Fenugreek : मेथी क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

मेथी (Fenugreek) का परिचय

मेथी (Fenugreek) का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?

सर्दियों के मौसम में मेथी हर भारतीय घर की शान होते हैं। सुबह का नाश्ता हो तो मेथी के परांठे और रात का डिनर हो तो मेथी की सब्जी। मेथी का स्वाद जितना जुबान को भाता है, उससे कहीं ज्यादा आयुर्वेद के नजरिए से मेथी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। मेथी का इस्तेमाल बहुत सी चीजों में किया जाता है। बीमारियों के इलाज से लेकर दिमागी विकास तक काम यह आती है।

हाल ही में हुए शोध के मुृताबिक मेथी का इस्तेमाल पाचन संबंधी समस्याओं जैसे भूख न लगना, पेट खराब होना, कब्ज और पेट की सूजन (गैस्ट्राइटिस) आदि में फायदेमंद है। यह दिल के मरीजों के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो मेथी ह्रदय की धमनियों को सख्त करने (एथेरोस्क्लेरोसिस), कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कंट्रोल में करने में मदद करती है।

इसका उपयोग गुर्दे की बीमारियों, विटामिन की कमी से जुड़ी एक समस्या बेरीबेरी, मुंह के छालों, फोड़े, ब्रोंकाइटिस, सेल्युलाइटिस, टीबी , पुरानी खांसी, फटे होंठ, गंजापन, कैंसर जैसी बीमारियों के लिए किया जाता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, भारत में कुछ पुरुष हर्निया और इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) से निजात पाने के लिए भी मेथी का इस्तेमाल करते हैं।

महिलाओं के लिए है फायदेमंदः शोध के मुताबिक, मेथी उन महिलाओं के लिए फायदेमंद साबित होती है जो छोटे शिशुओं को स्तनपान करवा रही हों। इसका इस्तेमाल करने से दूध का प्रवाह बढ़ता है।

दर्द और सूजन में करता है कामः मेथी का उपयोग कई जगहों पर स्थानीय दर्द, सूजन, मांसपेशियों में दर्द, लिम्फ नोड्स (लिम्फैडेनाइटिस) की सूजन, पैर की उंगलियों में दर्द (गाउट), घाव, पैर के अल्सर और एक्जिमा के इलाज के लिए किया जाता है।

दवाओं का स्वाद बढ़ाने के लिएः हाल ही में हुए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि मेथी का स्वाद और गंध मेपल सिरप जैसा होता है। इसलिए इसका उपयोग दवाओं का स्वाद बदलने के लिए भी किया जाता है।

मेथी (Fenugreek) कैसे काम करती है?

इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। कुछ अध्ययन में पाया गया है कि मेथी का सेवन करने से पेट में शुगर का अवशोषण कम हो जाता है और इंसुलिन उत्तेजित हो जाती है, जिससे डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। मेथी की खास बात यह है कि यह डायबिटीज के टाइप-1 और टाइप-2 दोनों में काम आती है।

मेथी में आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए, इसके सेवन से हड्डियों व जोड़ों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और हड्डियों को मजबूती मिलती है। हालांकि अब तक जो भी अध्ययन हुए हैं, उनमें मेथी के पर्याप्त पूरकों की जानकारी नहीं मिल पाई है, इसलिए इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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सावधानियां एवं चेतावनी

मेथी (Fenugreek)से जुड़ी जानकारी

मेथी का इस्तेमाल करने से पहले एक बार इसको स्टोर करने के तरीकों के बारे में जान लीजिए। मेथी को हमेशा गर्मी और नमी से दूर ढक्कन बंद डिब्बे में ही स्टोर करके रखना चाहिए।

हाइपरसेंसिटिविटी के लक्षणों की जांच करते रहें और अगर कोई भी लक्षण दिखे तो इसका सेवन बंद कर दें

मेथी खाने से मूत्र मेपल सिरप की तरह गंध कर सकता है।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

कितना सुरक्षित है मेथी का सेवन?

किसी भी चीज का सेवन जितना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक साबित हो सकता है, उतना ही नुकसानदायक भी। जो लोग ब्लडशुगर या डायबिटीज के मरीज हैं, उन्हें इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि यह शुगर के स्तर को प्रभावित करता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान मेथी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

शोधकर्ताओं का कहना है कि मेथी का इस्तेमाल करने से संकुचन पैदा हो सकता है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन करने से बचना चाहिए।

प्रसव से ठीक पहले मेथी लेने से नवजात शिशु के शरीर में एक असामान्य गंध आ सकती है। शोध के मुताबिक, मेथी का इस्तेमाल प्रसव से ठीक पहले करने से बच्चों में “मेपल सिरप मूत्र रोग” हो सकता है। बता दें कि मेथी की तासीर गर्म होती है इसलिए कई बार इसका सेवन करने से बड़ों को भी मूत्र संबंधी समस्या से दो चार होना पड़ सकता है।

मेथी बड़ों यानि की व्यस्कों के लिए बेशक से लाभदायक होती हो, लेकिन बच्चों के लिए यह काफी नुकसानदायक हो सकती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, बच्चों को मेथी खिलाने से परहेज करें।

मेथी फ़ाइबर युक्त होते हैं जो डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी स्वास्थ्यवर्धक साबित होते हैं। अगर आप शुगर की बीमारी से जूझ रहे हैं तो एक बार मेथी के इस्तेमाल के बारे में डॉक्टर से सलाह ले लीजिए। शोध के मुताबिक, मेथी में घुलनशील फ़ाइबर (सॉल्यबल फ़ाइबर ) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल (रक्त शर्करा का स्तर) नीचे लाने में मदद मिलती है।

मेथी (Fenugreek) के साइड इफेक्ट

मेथी (Fenugreek) से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

इसमें कोई दो राय नहीं कि मेथी सेहत के लिए लाजवाब हैं। रोजाना इसको खाने में शामिल करने से आपको कई तरह की समस्याओं से निजात मिल सकती है। यह जितना फायदेमंद है उतना ही नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। कुछ मामलों में इसके सेवन से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

ब्रूसिंग, पेटीसिया, रक्तस्राव की स्थिति में इसका सेवन करने से आपको कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।

हालांकि हर किसी को ये साइड इफेक्ट हों ऐसा ज़रुरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें।

मेथी (Fenugreek ) से जुड़े परस्पर प्रभाव

मेथी के सेवन से अन्य किन-किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

अगर आप किसी तरह की दवाई ले रहे हैं या फिर किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं तो एक बार मेथी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लीजिए। अगर आप मामूली बुखार या अन्य बीमारी के लिए किसी दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं तो एक बार फार्मासिस्ट को इसके बारे में बता दीजिए।

अगर आप मेथी का इस्तेमाल एंटीकोआगुलेंट दवाओं जैसे वारफारिन के साथ कर रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से सलाह ले लीजिए। शोध के मुताबिक इन दवाइयों के साथ मेथी का इस्तेमाल करने से इसका प्रभाव प्रबल हो जाता है।

एंटीकोआगुलंट लेने वाले मरीजों को यह लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

चूंकि इसे खाने के बाद यह काफी तेजी से आंत तक पहुँचती है और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट पर एक परत बना लेती है, इसलिए यह संभावना है कि यह दवाइयों के अवशोषण की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती है।

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मेथी की खुराक (Doses of Fenugreek In Hindi)

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें। अगर आप रोजाना किसी खास तरह की दवाई का सेवन कर रहे हैं तो एक बार मेथी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आमतौर पर कितनी मात्रा में मेथी खाना चाहिए?

इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें। शोधकर्ताओं के मुताबिक, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए रोजाना पांच ग्राम इसके बीज लेना उपयुक्त है।

मेथी (Fenugreek) किस रूप में आती है?

आजकल के जमाने में बाजारों में कई तरह से मेथी उपलब्ध है। इसका कैप्सूल, क्रूड हर्ब, डिफैटेड मेथी पाउडर, द्रव अर्क और पाउडर के तौर पर बाजार में आसानी से उपलब्ध है।

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सूत्र

रिव्यू की तारीख जुलाई 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 15, 2019

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