बीन की फली एक पौधा है, जो बीन की फलियों को पैदा करता है। इसके बीजों को फलियों से निकाल लिया जाता है और बचे हुए भूसे से अर्क (एक्सट्रैक्ट) निकाला जाता है। इस अर्क का इस्तेमाल दवा के तौर पर होता है। बीन की फली के अकई हेल्थ बेनेफिट्स देखे गए हैं। इसमें कई ऐसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कि शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं। जानिए यहां किबीन की फली (Bean pod) क्या है?

बीन की फली का इस्तेमाल हाई कोलेस्ट्रोल, मोटापा, यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन (UTIs), गुर्दे या ब्लैडर की पथरी, डायबिटीज और फेफड़ों के कैंसर में होता है। यूरिन प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल ड्यूरेटिक के रूप में भी किया जाता है।
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यह कैसे कार्य करती है इस संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें। हालांकि, यह माना जाता है कि बीन की फलियां फाइबर का स्रोत होती हैं। फाइबर कोलेस्ट्रोल को सोखने में रोकने में मदद कर सकता है। यह डायट्री फैट को निकालने की प्रक्रिया को तेज करता है। बीन की फली वाले प्रोडक्ट्स को लेकर दावा किया जाता है कि इसका अर्क ‘स्टार्च ब्लॉकर्स’ होता है। प्रोडक्ट्स बेचने वाली कंपनियां इसे वजन घटाने के लिए बेचती हैं। लेकिन, अध्ययनों से पता चलता है कि इन प्रोडक्ट्स से स्टार्च के बॉडी में सोखने की प्रक्रिया में कमी नही आती है।
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निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें:
अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नहीं हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। बीन की फली का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
ऐसे कुछ सुबूत मौजूद हैं, जो बताते हैं कि बीन की फली के अर्क का सेवन दो या तीन महीनों तक करना ज्यादातर अडल्ट्स के लिए सुरक्षित है। हालांकि, अधिक मात्रा में बीन के भूसे का सेवन करना असुरक्षित हो सकता है।
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प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग : बीन की फली के अर्क प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान करना कितना सुरक्षित है, इस संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से दोनों ही परिस्थितियों में इसका सेवन न करें।
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डायबिटीज: बीन की फली संभवतः ब्लड शुगर को कम कर सकती है। यदि आपको डायबिटीज है तो ब्लड शुगर को मॉनीटर करें। आपका डॉक्टर डायबिटीज की दवाइयों के डोज में फेर बदल कर सकता है।
सर्जरी: बीन की पली ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है। ऐसी कुछ चिंताएं हैं कि यह सर्जरी और इसके बाद ब्लड शुगर कंट्रोल में हस्तक्षेप कर सकती है। इसे देखते हुए सर्जरी से कम से कम दो सप्ताह पहले इसका सेवन बंद कर दें।
बीन की फली के कच्चे भूसे में कैमिकल्स होते हैं, जिससे पेट खराब, उल्टी और डायरिया हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति को यह साइड इफेक्ट्स नहीं होता है। उपरोक्त दुष्प्रभाव के अलावा भी बीन की फली के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिन्हें ऊपर सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यदि आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।
बीन की फली आपकी मौजूदा दवाइयों के साथ रिएक्शन कर सकती है या दवा का कार्य करने का तरीका परिवर्तित हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से संपर्क करें।
निम्नलिखित प्रोडक्ट्स बीन की फली के साथ रिएक्शन कर सकते हैं:
डायबिटीज की दवाइयां (Antidiabetes medicines)
बीन की फली ब्लड शुगर को कम कर सकती है। वहीं, डायबिटीज की दवाइयां भी ब्लड शुगर को कम करती हैं। दोनों का एक साथ सेवन करने से ब्लड शुगर और भी ज्यादा नीचे गिर सकता है। ऐसे में अपने ब्लड शुगर लेवल पर बारीकी से नजर रखें। इस स्थिति में आपकी डायबिटीज की दवाइयों के डोज में बदलाव करने की जरूरत पड़ सकती है।
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उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।
हर मरीज के मामले में बीन की फली का डोज अलग हो सकता है। जो डोज आप ले रहे हैं वो आपकी उम्र, हेल्थ और दूसरे अन्य कारकों पर निर्भर करता है। औषधियां हमेशा ही सुरक्षित नहीं होती हैं। बीन की फली के उपयुक्त डोज के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।
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बीन की फली निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकती है:
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