Lime: हरा नींबू क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Shruthi Shridhar

परिचय

हरा नींबू क्या है?

हरा नींबू एक खट्टा फल है। ये जितना छोटा होता है उतने ही ज्यादा इसमें न्यूट्रिएंट्स (nutrients) होते हैं।  इसके जूस, फल, पील और ऑयल का इस्तेमाल दवाईयों को बनाने के लिए किया जाता है। कुछ लोग लाइम ऑयल को सीधा अपनी स्किन पर कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए और मलती का इलाज करने के लिए लगाते हैं। कॉस्मेटिक्स में भी इसका प्रयोग किया जाता है। यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के अनुसार, एक हरे नीबू में 20 कैलोरी होती है। इसमें 22 मिलीग्राम कैल्शियम, 12 मिलीग्राम फाॅसफोरस, 68 मिलीग्राम पोटेशियम और 19.5 मिलीग्राम विटामिन सी होता है।

हरा नींबू का उपयोग किस लिए किया जाता है?

पाचन में करे सुधार:

नींबू पानी को डायट में शामिल करने से पाचन में सुधार होता है। इसमें कुछ ऐसे कंपाउंड होते हैं जो आंतों और गैस्ट्रिक जूस का स्त्राव बढ़ाता है जिससे पाचन में आसानी होती है। साथ ही, इसके रस में मौजूद एसिड भोजन को पचाने में भी मदद करता है।

कैंसर की संभावना को कम करता है:

कई शोध में ये बात सामने आई है कि खट्टे फलों से कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है। 2015 में हुए एक शोध के अनुसार, मेडिसिन (बाल्टीमोर) में खट्टे फलों का प्रयोग किया गया था। इसके सेवन से एसोफैगल कैंसर के जोखिम को कम होते देखा गया। हालांकि इस पर अभी और शोध होने की जरूरत है।

इम्यून सिस्टम को बनाए मजबूत :

नींबू विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है। यह बहुत ही अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है। इसको नियमित तौर पर लेने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है। इसके नियमित इस्तेमाल से दिल की बीमारी का खतरा भी कम होता है।

चेहरे को करे तरोताजा :

नींबू में मौजूद विटमिन सी चेहरे को ड्रायनेस, झुर्रियों और सन डैमेज से बचाता है। इसको नियमित पीने से बॉडी डिटॉक्सिफाई होती है। इसका सीधा असर हमारी त्वचा पर चमक के रूप में दिखता है। 

शुगर लेवल को करे कम

कुछ शोध के अनुसार, विटामिन सी मधुमेह के मरीजों का बढ़ा हुआ शुगर लेवल पूरे दिन कम रखने में सहायक है। नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में शामिल होता है।

किडनी स्टोन

नींबू में सिट्रिक एसिड और विटामिन सी होता है। 2014 में किए गए एक शोध के अनुसार विटामिन सी और सिट्रिक एसिड किडनी स्टोन को गलाने के लिए लाभदायक है। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि विटामिन सी और सिट्रिक एसिड को अपने आहार में शामिल करने से पथरी होने की संभावना कम होती है।

फ्लू और बुखार

ठंड लगने, फ्लू और बुखार में नींबू से आराम पहुंचता है। इससे शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ता जो शरीर में सूक्ष्मजीवों से लड़ने में मदद करता है।

बालों के लिए वरदान

तैलीय बालों से लेकर रूसी को दूर करने में नींबू बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा दो मुहे बालों को भी ये ठीक करता है।

इन बीमारियों के लिए भी है लाभदायक-

  • सूक्ष्म जीवों की वृद्धि को रोकता है
  • डायरिया
  • स्किन से बैक्टीरिया का करे नाश
  • आयरन की कमी
  • मोटापा करे दूर
  • आंखों के लिए बेहतर है
  • इम्यूनिटी को बढ़ाए
  • अल्सर के लिए
  • फीवर के लिए
  • पाइल्स
  • यूरिनरी डिसऑर्डर होने पर

कैसे काम करता है हरा नींबू?

नींबू एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो हमें कई बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है। इसमें एंटी−इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो विभिन्न प्रकार के दर्द को कम करते हैं। इसके अलावा, इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

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उपयोग

कितना सुरक्षित है हरा नींबू का उपयोग ?

  • जिन लोगों को लिवर और किडनी में कोई परेशानी है वो इससे दूरी बनाकर रखें।
  • जो आयरन की दवा ले रहे हैं,वो इसे न लें।
  • हार्ट पेशेंट्स इसका सेवन करने से बचें।
  • बच्चों को देने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें।
  • जिन लोगों का डाइजेस्टिव सिस्टम  खराब है, वो भी डॉक्टर से परामर्श के बिना इसका सेवन न करें।
  • अगर आपको खट्टे फलों से एलर्जी है तो इसका सेवन न करें।
  • इसमें अच्छी मात्रा में एसिड होता है। इसे अत्यधिक मात्रा में लेने से दांतो में कैविटी की परेशानी हो सकती है।
  • डेलवेयर बायोटेक्नॉलजी इंस्टिट्यूट के अनुसार माइग्रेन के पेशेंट्स को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • इसका पानी ज्यादा पीने से हड्डिया कमजोर हो सकती हैं।
  • जिन लोगों को एसिडिटी रहती है वो भी इससे दूरी बनाकर रखें।
  • अगर आप कोई दूसरी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो इसके साथ इसे न लें।
  • इसे लेने से पहले किसी डॉक्टर या हर्बलिस्ट से जरूर सलाह लें।

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साइड इफेक्ट्स

हरा नींबू से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

  • सूजन
  • सांस लेने में दिक्कत
  • हाइव्स
  • एसिड बनना
  • सिर चकराना
  • उल्टी होना
  • सिर दर्द
  • हड्डियों में दर्द

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डोजेज

हरा नींबू को लेने की सही खुराक क्या है?

नींबू को सही मात्रा में लेना सभी के लिए सुरक्षित है। लाइम पील को औषधीय मात्रा में लेना सेफ है। स्किन पर सीधे लाइम ऑयल को लगाना परेशानी कर सकता है। एक बार इसका इस्तेमाल करने से पहले किसी चिकित्सक या हर्बलिस्ट से परामर्श जरूर लें।

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उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

  • ऑयल
  • कैप्सूल
  • जूस

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 18, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 21, 2019