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साइनस रिदम (Sinus Rhythm) आपके दिल के बारे में बहुत कुछ कहती है, इसमें बदलाव को न करें नजरअंदाज

और द्वारा फैक्ट चेक्ड AnuSharma


AnuSharma द्वारा लिखित · अपडेटेड 11/09/2023

साइनस रिदम (Sinus Rhythm) आपके दिल के बारे में बहुत कुछ कहती है, इसमें बदलाव को न करें नजरअंदाज

हमारी हार्ट बीट, रेगुलर इलेक्ट्रिक सिग्नल्स द्वारा कंट्रोल की जाती है जिन्हें इलेक्ट्रिकल इम्पलसेस भी कहा जाता है। वहीं हमारे दिल धड़कने के पैटर्न को साइनस रिदम (Sinus Rhythm) कहा जाता है। इसमें डिस्टर्बेंस आपके दिल के बारे में बहुत कुछ बताता है। इस आर्टिकल में जानें साइनस रिदम (Sinus Rhythm) के बारे में ही सारी जानकारी।

साइनस रिदम (Sinus Rhythm) और हार्ट रेट (Heart rate) में क्या है अंतर?

साइनस रिदम (Sinus Rhythm), हार्ट रेट से थोड़ा अलग हो सकती है। हार्ट रेट यानी एक मिनट में कितनी बार हमारा दिल धड़कता है। अधिकतर लोगों की रेस्टिंग हार्ट रेट 60 to 100 बीट्स पर मिनट होती हैं, जिसे सामान्य माना जाता है। किन्तु, हमारा हार्ट इससे अधिक या कम बार भी धड़क सकता है। यह बात निर्भर करती है हार्ट की डिमांड क्या है और व्यक्ति किसी अन्य अंडरलायिंग हेल्थ कंडिशंस से पीड़ित तो नहीं है। जबकि, दूसरी तरफ साइनस रिदम को हार्टबीट का पैटर्न माना जाता है। यह उस रेट से मेल खाती है जिस पर साइनस नोड से इलेक्ट्रिकल पल्सेस को बाहर भेजता है।

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नार्मल साइनस रिदम (Normal Sinus Rhythm) क्या है?

नार्मल साइनस रिदम (Sinus Rhythm) को हेल्दी हार्ट की रिदम के रूप में पारिभाषित किया जाता है। इसका मतलब है कि आपके साइनस नोड से इलेक्ट्रिकल पल्स पूरे हार्ट मसल में ठीक से ट्रांसमिट हो रहे हैं। वयस्कों में, नार्मल साइनस रिदम आमतौर पर 60 से 100 बीपीएम हार्ट रेट होती है। हालांकि, साइनस रिदम इससे तेज या धीमी हो सकती है और फिर भी इसे सामान्य माना जा सकता है। अब जानिए नार्मल साइनस रिदम (Sinus Rhythm) के बारे में विस्तार से।

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साइनस टैकीकार्डिया (Sinus tachycardia)

साइनस रिदम (Sinus Rhythm) की ऐसी कई परिस्थितियां होती हैं जब साइनस रिदम (Sinus Rhythm) सामान्य रूप से बढ़ जाता है। इसे ही साइनस टैकीकार्डिया कहते हैं। साइनस टैकीकार्डिया की समस्या तब होती है, जब हमारा साइनस नोड अधिक रेपिड इलेक्ट्रिकल पल्सेस को सेंड करता है, जिससे हार्ट रेट 100 बीपीएम से अधिक हो सकती है। कुछ स्थितियों में अस्थायी रूप से साइनस टैकीकार्डिया होना सामान्य है, जैसे कि जब आप:

  • एक्सरसाइज कर रहे हैं
  • स्ट्रेस्ड महसूस कर रहे हैं
  • किसी खास तरह की दवाइयां ले रहे हैं
  • कोई स्टिमुलेंट ले रहे हैं जैसे कैफीन, निकोटिन या किसी तरह का ड्रग ले रहे हैं
  • बुखार है

हालांकि, जब आपको साइनस टैकीकार्डिया की समस्या रेस्टिंग के दौरान होती है, तो इससे आपको कई गंभीर हेल्थ कॉम्प्लीकेशन्स का जोखिम बढ़ सकता है।

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साइनस ब्रैडीकार्डिया (Sinus bradycardia)

साइनस ब्रैडीकार्डिया, साइनस टैकीकार्डिया का ठीक उल्टा होता है और यह समस्या तब होती है जब साइनस नोड स्लो पल्सेस सेंड करते हैं, जिसका परिणाम होता है हार्ट रेट का 60 बीपीएम का होना।

60 बीपीएम से नीचे हार्ट रेट भी कुछ लोगों के लिए सामान्य है, खासतौर पर युवा लोगों और एथलीट्स के लिए। ऐसा तब भी होता है जब आप डीप स्लीप में हो या किसी खास तरह की दवा ले रहे हों।

कुछ लोगों के लिए यह इस बात का संकेत भी हो सकता है कि आपका हृदय आपके शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त का डिस्ट्रीब्यूट नहीं कर रहा है। अब जानते हैं साइनस रिदम एरिथमिया के बारे में।

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साइनस रिदम एरिथमिया (Sinus rhythm arrhythmia)?

जब हमारी हार्ट रिदम या हार्ट रेट असामान्य होती है, तो इसे एरिथमिया कहा जाता है। कई तरह के एरिथमिया होते हैं। आइए जानें साइनस एरिथमिया के प्रकारों के बारे में:

साइनस टैकीकार्डिया (Sinus tachycardia)

ऊपर हमने इस बारे में जानकारी दी थी कि साइनस टैकीकार्डिया नॉर्मली कैसे हो सकती है? लेकिन, कुछ ऐसी सिचुएशन होती हैं जब साइनस टैकीकार्डिया की समस्या रेस्ट के दौरान हो सकती है। जब ऐसे होता है, तो यह कई गंभीर कॉम्प्लीकेशन्स का जोखिम बढ़ सकता है, जो इस प्रकार हैं:

ऐसा भी हो सकता है कि आपको साइनस टैकीकार्डिया में कोई भी लक्षण न नजर आएं। जब लक्षण मौजूद होते हैं, तो उनमें निम्न चीज़ें शामिल हो सकती हैं:

  • छाती में हार्ट पल्पिटेशन्स या फ्लटरिंग फीलिंग
  • चक्कर आना
  • छाती में दर्द होना या लाइटनेस
  • सांस लेने में समस्या
  • थकावट
  • चक्कर आना

साइनस रिदम, Sinus Rhythm .

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साइनस रिदम के साथ ही जानिए कि साइनस टैकीकार्डिया के कारण क्या हो सकते हैं? साइनस टैकीकार्डिया के पॉसिबल कारण इस प्रकार हैं:

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साइनस ब्रैडीकार्डिया (Sinus bradycardia)

साइनस टैकीकार्डिया की तरह साइनस ब्रैडीकार्डिया कुछ मामलों में हानिकारक साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें हार्ट बहुत स्लो तरीके से बीट कर रहा होता है। इसका अर्थ है कि ब्लड शरीर में ऑर्गन्स और टिश्यूस तक सही तरीके से फ्लो नहीं कर रहा है। अगर ऐसा होता है, तो कुछ पोटेंशियल कॉम्प्लीकेशन्स इस तरह से हैं

साइनस टैकीकार्डिया की तरह कई लोगों में साइनस ब्रैडीकार्डिया का कोई भी लक्षण नजर नहीं आते हैं। किंतु, इसके कुछ अन्य लक्षण इस प्रकार हैं:

  • थकावट और कमजोर महसूस होना
  • एक्सरसाइज करने में समस्या होना
  • छाती में दर्द
  • सांस लेने में समस्या
  • चक्कर आना

यह तो थी जानकारी साइनस रिदम एरिथमिया के बारे में। यह परेशानी कई चीजों के कारण हो सकती है, जिसमें यह सब शामिल है:

  • एजिंग, हार्ट डिजीज और प्रीवियस सर्जरी के कारण हार्ट डैमेज
  • कंजेनिटल हार्ट कंडिशंस
  • हायपोथायरॉयडिज्म
  • स्लीप एप्निया
  • पेरिकार्डिटिस
  • मायोकार्डिटिस
  • रयुमाटिक फीवर

अब जानिए कि एट्रियल फिब्रिलेशन (Atrial fibrillation) और साइनस रिदम (Sinus Rhythm) में क्या लिंक है?

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एट्रियल फिब्रिलेशन (Atrial fibrillation) और साइनस रिदम (Sinus Rhythm) में कनेक्शन

एट्रियल फिब्रिलेशन (Atrial fibrillation), एरिथमिया का सबसे सामान्य प्रकार है। इस समस्या में हमारा हार्ट सामान्य से तेज धड़कता है। इसके साथ ही हार्ट के ऊपरी और निचले चैम्बर्स कोऑर्डिनेट नहीं करते हैं। यह रोग अन्य तरह के एरिथमिया के कारणों से हो सकता है जैसे:

एट्रियल फिब्रिलेशन को हार्ट के ऊपरी चैम्बर में अनकोऑर्डिनेशन के रूप में कैरक्टराइज्ड किया जा सकता है है। यह साइनस नोड के इलेक्ट्रिक पल्सेस को जनरेट नहीं करने के कारण हो सकता है। एट्रियल फिब्रिलेशन एक गंभीर समस्या है। जिसमें कई गंभीर हेल्थ इफेक्ट हो सकते हैं। इसके इलाज के लिए लोअर हार्ट रेट के लिए दवाईयों की सलाह दी जा सकती है। जैसे बीटा ब्लॉकर्स (Beta-blockers) या कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स (Calcium channel blockers)। मेडिकेशन्स या प्रोसीजर के इस्तेमाल से हार्ट रिदम को नार्मल किया जा सकता है।

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यह तो थी साइनस रिदम (Sinus Rhythm) के बारे में पूरी जानकारी। इस हार्टबीट की पेस के रूप में जाना जाता है, जिसे साइनस नोड द्वारा सेट किया जाता है, जो शरीर का नेचुरल पेसमेकर है। एक नॉर्मल साइनस (Sinus Rhythm) रिदम का अर्थ है कि हार्ट रेट सामान्य रेंज में है। कई बार साइनस नोड बहुत तेज या धीमी इलेक्ट्रिक पल्स को सेंड करता है। इसे साइनस टैकीकार्डिया कहा जाता है। कुछ मामलों में यह सामान्य भी हो सकता है। कुछ लोगों में साइनस एरिथमिया चिंता का विषय नहीं होता लेकिन यह आमतौर पर गंभीर समस्या है। ऐसे में इसके लक्षण नजर आने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर

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