही बालों को मजबूत बनाने में मदद करता है। जानिए काले चने की न्यूट्रीशनल वैल्यू के बारे में।

  • कैलोरी – 210
  • फैट – 3.8g
  • सोडियम – 322 mg
  • कार्बोहाइड्रेट – 35g
  • फाइबर- 9.6g
  • शक्कर- 6g
  • प्रोटीन- 10.7g

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज में विटामिन डी सप्लिमेंट्स के उपयोग से बच सकते हैं इन तकलीफों से

डायबिटीज में चना (Chickpea for diabetes) ऐसे पहुंचाता है फायदा?

डायबिटीज में चने का सेवन इसलिए फायदेमंद साबित होता है क्योंकि ये सेहत को बहुत से फायदे पहुंचाता है। जानिए चने का सेवन क्या फायदा पहुंचाता है, जो आपके ब्लड शुगर लेवल पर सीधा असर डालता है।

डायबिटीज में चना: वेट कंट्रोल करने में करता है मदद (Manage Your Weight)

चने में कम मात्रा में कैलोरी होती है, इसलिए इसका सेवन कैलोरी कंट्रोल करने में मदद करता है। जो लोग अधिक मात्रा में कैलोरी लेते हैं, उनका आसानी से वेट गेन होता है। जो लोग रोजाना चने का सेवन करते हैं, उनमें मोटापे की संभावना (Obesity) कम हो जाती है। अधिक वेट के कारण डायबिटीज (Diabetes) की संभावना भी बढ़ जाती है। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि चने का सेवन आपके वेट को कंट्रोल करने में मदद करता है और डायबिटीज के दौरान इसका सेवन क्यों जरूरी है।

और पढ़ें: गैस्ट्रोपैरीसिस : पाचन क्रिया से जुड़ी इस समस्या से हो सकती है टाइप 2 डायबिटीज की तकलीफ!

डायबिटीज फ्रेंडली डायट ब्लड शुगर करती है कंट्रोल (Support Blood Sugar Control)

चने की ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होती है, जो कि ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकने का काम करती है। डायबिटीज पेशेंट को अपने खाने में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड्स का सेवन करना चाहिए क्योंकि लो जीआई वैल्यू वाले फूड्स खून में शुगर के लेवल को कंट्रोल रखने का काम करता है। प्रोटीन (Protein) और फाइबर से भरपूर होने के कारण चना ब्लड शुगर रेग्युलेशन में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।फाइबर कार्ब के अवशोषण को धीमा करता है और ब्लड शुगर लेवल बढ़ नहीं पाता है। टाइप 2 डायबिटीज के पेशेंट जब प्रोटीन रिच फूड्स खाते हैं, तो ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।

डायजेशन (Digestion) में करता है मदद

चना फाइबर से भरपूर होता है, जो डायजेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चना सॉल्युबल फाइबर होता है और ये हेल्दी बैक्टिरिया को बढ़ाने में हेल्प करता है और साथ ही अनहेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। इस कारण से डायजेस्टिव कंडीशन का रिस्क भी कम हो जाता है। यानी चने का सेवन आपको एक नहीं बल्कि कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज के लिए मिनरल सप्लिमेंट्स: ब्लड शुगर को लेवल में रखने में कर सकते हैं मदद

कैसे करें चने का सेवन?

चने का सेवन एक नहीं बल्कि कई प्रकार से किया जा सकता है। अक्सर लोग सुबह उबले चने खाना पसंद करते हैं या फिर चने को स्प्राउट के रूप में भी खाया जाता है। आप अपनी पसंद के अनुसार चने को उबाल कर या फिर चने की सब्जी बनाकर खा सकते हैं। आपको काले चने को रातभर पानी में भिगोना चाहिए और फिर सुबह पानी निकालर उन्हें उबाल लेना चाहिए। आप चाहे तो चने की दाल या फिर सलाद के साथ भी चने का सेवन कर सकते हैं। आप चाहे तो पसंद के अनुसार चने को रोस्ट करके भी खा सकते हैं। चने में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हार्ट को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। आप चने का सेवन करने से पहले चाहे तो एक बार इस बारे में डॉक्टर से भी जानकारी ले सकते हैं।

अगर आपको चने का सेवन करने के बाद किसी प्रकार की समस्या होती है, तो बेहतर होगा कि डॉक्टर से इस बारे में जानकारी लें। चने का सेवन करने के बाद पेट जल्दी भर जाता है इसलिए आपको भूख के अनुसार ही सेवन करना चाहिए। आप चाहे तो एक दिन छोड़कर भी चने का सेवन कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से आपको डायबिटीज में चना (Chickpea for diabetes) के बारे में जानकारी मिल गई होगी। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/08/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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