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Uterine Prolapse Surgery : यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी क्या है?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar


Ankita mishra द्वारा लिखित · अपडेटेड 15/09/2020

Uterine Prolapse Surgery : यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी क्या है?

परिचय

यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी (Uterine Prolapse Surgery) क्या है?

यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी  (Uterine Prolapse Surgery)महिलाओं के गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं के लिए उपचार के लिए की जाती है। ऐसी स्थिति जब गर्भाशय अपने स्थान से योनि की तरफ खिसकने लगती है तो इस सर्जरी की मदद ली जा सकती है। इस अवस्था में महिलाओं के गर्भाशय पर पकड़ बनाए रखने वाली मांसपेशियों, ग्रंथियों और टिशूज को नुकसान होता है। ऐसी महिलाएं जो मां बन चुकी हैं उनमें यूटेराइन प्रोलैप्स की संभवाना अधिक होती है। इसके कारण गर्भाशय धीरे-धीरे योनि की तरफ बढ़ने लगता है जिसके कारण योनि में दर्द, पेशाब से जुड़ी समस्याएं और अन्य समस्याओं भी देखी जा सकती है।

यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी की जरूरत कब होती है?

अगर दवाओं के उपचार के बाद भी आपका गर्भाशय स्थिर नहीं होता है या योनि की तरफ उसका खिसकना जारी रहता है, तो ऐसी स्थिति में आपका डॉक्टर आपको गर्भाशय की सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।

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जोखिम

यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी करवाने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

हर किसी के लिए गर्भाशय प्रोलैप्स की सर्जरी सुरक्षित नहीं हो सकती है। इस सर्जरी की सलाह महिला की स्वास्थ्य स्थिति और और उसके उपचार की स्थिति के अनुसार ही दी जाती है। हालांकि, अगर गर्भाशय योनि की तरफ बहुत कम खिसकी है तो इसके लिए इस सर्जरी की जरूरत नहीं होती है क्योंकि आमतौर पर इसके लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि, ऐसी महिलाएं जो भविष्य में प्रेग्नेंसी की योजना बना रही हैं उन्हें इस सर्जरी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि प्रेग्नेंट होने के बाद और नॉर्मल डिलिवरी के बाद इस सर्जरी के लिए महिला को शारीरिक तौर पर स्वास्थ्य होने की जरूरत होती है।

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यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी के क्या साइड इफेक्टस हो सकते हैं?

गर्भाशय की प्रोलैप्स की सर्जरी के बाद महिलाओं को शारीरिक तौर पर कुछ असुविधाएं हो सकती हैं। इस सर्जरी से गुजरने के बाद लंबे समय तक दर्द का अनुभव हो सकता है। जिससे राहत पाने के लिए आपका डॉक्टर आपको दर्द निवारक दवाओं की खुराक दे सकते हैं। अगर इसके बाद भी दर्द बढ़ जाता है या किसी और तरह की स्वास्थ्य स्थिति का अनुभव करते हैं तो अपने अपने डॉक्टर को फोन करें।

इस सर्जरी के सामान्य जोखिमों में शामिल हो सकते हैं:

  • एनेस्थीसिया की दवा के कारण इंटरैक्शन, जैसे एलर्जी, सांस लेने में तकलीफ
  • ब्लीडिंग
  • खून के थक्के जमना
  • इंफेक्शन होना

गर्भाशय की प्रोलैप्स की सर्जरी के बाद इस तरह की समस्याएं देखी जा सकती हैं:

  • मूत्राशय या मलाशय सहित आस-पास के अंगों में सूजन या इंफेक्शन
  • शारीरिक संबंध बनाने के दौरान दर्द होना। हालांकि, गर्भाशय के प्रोलैप्स सर्जरी के बाद कई महिलाएं सेक्स के दौरान अधिक आरामदायक महसूस कर सकती हैं।
  • बार-बार पेशाब लगना, पेशाब करने में परेशानी होना
  • कब्ज
  • नितंब या मलाशय में दर्द होना

इसलिए ध्यान रखें कि यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी कराने से पहले इससे जुड़े लाभ और जोखिमों के बारे में अपने डॉक्टर से पूरी जानकारी लें। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने चिकित्सक या सर्जन से परामर्श करें।

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प्रक्रिया

यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी के लिए मुझे खुद को कैसे तैयार करना चाहिए?

गर्भाशय या स्त्री रोग संबंधी इस सर्जरी को करवाने से पहले आपको कुछ तैयारियां करनी चाहिए। सर्जरी से पहले आपको किस तरह की तैयारी करने चाहिए इसके बारे में आपका डॉक्टर कुछ जरूरी दिशा निर्देश देंगे जिसका आपको ध्यान रखना चाहिए:

  • सर्जरी में किस तरह के उपकरणों या तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा इसके बारे में आपके डॉक्टर आपको जानकारी देंगे।
  • इस सर्जरी के लिए आप कितने सहमत है इसके बारे में आपका डॉक्टर आपके राय लेगा।
  • सर्जरी करने से पहले डॉक्टर आपके पूरे शारीरिक स्वास्थ्य की जांच करेंगे। ताकि, वो यह पता लगा सकें कि आपके स्वास्थ्य पर इस सर्जरी का प्रभाव कैसा हो सकता है।
  • सर्जरी से पहले 6 से 12 घंटे के पहले आपको खाली पेट रहने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
  • सर्जरी के दौरान इस्तेमाल होने वाली अगर किसी भी दवा से आपको एलर्जी है तो उसकी जानकारी अपने डॉक्टर को दें।
  • अगर बीते पिछले छह सप्ताह के दौरान आपको गर्भाशय, योनि या पेड़ू से संबंधित किसी भी तरह का इंफेक्शन हुआ था उसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।
  • अगर आपको पहले से ही फेफड़े या दिल से जुड़ी किसी तरह की समस्या है तो इसीक जानकारी अपने डॉक्टर और सर्जन को दें।

यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी में होने वाली प्रक्रिया क्या है?

इस सर्जरी का प्रकार और इसकी प्रक्रिया कितने समय तक चलेगी यह आपकी स्थिति की गंभीरता पर निर्भर कर सकती है।

गर्भाशय के प्रोलैप्स की सर्जरी के प्रकार हैं:

  • Ligament suspension- इसकी मदद से गर्भाशय या योनि के वॉल्ट (योनि के ऊपरी हिस्से) को सहारा देने के लिए टांके का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि, गर्भाशय को योनि की तरफ खिसकने से रोका जा सके। इसे sacrospinous ligament suspension या uterosacral ligament suspension भी कहा जाता है। इसके अलावा कभी-कभी सर्जन गर्भाशय को ऊपर उसके स्थान पर बनाए रखने के लिए गर्भाशय के किसी मांसपेशी के साथ भी जोड़ते हैं जिसे Iliococcygeus suspension कहा जाता है।
  • गर्भाशय को कोख से जोड़ने के लिए सर्जन Uterine suspension तकनीक का भी सहारा ले सकते हैं। इसके तहत गर्भाशय को जाली की मदद से ऊपर उठाया जाता है। जिसे sacral Colpo Hysteropexy कहा जाता है। इसके अलावा कुछ स्थिति में इस सर्जरी के दौरान गर्भाशय के बढ़े हुए भाग को छोटा भी कर दिया जाता है।
  • कुछ मामलों में कोख के कारण भी गर्भाशय आगे की तरफ खिसकने लगता है, जिसके उपचार के लिए आपका डॉक्टर अन्य तकनीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    जिनमें निम्न प्रक्रिया शामिल हो सकते हैंः

    • कोलपोर्फी की मदद से मूत्राशय या मलाशय को सहारा दिया जाता है। इसके लिए योनि, मूत्राशय या मलाशय के बीच की त्वचा को मजबूत बनाया जाता है। यह प्रक्रिया योनि मार्ग के माध्यम से की जाती है।
    • हिस्टेरेक्टॉमी (हिस्टेरेक्टॉमी) की मदद से भी इस समस्या को दूर किया जा सकता है।

    आपका सर्जन इन तकनीकों की मदद से आपके गर्भाशय की सर्जरी कर सकता हैः

    • मिनिमली इनवेसिव सर्जरी- इस सर्जरी के लिए सर्जन लेप्रोस्कोप का उपयोग कर सकते हैं। यह एक पतला और छोटा कैमरा होता है। पेट के निचले हिस्से में एक छोटे चीरे के जरिए इसे शरीर के अंदर डाला जाता है, जिसकी मदद से डॉक्टर शरीर के अंदर की तस्वीरों को देख सकते हैं। लेप्रोस्कोपिक यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी के लिए सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तकनीक में गर्भाशय की सर्जरी की प्रक्रिया को आपका डॉक्टर कई भागों में बांट सकते हैं। यह सर्जरी आमतौर पर की जाने वाली सर्जरी की तुलना में तेजी से रिकवरी करता है और इस प्रक्रिया में दर्द भी कम होता है। इस सर्जरी के लिए पेट के नीचे सिर्फ एक छोटा चीरा ही लगाया जाता है।
    • ओपन प्रोलैप्स सर्जरी- इस सर्जरी के दौरान शरीर में कई बड़े चीरे लगाएं जाते हैं, ताकि सर्जन शरीर के अंदर अंगों को देख सकें। इस सर्जरी को रिकवर होने में काफी समय लगता है और इसमें दर्द भी बहुत ज्यादा होता है। हालांकि, गर्भाशय की सर्जरी के लिए यह भी एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका होता है।
    • योनि के माध्यम से- इस प्रक्रिया में योनि के माध्यम से गर्भाशय की सर्जरी की जाती है। इसके लिए सर्जन योनि की दीवार (त्वचा) में कमजोरी या नुकसान को ठीक करने के लिए योनि में एक स्पेकुलम डालता है। इस प्रक्रिया के दौरान पेट में चीरा लगाने की जरूरत नहीं होती है और यह बहुत जल्दी रिकवरी भी कर लेता है। हालांकि, यह प्रक्रिया कुछ ही मामलों में प्रभावी हो सकती है।

    ऊपर बताए गए तरीकों में से आपके लिए कौन सी तकनीक सबसे बेहतर और प्रभावी हो सकती है इसके बारे में आपका डॉक्टर आपको सलाह दे सकता है। यह आपके उपचार की प्रक्रिया, स्वास्थ्य की स्थिति, उम्र और अन्य स्थिति पर निर्भर कर सकती है।

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    यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी के बाद क्या होता है?

    सर्जरी के बाद जब तक आपको होश नहीं आता या सांस लेने की प्रक्रिया सामान्य नहीं हो जाती है, तब तक आपको रिकवरी रूम में ही रखा जाएगा। सर्जरी के बाद आपके गले में खरास हो सकती है जो कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाएगी।

    सर्जरी के बाद आपके मूत्राशय में एक ट्यूब लगाया जाएगा जिसे कैथेटर कहा जाता है। इस ट्यूब की मदद से आप पेशाब कर सकेंगी। जब तक आप खुद से पेशाब करने में सक्षम नहीं हो जाएंगी तब तक आपको कैथेटर की मदद से ही पेशाब करना होगा।

    सर्जरी के कुछ दिनों बाद तक आपको अस्पताल में ही रहना पड़ सकता है।

    अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक या सर्जन से परामर्श करें।

    रिकवरी

    यूटेराइन प्रोलैप्स सर्जरी के बाद मुझे खुद का ख्याल कैसे रखना चाहिए?

    जब तक आप रिकवरी नहीं कर लेते तब के लिए आपका डॉक्टर आराम करने के लिए आपको कुछ जरूरी निर्देश दे सकते हैं। जिसके तहत आपको कुछ स्थिति से परहेज करना पड़ेगा:

    • खुद से उठाने की कोशिश करना
    • लंबे समय तक खड़े रहना
    • सेक्स करना

    डिस्क्लेमर

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