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हार्ट रेट को नॉर्मल बनाए रखने के लिए क्या है जरूरी और किन चीजों से बनाएं दूरी?

हार्ट रेट को नॉर्मल बनाए रखने के लिए क्या है जरूरी और किन चीजों से बनाएं दूरी?

अगर आपके शरीर का कोई अंग ठीक से काम नहीं करता है, तो डॉक्टर संभव होने पर ट्रांसप्लांट का ऑप्शन चुनते हैं और अंग को प्रत्यारोपित कर व्यक्ति को ठीक कर देते हैं। जब बात हार्ट की आती है, तो मामला बहुत नाजुक हो जाता है। हार्ट को हेल्दी रखने के लिए बेहतर लाइफस्टाइल से बेहतर कुछ भी नहीं है। अगर आप बेहतर लाइफस्टाइल नहीं अपनाते हैं, तो हाय कोलेस्ट्रॉल, हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure), ब्लड में हाय शुगर(High blood sugar) आदि समस्याएं शुरू हो जाती हैं, जो धीरे-धीरे हार्ट की हेल्थ को भी खराब करने के काम करते हैं। अक्सर कुछ लोगों को घबराहट या हार्ट बीट तेज हो जाने की समस्या का भी सामना करना पड़ता है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये क्यों होता है, तो हम आपको बता दें कि इसके एक नहीं बल्कि कई कारण हो सकते हैं। हार्ट रेट बनाए रखने के तरीके (How to maintain heart rate) को अपनाकर आप हार्ट संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको हार्ट रेट बनाए रखने के तरीके के बारे में जानकारी देंगे। आइए पहले समझते हैं हार्ट रेट के बारे में।

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हार्ट रेट (Heart rate) से क्या मतलब है?

हार्ट रेट

हृदय की गति हमेशा एक जैसी नहीं होती है। जब आप शांत बैठते हैं, तो हृदय की गति धीमी होती है। अचानक से अगर आप किसी चीज को लेकर चिंता करते हैं, तो आपके हृदय की गति बढ़ जाती है। तेज गति से काम करने पर भी हृदय की गति बढ़ जाती हैं। आपके हृदय की गति प्रति मिनट बदलती रहती है। यानी अगर यह कहा जाए कि हार्ट रेट हमेशा एक रहता है, तो यह सही नहीं होगा। आराम करते समय या फिर बिना किसी चिंता के अगर आप बैठे हैं, तो ऐसे में हार्ट रेट 70 से 90 बीट्स प्रति मिनट होता है। अगर आपकी हार्ट बीट 90 से अधिक हो गई है, तो इसे बढ़ी हुई हार्ट बीट कहा जाएगा। इसके लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार हो सकते हैं। जीन भी बढ़ी हुई हार्ट बीट के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट की मानें, तो हेल्थ और हार्ट बीट का एक गहरा कनेक्शन होता है। नॉर्वे के शोधकर्ताओं ने 10 सालों में रेस्टिंग हार्ट रेट में बदलाव होते हुए देखा है। बिना किसी हार्ट डिजीज (Heart disease), हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) या फिर बीमारी न होने पर भी लोगों को हार्ट बीट में बदलाव महसूस हुआ। मतलब उन लोगों की धड़कने पहले के मुकाबले बदल चुकी थीं।

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हार्टबीट अचानक से बढ़ जाने के एक नहीं बल्कि कई कारण होते हैं अनहेल्दी लाइफ स्टाइल (Unhealthy lifestyle), थायरॉइड (Thyroid) की समस्या, एरिथमिया (Arrhythmias) या एट्रियल फिब्रिलेशन (Atrial fibrillation) के कारण भी हार्टबीट नॉर्मल हार्टबीट से अधिक हो जाती है। अगर आपको दी गई बीमारियों में से कोई समस्या है, तो हार्टबीट को नियंत्रण में रखने के लिए बीमारी का इलाज बहुत जरूरी है। बीमारी का इलाज हो जाने पर हार्टबीट अपने आप नियंत्रित हो जाती है।

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हार्ट रेट बनाए रखने के तरीके: एक्सरसाइज को कहें ‘हां’

शरीर के लिए मोटापा बहुत खतरनाक होता है। अगर आप मोटे हैं और साथ ही एक्सरसाइज भी नहीं करते हैं, तो काफी हद तक संभावना बढ़ जाती है कि आपकी हार्ट बीट भी तेज रहे। ऐसे में हार्टबीट को नियंत्रण में रखने के लिए जरूरी है कि आप रोजाना एक्सरसाइज करें। आप एक्सरसाइज में वॉक (Walk), सायकलिंग (Cycling) आदि शामिल कर सकते हैं। एक्सरसाइज करने से आपके दिल की धड़कन बढ़ जाएगी लेकिन ऐसा करने से हार्ट बीट नार्मल रहती है। हार्ट रेट बनाए रखने के तरीके में इस तरीके का इस्तेमाल जरूर करें।

हार्ट रेट बनाए रखने के तरीके : स्ट्रेस को कहें ‘ना’

आजकल कि बिजी लाइफ में लोगों के पास काम ज्यादा होता है और खुद के लिए समय कम। इस कारण से स्ट्रेस होना आम बात है। अगर आपको भी स्ट्रेस की समस्या रहती है, तो आपको सचेत हो जाना चाहिए क्योंकि आपको सिर्फ काम ही नहीं बल्कि अपने स्वास्थ्य की देखभाल की भी बहुत जरूरत है। आप स्ट्रेस को दूर करने के लिए मेडिटेशन (Meditation), ताई ची (tai chi) आदि का सहारा ले सकते हैं। ऐसा करने से आपकी हार्टबीट भी नियंत्रण में रहेगी। अगर आपको जानकारी नहीं है कि ताई ची (tai chi) या मेडिटेशन कैसे किया जाए, तो आप एक्सपर्ट से भी इस बारे में बात कर सकते हैं। हार्ट रेट बनाए रखने के तरीके में स्ट्रेस से पूरी तरह से दूरी बना लें।

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ज्यादा वेट को कहें ‘ना’

अगर आपका वजन आधिक है, तो इसे इग्नोर न करें। अधिक वजन के कारण एक नहीं बल्कि कई समस्याएं खड़ी होती है। मोटापा एक नहीं बल्कि कई बीमारियों को जन्म देता है। अगर आप मोटे हैं, तो आपको अपनी डायट में सुधार (Diet improvement) करने के साथ ही रोजाना एक्सरसाइज भी करनी चाहिए। वजन को कैसे कम करना है, आप इस बारे में अपनी एक्सपर्ट से राय ले सकते हैं। पेट को कम करने के लिए आपको कम खाने की जरूरत नहीं है, बल्कि खाने में ऐसी चीजों को शामिल करने की जरूरत है, जो कम कैलोरी के हो और आपको एनर्जी भे दें।

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हार्ट रेट बनाए रखने के तरीके: कहीं कम तो नहीं पीते हैं पानी?

हार्ट बीट को नियंत्रण में रखने के लिए जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन की समस्या (Dehydration problem) हो जाती है। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो ब्लड जो मोटा हो जाता है। जिसके कारण से ब्लड फ्लो धीमा पड़ जाता है और दिल की धड़कन बढ़ जाती है। आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। आप चाहे तो लिक्विड डाइट भी शामिल कर सकते हैं। महिलाओं और पुरुषों को 2 से 3 लीटर पानी पीने की सलाह दी जाती है। इन सबके साथ ही आपको शरीर में सोडियम (Sodium), पोटैशियम (Potassium), कैल्शियम (Calcium) एवं मैग्नीशियम (Magnesium) की कमी से निपटने के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस (electrolytes balance) बनाए रखने की जरूरत होती है। जानकारी के लिए आप डॉक्टर से इस बारे में जरूर पूछें।

हार्ट बीट को रखना है नॉर्मल, तो इन चीजों से बनाएं दूरी!

अगर आप हार्टबीट से संबंधित समस्याओं से दूर रहना चाहते हैं तो आप को दी गई बातों का ख्याल रखने के साथ ही कुछ अन्य बातों का भी ख्याल रखना चाहिए। आपको हार्ट रेट बनाए रखने के तरीके में स्मोकिंग से दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि स्मोकिंग करने से भी हार्टबीट अधिक हो जाती है। अगर आप एल्कोहॉल पीते हैं, तो एल्कोहॉल भी इस समस्या का कारण बन सकता है। तनाव यानी स्ट्रेस भी हार्टबीट को बढ़ाने का काम करता है, इसलिए अगर आपको तनाव की समस्या (Stress problem) रहती है, तो बेहतर होगा कि आप मेडिटेशन (Meditation) या योग के माध्यम से अपने स्ट्रेस को कम करें। रोजाना 8 से 9 घंटे की नींद जरूर लें और सोने से पहले ऐसी किसी भी चीज का इस्तेमाल ना करें, जो आपके सोने में परेशानी पैदा करें। कुछ बातों का ख्याल रखकर आप अपनी हार्टबीट को बेहतर बना सकते हैं। अगर फिर भी आपको किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो इस बारे में डॉक्टर को जानकारी दें।

इस आर्टिकल में हमने आपको हार्ट रेट बनाए रखने के तरीके (How to maintain heart rate) के बारे में बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड