पुदीना (पेपरमिंट) मिंट (Mint) फैमिली का पौधा है। इसकी पत्तियां और तेल दवाई बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। पेपरमिंट ऑयल काफी समय से चली आ रही आंतों की समस्याओं को दूर करने के काम आता है। इसके अलावा यह खाने और ड्रिंक्स में फ्लेवर डालने के भी काम आता है और कॉस्समेटिक अथवा साबुन के निर्माण में भी इसका उपयोग किया जाता है। इसका साइंटिफिक नाम मेंथा × पिपरीता (Mentha x Piperita) है।
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पुदीना का उपयोग सर्दी, खांसी, मुंह और गले की सूजन, साइनस इंफैक्शन, सांस लेने में दिक्कत और पाचन की समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है।
इन स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में भी पुदीने का उपयोग किया जाता है
इसके अलावा, पेपरमिंट का तेल सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, नर्व दर्द, दांत दर्द, मुंह की सूजन, खुजली, एलर्जी, दाने, और बैलरियल और वायरल संक्रमण के उपचार में कारगर है। इसके साथ ही यह मच्छरों को भगाने में उपयोगी होता है।
पुदीना कफ और कोल्ड के उपचार के साथ एक लाभदायक पेनकिलर दवा भी है।
पुदीना तेल पाचन तंत्र में ऐंठन और मरोड़ को कम करने के लिए लगाया जाता है। शरीर पे लगाने के दौरान ये स्किन को गर्म रखता है और शरीर के अंदर हो रहे दर्द से राहत देता है।
ज्यादा जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करे।
अपने चिकित्सक या फार्मसिस्ट या हर्बलिस्ट से परामर्श करें, यदि:
किसी भी हर्बल सप्लीमेंट के सेवन करने के नियम उतने ही सख्त होते हैं जितने कि अंग्रेजी दवा के। सुरक्षा के लिहाज से अभी इसमें और अध्ययन की जरूरत है। पुदीने के इस्तेमाल से होने वाले फायदे से पहले आपको इसके खतरों को समझ लेना चाहिए। ज्यादा जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट से बात कीजिए।
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बच्चे: छोटे बच्चों और शिशुओं के लिए पुदीना खतरनाक हो सकता है। शिशुओं के चेहरे या माथे पे पुदीने के तेल का इस्तेमाल उनके लिए जानलेवा सकता है। इसके सेवन से मुंह में भयंकर जलन का भी खतरा होता है।
गर्भावस्था और स्तनपान
अभी इस बात की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है कि प्रेग्नेंसी या ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान पुदीने का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है। इसलिए ऐसी स्थिति में पुदीने के ज्यादा इस्तेमाल से परहेज करें।
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ये जरूरी नहीं कि जो साइड इफेक्ट बताए गए हैं, आपको उनका ही सामना करने पड़े। साइड इफेक्ट दूसरे प्रकार के भी हो सकते हैं जो लिस्ट में न हो। अगर आपको साइड इफेक्ट को लेकर कोई शंका या चिंता है, तो अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से बात करें।
इन स्वास्थ्य समस्याओं या दवाओं के सेवन के दौरान ध्यान रखें:
साइक्लोस्पोरिन
साइक्लोस्पोरिन लेने पर पेपरमिंट ऑयल न लें। साइक्लोस्पोरिन, एक दवा है, जिसे आमतौर पर ट्रांसप्लांट अंगों की अस्वीकृति को रोकने के लिए लिया जाता है, यह इम्यून सिस्टम पे असर डालती है। पुदीना ऑयल उस दर को धीमा कर सकता है, जिस रेट पे शरीर साइक्लोस्पोरिन को तोड़ता है, जिसका अर्थ है कि यह आपके रक्तप्रवाह में अधिक देर तक रहता है।
दवाएं जो पेट के एसिड को कम करती हैं
यदि आप एक ही समय में पुदीना और पेट का एसिड कम करने वाली दवा ले रहे हैं, तो ऐसे में पेपरमिंट कैप्सूल का असर कम हो सकता है। क्योंकि दूसरी दवाओं की वजह से पेपरमिंट आंतों की बजाए आपके पेट में ही घुल जाता है। पुदीना और दवाओं के सेवन के बीच कुछ घंटो का अंतर होना चाहिए।
एंटासिड्स में शामिल हैं:
टेस्ट ट्यूब अध्ययन बताते हैं कि पेपरमिंट ब्लड शुगर के लेवल को कम कर सकता है, जिससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
लिवर के लिए
पेपरमिंट लिवर में काम करता है, इसलिए यह उन दवाओं को प्रभावित कर सकता है जो शरीर के मेटाबोलिज्म पर असर डालती हैं। ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।
रक्तचाप की दवाएं
कुछ जानवरों पर अध्ययन से पता चलता है कि पुदीना रक्तचाप को कम कर सकता है। यदि आप रक्तचाप को कम करने के लिए दवाएं लेते हैं, तो पुदीना लेने से भी उनका प्रभाव और बढ़ सकता है ।
दस्त
यदि आपको दस्त है, तो पेपरमिंट कैप्सूल्स से आपके एनल या गुदा में जलन हो सकती है ।
दी गई जानकारी को आप किसी प्रकार की मेडिकल सलाह या जानकारी के रूप में न देखें।
बच्चों के लिए
पाचन और पेट की समस्या से परेशान बच्चों के लिए सामान्य खुराक प्रति दिन 1 से 2 मिलीलीटर पेपरमिंट ग्लिसरिट है।
वयस्क
चाय: 10 मिनट के लिए 1 कप उबलते पानी में 1 चम्मच सूखे पेपरमिंट के पत्तों को डुबोएं; तनाव और ठंड की समस्या के लिए – खाने के बीच प्रति दिन 4 से 5 बार पिएं।
एंटरिक-कोटेड कैप्सूल: 1 से 2 कैप्सूल (पेपरमिंट ऑयल का 0.2 मिली), आईबीएस / प्रति दिन 2 से 3 बार।
तनाव सिरदर्द: 90% इथेनॉल के साथ 10% पुदीने का तेल को एक टिंचर भर माथे पे हल्के से लगाएं जब तक कि वो माथे में समा न जाए।
खुजली और त्वचा की जलन: मेन्थॉल, एक्टिव पेपरमिंट में, क्रीम या मलहम रूप में प्रति दिन 3 से 4 बार लगाएं। इससे ज्यादा बार न लगाएं।
बेरियम एनीमा के दौरान शुक्राणु कम करने के लिए:
पेपरमिंट ऑयल के साथ 8 मिलीलीटर एक्टिवएजेंट टिवेन 80 को 100 मिलीलीटर पानी में मिलाएं। इसके बाद, अघुलनशील अंश हटा दिया जाता है। फिर शेष 30 मिलीलीटर पेपरमिंट सोल्यूशन के साथ 300 मिलीलीटर में बेरियम सॉल्शयून में मिलाया जाए ।
पेट खराब : 90 एमजी पेपरमिंट ऑयल और कैरवे तेल जो कि कई विशिष्ट उत्पाद जैसे, पेपरमिंट पत्ती और कई अन्य जड़ी-बूटियां (इबेरोगैस्ट, फ्यूचर्स, इंक) से मिलकर बना होता है। इन दोनों के कॉम्बिनेशन से बनी 1 एमएलन की खुराक का इस्तेमाल जाता है।
इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग-अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। कृपया अपनी उचित खुराक के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से बात करें।
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पेपरमिंट किस रूप में आता है?
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Peppermint Oil – https://nccih.nih.gov/health/peppermintoil – Accessed December 5, 2019
Peppermint Oil Promotes Hair Growth without Toxic Signs – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4289931/ – Accessed December 5, 2019
What Are the Pros and Cons of Taking Peppermint Oil?/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/19780207/accessed on 07/07/2020
Current Version
07/07/2020
Aamir Khan द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr. Pooja Bhardwaj
Updated by: Manjari Khare
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr. Pooja Bhardwaj